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नौतन प्रखंड के डबरिया पंचायत वार्ड नंबर 2 में नंदलाल शर्मा का मोटर चोरी होते होते बच गया! नौतन प्रखंड के डबरिया पंचायत में एक बड़ा चोरी का मामला सामने आया, जहां चोरों ने मोटरसाइकिल चोरी करने की कोशिश की। लेकिन समय रहते शोर-शराबा होने पर चोर मौके से फरार हो गए और मोटरसाइकिल वहीं छोड़कर भाग निकले। स्थानीय लोगों की सतर्कता से एक बड़ी घटना टल गई। इस घटना के बाद इलाके में दहशत का माहौल है और लोगों में सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है।

8 hrs ago
user_Abhishek Kumar Shrivastava
Abhishek Kumar Shrivastava
Court reporter नौतन, पश्चिम चंपारण, बिहार•
8 hrs ago

नौतन प्रखंड के डबरिया पंचायत वार्ड नंबर 2 में नंदलाल शर्मा का मोटर चोरी होते होते बच गया! नौतन प्रखंड के डबरिया पंचायत में एक बड़ा चोरी का मामला सामने आया, जहां चोरों ने मोटरसाइकिल चोरी करने की कोशिश की। लेकिन समय रहते शोर-शराबा होने पर चोर मौके से फरार हो गए और मोटरसाइकिल वहीं छोड़कर भाग निकले। स्थानीय लोगों की सतर्कता से एक बड़ी घटना टल गई। इस घटना के बाद इलाके में दहशत का माहौल है और लोगों में सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है।

More news from बिहार and nearby areas
  • नौतन प्रखंड के डबरिया पंचायत में एक बड़ा चोरी का मामला सामने आया, जहां चोरों ने मोटरसाइकिल चोरी करने की कोशिश की। लेकिन समय रहते शोर-शराबा होने पर चोर मौके से फरार हो गए और मोटरसाइकिल वहीं छोड़कर भाग निकले। स्थानीय लोगों की सतर्कता से एक बड़ी घटना टल गई। इस घटना के बाद इलाके में दहशत का माहौल है और लोगों में सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है।
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    नौतन प्रखंड के डबरिया पंचायत में एक बड़ा चोरी का मामला सामने आया, जहां चोरों ने मोटरसाइकिल चोरी करने की कोशिश की। लेकिन समय रहते शोर-शराबा होने पर चोर मौके से फरार हो गए और मोटरसाइकिल वहीं छोड़कर भाग निकले।
स्थानीय लोगों की सतर्कता से एक बड़ी घटना टल गई। इस घटना के बाद इलाके में दहशत का माहौल है और लोगों में सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है।
    user_Abhishek Kumar Shrivastava
    Abhishek Kumar Shrivastava
    Court reporter नौतन, पश्चिम चंपारण, बिहार•
    8 hrs ago
  • नौतन, प्रखंड कार्यालय के किसान भवन में सोमवार को प्रमुख कृष्ण देव चौधरी की अध्यक्षता में पंसस की बैठक आयोजित की गई. बैठक में आंगनबाड़ी केंद्र के जर्जर भवन का मुद्दा सुर्खियों में छाया रहा. आग लगी की घटना में जले समानों के मुआवजा नहीं में मिलने से सदन में आक्रोश व्यक्त किया गया. बैठक में आगत सदस्यों को स्वागत बीडिओ सह प्रभारी सीओ शैलेंद्र कुमार सिंह ने किया. बैठक शुरू होने के दौरान बैकुठवां पंचायत के मुखिया अफरोज नैयर व भगवानपुर के मुखिया कनहैया यादव ने सदन में बताया कि पंचायत सरकार भवन निर्माण के लिए कभी तक अंचल कार्यालय द्वारा जमीन उपलब्ध नहीं किया गया. साथ ही शमशान घाट के लिए भी जमीन उपलब्ध नहीं कराया गया. जमुनिया पंचायत के मुखिया बंसत साह ने चार आंगनबाड़ी केंद्र के भवन निर्माण का सवाल खड़ा किया. साथ ही कबीर अंत्येष्टि योजना के तहत लाभुको को राशि के अभाव में भुगतान नही हो रहा है. इससे लाभुक दौड़ लगा रहे हैं. पंचायत में लगे सोलर लाइट जल नहीं रहा है. सोलर के नाम पर राशि की बंदरबांट किया गया है. सदन में प्रमुख कृष्ण देव