जौनपुर के महराजगंज थाना क्षेत्र के सवंसा गांव में बुधवार सुबह जमीन संबंधी विवाद के दौरान 45 वर्षीय आशा कार्यकर्ता चेतना सिंह की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। परिजनों ने आरोप लगाया है कि खेत जोतने को लेकर हुए विवाद में उनके साथ मारपीट की गई, जिसके कारण उनकी जान चली गई। जानकारी के अनुसार, चेतना सिंह अपने भाई संदीप सिंह के साथ विवादित जमीन पर खेत की जुताई पर आपत्ति दर्ज कराने गई थीं, तभी दोनों पक्षों के बीच कहासुनी हुई जो बाद में मारपीट में बदल गई। मृतका के भाई संदीप सिंह ने पुलिस को दी गई तहरीर में गांव के ओम प्रकाश सिंह और उनके परिवार के अन्य सदस्यों पर चेतना सिंह के साथ मारपीट करने का आरोप लगाया है, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गईं और बाद में उनकी मृत्यु हो गई। परिवार का दावा है कि यह जमीन लगभग 10 वर्ष पूर्व बैनामे के माध्यम से खरीदी गई थी और राजस्व अभिलेखों में इसका नामांतरण भी हो चुका है, इसके बावजूद विवाद बना हुआ था। घटना की सूचना पर महराजगंज समेत आसपास के थानों की पुलिस और राजस्व विभाग की टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। क्षेत्राधिकारी सुनील चंद तिवारी ने बताया कि तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है और एक नामजद आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। उन्होंने यह भी बताया कि आगे की कानूनी कार्रवाई पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के निष्कर्षों के आधार पर की जाएगी। घटना के बाद गांव में तनाव का माहौल है, जिसे देखते हुए शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल तैनात किया गया है। मृतका अपने पीछे एक पुत्र छोड़ गई हैं, और परिवार में शोक का माहौल है।
जौनपुर के महराजगंज थाना क्षेत्र के सवंसा गांव में बुधवार सुबह जमीन संबंधी विवाद के दौरान 45 वर्षीय आशा कार्यकर्ता चेतना सिंह की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। परिजनों ने आरोप लगाया है कि खेत जोतने को लेकर हुए विवाद में उनके साथ मारपीट की गई, जिसके कारण उनकी जान चली गई। जानकारी के अनुसार, चेतना सिंह अपने भाई संदीप सिंह के साथ विवादित जमीन पर खेत की जुताई पर आपत्ति दर्ज कराने
गई थीं, तभी दोनों पक्षों के बीच कहासुनी हुई जो बाद में मारपीट में बदल गई। मृतका के भाई संदीप सिंह ने पुलिस को दी गई तहरीर में गांव के ओम प्रकाश सिंह और उनके परिवार के अन्य सदस्यों पर चेतना सिंह के साथ मारपीट करने का आरोप लगाया है, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गईं और बाद में उनकी मृत्यु हो गई। परिवार का दावा है कि यह जमीन लगभग
10 वर्ष पूर्व बैनामे के माध्यम से खरीदी गई थी और राजस्व अभिलेखों में इसका नामांतरण भी हो चुका है, इसके बावजूद विवाद बना हुआ था। घटना की सूचना पर महराजगंज समेत आसपास के थानों की पुलिस और राजस्व विभाग की टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। क्षेत्राधिकारी सुनील चंद तिवारी ने बताया कि तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है और एक
नामजद आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। उन्होंने यह भी बताया कि आगे की कानूनी कार्रवाई पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के निष्कर्षों के आधार पर की जाएगी। घटना के बाद गांव में तनाव का माहौल है, जिसे देखते हुए शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल तैनात किया गया है। मृतका अपने पीछे एक पुत्र छोड़ गई हैं, और परिवार में शोक का माहौल है।
