अयोध्या जनपद के रुदौली तहसील अंतर्गत मवई ब्लॉक के कछिया से नेवरा को जोड़ने वाला मार्ग कल्याणी नदी पर पुल न होने के कारण वर्षों से बदहाल स्थिति में है। इस मार्ग से जुड़े 30 से अधिक गांवों के हजारों ग्रामीण रोजमर्रा की जिंदगी में भारी परेशानियों का सामना करने को मजबूर हैं, जिससे यह रास्ता इन गांवों की जीवनरेखा होने के बावजूद अनुपयोगी साबित हो रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि कल्याणी नदी पर पुल की अनुपस्थिति बच्चों की पढ़ाई, किसानों की खेती, व्यापारियों के कारोबार और आम लोगों के आवागमन को गंभीर रूप से प्रभावित कर रही है। बरसात के दिनों में स्थिति और भी भयावह हो जाती है, जब संपर्क पूरी तरह से टूट जाता है और लोगों को गंतव्य तक पहुंचने के लिए कई किलोमीटर का अतिरिक्त सफर तय करना पड़ता है। स्थानीय लोगों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। उनकी प्रमुख मांग कल्याणी नदी पर एक स्थायी पुल का निर्माण है। यदि किसी कारणवश स्थायी पुल का निर्माण तुरंत संभव न हो, तो ग्रामीणों ने कम से कम एक पीपा पुल की व्यवस्था करने का आग्रह किया है, ताकि हजारों ग्रामीणों का आवागमन सुचारु हो सके और उन्हें राहत मिल सके। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि विकास के दावों के बावजूद दर्जनों गांव अभी भी एक पुल के इंतजार में हैं, और यदि उनकी इस महत्वपूर्ण जनसमस्या का जल्द समाधान नहीं हुआ, तो वे बड़े स्तर पर आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे। उन्होंने मुख्यमंत्री से संबंधित विभाग के अधिकारियों को तत्काल निर्देश जारी कर इस समस्या का शीघ्र निराकरण कराने की अपील की है, ताकि क्षेत्र के लोगों को आवागमन, शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार से जुड़ी कठिनाइयों से राहत मिल सके।
अयोध्या जनपद के रुदौली तहसील अंतर्गत मवई ब्लॉक के कछिया से नेवरा को जोड़ने वाला मार्ग कल्याणी नदी पर पुल न होने के कारण वर्षों से बदहाल स्थिति में है। इस मार्ग से जुड़े 30 से अधिक गांवों के हजारों ग्रामीण रोजमर्रा की जिंदगी में भारी परेशानियों का सामना करने को मजबूर हैं, जिससे यह रास्ता इन गांवों की जीवनरेखा होने के बावजूद अनुपयोगी साबित हो रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि कल्याणी नदी पर पुल की अनुपस्थिति बच्चों की पढ़ाई, किसानों की खेती, व्यापारियों के कारोबार और आम लोगों के आवागमन को गंभीर रूप से प्रभावित कर रही है। बरसात के दिनों में स्थिति और भी भयावह हो जाती है, जब संपर्क पूरी तरह से टूट जाता है और लोगों को गंतव्य तक पहुंचने के लिए कई किलोमीटर का अतिरिक्त सफर तय करना पड़ता है। स्थानीय लोगों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। उनकी प्रमुख मांग कल्याणी नदी पर एक स्थायी पुल का निर्माण है। यदि किसी कारणवश स्थायी पुल का निर्माण तुरंत संभव न हो, तो ग्रामीणों ने कम से कम एक पीपा पुल की व्यवस्था करने का आग्रह किया है, ताकि हजारों ग्रामीणों का आवागमन सुचारु हो सके और उन्हें राहत मिल सके। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि विकास के दावों के बावजूद दर्जनों गांव अभी भी एक पुल के इंतजार में हैं, और यदि उनकी इस महत्वपूर्ण जनसमस्या का जल्द समाधान नहीं हुआ, तो वे बड़े स्तर पर आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे। उन्होंने मुख्यमंत्री से संबंधित विभाग के अधिकारियों को तत्काल निर्देश जारी कर इस समस्या का शीघ्र निराकरण कराने की अपील की है, ताकि क्षेत्र के लोगों को आवागमन, शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार से जुड़ी कठिनाइयों से राहत मिल सके।
