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हाल ही में एक अत्यंत दुखद मामला सामने आया है, जिसमें दो बच्चों की एक मां अपने प्रेमी के साथ घर छोड़कर चली गई। इस घटना के बाद पति गहरे सदमे में डूब गया और उसने अपनी जान दे दी।
Sunderam Keshri
हाल ही में एक अत्यंत दुखद मामला सामने आया है, जिसमें दो बच्चों की एक मां अपने प्रेमी के साथ घर छोड़कर चली गई। इस घटना के बाद पति गहरे सदमे में डूब गया और उसने अपनी जान दे दी।
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- हाल ही में एक अत्यंत दुखद मामला सामने आया है, जिसमें दो बच्चों की एक मां अपने प्रेमी के साथ घर छोड़कर चली गई। इस घटना के बाद पति गहरे सदमे में डूब गया और उसने अपनी जान दे दी।1
- झारखंड के गुमला जिला मुख्यालय से लगभग 80 किलोमीटर दूर बिशुनपुर प्रखंड के बनारी स्थित प्राचीन बरमहादेव मंदिर इन दिनों 1009 घंटे के ऐतिहासिक महायज्ञ के कारण भक्ति, आस्था और सनातन संस्कृति का प्रमुख केंद्र बन गया है। इस महायज्ञ में प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं, जिससे मंदिर परिसर रामनाम की गूंज, वैदिक मंत्रोच्चार और धार्मिक अनुष्ठानों से पूरी तरह भक्तिमय बना हुआ है। मंदिर के पुजारी कल्याण बाबा के अनुसार, यह बरमहादेव मंदिर केवल एक धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि श्रद्धा और आस्था का संगम है। उन्होंने बताया कि 13 जून से शुरू हुए इस महायज्ञ के दौरान प्रतिदिन तीन पहर सुंदरकांड पाठ और चार पहर रुद्राभिषेक सहित अन्य धार्मिक अनुष्ठान संपन्न कराए जा रहे हैं। पुजारी कल्याण बाबा पिछले 10 वर्षों से नियमित रूप से भगवान भोलेनाथ का रुद्राभिषेक करते आ रहे हैं, जिससे मंदिर की धार्मिक परंपरा और सुदृढ़ हुई है। महायज्ञ में दूर-दूर से आने वाले सभी श्रद्धालुओं के लिए प्रतिदिन भंडारे की व्यवस्था की गई है, सुनिश्चित करते हुए कि कोई भी भक्त प्रसाद ग्रहण किए बिना वापस न लौटे। इस भव्य आयोजन में हनुमत कीर्तन मंडल द्वारा लगातार अखंड रामनाम संकीर्तन किया जा रहा है, जिसके मुख्य आचार्य ने इसे गुमला जिले के इतिहास का पहला इतना विशाल और भव्य महायज्ञ बताया है। हालांकि, इस भव्य धार्मिक आयोजन के बीच स्थानीय लोगों और मंदिर प्रबंधन ने मूलभूत सुविधाओं की कमी पर गहरी नाराजगी जताई है। पुजारी कल्याण बाबा और ग्रामीणों का कहना है कि मंदिर तक पहुंचने वाली सड़क जर्जर है और पेयजल तथा बिजली की उचित व्यवस्था का अभाव है। श्रद्धालुओं की लगातार बढ़ती संख्या को देखते हुए, उन्होंने जिला प्रशासन से मंदिर क्षेत्र में सड़क, पेयजल और बिजली जैसी आवश्यक सुविधाएं जल्द उपलब्ध कराने की मांग की है। बरमहादेव मंदिर में चल रहा यह ऐतिहासिक महायज्ञ न केवल धार्मिक आस्था का केंद्र बना हुआ है, बल्कि पूरे क्षेत्र में आध्यात्मिक चेतना और सामाजिक समरसता का भी संदेश दे रहा है। श्रद्धालुओं को उम्मीद है कि प्रशासन भी इस ऐतिहासिक धार्मिक स्थल के विकास और मूलभूत सुविधाओं के विस्तार की दिशा में शीघ्र ही ठोस कदम उठाएगा।3
- एक बड़े हादसे को टाल दिया गया है, क्योंकि आखिरकार एक कुएँ पर जाली लगा दी गई है, जिससे लोगों ने राहत की सांस ली है। इस घटना से जुड़ी विस्तृत जानकारी और दृश्य यू-ट्यूब चैनल 'Aevlogs' पर देखे जा सकते हैं।1
