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मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना फरसाबहार विकासखंड टिकली पारा से फोकटपारा तक लगभग 1 किमी लगभग 52 लाख रूपये लागत से बनी सड़क....... फरसाबहार विकासखंड के टिकलीपरा से फोकटपारा तक लगभग 1 किमी लंबी पक्की सड़क का निर्माण पूर्ण होने से ग्रामीणों को कीचड़ और जलभराव की समस्या से राहत मिली है। मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना अंतर्गत लगभग 52 लाख रुपये की लागत से बनी इस सड़क से अब आवागमन सुगम हुआ है। ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त किया।
Jarif Khan
मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना फरसाबहार विकासखंड टिकली पारा से फोकटपारा तक लगभग 1 किमी लगभग 52 लाख रूपये लागत से बनी सड़क....... फरसाबहार विकासखंड के टिकलीपरा से फोकटपारा तक लगभग 1 किमी लंबी पक्की सड़क का निर्माण पूर्ण होने से ग्रामीणों को कीचड़ और जलभराव की समस्या से राहत मिली है। मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना अंतर्गत लगभग 52 लाख रुपये की लागत से बनी इस सड़क से अब आवागमन सुगम हुआ है। ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त किया।
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- Gram panchayat kantiprkaspur janpad .ambikapur ki mahila mahtari vandan yojna k vibhay mai md news patrkar s charcha karte.himanshu raj md news vice buero surguja cg.7805838076.2
- मवेशी तस्करी के फरार आरोपी को पुलिस ने किया गिरफ्तार बलरामपुर। चौकी बारिया पुलिस ने मवेशियों की अवैध खरीद-बिक्री और तस्करी के मामले में फरार चल रहे एक आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, मामला अपराध क्रमांक 111/2026 से संबंधित है, जिसमें छत्तीसगढ़ कृषक पशु परिरक्षण अधिनियम 2004 की धारा 4, 6, 10 तथा पशु क्रूरता निवारण अधिनियम 1960 की धारा 11(1)(घ) के तहत अपराध दर्ज किया गया था। घटना के दिन चौकी बारिया क्षेत्र के ग्राम आरा सरना पारा के पास पिकअप वाहन से मवेशियों की तस्करी की सूचना पुलिस को मिली थी। मौके पर पहुंची पुलिस को देखकर तस्कर भागने लगे, लेकिन वाहन खेत में फंस गया। इस दौरान चालक मवेशियों से भरे वाहन को छोड़कर फरार हो गया था। पुलिस ने वाहन जब्त कर पहले ही वाहन मालिक और चालक को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। मामले की आगे की जांच में पुलिस को मवेशियों की खरीद-बिक्री में शामिल फरार आरोपी आबिद अंसारी (32 वर्ष), निवासी सोनपूर्वा, थाना रंका, जिला गढ़वा (झारखंड) के बारे में जानकारी मिली। पुलिस टीम ने घेराबंदी कर उसे सीतापुर रोड, अंबिकापुर से गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में आरोपी ने अपना जुर्म स्वीकार कर लिया, जिसके बाद उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है। पुलिस द्वारा मामले में आगे की कार्रवाई जारी है।1