चौधरी ने कहा कि अगर मुखिया द्वारा सोलर सोलर लाइट लगाया जाता तो यह समस्या उत्पन्न नहीं होती. इसकी जाँच कर दोषी ऐजेसिंयो के खिलाफ कार्रवाई करने की अपील की गई. बैठक में वरदाहा पंचायत में स्वास्थ्य उप केंद्र रहते हुए भी कर्मी गायब रहते हैं. जिससे गरीबों का इलाज नहीं होता है. बैठक में अंचल से जुड़े जमीन विवाद, दाखिल खारिज, समेत कई मुद्दे सुर्खियों में छाया रहा. बैठक में पश्चिमी नौतन और धूम नगर पंचायत में आवंटित भवन निर्माण जमीन के अभाव में नहीं हो रहा है. जमीन आवंटित करने के लिए सदन में सवाल उठाया गया. सदन में बीडिओ शैलेंद्र कुमार सिंह और सीडिपीओ संध्या कुमारी से आंगनबाड़ी भवन बनाने के लिए पहल करने की अपील प्रमुख कृष्ण देव चौधरी ने किया. इस दौरान सीएचसी प्रभारी डां अमरीश सिंह, पीओ मनीष कुमार, सीडिपीओ संध्या कुमारी, बीपीआरओ राजन कुमार, पर्यवेक्षक नवीन कुमार, उप प्रमुख अपसर हुसैन, सोनेलाल कुमार, मुखिया संघ के अध्यक्ष अनुपलाल यादव, मुखिया राज हरण, मंजू देवी, कौशल्या देवी, सदस्य, राकेश वर्मा, परमेस्वर साह, योगेन्द्र यादव, तेजू सहनी, बीईओ रेयाज अहमद, अवधेश प्रसाद, सुरेन्द्र यादव, आदि मौजूद रहे.
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    नौतन,  प्रखंड कार्यालय के किसान भवन में सोमवार को प्रमुख कृष्ण देव चौधरी की अध्यक्षता में पंसस की बैठक आयोजित की गई. बैठक में आंगनबाड़ी केंद्र के जर्जर भवन का मुद्दा सुर्खियों में छाया रहा. आग लगी की घटना में जले समानों के मुआवजा नहीं में मिलने से सदन में आक्रोश व्यक्त किया गया. बैठक में आगत सदस्यों को स्वागत बीडिओ सह प्रभारी सीओ शैलेंद्र कुमार सिंह ने किया. बैठक शुरू होने के दौरान बैकुठवां पंचायत के मुखिया अफरोज नैयर व भगवानपुर के मुखिया कनहैया यादव ने सदन में बताया कि पंचायत सरकार भवन निर्माण के लिए कभी तक अंचल कार्यालय द्वारा जमीन उपलब्ध नहीं किया गया. साथ ही शमशान घाट के लिए भी जमीन उपलब्ध नहीं कराया गया. जमुनिया पंचायत के मुखिया बंसत साह ने चार आंगनबाड़ी केंद्र के भवन निर्माण का सवाल खड़ा किया. साथ ही कबीर अंत्येष्टि योजना के तहत लाभुको को राशि के अभाव में भुगतान नही हो रहा है. इससे लाभुक दौड़ लगा रहे हैं.  पंचायत में लगे सोलर लाइट जल नहीं रहा है. सोलर के नाम पर राशि की बंदरबांट किया गया है. सदन में प्रमुख कृष्ण देव चौधरी ने कहा कि अगर मुखिया द्वारा सोलर सोलर लाइट लगाया जाता तो यह समस्या उत्पन्न नहीं होती. इसकी जाँच कर दोषी ऐजेसिंयो के खिलाफ कार्रवाई करने की अपील की गई. बैठक में वरदाहा पंचायत में स्वास्थ्य उप केंद्र रहते हुए भी कर्मी गायब रहते हैं. जिससे गरीबों का इलाज नहीं होता है. बैठक में अंचल से जुड़े जमीन विवाद, दाखिल खारिज, समेत कई मुद्दे सुर्खियों में छाया रहा. बैठक में पश्चिमी नौतन और धूम नगर पंचायत में आवंटित भवन निर्माण जमीन के अभाव में नहीं हो रहा है. जमीन आवंटित करने के लिए सदन में सवाल उठाया गया. सदन में बीडिओ शैलेंद्र कुमार सिंह और सीडिपीओ संध्या कुमारी से आंगनबाड़ी भवन बनाने के लिए पहल करने की अपील प्रमुख कृष्ण देव चौधरी ने किया. इस दौरान सीएचसी प्रभारी डां अमरीश सिंह, पीओ मनीष कुमार, सीडिपीओ संध्या कुमारी, बीपीआरओ राजन कुमार, पर्यवेक्षक नवीन कुमार, उप प्रमुख अपसर हुसैन, सोनेलाल कुमार, मुखिया संघ के अध्यक्ष अनुपलाल यादव, मुखिया राज हरण, मंजू देवी, कौशल्या देवी, सदस्य, राकेश वर्मा, परमेस्वर साह, योगेन्द्र यादव, तेजू सहनी, बीईओ रेयाज अहमद, अवधेश प्रसाद, सुरेन्द्र यादव, आदि मौजूद रहे.
