एक ओर जहां साइबर ठग लोगों की मेहनत की कमाई पर डाका डाल रहे हैं, वहीं दूसरी ओर बस्ती पुलिस ऐसे अपराधियों पर लगातार शिकंजा कसकर पीड़ितों को राहत पहुंचा रही है। इसी कड़ी में, पुलिस अधीक्षक डॉ. यशवीर सिंह के निर्देशन, अपर पुलिस अधीक्षक श्यामकांत के मार्गदर्शन और क्षेत्राधिकारी रुधौली कुलदीप यादव के नेतृत्व में थाना मुण्डेरवा पुलिस ने एक सराहनीय कार्य किया है। खजौला निवासी रंजीत पुत्र हरिराम साइबर ठगी का शिकार हो गए थे, जिसमें उनके खाते से कुल ₹1,64,441 की राशि निकल गई थी। पीड़ित की शिकायत मिलते ही थानाध्यक्ष प्रदीप सिंह ने मामले की गंभीरता को समझते हुए तत्काल साइबर टीम को सक्रिय किया। प्रभारी साइबर सेल अमरनाथ यादव, महिला आरक्षी शिमला मौर्या और महिला आरक्षी अंशिका गुप्ता की टीम ने अथक प्रयासों से ठगी गई रकम में से ₹1,36,960 पीड़ित के खाते में वापस कराने में सफलता प्राप्त की। अपनी तेज कार्यशैली और जनसमस्याओं के प्रति संवेदनशील रवैये के लिए पहचान बना चुके थानाध्यक्ष प्रदीप सिंह की इस कार्रवाई की आमजन खुलकर प्रशंसा कर रहे हैं। लोगों का कहना है कि अगर हर शिकायत पर ऐसी ही तत्परता से कार्रवाई हो तो साइबर अपराधियों के हौसले पस्त हो जाएंगे। राशि वापस मिलने के बाद पीड़ित रंजीत की खुशी का ठिकाना नहीं रहा और उन्होंने बस्ती पुलिस व थाना मुण्डेरवा टीम का आभार व्यक्त किया। यह सफलता साइबर अपराध के खिलाफ मुण्डेरवा पुलिस की निष्ठा और अपराधियों के लिए स्पष्ट चेतावनी को दर्शाती है, जिससे क्षेत्र में लोगों का भरोसा बढ़ा है।
एक ओर जहां साइबर ठग लोगों की मेहनत की कमाई पर डाका डाल रहे हैं, वहीं दूसरी ओर बस्ती पुलिस ऐसे अपराधियों पर लगातार शिकंजा कसकर पीड़ितों को राहत पहुंचा रही है। इसी कड़ी में, पुलिस अधीक्षक डॉ. यशवीर सिंह के निर्देशन, अपर पुलिस अधीक्षक श्यामकांत के मार्गदर्शन और क्षेत्राधिकारी रुधौली कुलदीप यादव के नेतृत्व में थाना मुण्डेरवा पुलिस ने एक सराहनीय कार्य किया है। खजौला निवासी रंजीत पुत्र हरिराम साइबर ठगी का शिकार हो गए थे, जिसमें उनके खाते से कुल ₹1,64,441 की राशि निकल गई थी। पीड़ित की शिकायत मिलते ही थानाध्यक्ष प्रदीप सिंह ने मामले की गंभीरता को समझते हुए तत्काल साइबर टीम को सक्रिय किया। प्रभारी साइबर सेल अमरनाथ यादव, महिला आरक्षी शिमला मौर्या और महिला आरक्षी अंशिका गुप्ता की टीम ने अथक प्रयासों से ठगी गई रकम में से ₹1,36,960 पीड़ित के खाते में वापस कराने में सफलता प्राप्त की। अपनी तेज कार्यशैली और जनसमस्याओं के प्रति संवेदनशील रवैये के लिए पहचान बना चुके थानाध्यक्ष प्रदीप सिंह की इस कार्रवाई की आमजन खुलकर प्रशंसा कर रहे हैं। लोगों का कहना है कि अगर हर शिकायत पर ऐसी ही तत्परता से कार्रवाई हो तो साइबर अपराधियों के हौसले पस्त हो जाएंगे। राशि वापस मिलने के बाद पीड़ित रंजीत की खुशी का ठिकाना नहीं रहा और उन्होंने बस्ती पुलिस व थाना मुण्डेरवा टीम का आभार व्यक्त किया। यह सफलता साइबर अपराध के खिलाफ मुण्डेरवा पुलिस की निष्ठा और अपराधियों के लिए स्पष्ट चेतावनी को दर्शाती है, जिससे क्षेत्र में लोगों का भरोसा बढ़ा है।
- एक कथित दान पात्र से जुड़े मामले को लेकर यह तीखी टिप्पणी की गई है कि 'चोरी करके अपना घर बनाना अच्छी बात नहीं है।' यह बयान चोरी के जरिए अपना घर बनाने के कृत्य की कड़ी निंदा करता है और इसे एक कथित दान पात्र के प्रकरण से जोड़ता है।1
- अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर झांसी किला मैदान में एक भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जहाँ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हजारों लोगों के साथ सामूहिक योगाभ्यास किया। इस आयोजन में आमजन, छात्र, अधिकारी और जनप्रतिनिधियों सहित बड़ी संख्या में लोगों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने कहा कि "स्वस्थ शरीर से ही स्वस्थ समाज और सशक्त राष्ट्र का निर्माण होता है।" उन्होंने योग को भारत की प्राचीन परंपरा बताते हुए इसे दैनिक जीवन का अभिन्न अंग बनाने की अपील की। मुख्यमंत्री ने योग के वैश्विक प्रसार के लिए नरेंद्र मोदी के प्रयासों की सराहना भी की। झांसी से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का मुख्य संदेश रहा: "योग अपनाइए, निरोग रहिए।"1