- ..बलरामपुर जिले में आज 'नारी शक्ति वंदन अधिनियम' के समर्थन में एक विशाल पदयात्रा का आयोजन किया गया। प्रतापपुर से भाजपा विधायक शकुंतला सिंह पोर्ते के नेतृत्व में निकली इस रैली में बड़ी संख्या में स्थानीय महिलाओं ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम के दौरान महिलाओं ने इस विधेयक को ऐतिहासिक बताते हुए केंद्र सरकार का आभार जताया। बीओ01...हाथों में बैनर और उत्साह से भरी ये महिलाएं नारी शक्ति की नई तस्वीर पेश कर रही हैं। दरअसल, 'नारी शक्ति वंदन अधिनियम' के लागू होने से अब राजनीति में महिलाओं की भागीदारी का नया अध्याय शुरू होगा। इस अधिनियम के तहत लोकसभा और विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33% आरक्षण सुनिश्चित किया गया है। पदयात्रा के दौरान विधायक शकुंतला सिंह पोर्ते ने अन्य महिलाओं के साथ मिलकर समर्थन पत्र पर हस्ताक्षर भी किए। महिलाओं का मानना है कि इस कदम से उन्हें नीति निर्धारण और देश के विकास में अपनी उचित भूमिका निभाने का बेहतर अवसर मिलेगा। बाइट 1 शकुंतला सिंह पोर्ते प्रतापपुर विधायक 2 अर्पणा दीक्षित बीडीसी1
- एंकर -बलरामपुर जिले में आज नारी शक्ति वंदन महिला आरक्षण विधेयक2026 के समर्थन में पदयात्रा कार्यक्रम आयोजित की गई थी इस कार्यक्रम में मुख्य रूप से बड़ी संख्या में महिलाएं शामिल हुई यह पदयात्रा प्रतापपुर बीजेपी विधायक शकुंतला सिंह पोर्ते के नेतृत्व में निकल गई, मुख्य रूप से कार्यक्रम में शामिल भाजपा विधायक सहित स्थानीय महिलाओं महिला आरक्षण विधेयक को ऐतिहासिक विधेयक बताया है। विओ01,, दरअसल नारी शक्ति वंदन अधिनियम के लागू होने के बाद महिलाएं और अधिक सशक्त होंगी महिलाओं को राजनीति में अधिक अवसर मिलेंगे साथ ही राजनीति के क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी बढ़ेगी इसी उद्देश्य के साथ यह अधिनियम लाया गया है जिससे महिलाओं को लोकसभा राज्य सभा और विधानसभा में अपनी उचित भागीदारी का बेहतर अवसर मिलेगा इस विधेयक के लागू होने से महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण होगी, जिससे महिलाएं काफी खुश और उत्साहित है। वाइट01- शकुंतला सिंह पोर्ते विधायक प्रतापपुर,( क्रीम कलर की साड़ी पहने) (विधायक शकुंतला सिंह पोर्ते ने कहा नारी शक्ति वंदन अधिनियम के समर्थन में यह रैली निकल गई है, उन्होंने कहा देश के विकास में नारी शक्ति वंदन अधिनियम ऐतिहासिक कदम है, इससे महिलाओं की राजनीतिक पृष्ठभूमि मजबूत होगी, लोकसभा विधानसभा में महिलाएं ३३ प्रतिशत आरक्षण के साथ सहभागिता निभाते दिखेंगे निश्चित तौर पर यह महत्वपूर्ण कदम है, इस अधिनियम से महिलाएं खुश और उत्साहित हैं)। वाइट02- अर्पणा दीक्षित जनपद सदस्य (साड़ी से सर ढके हुए)। (जनपद सदस्य दीक्षित ने भारत की लोकतंत्र में एक नए युग का आगाज बताया है उन्होंने यह भी कहा है कि, यह अधिनियम भारत के नारियों के लिए एक सम्मान है, महिलाएं अब देश की भूमिका पर अपनी सहभागिता निभाएंगे)। वाओ... नारी शक्ति वंदन बैनर पदयात्रा वहां पर लगे, मंच पर बैठे हुए, विधायक के द्वारा कार्यक्रम को मंच से संबोधन करते हुए, नारी शक्ति वंदन अधिनियम के समर्थन पर हस्ताक्षर करते हुए।1