    user_Akash Kumar
    Akash Kumar
    TV News Anchor नौतन, पश्चिम चंपारण, बिहार•
    17 hrs ago
  • भीषण अगलगी से दो दर्जन बकरिया और लाखो कि क्षति पीड़ितों ने प्रशासन से लगाई मदद की गुहार प्रातः आवाज योगापट्टी संवाददाता योगापट्टी : योगापट्टी प्रखंड अंतर्गत मच्छरगांवा नगर पंचायत के नवगांवा गांव में अचानक लगी आग से चार घर जलकर राख हो गए। इस अगलगी की घटना में करीब 18 बकरियां झुलसकर मर गईं, जबकि घर में रखा सारा सामान जलकर नष्ट हो गया। घटना के बाद गांव में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। बताया जाता है कि गुरुवार की देर रात करीब ग्यारह बजे रात का घटना है। सबसे पहले नवगांवा गांव निवासी बुधन यादव के घर से अचानक आग की चिनगारी उठी, जिसने देखते ही देखते विकराल रूप धारण कर लिया। तेज हवा के कारण आग तेजी से फैल गई और आसपास के दो अन्य घरों को भी अपनी चपेट में ले लिया। जब तक ग्रामीण कुछ समझ पाते, तब तक तीनों घर धू-धू कर जलने लगे। ग्रामीणों ने शोर मचाकर आसपास के लोगों को बुलाया और बाल्टी, मोटर व हैंडपंप के सहारे आग बुझाने का प्रयास किया। काफी मशक्कत के बाद किसी तरह आग पर काबू पाया गया, लेकिन तब तक तीनों घर पूरी तरह जलकर राख हो चुके थे। इस घटना में सबसे ज्यादा नुकसान बुधन यादव को हुआ है। उन्होंने बताया कि उनकी नातिन की शादी आगामी 5 मई को होने वाली थी, जिसके लिए घर में करीब सत्तर हजार रुपये और शादी से जुड़ा सामान रखा हुआ था, जो आग में जलकर पूरी तरह नष्ट हो गया। Inअग्निकांड में गणेश यादव, बुधन यादव और योगेंद्र यादव लालाबाबू यादव ठंग यादव का घर पूरी तरह जल गया। इसके अलावा घर में बंधी करीब 18 बकरियां भी आग की चपेट में आकर झुलस गईं, जिससे उनकी मौत हो गई। घटना की सूचना मिलने के बाद स्थानीय जनप्रतिनिधि और ग्रामीण मौके पर पहुंचे तथा पीड़ित परिवारों को हरसंभव सहायता दिलाने का भरोसा दिया।वही आगलगी में दो लोग झुलसे की बात कही जा रही है। झुलसे युवक का पहचान नवगांवा गांव निवासी बुलेट यादव व गणेश यादव को बताया जाता है। ग्रामीणों ने प्रशासन से पीड़ित परिवारों को जल्द मुआवजा देने की मांग की है। आग लगने के कारणों का स्पष्ट पता नहीं चल सका है। वहीं इधर अंचलाधिकारी प्रज्ञा नैनम ने बताया कि अंचल अमीन को घटना की जाँच के लिए भेजा जा रहा है।वहीं कहा कि पीड़ित परिवार को प्रशासन से जो भी सहायता होगा उसको दिलाने का हर संभव प्रयास किया जायेगा |
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    भीषण अगलगी से दो दर्जन बकरिया और लाखो कि क्षति पीड़ितों ने प्रशासन से लगाई मदद की गुहार 
प्रातः आवाज योगापट्टी संवाददाता 
योगापट्टी : योगापट्टी प्रखंड अंतर्गत मच्छरगांवा नगर पंचायत के नवगांवा गांव में अचानक लगी आग से चार घर जलकर राख हो गए। इस अगलगी की घटना में करीब 18 बकरियां झुलसकर मर गईं, जबकि घर में रखा सारा सामान जलकर नष्ट हो गया। घटना के बाद गांव में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