- रामनगरी अयोध्या में हाल ही में राजनीतिक हलचल देखने को मिली है, जहाँ आम आदमी पार्टी (आप) ने एक ज्ञापन सौंपा। इस ज्ञापन में लगाए गए आरोपों और प्रदर्शनकारियों के बयानों के संबंध में विस्तृत जानकारी, साथ ही प्रदर्शन की तस्वीरें, एक वीडियो में देखने को कही गई हैं।2
- आज संपूर्ण भारतवर्ष सहित पूरे विश्व में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस बड़े उत्साह के साथ मनाया जा रहा है। इस अवसर पर, सभी देशवासियों से यह विशेष आग्रह किया गया है कि वे अपने स्वास्थ्य को बेहतर बनाए रखने के लिए योगाभ्यास को अपने दैनिक जीवन का अभिन्न अंग बनाएँ। यह रिपोर्ट 'आज सुबह टाइम्स टीम लखनऊ' के लिए लाल चंद सोनी द्वारा प्रस्तुत की गई है।1
- अयोध्या की बीकापुर तहसील सभागार में शनिवार को आयोजित सम्पूर्ण समाधान दिवस में जिलाधिकारी शशांक त्रिपाठी, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. गौरव ग्रोवर और बीकापुर विधायक डॉ. अमित सिंह चौहान ने मिलकर फरियादियों की समस्याएं सुनीं। इस दौरान जिलाधिकारी शशांक त्रिपाठी का सख्त रुख देखने को मिला, जहाँ उन्होंने चार अधिकारियों का वेतन रोकने और अनुपस्थित कर्मचारियों व अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी करने की कार्यवाही के निर्देश दिए। समाधान दिवस में कुल 350 शिकायतें पंजीकृत की गईं, जिनमें से 42 का मौके पर ही निस्तारण कर दिया गया। गौरा निवासी राजेश कुमार पाण्डेय की चकमार्ग पटाई से संबंधित शिकायत पर जिलाधिकारी ने बीकापुर के एसडीएम और तारुन के बीडीओ को सोमवार तक कार्य पूरा करने के निर्देश दिए। वहीं, शिकायतकर्ता रजत पाण्डेय की शिकायत के आधार पर एडीओ पंचायत अवधेश प्रताप सिंह का वेतन रोकने के साथ ही जांच के आदेश भी दिए गए। इसके अतिरिक्त, बड़नपुर निवासी मीरा देवी की शिकायत पर कार्रवाई न करने के मामले में लेखपाल राकेश सिंह, अभिषेक भारती और अतुल सिंह का वेतन रोककर स्पष्टीकरण मांगा गया। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने पुलिस संबंधी शिकायतों की सुनवाई करते हुए निष्पक्ष जांच के निर्देश दिए, जबकि विधायक ने अधिकारियों से जनहित के मामलों को प्राथमिकता देने की बात कही। इस चिलचिलाती धूप और गर्मी के बावजूद हजारों की संख्या में फरियादी अपनी शिकायतें लेकर पहुंचे, लेकिन कई फरियादियों को जिलाधिकारी से मिल न पाने का मलाल रहा और उन्हें उपजिलाधिकारी बीकापुर को शिकायत पत्र देकर संतोष करना पड़ा। तहसील दिवस से निकलने के बाद जिलाधिकारी शशांक त्रिपाठी ने लापरवाही पर चार का वेतन रोके जाने और अनुपस्थित अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी करने के आदेश की जानकारी दी।3
- अयोध्या जनपद के रुदौली तहसील अंतर्गत मवई ब्लॉक के कछिया से नेवरा को जोड़ने वाला मार्ग कल्याणी नदी पर पुल न होने के कारण वर्षों से बदहाल स्थिति में है। इस मार्ग से जुड़े 30 से अधिक गांवों के हजारों ग्रामीण रोजमर्रा की जिंदगी में भारी परेशानियों का सामना करने को मजबूर हैं, जिससे यह रास्ता इन गांवों की जीवनरेखा होने के बावजूद अनुपयोगी साबित हो रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि कल्याणी नदी पर पुल की अनुपस्थिति बच्चों की पढ़ाई, किसानों की खेती, व्यापारियों के कारोबार और आम लोगों के आवागमन को गंभीर रूप से प्रभावित कर रही है। बरसात के दिनों में स्थिति और भी भयावह हो जाती है, जब संपर्क पूरी तरह से टूट जाता है और लोगों को गंतव्य तक पहुंचने के लिए कई किलोमीटर का अतिरिक्त सफर तय करना पड़ता है। स्थानीय लोगों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। उनकी प्रमुख मांग कल्याणी नदी पर एक स्थायी पुल का निर्माण है। यदि किसी कारणवश स्थायी पुल का निर्माण तुरंत संभव न हो, तो ग्रामीणों ने कम से कम एक पीपा पुल की व्यवस्था करने का आग्रह किया है, ताकि हजारों ग्रामीणों का आवागमन सुचारु हो सके और उन्हें राहत मिल सके। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि विकास के दावों के बावजूद दर्जनों गांव अभी भी एक पुल के इंतजार में हैं, और यदि उनकी इस महत्वपूर्ण जनसमस्या का जल्द समाधान नहीं हुआ, तो वे बड़े स्तर पर आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे। उन्होंने मुख्यमंत्री से संबंधित विभाग के अधिकारियों को तत्काल निर्देश जारी कर इस समस्या का शीघ्र निराकरण कराने की अपील की है, ताकि क्षेत्र के लोगों को आवागमन, शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार से जुड़ी कठिनाइयों से राहत मिल सके।1
- अयोध्या महानगरपालिका क्षेत्र के एक गांव के ग्रामीण मूलभूत सुविधाओं के अभाव से आक्रोशित हैं और उनका सब्र अब जवाब देने लगा है। स्थानीय लोगों ने हस्ताक्षरयुक्त प्रार्थना पत्र के माध्यम से आरोप लगाया है कि वर्षों से गुहार लगाने के बावजूद न तो सड़क की समस्या दूर हुई है और न ही बिजली की व्यवस्था सुधरी है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी समस्याओं का जल्द समाधान नहीं हुआ, तो वे 2027 के चुनाव में मतदान का बहिष्कार करने को मजबूर होंगे। ग्रामीणों का कहना है कि बरसात सिर पर है, फिर भी रास्तों की हालत नहीं सुधरी। बारिश होते ही गलियां और रास्ते जलमग्न हो जाते हैं, जिससे स्कूल जाने वाले बच्चों को घुटनों तक पानी से होकर गुजरना पड़ता है और कई बार वे पढ़ाई के लिए जा भी नहीं पाते। वहीं, बुजुर्ग और महिलाएं फिसलकर चोटिल हो जाती हैं, जिससे रोजमर्रा की जिंदगी मुश्किल हो गई है, लेकिन जिम्मेदार विभाग मौन है। बिजली को लेकर ग्रामीणों ने गंभीर आरोप लगाया है कि क्षेत्र में ट्रांसफार्मर लगे हुए लगभग चार महीने हो चुके हैं, लेकिन अब तक बिजली आपूर्ति शुरू नहीं हुई। लोगों को मजबूरन दूर-दराज से तार खींचकर अपने घरों तक बिजली पहुंचानी पड़ रही है। हैरानी की बात यह है कि ग्रामीण घर का टैक्स और बिजली का बिल दोनों चुका रहे हैं, फिर भी उन्हें बुनियादी सुविधाओं के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है। जनता का आरोप है कि सरकार और नगर निगम जब टैक्स वसूलने में पीछे नहीं हैं, तो उन्हें सड़क और बिजली जैसी बुनियादी सुविधाओं से क्यों वंचित रखा जा रहा है। लोगों का यह भी कहना है कि कई बार शिकायतें करने के बावजूद कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। ग्रामीणों ने अयोध्या महानगरपालिका और महापौर पंडित गिरीशपति त्रिपाठी से तत्काल इस मामले का संज्ञान लेकर सड़क और बिजली की समस्या का स्थायी समाधान कराने की मांग की है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि यदि उनकी समस्याओं का शीघ्र समाधान नहीं हुआ, तो जनाक्रोश और बढ़ेगा तथा वे लोकतांत्रिक तरीके से 2027 के चुनाव में मतदान का बहिष्कार करने पर विचार करेंगे। यह प्रार्थना पत्र और ग्रामीणों के आरोप स्थानीय प्रशासन और नगर निगम की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर रहे हैं, और अब यह देखना बाकी है कि जिम्मेदार अधिकारी इस जनआक्रोश पर कब तक संज्ञान लेते हैं।1
- बलरामपुर जिले के मनकापुर रोड और उतरौला रोड के चौराहे पर स्थित राम अवध यादव इंटर कॉलेज के ठीक सामने एक भीषण आग लगने की घटना सामने आई है। इस गंभीर स्थिति के दौरान, घटनास्थल पर न तो कोई पुलिसकर्मी मौजूद था और न ही फायर ब्रिगेड की कोई टीम पहुंची। इसके बावजूद, उपस्थित लोगों ने किसी तरह एकजुट होकर आग पर काबू पाया और उसे बुझाने में सफलता हासिल की।1
- एक लड़के ने दिखावा करने के प्रयास में नदी में छलांग लगा दी। गौरतलब है कि उसे तैरना भी नहीं आता था।1