- बलरामपुर/ नारी शक्ति वंदन अधिनियम मोदी सरकार द्वारा संकल्प से सिद्धि तक की एक ऐतिहासिक यात्रा है, जो महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। 2026 की परिसीमन प्रक्रिया के तहत महिलाओं को नया और सशक्त अधिकार मिलेगा, जिससे उनका राजनीतिक प्रतिनिधित्व और भी मजबूत होगा। इस अधिनियम के जरिए भारत एक सशक्त लोकतंत्र के नए अध्याय में प्रवेश करेगा, जहाँ महिलाएं राजनीति में और समाज में अपनी भूमिका को और प्रभावशाली तरीके से निभा सकेंगी। उक्त बातें नारी शक्ति वंदन पद यात्रा में प्रतापपुर विधायक श्रीमती शकुंतला सिंह पोर्ते ने संबोधित करते हुए कही। नारी शक्ति वंदन पद यात्रा पुराना बस स्टैंड से शहर के मुख्य मार्ग होते हुए, हाई स्कूल ग्राउंड में पहुंची। जहां कार्यक्रम की समापन की गई। उक्त कार्यक्रम में मुख्य अतिथि विधानसभा प्रतापपुर विधायक श्रीमती शकुंतला सिंह पोर्ते, महिला मोर्चा जिलाध्यक्ष सुषमा मिंज के अध्यक्षता में कार्यक्रम की गई । इस कार्यक्रम में ,प्रदेश कार्यसमिति सदस्य गोपाल कृष्ण मिश्रा, जिला महामंत्री भानुप्रकाश दीक्षित,सुमित्रा चेरवा, नगर पालिका उपाध्यक्ष दिलीप सोनी, वरिष्ठ भाजपा नेता जितेंद्र श्रीवास्तव, पार्षद गौतम सिंह जिला मीडिया सह प्रभारी अजय यादव, भाजयुमो जिलाध्यक्ष मंगलम पांडे,राजू गुप्ता,श्रीमती लक्ष्मी गुप्ता सुविदा आयाम, गायत्री प्रजापति , अर्पण दीक्षित, अनीता मरकाम ,सुनैना गुप्ता,अंजू लकड़ा, किरण पासवान, अंजू कुशवाहा, सहित सभी महिलाएं उपस्थित थे।4
- छत्तीसगढ़ के शक्ति जिले में वेदांता पावर प्लांट में हुए भीषण बॉयलर ब्लास्ट ने पूरे देश को झकझोर दिया है। इस दर्दनाक हादसे में अब तक 20 मजदूरों की मौत हो चुकी है, जबकि 36 से ज्यादा लोग गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं।1
- वाह रे सिस्टम! अन्नदाता बना 'फुटबॉल', अपनी ही फसल का पैसा पाने के लिए कलेक्ट्रेट में घिस रही चप्पलें छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिला में सत्ता की कुर्सी तक पहुँचने का रास्ता किसानों के खेतों से होकर गुजरता है। सरकारें मंचों से चीख-चीख कर कहती हैं कि हम 'दाने-दाने का मोल' देंगे, लेकिन बलरामपुर की जमीनी हकीकत इन दावों के मुंह पर तमाचा मार रही है। यहां के विजयनगर का एक किसान अपनी ही मेहनत की गाढ़ी कमाई पाने के लिए पिछले कई महीनों से 'सरकारी फुटबॉल' बना हुआ है। विभागों का 'पासिंग द पार्सल' खेल विजयनगर निवासी इस पीड़ित किसान का गुनाह बस इतना है कि उसने शासन के भरोसे अपनी जमीन का धान बेचा था। खाद्य विभाग के पास जाओ तो वो बैंक का रास्ता दिखाते हैं। बैंक जाओ तो वो हाथ खड़े कर देते हैं। और जब कलेक्टर की चौखट पर गुहार लगाओ, तो साहेब कहते है कृषि विभाग जाओ और आवेदन दो हैरानी की बात है कि डिजिटल इंडिया और पारदर्शी व्यवस्था के दौर में एक किसान को अपनी ही फसल के पैसे के लिए अपराधी की तरह एक दफ्तर से दूसरे दफ्तर क्यों धकेला जा रहा है? किसका कलेजा फटेगा किसान की व्यथा केवल पैसों तक सीमित नहीं है। घर में लोग बीमार पड़े हैं, इलाज के लिए पैसे नहीं हैं, और घर की आर्थिक कमर टूट चुकी है। पीड़ित किसान की आंखों की नमी बता रही है कि सिस्टम की संवेदनहीनता ने उसे कितना लाचार कर दिया है। सवाल यह है कि क्या फाइलों में डूबे अधिकारियों को किसान की बेबसी दिखाई नहीं देती या फिर उन्हें सिर्फ आंकड़ों की बाजीगरी से मतलब है सत्ता के वादे बनाम जमीनी हकीकत सरकार चाहे कितने भी विज्ञापनों में अपनी पीठ थपथपा ले, लेकिन जब तक बलरामपुर जैसे जिलों में किसान अपनी हक की राशि के लिए कलेक्ट्रेट के चक्कर काट रहा है, तब तक ये सारे दावे खोखले हैं। अधिकारियों का यह अड़ियल रवैया सरकार की छवि पर कालिख पोतने का काम कर रहा है। आखिर कब तक किसान अपने हक की भीख मांगता रहेगा? क्या प्रशासन को किसी अनहोनी का इंतजार है, या फिर इस बार भी फाइलों के नीचे किसान की उम्मीदों को दबा दिया जाएगा1