- कुरुक्षेत्र (हरियाणा) के पेहोवा से एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने सोशल मीडिया पर काफी ध्यान खींचा है। दावों के अनुसार, एक व्यक्ति ने अपनी शादी के सिर्फ एक महीने बाद अपनी पत्नी को ऑस्ट्रेलिया भेज दिया। ऑनलाइन प्रसारित हो रही रिपोर्ट्स में आरोप लगाया गया है कि यह एक अंतरजातीय प्रेम विवाह था। रिपोर्ट्स में पति की पहचान संजीव कुमार के रूप में की गई है, जिन्होंने अपनी पत्नी के विदेश जाने में सहायता के लिए कथित तौर पर लगभग ₹34 लाख का कर्ज लिया था। दावा है कि ऑस्ट्रेलिया में बसने के बाद, पत्नी ने कथित तौर पर रिश्ता खत्म कर दिया, जिसके परिणामस्वरूप पति को भावनात्मक और वित्तीय संकट का सामना करना पड़ा।1
- झारखंड के लोहरदगा जिले के पहाड़ी क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। यहां के निवासी नदी पार करने के लिए मजबूरन सीधे नदी में ही उतरते हैं, जो इन इलाकों में जीवन की कठिन परिस्थितियों को दर्शाता है।1
- गुमला जिले के सिसई प्रखंड अंतर्गत बसिया रोड पर विगत कई वर्षों से अवैध रूप से संचालित एक चमड़ा गोदाम को हिन्दू समाज के लोगों के एकजुट विरोध के बाद तत्काल बंद कर दिया गया। इस गोदाम से लगातार आ रही दुर्गंध के कारण स्थानीय लोगों और राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था, खासकर लगातार हो रही बारिश से यह समस्या और बढ़ गई थी। लंबे समय से इस गोदाम में भारी मात्रा में चमड़े की खरीद-बिक्री की जाती थी। दुर्गंध की समस्या बढ़ने पर हिन्दू संगठनों द्वारा एक बैठक का आयोजन किया गया। समाजसेवी संजय वर्मा के नेतृत्व में हिन्दू समाज के लोगों ने इस मामले पर कड़ा विरोध जताते हुए गोदाम संचालक के विरुद्ध प्रदर्शन किया और अविलंब गोदाम बंद करने की मांग की। प्रदर्शन के दौरान गोदाम संचालक को भविष्य में दोबारा गोदाम संचालित न करने की कड़ी चेतावनी भी दी गई। संचालक द्वारा दोबारा गोदाम संचालित न करने का आश्वासन दिए जाने के बाद ही यह विरोध प्रदर्शन समाप्त किया गया। इस मौके पर समाजसेवी संजय वर्मा के साथ पंकज साहु, रोहित शर्मा, मुकेश श्रीवास्तव डेविड, जलेश्वर उरांव, राजा वर्मा, रोहित घंटी, राजकुमार, मनोज कुमार, गजराज महतो, बाली महतो, अल्बर्ट, नंदु सिंह, मनीष महतो, नवीन कुमार, राजू साहु, कुंवर गोप सहित सरना सनातनी समाज के भारी संख्या में लोग मौजूद थे।2
- गुमला के सिसई प्रखंड क्षेत्र के बसिया रोड पर पिछले कई वर्षों से संचालित एक चमड़ा गोदाम से आ रही अति तीव्र दुर्गंध से स्थानीय निवासियों और राहगीरों का जीना मुहाल हो गया है। इस गोदाम में मृत गायों के चमड़े की खरीद-बिक्री की जाती थी। यह स्थान पहले खुले मैदान में था, लेकिन आबादी बढ़ने के बाद अब यह घरों से घिर गया है, जिससे गोदाम से निकलने वाली दुर्गंध के कारण लोगों को गंभीर बीमारियों का खतरा सता रहा है और भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। यह मामला हिन्दू समाज के संज्ञान में आने के बाद लोग खासे आक्रोशित हो उठे। समाजसेवी संजय वर्मा के नेतृत्व में हिन्दू समाज के लोगों ने तत्काल एक बैठक कर गोदाम संचालक