बताया जाता है कि गुरुवार की देर रात करीब ग्यारह बजे रात का घटना है। सबसे पहले नवगांवा गांव निवासी बुधन यादव के घर से अचानक आग की चिनगारी उठी, जिसने देखते ही देखते विकराल रूप धारण कर लिया। तेज हवा के कारण आग तेजी से फैल गई और आसपास के दो अन्य घरों को भी अपनी चपेट में ले लिया। जब तक ग्रामीण कुछ समझ पाते, तब तक तीनों घर धू-धू कर जलने लगे।
ग्रामीणों ने शोर मचाकर आसपास के लोगों को बुलाया और बाल्टी, मोटर व हैंडपंप के सहारे आग बुझाने का प्रयास किया। काफी मशक्कत के बाद किसी तरह आग पर काबू पाया गया, लेकिन तब तक तीनों घर पूरी तरह जलकर राख हो चुके थे।
इस घटना में सबसे ज्यादा नुकसान बुधन यादव को हुआ है। उन्होंने बताया कि उनकी नातिन की शादी आगामी 5 मई को होने वाली थी, जिसके लिए घर में करीब सत्तर हजार रुपये और शादी से जुड़ा सामान रखा हुआ था, जो आग में जलकर पूरी तरह नष्ट हो गया।
Inअग्निकांड में गणेश यादव, बुधन यादव और योगेंद्र यादव लालाबाबू यादव ठंग यादव का घर पूरी तरह जल गया। इसके अलावा घर में बंधी करीब 18 बकरियां भी आग की चपेट में आकर झुलस गईं, जिससे उनकी मौत हो गई।
घटना की सूचना मिलने के बाद स्थानीय जनप्रतिनिधि और ग्रामीण मौके पर पहुंचे तथा पीड़ित परिवारों को हरसंभव सहायता दिलाने का भरोसा दिया।वही आगलगी में दो लोग झुलसे की बात कही जा रही है। झुलसे युवक का पहचान नवगांवा गांव निवासी बुलेट यादव व गणेश यादव को बताया जाता है। ग्रामीणों ने प्रशासन से पीड़ित परिवारों को जल्द मुआवजा देने की मांग की है। आग लगने के कारणों का स्पष्ट पता नहीं चल सका है। वहीं इधर अंचलाधिकारी प्रज्ञा नैनम ने बताया कि अंचल अमीन को घटना की जाँच के लिए भेजा जा रहा है।वहीं कहा कि पीड़ित परिवार को प्रशासन से जो भी सहायता होगा उसको दिलाने का हर संभव प्रयास किया जायेगा |
    user_A9Bharat News
    A9Bharat News
    Local News Reporter बेतिया, पश्चिम चंपारण, बिहार•
    1 hr ago
  • योगापट्टी प्रखंड क्षेत्र के पकड़ी चौक पर मंगलवार दोपहर करीब 12 बजे उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब अचानक लगे ट्रांसफार्मर से आग की लपटें निकलने लगीं। देखते ही देखते आसपास के लोग घबरा गए और मौके पर भीड़ जुट गई। घटना का वीडियो भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। स्थानीय ग्रामीणों ने तुरंत इसकी सूचना बिजली विभाग के कार्यालय को दी। सूचना मिलते ही विभाग ने तत्परता दिखाते हुए बिजली आपूर्ति बंद कर दी, जिससे बड़ा हादसा टल गया। इसके बाद मौके पर पहुंचे विद्युत कर्मियों ने स्थिति को नियंत्रण में लिया और ट्रांसफार्मर की मरम्मत का कार्य शुरू किया। ग्रामीणों ने समय रहते कार्रवाई के लिए विभाग की सराहना की, हालांकि इस घटना ने बिजली उपकरणों के रखरखाव पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।
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    योगापट्टी प्रखंड क्षेत्र के पकड़ी चौक पर मंगलवार दोपहर करीब 12 बजे उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब अचानक लगे ट्रांसफार्मर से आग की लपटें निकलने लगीं। देखते ही देखते आसपास के लोग घबरा गए और मौके पर भीड़ जुट गई। घटना का वीडियो भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
