*18 हाईवा और पोकलेन पर जुर्माने की खबर के बाद, ओदारी नदी की रेत खदान का खनिज विभाग ने किया निरीक्षण* *निरीक्षण के दौरान बंद मिली रेत खदान, पंचायत को नियमानुसार संचालन करने के दिए गए निर्देश* *एमसीबी/09 मार्च 2026/* ग्राम पंचायत चटई, तहसील भरतपुर स्थित ओदारी नदी में स्वीकृत रेत खदान को लेकर प्राप्त शिकायत के बाद खनिज विभाग द्वारा स्थल का निरीक्षण किया गया। जानकारी के अनुसार विगत 01 मार्च 2026 को व्हाट्सएप और दूरभाष के माध्यम से शिकायत प्राप्त हुई थी तथा 03 मार्च 2026 को रायपुर से प्रकाशित पेपर कतरन पत्रिका में भी इस संबंध में समाचार प्रकाशित हुआ था। शिकायत और समाचार को संज्ञान में लेते हुए खनिज विभाग जिला एमसीबी की टीम ने 07 मार्च 2026 को मौके पर पहुंचकर खसरा क्रमांक 24 और 68, कुल 5.00 हेक्टेयर रकबे में स्वीकृत रेत खदान का निरीक्षण किया। इस निरीक्षण के दौरान ग्राम पंचायत चटई के सरपंच विजय सिंह, पंच राजकरण सिंह, कमलेश सिंह, लल्लूराम बैगा, उपसरपंच रामनाथ यादव सहित कई ग्रामीण मौजूद रहे। मौके की जांच में रेत खदान बंद पाई गई। इस दौरान खनिज विभाग के अधिकारियों ने सरपंच को निर्देशित किया कि रेत खदान का संचालन शासन द्वारा निर्धारित नियमों के अनुसार ही किया जाए। यदि ग्राम पंचायत द्वारा खदान का संचालन करने में असमर्थता हो तो ग्राम सभा से विधिवत प्रस्ताव पारित कर खदान समर्पण के लिए आवेदन कलेक्टर कार्यालय (खनिज शाखा) जिला एमसीबी में प्रस्तुत किया जाए। अधिकारियों ने ग्रामीणों को यह भी स्पष्ट किया कि उक्त रेत खदान ग्राम पंचायत चटई के नाम स्वीकृत है और इसका संचालन ग्राम पंचायत द्वारा ही किया जाना चाहिए। किसी भी अन्य व्यक्ति या निजी कंपनी को ठेके पर देकर संचालन करना नियमों के विरुद्ध होगा। साथ ही अवैध रेत खनन पर सख्त निर्देश देते हुए कहा गया कि नदी में रेत उठाव के लिए किसी भी प्रकार की मशीन का उपयोग नहीं किया जाए। खनिज विभाग ने ग्रामीणों को यह भी निर्देश दिया कि यदि भविष्य में किसी प्रकार का अवैध रेत खनन या अवैध परिवहन दिखाई दे तो तत्काल नजदीकी पुलिस थाना, राजस्व विभाग या खनिज विभाग को इसकी सूचना दी जाए। अवैध रूप से उपयोग किए जा रहे वाहन या मशीनरी को रोककर भी संबंधित विभागों को जानकारी देने की अपील की गई है। समाचार पत्र में प्रकाशित खबर के अनुसार सरपंच द्वारा 01 मार्च 2026 को रेत खदान क्षेत्र में 18 हाईवा वाहनों और एक पोकलेन मशीन पर जुर्माना लगाए जाने की बात कही गई है। इस संबंध में खनिज विभाग द्वारा सरपंच विजय सिंह को पत्र जारी कर कार्रवाई से जुड़े दस्तावेज उपलब्ध कराने के लिए कहा गया है। विभाग का कहना है कि आवश्यक दस्तावेज प्राप्त होने के बाद नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
*18 हाईवा और पोकलेन पर जुर्माने की खबर के बाद, ओदारी नदी की रेत खदान का खनिज विभाग ने किया निरीक्षण* *निरीक्षण के दौरान बंद मिली रेत खदान, पंचायत को नियमानुसार संचालन करने के दिए गए निर्देश* *एमसीबी/09 मार्च 2026/* ग्राम पंचायत चटई, तहसील भरतपुर स्थित ओदारी नदी में स्वीकृत रेत खदान को लेकर प्राप्त शिकायत के बाद खनिज विभाग द्वारा स्थल का निरीक्षण किया गया। जानकारी के अनुसार विगत 01 मार्च 2026 को व्हाट्सएप और दूरभाष के माध्यम से शिकायत प्राप्त हुई थी तथा 03 मार्च 2026 को रायपुर से प्रकाशित पेपर कतरन पत्रिका में भी इस संबंध में समाचार प्रकाशित हुआ था। शिकायत और समाचार को संज्ञान में लेते हुए खनिज विभाग जिला एमसीबी की टीम ने 07 मार्च 2026 को मौके पर पहुंचकर खसरा क्रमांक 24 और 68, कुल 5.00 हेक्टेयर रकबे में स्वीकृत रेत खदान का निरीक्षण किया। इस निरीक्षण के दौरान ग्राम पंचायत चटई के सरपंच विजय सिंह, पंच राजकरण सिंह, कमलेश सिंह, लल्लूराम बैगा, उपसरपंच रामनाथ यादव सहित कई ग्रामीण मौजूद रहे। मौके की जांच में रेत खदान बंद पाई गई। इस दौरान खनिज विभाग के अधिकारियों ने सरपंच को निर्देशित किया कि रेत खदान का संचालन शासन द्वारा निर्धारित नियमों के अनुसार ही किया जाए। यदि