- *अपराध क्रमांक 111/2026 धारा छ.ग.कृषक पशु परिरक्षण अधिनियम 2004 की धारा 4,6,10 एव पशु क्रूरता निवारण अधिनियम 1960 की धारा 11(1)घ* *आरोपी आबिद अंसारी पिता सहमीर अंसारी उम्र 32 वर्ष पता सोनपूर्वा थाना रंका जिला गढ़वा झारखंड* *चौकी बारिया पुलिस की कार्यवाही मवेशियों की खरीद बिक्री एवं तस्करी करने वाले फरार आरोपी को गिरफ्तार कर भेजा गया सलाखों के पीछे* *मामले का संक्षिप्त विवरण इस प्रकार है कि पूर्व में घटना दिनांक को चौकी बारियों के ग्राम आरा सरना पारा के पास से पिकप वाहन से मवेशी तस्करी होने की सूचना प्राप्त होने पर चौकी बारियों पुलिस के मौके पर पहुँचने पर पुलिस को देखकर तस्कर पिकअप वाहन को लेकर भागने के दौरान खेत में पिकअप के फंस जाने से ड्राइवर मवेशी से भरा पिकअप को छोड़ कर फरार हो गया था। मामले में अपराध क्रमांक 111/2026 धारा छ.ग.कृषक पशु परिरक्षण अधिनियम 2004 की धारा 4,6,10 एव पशु क्रूरता निवारण अधिनियम 1960 की धारा 11(1)घ का अपराध पंजीबद्ध कर विधिवत कार्यवाही करते हुए पूर्व में वाहन स्वामी एवं ड्राइवर को जेल भेजा जा चुका है।* *मामले में एंड टू एंड कार्यवाही करते हुए मवेशियो की खरीद बिक्री करने वाले फरार आरोपी आबिद खान को घेराबंदी कर सीतापुर रोड अंबिकापुर से विधिवत हिरासत में लेकर पूछताछ करने पर आरोपी द्वारा अपराध करना स्वीकार करने पर आरोपी आबिद खान को न्यायिक रिमांड पर भेजा गया है।*1
- धरमजयगढ़ वनमंडल क्षेत्र इन दिनों हाथियों की लगातार बढ़ती सक्रियता से जूझ रहा है। जंगल से निकलकर गांवों और सड़कों तक पहुंच रहे हाथी जहां किसानों की मेहनत पर पानी फेर रहे हैं, वहीं आम लोगों के बीच भय और असुरक्षा का माहौल गहरा रहा है। बीते दिनों क्रौंधा मार्ग पर हाथियों का एक झुंड सड़क पार करते देखा गया था, जिससे कुछ देर के लिए यातायात पूरी तरह प्रभावित हुआ। वहीं आज सुबह करीब 10 बजे रायगढ़ रोड पर एक अकेला हाथी कंपार्टमेंट 67 से 68 के जंगल की ओर सड़क पार करता नजर आया। हाथी के अचानक सड़क पर आने से दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई और लोग सहम गए। हालांकि मौके पर तैनात फॉरेस्ट अमला सतर्क रहा और स्थिति को संभाला। जानकारी के अनुसार, धरमजयगढ़ रेंज में वर्तमान में लगभग 48 हाथी (नर, मादा व शावक सहित) विचरण कर रहे हैं, जबकि पूरे वनमंडल में इनकी संख्या करीब 120 बताई जा रही है। हाथियों की यह बढ़ती मौजूदगी अब केवल वन क्षेत्र तक सीमित नहीं रह गई है, बल्कि यह सीधे जनजीवन को प्रभावित कर रही है। ग्रामीणों का कहना है कि लगातार फसलों को हो रहे नुकसान और सड़कों पर हाथियों की मौजूदगी से वे दहशत में हैं। ऐसे में लोगों ने वन विभाग से ठोस और स्थायी समाधान की मांग की है, ताकि जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।2