स्थानीय ग्रामीणों ने तुरंत इसकी सूचना बिजली विभाग के कार्यालय को दी। सूचना मिलते ही विभाग ने तत्परता दिखाते हुए बिजली आपूर्ति बंद कर दी, जिससे बड़ा हादसा टल गया। इसके बाद मौके पर पहुंचे विद्युत कर्मियों ने स्थिति को नियंत्रण में लिया और ट्रांसफार्मर की मरम्मत का कार्य शुरू किया।
ग्रामीणों ने समय रहते कार्रवाई के लिए विभाग की सराहना की, हालांकि इस घटना ने बिजली उपकरणों के रखरखाव पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।
    user_Makhan Kumar
    Makhan Kumar
    पत्रकार Bettiah, Pashchim Champaran•
    2 hrs ago
  • ​माधोपुर: डॉ. राजेंद्र प्रसाद केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय के अंतर्गत कृषि विज्ञान केंद्र, माधोपुर द्वारा 'मखाना उत्पादन की तकनीक और प्रसंस्करण' पर एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य किसानों को पारंपरिक खेती के साथ-साथ जल-जमाव वाले क्षेत्रों के बेहतर उपयोग के लिए जागरूक करना था। ​प्रशिक्षण के दौरान विशेषज्ञों ने मखाना खेती के आधुनिक और तकनीकी पहलुओं को साझा किया: ​डॉ. अभिषेक प्रताप सिंह वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं प्रधान, उन्होंने जोर दिया कि वर्तमान जलवायु परिवर्तन की अनिश्चितताओं के बीच मखाना एक 'बीमा फसल' की तरह है। उन्होंने कहा, "जल-जमाव वाले क्षेत्रों में पारंपरिक धान के बजाय यदि किसान वैज्ञानिक पद्धति से मखाना की खेती करें, तो वे कम लागत में अधिक लाभ सुनिश्चित कर सकते हैं।" ​डॉ. हर्षा मखाना क्षेत्र में बिहार की वैश्विक और राष्ट्रीय स्थिति पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि बिहार देश के कुल उत्पादन का लगभग 90% हिस्सा प्रदान करता है। उन्होंने किसानों को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि गुणवत्तापूर्ण मखाना उत्पादन से न केवल स्थानीय बल्कि अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भी बेहतर मूल्य प्राप्त किया जा सकता है। ​डॉ. जगपाल ने ने एकीकृत मखाना-सह-मछली पालन' तकनीक को आय बढ़ाने का सबसे सटीक जरिया बताया। उनके अनुसार, "मखाना के साथ मछली पालन करने से खाद का खर्च 30% तक कम हो जाता है क्योंकि मछलियों का अपशिष्ट पौधों को पोषक तत्व प्रदान करता है, जिससे जल स्रोत का दोहरा उपयोग और दोहरी आय संभव है।" ​डॉ. चेलपुरी रामुलु ने प्रसंस्करण में तकनीक के महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने सुझाव दिया कि, "मखाना की कटाई और सफाई के लिए उन्नत कृषि यंत्रों का उपयोग अनिवार्य है। इससे न केवल किसानों की शारीरिक मेहनत कम होती है, बल्कि बीजों की चमक और गुणवत्ता बनी रहती है, जिससे बाजार में ऊंचे दाम मिलते हैं।" ​डॉ. सौरभ दुबे ने मखाना की खेती के नए आयामों की जानकारी देते हुए कहा कि, "अब मखाना केवल पुराने तालाबों का मोहताज नहीं है। 'खेत-प्रणाली' तकनीक से इसे धान के खेत की तरह सामान्य खेतों में भी उगाया जा सकता है, जो पारंपरिक खेती की तुलना में किसानों की आय को दोगुना करने का सामर्थ्य रखती है। इस कार्यक्रम में 50 से अधिक किसानों ने भाग लिया !