- अयोध्या जनपद के रुदौली तहसील अंतर्गत मवई ब्लॉक के कछिया से नेवरा को जोड़ने वाला मार्ग कल्याणी नदी पर पुल न होने के कारण वर्षों से बदहाल स्थिति में है। इस मार्ग से जुड़े 30 से अधिक गांवों के हजारों ग्रामीण रोजमर्रा की जिंदगी में भारी परेशानियों का सामना करने को मजबूर हैं, जिससे यह रास्ता इन गांवों की जीवनरेखा होने के बावजूद अनुपयोगी साबित हो रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि कल्याणी नदी पर पुल की अनुपस्थिति बच्चों की पढ़ाई, किसानों की खेती, व्यापारियों के कारोबार और आम लोगों के आवागमन को गंभीर रूप से प्रभावित कर रही है। बरसात के दिनों में स्थिति और भी भयावह हो जाती है, जब संपर्क पूरी तरह से टूट जाता है और लोगों को गंतव्य तक पहुंचने के लिए कई किलोमीटर का अतिरिक्त सफर तय करना पड़ता है। स्थानीय लोगों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। उनकी प्रमुख मांग कल्याणी नदी पर एक स्थायी पुल का निर्माण है। यदि किसी कारणवश स्थायी पुल का निर्माण तुरंत संभव न हो, तो ग्रामीणों ने कम से कम एक पीपा पुल की व्यवस्था करने का आग्रह किया है, ताकि हजारों ग्रामीणों का आवागमन सुचारु हो सके और उन्हें राहत मिल सके। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि विकास के दावों के बावजूद दर्जनों गांव अभी भी एक पुल के इंतजार में हैं, और यदि उनकी इस महत्वपूर्ण जनसमस्या का जल्द समाधान नहीं हुआ, तो वे बड़े स्तर पर आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे। उन्होंने मुख्यमंत्री से संबंधित विभाग के अधिकारियों को तत्काल निर्देश जारी कर इस समस्या का शीघ्र निराकरण कराने की अपील की है, ताकि क्षेत्र के लोगों को आवागमन, शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार से जुड़ी कठिनाइयों से राहत मिल सके।1
- राम मंदिर दानपात्र से जुड़े मामले को लेकर अयोध्या से एक महत्वपूर्ण प्रतिक्रिया सामने आई है।1
- अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर रविवार को मिल्कीपुर, अयोध्या के विकासखंड हर्रिंग्टनगंज स्थित डॉ. बृजभूषण माणि त्रिपाठी विष्णुनगर इंटर कॉलेज परिसर में एक सामूहिक योगाभ्यास कार्यक्रम आयोजित किया गया। सुबह 5:30 बजे से 7:00 बजे तक चले इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में ग्रामीण, युवा और छात्र-छात्राएं उत्साहपूर्वक शामिल हुए, जिन्होंने योग के माध्यम से स्वस्थ जीवन का संदेश दिया। योग प्रशिक्षण का संचालन योग गुरु दिवाकर मिश्रा ने किया, जिन्होंने उपस्थित लोगों को सूर्य नमस्कार, अनुलोम-विलोम, वज्रासन, कपालभाति, त्रिकोणासन तथा वीरभद्रासन सहित विभिन्न योगासन एवं प्राणायाम का अभ्यास कराया। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि नियमित योग से शरीर स्वस्थ, मन शांत और जीवन संतुलित रहता है, तथा योग को दैनिक दिनचर्या का हिस्सा बनाकर अनेक बीमारियों से बचा जा सकता है। इस कार्यक्रम में भाजपा हर्रिंग्टनगंज मंडल अध्यक्ष विजय प्रकाश चौरसिया, वरिष्ठ भाजपा नेता देवेंद्र माणि त्रिपाठी उर्फ सल्ले भैया, अजय सिंह, उमाकांत पाठक, फूलचंद तिवारी, पवन सिंह राणा, विजय पाठक, राजेश सिंह, जयप्रकाश मौर्य, लालचंद चौरसिया, अभिषेक पाठक, रिंकू सिंह तथा अनुराग सिंह सहित क्षेत्र के अनेक गणमान्य नागरिक और आसपास के गांवों के लोग उपस्थित रहे। योगाभ्यास के दौरान लोगों में विशेष उत्साह देखने को मिला, जहाँ प्रतिभागियों ने योग को भारतीय संस्कृति की अमूल्य धरोहर बताते हुए इसके नियमित अभ्यास से शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाए रखने का संदेश दिया।1
- अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस-2026 के अवसर पर महर्षि वाल्मीकि अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा, अयोध्या धाम में 'योगा फॉर हेल्दी एजिंग' विषयवस्तु के अंतर्गत एक भव्य योग कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस आयोजन में डॉ. राम मनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय, अयोध्या के योग प्रशिक्षक श्री अनुराग सोनी और उनके विद्यार्थियों ने सक्रिय सहभागिता करते हुए योगाभ्यास का सफल संचालन किया। कार्यक्रम का शुभारम्भ एयरपोर्ट निदेशक श्री धीरेन्द्र सिंह ने योग प्रशिक्षक श्री अनुराग सोनी और उनके विद्यार्थियों का स्वागत करके किया। इसके उपरांत, एयरपोर्ट निदेशक, विभिन्न विभागाध्यक्षों और उपस्थित गणमान्य व्यक्तियों ने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का औपचारिक उद्घाटन किया, जिसके बाद सभी प्रतिभागियों ने सामूहिक रूप से 'वंदे मातरम्' का गायन किया। योग प्रशिक्षक श्री अनुराग सोनी ने विभिन्न योगासन, प्राणायाम और ध्यान की विधियों का प्रदर्शन कराया, साथ ही उनके वैज्ञानिक और स्वास्थ्यवर्धक लाभों के बारे में भी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि नियमित योगाभ्यास शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य को सुदृढ़ बनाता है, तनाव को कम करता है, एकाग्रता बढ़ाता है तथा बढ़ती आयु में भी शरीर को स्वस्थ एवं सक्रिय बनाए रखने में सहायक सिद्ध होता है। महर्षि वाल्मीकि अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा अयोध्या धाम में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 2026 का यह आयोजन उत्साहपूर्वक संपन्न हुआ।4
- अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर झांसी किला मैदान में एक भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जहाँ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हजारों लोगों के साथ सामूहिक योगाभ्यास किया। इस आयोजन में आमजन, छात्र, अधिकारी और जनप्रतिनिधियों सहित बड़ी संख्या में लोगों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने कहा कि "स्वस्थ शरीर से ही स्वस्थ समाज और सशक्त राष्ट्र का निर्माण होता है।" उन्होंने योग को भारत की प्राचीन परंपरा बताते हुए इसे दैनिक जीवन का अभिन्न अंग बनाने की अपील की। मुख्यमंत्री ने योग के वैश्विक प्रसार के लिए नरेंद्र मोदी के प्रयासों की सराहना भी की। झांसी से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का मुख्य संदेश रहा: "योग अपनाइए, निरोग रहिए।"1