ग्राम पंचायत द्वारा खदान का संचालन करने में असमर्थता हो तो ग्राम सभा से विधिवत प्रस्ताव पारित कर खदान समर्पण के लिए आवेदन कलेक्टर कार्यालय (खनिज शाखा) जिला एमसीबी में प्रस्तुत किया जाए। अधिकारियों ने ग्रामीणों को यह भी स्पष्ट किया कि उक्त रेत खदान ग्राम पंचायत चटई के नाम स्वीकृत है और इसका संचालन ग्राम पंचायत द्वारा ही किया जाना चाहिए। किसी भी अन्य व्यक्ति या निजी कंपनी को ठेके पर देकर संचालन करना नियमों के विरुद्ध होगा। साथ ही अवैध रेत खनन पर सख्त निर्देश देते हुए कहा गया कि नदी में रेत उठाव के लिए किसी भी प्रकार की मशीन का उपयोग नहीं किया जाए। खनिज विभाग ने ग्रामीणों को यह भी निर्देश दिया कि यदि भविष्य में किसी प्रकार का अवैध रेत खनन या अवैध परिवहन दिखाई दे तो तत्काल नजदीकी पुलिस थाना, राजस्व विभाग या खनिज विभाग को इसकी सूचना दी जाए। अवैध रूप से उपयोग किए जा रहे वाहन या मशीनरी को रोककर भी संबंधित विभागों को जानकारी देने की अपील की गई है। समाचार पत्र में प्रकाशित खबर के अनुसार सरपंच द्वारा 01 मार्च 2026 को रेत खदान क्षेत्र में 18 हाईवा वाहनों और एक पोकलेन मशीन पर जुर्माना लगाए जाने की बात कही गई है। इस संबंध में खनिज विभाग द्वारा सरपंच विजय सिंह को पत्र जारी कर कार्रवाई से जुड़े दस्तावेज उपलब्ध कराने के लिए कहा गया है। विभाग का कहना है कि आवश्यक दस्तावेज प्राप्त होने के बाद नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
- कोयला तस्करी मामले में दो आरोपियों को पुलिस ने किया गिरफ्तार1
- इस दौरान पुलिस अधीक्षक रत्ना सिंह अपने दल-बल के साथ शहर के मुख्य मार्गों पर निकलीं और बिना नंबर प्लेट वाले वाहनों के खिलाफ चालानी कार्रवाई की। अभियान के दौरान पुलिस ने कई दोपहिया और चारपहिया वाहनों की जांच की। जिन वाहनों पर नंबर प्लेट नहीं लगी थी या नियमों का उल्लंघन पाया गया, उन पर मोटर व्हीकल एक्ट के तहत चालान किया गया। साथ ही दुकानदारों और वाहन चालकों को ट्रैफिक नियमों का पालन करने के लिए समझाइश भी दी गई। इस कार्रवाई में पुलिस अधीक्षक रत्ना सिंह के साथ अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक पुष्पेंद्र नायक, कोतवाली प्रभारी दीपेश सैनी तथा झगराखांड थाना प्रभारी रामनयन गुप्ता सहित बड़ी संख्या में पुलिस बल मौजूद रहा। पुलिस अधीक्षक रत्ना सिंह ने बताया कि शहर में ट्रैफिक समस्या काफी पुरानी है और कई लोग बिना नंबर प्लेट के वाहन चलाते हैं। इसी को देखते हुए पुलिस टीम शहर के मुख्य मार्गों पर चेकिंग अभियान चला रही है। उन्होंने कहा कि वाहन चालक अपने वाहनों पर अनिवार्य रूप से नंबर प्लेट लगवाएं और सभी ट्रैफिक नियमों का पालन करें। उन्होंने यह भी बताया कि इस तरह की कार्रवाई समय-समय पर जारी रहेगी। जहां-जहां से सूचना मिल रही है, वहां पुलिस द्वारा चेकिंग की जा रही है और मोटर व्हीकल एक्ट के प्रावधानों के अनुसार कार्रवाई की जा रही है। साथ ही सभी थाना प्रभारियों को भी आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। पुलिस द्वारा लोगों को ट्रैफिक नियमों के प्रति जागरूक करने के लिए अभियान भी चलाया जा रहा है, ताकि शहर में ट्रैफिक व्यवस्था बेहतर हो सके और दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाया जा सके।4
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- मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना फरसाबहार विकासखंड टिकली पारा से फोकटपारा तक लगभग 1 किमी लगभग 52 लाख रूपये लागत से बनी सड़क....... फरसाबहार विकासखंड के टिकलीपरा से फोकटपारा तक लगभग 1 किमी लंबी पक्की सड़क का निर्माण पूर्ण होने से ग्रामीणों को कीचड़ और जलभराव की समस्या से राहत मिली है। मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना अंतर्गत लगभग 52 लाख रुपये की लागत से बनी इस सड़क से अब आवागमन सुगम हुआ है। ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त किया।1
- Post by Ashok Sondhiya1
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