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    ​माधोपुर: डॉ. राजेंद्र प्रसाद केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय के अंतर्गत कृषि विज्ञान केंद्र, माधोपुर द्वारा 'मखाना उत्पादन की तकनीक और प्रसंस्करण' पर एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य किसानों को पारंपरिक खेती के साथ-साथ जल-जमाव वाले क्षेत्रों के बेहतर उपयोग के लिए जागरूक करना था।
​प्रशिक्षण के दौरान विशेषज्ञों ने मखाना खेती के आधुनिक और तकनीकी पहलुओं को साझा किया:
​डॉ. अभिषेक प्रताप सिंह वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं प्रधान, उन्होंने जोर दिया कि वर्तमान जलवायु परिवर्तन की अनिश्चितताओं के बीच मखाना एक 'बीमा फसल' की तरह है। उन्होंने कहा, "जल-जमाव वाले क्षेत्रों में पारंपरिक धान के बजाय यदि किसान वैज्ञानिक पद्धति से मखाना की खेती करें, तो वे कम लागत में अधिक लाभ सुनिश्चित कर सकते हैं।"
​डॉ. हर्षा मखाना क्षेत्र में बिहार की वैश्विक और राष्ट्रीय स्थिति पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि बिहार देश के कुल उत्पादन का लगभग 90% हिस्सा प्रदान करता है। उन्होंने किसानों को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि गुणवत्तापूर्ण मखाना उत्पादन से न केवल स्थानीय बल्कि अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भी बेहतर मूल्य प्राप्त किया जा सकता है।
​डॉ. जगपाल  ने ने एकीकृत मखाना-सह-मछली पालन' तकनीक को आय बढ़ाने का सबसे सटीक जरिया बताया। उनके अनुसार, "मखाना के साथ मछली पालन करने से खाद का खर्च 30% तक कम हो जाता है क्योंकि मछलियों का अपशिष्ट पौधों को पोषक तत्व प्रदान करता है, जिससे जल स्रोत का दोहरा उपयोग और दोहरी आय संभव है।"
​डॉ. चेलपुरी रामुलु ने प्रसंस्करण में तकनीक के महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने सुझाव दिया कि, "मखाना की कटाई और सफाई के लिए उन्नत कृषि यंत्रों का उपयोग अनिवार्य है। इससे न केवल किसानों की शारीरिक मेहनत कम होती है, बल्कि बीजों की चमक और गुणवत्ता बनी रहती है, जिससे बाजार में ऊंचे दाम मिलते हैं।"
​डॉ. सौरभ दुबे  ने मखाना की खेती के नए आयामों की जानकारी देते हुए कहा कि, "अब मखाना केवल पुराने तालाबों का मोहताज नहीं है। 'खेत-प्रणाली'  तकनीक से इसे धान के खेत की तरह सामान्य खेतों में भी उगाया जा सकता है, जो पारंपरिक खेती की तुलना में किसानों की आय को दोगुना करने का सामर्थ्य रखती है। इस कार्यक्रम में 50 से अधिक किसानों ने भाग लिया !
    user_RAVI PANDEY
    RAVI PANDEY
    Farmer मझौलिया, पश्चिम चंपारण, बिहार•
    16 hrs ago
  • बगहा से एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है, जहां प्रेम प्रसंग से शुरू हुई कहानी ने आखिरकार ऑनर किलिंग का भयावह रूप ले लिया। इस सनसनीखेज मामले का खुलासा करते हुए पुलिस ने जो सच्चाई सामने रखी है, वह समाज को झकझोर देने वाली है। घटना की शुरुआत 14 सितंबर 2025 से होती है, जब बगहा जिले के लौकरिया थाना क्षेत्र अंतर्गत रामपुर गांव से एक युवक और एक युवती के अचानक लापता होने की खबर सामने आई। दोनों पक्षों की ओर से अलग-अलग प्राथमिकी दर्ज कराई गई। शुरुआती जांच में मामला प्रेम प्रसंग से जुड़ा प्रतीत हुआ, लेकिन कोई ठोस सुराग हाथ नहीं लग पाया। समय बीतता गया और मामला ठंडे बस्ते में जाता दिख रहा था, तभी 22 जनवरी को उसी गांव से करीब एक किलोमीटर दूर जंगल क्षेत्र में पेड़ से लटके दो नर कंकाल बरामद हुए। इस खोज ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी। वैज्ञानिक जांच और पहचान प्रक्रिया के बाद यह स्पष्ट हुआ कि ये कंकाल लापता युवक अखिलेश यादव और युवती दुलारी कुमारी के ही हैं। पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौती थी—इतने समय बाद सच्चाई तक पहुंचना। लेकिन तकनीकी और वैज्ञानिक अनुसंधान के जरिए पुलिस ने एक-एक कड़ी को जोड़ा और आखिरकार सच्चाई उजागर हो गई। जांच में सामने आया कि यह आत्महत्या नहीं, बल्कि सुनियोजित हत्या थी। युवती के पिता मदन बिन ने अपने रिश्तेदारों और सहयोगियों के साथ मिलकर इस खौफनाक साजिश