- रामनगरी अयोध्या में हाल ही में राजनीतिक हलचल देखने को मिली है, जहाँ आम आदमी पार्टी (आप) ने एक ज्ञापन सौंपा। इस ज्ञापन में लगाए गए आरोपों और प्रदर्शनकारियों के बयानों के संबंध में विस्तृत जानकारी, साथ ही प्रदर्शन की तस्वीरें, एक वीडियो में देखने को कही गई हैं।2
- आज संपूर्ण भारतवर्ष सहित पूरे विश्व में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस बड़े उत्साह के साथ मनाया जा रहा है। इस अवसर पर, सभी देशवासियों से यह विशेष आग्रह किया गया है कि वे अपने स्वास्थ्य को बेहतर बनाए रखने के लिए योगाभ्यास को अपने दैनिक जीवन का अभिन्न अंग बनाएँ। यह रिपोर्ट 'आज सुबह टाइम्स टीम लखनऊ' के लिए लाल चंद सोनी द्वारा प्रस्तुत की गई है।1
- अयोध्या महानगरपालिका क्षेत्र के एक गांव के ग्रामीण मूलभूत सुविधाओं के अभाव से आक्रोशित हैं और उनका सब्र अब जवाब देने लगा है। स्थानीय लोगों ने हस्ताक्षरयुक्त प्रार्थना पत्र के माध्यम से आरोप लगाया है कि वर्षों से गुहार लगाने के बावजूद न तो सड़क की समस्या दूर हुई है और न ही बिजली की व्यवस्था सुधरी है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी समस्याओं का जल्द समाधान नहीं हुआ, तो वे 2027 के चुनाव में मतदान का बहिष्कार करने को मजबूर होंगे। ग्रामीणों का कहना है कि बरसात सिर पर है, फिर भी रास्तों की हालत नहीं सुधरी। बारिश होते ही गलियां और रास्ते जलमग्न हो जाते हैं, जिससे स्कूल जाने वाले बच्चों को घुटनों तक पानी से होकर गुजरना पड़ता है और कई बार वे पढ़ाई के लिए जा भी नहीं पाते। वहीं, बुजुर्ग और महिलाएं फिसलकर चोटिल हो जाती हैं, जिससे रोजमर्रा की जिंदगी मुश्किल हो गई है, लेकिन जिम्मेदार विभाग मौन है। बिजली को लेकर ग्रामीणों ने गंभीर आरोप लगाया है कि क्षेत्र में ट्रांसफार्मर लगे हुए लगभग चार महीने हो चुके हैं, लेकिन अब तक बिजली आपूर्ति शुरू नहीं हुई। लोगों को मजबूरन दूर-दराज से तार खींचकर अपने घरों तक बिजली पहुंचानी पड़ रही है। हैरानी की बात यह है कि ग्रामीण घर का टैक्स और बिजली का बिल दोनों चुका रहे हैं, फिर भी उन्हें बुनियादी सुविधाओं के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है। जनता का आरोप है कि सरकार और नगर निगम जब टैक्स वसूलने में पीछे नहीं हैं, तो उन्हें सड़क और बिजली जैसी बुनियादी सुविधाओं से क्यों वंचित रखा जा रहा है। लोगों का यह भी कहना है कि कई बार शिकायतें करने के बावजूद कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। ग्रामीणों ने अयोध्या महानगरपालिका और महापौर पंडित गिरीशपति त्रिपाठी से तत्काल इस मामले का संज्ञान लेकर सड़क और बिजली की समस्या का स्थायी समाधान कराने की मांग की है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि यदि उनकी समस्याओं का शीघ्र समाधान नहीं हुआ, तो जनाक्रोश और बढ़ेगा तथा वे लोकतांत्रिक तरीके से 2027 के चुनाव में मतदान का बहिष्कार करने पर विचार करेंगे। यह प्रार्थना पत्र और ग्रामीणों के आरोप स्थानीय प्रशासन और नगर निगम की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर रहे हैं, और अब यह देखना बाकी है कि जिम्मेदार अधिकारी इस जनआक्रोश पर कब तक संज्ञान लेते हैं।1