के विरुद्ध कड़ा विरोध प्रदर्शन किया। उन्होंने अविलंब गोदाम को बंद करने की मांग की, जिस पर समाजसेवी रोहित शर्मा और मुकेश श्रीवास्तव डेविड ने गोदाम संचालक को भविष्य में दोबारा इसे संचालित न करने की कड़ी चेतावनी भी दी। विरोध प्रदर्शन के बाद गोदाम संचालक ने माफी मांगते हुए यह आश्वासन दिया कि वह रात्रि में गड्ढा खोदकर जानवरों के सभी अवशेषों को दफ़न कर देगा और दोबारा गोदाम संचालित नहीं करेगा। इस आश्वासन के बाद ही विरोध प्रदर्शन समाप्त किया गया। मौके पर समाजसेवी संजय वर्मा, पंकज साहु, रोहित शर्मा, मुकेश श्रीवास्तव डेविड, जलेश्वर उरांव, राजा वर्मा, रोहित घंटी, राजकुमार, मनोज कुमार, गजराज महतो, बाली महतो, अल्बर्ट, नंदु सिंह, मनीष महतो, नवीन कुमार, राजू साहु, कुंवर गोप सहित भारी संख्या में सरना सनातन समाज के लोग मौजूद थे।4
- भारत सरकार के युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय के अंतर्गत माई भारत के तत्वावधान में, आज गुमला के कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय (KGBV) में डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी जयंती अत्यंत हर्षोल्लास और गरिमामय वातावरण में मनाई गई। कार्यक्रम का शुभारंभ डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के चित्र पर माल्यार्पण और दीप प्रज्वलित कर किया गया, जिसके उपरांत उपस्थित अतिथियों का पारंपरिक रूप से स्वागत किया गया। इस अवसर पर छात्राओं के लिए एक ज्ञानवर्धक क्विज प्रतियोगिता का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। प्रतियोगिता में प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान प्राप्त करने वाली छात्राओं को पुरस्कार एवं प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया, साथ ही उन्हें उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएँ भी दी गईं। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के तौर पर जिला समन्वयक आरती कुमारी, विद्यालय वार्डन उषा रजनी लकड़ा तथा जिला युवा अधिकारी प्रत्युष उपस्थित रहे। इस आयोजन में विद्यालय के लगभग 15 शिक्षक-शिक्षिकाएँ और करीब 200 से अधिक छात्राएँ शामिल हुईं। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिला युवा अधिकारी प्रत्युष जी ने डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के जीवन, राष्ट्र निर्माण में उनके योगदान और उनके विचारों पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने माई भारत के अंतर्गत संचालित विभिन्न युवा कार्यक्रमों और गतिविधियों की जानकारी देते हुए छात्राओं को इनसे जुड़ने के लिए प्रेरित किया। वहीं, जिला समन्वयक आरती कुमारी ने छात्राओं को शिक्षा के महत्व, अनुशासन, आत्मविश्वास और निरंतर परिश्रम के साथ जीवन में आगे बढ़ने का संदेश दिया। उन्होंने जोर देकर कहा कि शिक्षा ही उज्ज्वल भविष्य की सबसे मजबूत नींव है, और प्रत्येक छात्रा को अपने लक्ष्य के प्रति समर्पित रहना चाहिए। कार्यक्रम का समापन सभी उपस्थितजनों द्वारा डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के आदर्शों का अनुसरण करने तथा राष्ट्र निर्माण में सक्रिय योगदान देने के संकल्प के साथ किया गया।3