को अंजाम दिया। दोनों को पहले गला दबाकर मौत के घाट उतारा गया और फिर घटना को आत्महत्या का रूप देने के लिए शवों को पेड़ से लटका दिया गया। इतना ही नहीं, अपराध को छुपाने के लिए एक और चाल चली गई। दोनों से जबरन सुसाइड नोट लिखवाया गया और उसे मोबाइल के बैक कवर में रख दिया गया, ताकि मामला पूरी तरह आत्महत्या जैसा लगे। पुलिस ने इस मामले में अब तक दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जिन्होंने पूछताछ में अपना अपराध स्वीकार कर लिया है। अन्य आरोपियों की पहचान कर ली गई है और उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी जारी है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, यह मामला केवल प्रेम प्रसंग का नहीं, बल्कि सामाजिक प्रतिष्ठा के नाम पर की गई निर्मम ऑनर किलिंग का है, जहां एक पिता ने ही अपनी बेटी की जिंदगी छीन ली। बगहा पुलिस अधीक्षक ने प्रेस वार्ता के दौरान बताया कि सभी साक्ष्यों को वैज्ञानिक तरीके से संकलित कर केस डायरी में शामिल किया जा रहा है और स्पीडी ट्रायल के माध्यम से दोषियों को जल्द से जल्द सजा दिलाने की प्रक्रिया तेज कर दी गई है। यह घटना एक बार फिर समाज के उस कड़वे सच को उजागर करती है, जहां इज्जत के नाम पर रिश्तों का खून कर दिया जाता है।
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    बगहा से एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है, जहां प्रेम प्रसंग से शुरू हुई कहानी ने आखिरकार ऑनर किलिंग का भयावह रूप ले लिया। इस सनसनीखेज मामले का खुलासा करते हुए पुलिस ने जो सच्चाई सामने रखी है, वह समाज को झकझोर देने वाली है।
घटना की शुरुआत 14 सितंबर 2025 से होती है, जब बगहा जिले के लौकरिया थाना क्षेत्र अंतर्गत रामपुर गांव से एक युवक और एक युवती के अचानक लापता होने की खबर सामने आई। दोनों पक्षों की ओर से अलग-अलग प्राथमिकी दर्ज कराई गई। शुरुआती जांच में मामला प्रेम प्रसंग से जुड़ा प्रतीत हुआ, लेकिन कोई ठोस सुराग हाथ नहीं लग पाया।
समय बीतता गया और मामला ठंडे बस्ते में जाता दिख रहा था, तभी 22 जनवरी को उसी गांव से करीब एक किलोमीटर दूर जंगल क्षेत्र में पेड़ से लटके दो नर कंकाल बरामद हुए। इस खोज ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी। वैज्ञानिक जांच और पहचान प्रक्रिया के बाद यह स्पष्ट हुआ कि ये कंकाल लापता युवक अखिलेश यादव और युवती दुलारी कुमारी के ही हैं।
पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौती थी—इतने समय बाद सच्चाई तक पहुंचना। लेकिन तकनीकी और वैज्ञानिक अनुसंधान के जरिए पुलिस ने एक-एक कड़ी को जोड़ा और आखिरकार सच्चाई उजागर हो गई।
जांच में सामने आया कि यह आत्महत्या नहीं, बल्कि सुनियोजित हत्या थी। युवती के पिता मदन बिन ने अपने रिश्तेदारों और सहयोगियों के साथ मिलकर इस खौफनाक साजिश को अंजाम दिया। दोनों को पहले गला दबाकर मौत के घाट उतारा गया और फिर घटना को आत्महत्या का रूप देने के लिए शवों को पेड़ से लटका दिया गया।
इतना ही नहीं, अपराध को छुपाने के लिए एक और चाल चली गई। दोनों से जबरन सुसाइड नोट लिखवाया गया और उसे मोबाइल के बैक कवर में रख दिया गया, ताकि मामला पूरी तरह आत्महत्या जैसा लगे।
पुलिस ने इस मामले में अब तक दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जिन्होंने पूछताछ में अपना अपराध स्वीकार कर लिया है। अन्य आरोपियों की पहचान कर ली गई है और उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी जारी है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, यह मामला केवल प्रेम प्रसंग का नहीं, बल्कि सामाजिक प्रतिष्ठा के नाम पर की गई निर्मम ऑनर किलिंग का है, जहां एक पिता ने ही अपनी बेटी की जिंदगी छीन ली।
बगहा पुलिस अधीक्षक ने प्रेस वार्ता के दौरान बताया कि सभी साक्ष्यों को वैज्ञानिक तरीके से संकलित कर केस डायरी में शामिल किया जा रहा है और स्पीडी ट्रायल के माध्यम से दोषियों को जल्द से जल्द सजा दिलाने की प्रक्रिया तेज कर दी गई है।
यह घटना एक बार फिर समाज के उस कड़वे सच को उजागर करती है, जहां इज्जत के नाम पर रिश्तों का खून कर दिया जाता है।
    user_S9 Bihar
    S9 Bihar