- जौनपुर के महराजगंज थाना क्षेत्र के सवंसा गाँव में बुधवार सुबह जमीन विवाद को लेकर एक आशा कार्यकर्ता चेतना सिंह की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई। घटना की सूचना मिलते ही बदलापुर के एसडीएम और चार थानों की पुलिस फोर्स के साथ राजस्व विभाग की टीम मौके पर पहुँच गई, जिसके बाद पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। मृतका की पहचान सवंसा गाँव निवासी 45 वर्षीय चेतना सिंह के रूप में हुई है। मृतका के भाई संदीप सिंह ने पुलिस को दी गई तहरीर में आरोप लगाया है कि वे अपनी बहन चेतना के साथ बुधवार को ओम प्रकाश सिंह को उनकी बैनामा की जमीन जोतने से रोकने गए थे। इसी दौरान ओम प्रकाश सिंह और उनकी बेटियों रोमा व रीतू ने चेतना सिंह की बेरहमी से पिटाई की, जिससे गंभीर रूप से घायल होने के कारण चेतना सिंह की मौके पर ही मौत हो गई। संदीप सिंह ने बताया कि उन्होंने करीब 10 साल पहले ओम प्रकाश सिंह के पिता स्वर्गीय जय नारायण सिंह से यह जमीन खरीदी थी और जमीन का खारिज-दाखिल भी उनकी माता सुदामा देवी के नाम पर हो चुका है। इसके बावजूद, आरोपी पक्ष जमीन पर कब्जा करने का प्रयास कर रहा था। मृतका चेतना सिंह अपने पीछे एक पुत्र आयुष सिंह (वैभव) को छोड़ गई हैं। पुलिस ने मृतका के भाई की तहरीर पर केस दर्ज करके एक नामजद आरोपी को हिरासत में ले लिया है। सीओ सुनील चंद तिवारी ने जानकारी दी है कि मामले में तहरीर प्राप्त हो गई है और हिरासत में लिए गए नामजद आरोपी से पूछताछ की जा रही है। उन्होंने यह भी बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इस घटना के बाद गाँव में तनाव का माहौल बना हुआ है।3
- जौनपुर जिले के केराकत तहसील क्षेत्र के अजोरपुर गाँव में प्रशासन ने ग्राम समाज की भूमि पर वर्षों पुराने अवैध कब्जे के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। इस दौरान अवैध निर्माण को ध्वस्त करने के लिए बुलडोजर का इस्तेमाल किया गया। यह अभियान एसडीएम सुनील कुमार भारती के नेतृत्व में चलाया गया, जिसके परिणामस्वरूप सरकारी जमीन को अतिक्रमण से पूरी तरह मुक्त करा लिया गया।1
- उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कानपुर में मीडिया से बातचीत करते हुए दावा किया है कि समाजवादी पार्टी (सपा) के 25 से 26 सांसद पाला बदलने और पार्टी तोड़ने के लिए पूरी तरह तैयार बैठे हैं। उन्होंने तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) और शिवसेना में हुई टूट का उदाहरण देते हुए कहा कि भाजपा उनकी पार्टी को खुद नहीं तोड़ रही, बल्कि ये नेता साल 2027 के यूपी विधानसभा चुनाव तक अपने आप ही टूटकर चले जाएंगे। इस सियासी घमासान के बीच राम मंदिर मामले पर भी बयानबाजी हुई है। इससे पहले राज्य सरकार के मंत्री ओम प्रकाश राजभर के एक सोशल मीडिया पोस्ट ने भी सनसनी मचाई थी, जिसमें उन्होंने लिखा था कि सपा में बड़ी टूट होगी और राम गोपाल यादव ने केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह को चिट्ठी सौंपी है। राजभर ने खनन और गोमती रिवर फ्रंट घोटाले का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि सपा शिकंजा कसने से परेशान है और समूची सपा भाजपा में शामिल होने को तैयार है। यूपी के मंत्री मनोज पांडेय ने भी कहा कि सत्ता में रहने पर लोगों को भगाने वाली सपा के साथ आज कोई नहीं रहना चाहता। इन दावों पर समाजवादी पार्टी के नेताओं ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष और सपा विधायक माता प्रसाद पांडेय ने लखनऊ में कहा कि ओम प्रकाश राजभर खुद एक स्कैम हैं और प्रदेश में तानाशाही है। सपा नेता रविदास मेहरोत्रा ने राजभर को दोमुंहा बताते हुए कहा कि वे सिर्फ मंत्री पद पर बने रहने के लिए बयान देते हैं। उन्होंने दावा किया कि सपा का एक भी नेता भाजपा में नहीं जाएगा और 2027 में अखिलेश यादव के नेतृत्व में सपा की सरकार बनेगी। वहीं, कानपुर में राम मंदिर के दानपात्र से चोरी होने के मामले पर डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि इस मामले की जांच चल रही है, इसलिए एफआईआर की कोई जरूरत नहीं है। उन्होंने कड़े लहजे में कहा कि जिसने भी दानपात्र का पैसा खाया है, उसे कानूनी सजा तो मिलेगी ही, साथ ही वह जीवन में कभी सुख नहीं भोग पाएगा। उन्होंने विश्वास जताया कि जांच पूरी होने के बाद पूरा पैसा रिकवर हो जाएगा।1