    News Anchor Thakrahan, Pashchim Champaran•
    1 hr ago
  • गोपालगंज के मीरगंज थाना क्षेत्र के हथुआ–कुसौंधी मुख्य मार्ग पर ग्राम मुड़ा स्थित एक ईंट भट्ठा के पास 23 मार्च 2026 की शाम करीब 6:10 बजे हुए चर्चित कृष्णा सिंह हत्याकांड का पुलिस ने सफल उद्भेदन कर लिया है। इस मामले में पुलिस ने पांच आरोपियों को गिरफ्तार करते हुए हत्या के पीछे की बड़ी साजिश का खुलासा किया है। पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, हथुआ के नेतृत्व में गठित विशेष अनुसंधान टीम (SIT) ने त्वरित कार्रवाई करते हुए सीसीटीवी फुटेज, मानवीय खुफिया सूचना एवं तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर मामले की गहन जांच की। जांच के दौरान यह सामने आया कि हत्या एक सुनियोजित आपराधिक साजिश के तहत की गई थी, जिसमें करीब 20 करोड़ रुपये में सुपारी तय की गई थी। पुलिस के अनुसार, साजिशकर्ताओं ने आपस में संपर्क स्थापित कर शूटरों की व्यवस्था की थी। घटना के दिन आरोपियों द्वारा पहले रेकी की गई और उसके बाद योजनाबद्ध तरीके से कृष्णा सिंह की हत्या कर दी गई।
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    गोपालगंज के मीरगंज थाना क्षेत्र के हथुआ–कुसौंधी मुख्य मार्ग पर ग्राम मुड़ा स्थित एक ईंट भट्ठा के पास 23 मार्च 2026 की शाम करीब 6:10 बजे हुए चर्चित कृष्णा सिंह हत्याकांड का पुलिस ने सफल उद्भेदन कर लिया है। इस मामले में पुलिस ने पांच आरोपियों को गिरफ्तार करते हुए हत्या के पीछे की बड़ी साजिश का खुलासा किया है।
पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, हथुआ के नेतृत्व में गठित विशेष अनुसंधान टीम (SIT) ने त्वरित कार्रवाई करते हुए सीसीटीवी फुटेज, मानवीय खुफिया सूचना एवं तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर मामले की गहन जांच की। जांच के दौरान यह सामने आया कि हत्या एक सुनियोजित आपराधिक साजिश के तहत की गई थी, जिसमें करीब 20 करोड़ रुपये में सुपारी तय की गई थी। पुलिस के अनुसार, साजिशकर्ताओं ने आपस में संपर्क स्थापित कर शूटरों की व्यवस्था की थी। घटना के दिन आरोपियों द्वारा पहले रेकी की गई और उसके बाद योजनाबद्ध तरीके से कृष्णा सिंह की हत्या कर दी गई।
    user_हथुआ हलचल
    हथुआ हलचल
    Gopalganj, Bihar•
    2 hrs ago
  • Mukhiya Rajendra Singh has emerged as a strong voice of the people, raising critical issues that have been ignored for years. From broken systems to long-pending public problems, his संघर्ष (struggle) reflects the pain and expectations of the common villagers. In this video, watch how Rajendra Singh boldly questions the authorities and highlights issues like non-functioning public services, including the long-closed tap water system in several wards. His fearless attitude and commitment have made him a symbol of hope and change in the region. This is not just a story of a leader, but a movement of people demanding their rights and basic facilities.
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    Mukhiya Rajendra Singh has emerged as a strong voice of the people, raising critical issues that have been ignored for years. From broken systems to long-pending public problems, his संघर्ष (struggle) reflects the pain and expectations of the common villagers.
In this video, watch how Rajendra Singh boldly questions the authorities and highlights issues like non-functioning public services, including the long-closed tap water system in several wards. His fearless attitude and commitment have made him a symbol of hope and change in the region.
This is not just a story of a leader, but a movement of people demanding their rights and basic facilities.
    user_Abhishek Kumar Shrivastava
    Abhishek Kumar Shrivastava
    Court reporter नौतन, पश्चिम चंपारण, बिहार•
    18 hrs ago
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