- उत्तर प्रदेश के रायबरेली जिले के ऊंचाहार में '12 साल विश्वास के, विकास के, जनकल्याण के' नामक एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें माननीय कैबिनेट मंत्री डॉ. मनोज पांडेय ने सहभागिता की। इस अवसर पर हजारों की संख्या में मातृशक्ति और महिला शक्ति ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर कार्यक्रम को भव्यता प्रदान की। कार्यक्रम के दौरान, जनकल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से 140 करोड़ देशवासियों की सेवा और विकसित भारत के संकल्प को और सशक्त बनाने का संदेश दिया गया। यह जानकारी आशीष पाण्डेय द्वारा जन समर्पण के तहत दी गई।1
- प्रतापगढ़ जिले की तहसील पट्टी में पट्टी बार एसोसिएशन के चुनाव परिणाम एल्डर कमेटी द्वारा घोषित कर दिए गए हैं, जिसके बाद अधिवक्ताओं में उत्साह का माहौल देखा गया। अध्यक्ष पद पर अधिवक्ता शैलेंद्र तिवारी ने शानदार जीत हासिल की है, जबकि विकास श्रीवास्तव महामंत्री पद पर निर्वाचित घोषित किए गए। अध्यक्ष पद के लिए हुए मुकाबले में चार प्रत्याशी मैदान में थे। मतगणना के बाद शैलेंद्र तिवारी को सर्वाधिक 181 मत मिले। उनके निकटतम प्रतिद्वंद्वी जितेंद्र प्रताप सिंह को 62 मत प्राप्त हुए, वहीं श्रीराम वर्मा को 12 और राधारमण मिश्र को 3 मत प्राप्त हुए। इस प्रकार, शैलेंद्र तिवारी ने भारी मतों के अंतर से विजय दर्ज की। महामंत्री पद पर तीन उम्मीदवारों के बीच प्रतिस्पर्धा हुई, जिसमें विकास श्रीवास्तव को 105 मत मिले, जबकि दिलीप मिश्रा को 81 और मनोज कुमार मिश्रा को 69 मत प्राप्त हुए, जिससे विकास श्रीवास्तव विजयी घोषित हुए। कनिष्ठ उपाध्यक्ष पद के लिए पांच प्रत्याशी मैदान में थे और तीन पद रिक्त थे। मतगणना के बाद वरुण पांडे को 149, मनीष तिवारी को 139 और मनीष सिंह को 138 मत प्राप्त हुए, और ये तीनों प्रत्याशी विजयी घोषित किए गए। अन्य प्रत्याशियों में महेश श्रीवास्तव को 109 मत मिले। एल्डर कमेटी के अध्यक्ष अच्छे लाल ओझा ने बताया कि चुनाव प्रक्रिया पूरी तरह निष्पक्ष, पारदर्शी और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई। मतगणना पूरी होने के बाद सभी विजयी प्रत्याशियों को प्रमाणित रूप से निर्वाचित घोषित किया गया। चुनाव परिणाम घोषित होते ही अधिवक्ताओं और समर्थकों में खुशी की लहर दौड़ गई, जिन्होंने विजयी प्रत्याशियों का फूल-मालाओं से जोरदार स्वागत किया और गाजे-बाजे के साथ जश्न मनाया। बार परिसर में देर तक बधाइयों का सिलसिला चलता रहा।1
- पट्टी तहसील क्षेत्र के आसपुर देवसरा अंतर्गत पूरा गांव में जमीन पर अवैध कब्जे के संबंध में उपजिलाधिकारी (एसडीएम) से शिकायत दर्ज कराई गई है।1
- जौनपुर के महराजगंज थाना क्षेत्र के सवंसा गांव में बुधवार सुबह जमीन संबंधी विवाद के दौरान 45 वर्षीय आशा कार्यकर्ता चेतना सिंह की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। परिजनों ने आरोप लगाया है कि खेत जोतने को लेकर हुए विवाद में उनके साथ मारपीट की गई, जिसके कारण उनकी जान चली गई। जानकारी के अनुसार, चेतना सिंह अपने भाई संदीप सिंह के साथ विवादित जमीन पर खेत की जुताई पर आपत्ति दर्ज कराने गई थीं, तभी दोनों पक्षों के बीच कहासुनी हुई जो बाद में मारपीट में बदल गई। मृतका के भाई संदीप सिंह ने पुलिस को दी गई तहरीर में गांव के ओम प्रकाश सिंह और उनके परिवार के अन्य सदस्यों पर चेतना सिंह के साथ मारपीट करने का आरोप लगाया है, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गईं और बाद में उनकी मृत्यु हो गई। परिवार का दावा है कि यह जमीन लगभग 10 वर्ष पूर्व बैनामे के माध्यम से खरीदी गई थी और राजस्व अभिलेखों में इसका नामांतरण भी हो चुका है, इसके बावजूद विवाद बना हुआ था। घटना की सूचना पर महराजगंज समेत आसपास के थानों की पुलिस और राजस्व विभाग की टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। क्षेत्राधिकारी सुनील चंद तिवारी ने बताया कि तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है और एक नामजद आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। उन्होंने यह भी बताया कि आगे की कानूनी कार्रवाई पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के निष्कर्षों के आधार पर की जाएगी। घटना के बाद गांव में तनाव का माहौल है, जिसे देखते हुए शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल तैनात किया गया है। मृतका अपने पीछे एक पुत्र छोड़ गई हैं, और परिवार में शोक का माहौल है।4