राजस्थान के कोटा में कांग्रेस संगठन के भीतर गुटबाजी एक बार फिर खुलकर सामने आ गई है। यह स्थिति प्रदेश नेतृत्व की मौजूदगी में आयोजित ओबीसी प्रकोष्ठ के एक कार्यक्रम के दौरान स्पष्ट रूप से देखने को मिली, जहां संगठन में आपसी समन्वय की कमी और अलग-अलग गुटों की सक्रियता साफ नजर आई। गौरतलब है कि प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने हाल ही में राजस्थान कांग्रेस को एकजुट बताते हुए भाजपा के खिलाफ मजबूती से लड़ने की बात कही थी, हालांकि उन्होंने यह भी स्वीकार किया था कि कोटा में 'थोड़ी बहुत गुटबाजी' है, जिसे जल्द समाप्त किया जाएगा। बुधवार को कोटा में जिला कांग्रेस कमेटी के ओबीसी विभाग का जिला स्तरीय अधिवेशन और पदभार ग्रहण समारोह आयोजित हुआ। इस कार्यक्रम की तैयारी कई दिनों से चल रही थी, लेकिन आयोजन के दौरान ही अंदरूनी मतभेद खुलकर सामने आ गए। सूत्रों के अनुसार, कार्यक्रम में जिला कांग्रेस कमेटी की अध्यक्ष को लेकर समन्वय की कमी दिखाई दी। उन्हें अंतिम समय में सूचना देकर आमंत्रित किया गया, जिससे असंतोष की स्थिति बनी। जिलाध्यक्ष ने नयापुरा चौराहे पर कार्यकर्ताओं के साथ डोटासरा और नेता प्रतिपक्ष का स्वागत तो किया, लेकिन इसके बाद वे कार्यक्रम स्थल पर मंच पर नहीं गईं और कुछ देर बाद ही वहां से लौट गईं। कार्यक्रम में ओबीसी प्रकोष्ठ के शहर अध्यक्ष दीपक नामदेव और देहात अध्यक्ष डॉ. टीकमचंद सुमन ने पदभार ग्रहण किया। इस आयोजन की कमान पूर्व विधायक और नेता प्रहलाद गुंजल के प्रभाव वाले गुट के नेताओं के हाथ में थी। इस कार्यक्रम में टीकाराम जूली, गोविंद सिंह डोटासरा और ओबीसी विभाग के राष्ट्रीय व प्रदेश स्तर के नेताओं को आमंत्रित किया गया था, लेकिन देहात कांग्रेस और संगठन से जुड़े कई वरिष्ठ नेता अनुपस्थित रहे, जिससे संगठनात्मक असंतुलन की स्थिति और भी स्पष्ट हो गई। कोटा कांग्रेस में लंबे समय से गुटबाजी की चर्चाएं होती रही हैं, लेकिन इस बार प्रदेश नेतृत्व के सामने ही यह स्थिति खुलकर सामने आने से पार्टी की एकजुटता पर सवाल खड़े हो गए हैं। अब देखना होगा कि प्रदेश नेतृत्व इस अंदरूनी खींचतान को कैसे संभालता है और संगठन को एकजुट करने के लिए क्या कदम उठाता है।
राजस्थान के कोटा में कांग्रेस संगठन के भीतर गुटबाजी एक बार फिर खुलकर सामने आ गई है। यह स्थिति प्रदेश नेतृत्व की मौजूदगी में आयोजित ओबीसी प्रकोष्ठ के एक कार्यक्रम के दौरान स्पष्ट रूप से देखने को मिली, जहां संगठन में आपसी समन्वय की कमी और अलग-अलग गुटों की सक्रियता साफ नजर आई। गौरतलब है कि प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने हाल ही में राजस्थान कांग्रेस को एकजुट बताते हुए भाजपा के खिलाफ मजबूती से लड़ने की बात कही थी, हालांकि उन्होंने यह भी स्वीकार किया
था कि कोटा में 'थोड़ी बहुत गुटबाजी' है, जिसे जल्द समाप्त किया जाएगा। बुधवार को कोटा में जिला कांग्रेस कमेटी के ओबीसी विभाग का जिला स्तरीय अधिवेशन और पदभार ग्रहण समारोह आयोजित हुआ। इस कार्यक्रम की तैयारी कई दिनों से चल रही थी, लेकिन आयोजन के दौरान ही अंदरूनी मतभेद खुलकर सामने आ गए। सूत्रों के अनुसार, कार्यक्रम में जिला कांग्रेस कमेटी की अध्यक्ष को लेकर समन्वय की कमी दिखाई दी। उन्हें अंतिम समय में सूचना देकर आमंत्रित किया गया, जिससे असंतोष की स्थिति बनी। जिलाध्यक्ष ने नयापुरा
चौराहे पर कार्यकर्ताओं के साथ डोटासरा और नेता प्रतिपक्ष का स्वागत तो किया, लेकिन इसके बाद वे कार्यक्रम स्थल पर मंच पर नहीं गईं और कुछ देर बाद ही वहां से लौट गईं। कार्यक्रम में ओबीसी प्रकोष्ठ के शहर अध्यक्ष दीपक नामदेव और देहात अध्यक्ष डॉ. टीकमचंद सुमन ने पदभार ग्रहण किया। इस आयोजन की कमान पूर्व विधायक और नेता प्रहलाद गुंजल के प्रभाव वाले गुट के नेताओं के हाथ में थी। इस कार्यक्रम में टीकाराम जूली, गोविंद सिंह डोटासरा और ओबीसी विभाग के राष्ट्रीय व प्रदेश स्तर
के नेताओं को आमंत्रित किया गया था, लेकिन देहात कांग्रेस और संगठन से जुड़े कई वरिष्ठ नेता अनुपस्थित रहे, जिससे संगठनात्मक असंतुलन की स्थिति और भी स्पष्ट हो गई। कोटा कांग्रेस में लंबे समय से गुटबाजी की चर्चाएं होती रही हैं, लेकिन इस बार प्रदेश नेतृत्व के सामने ही यह स्थिति खुलकर सामने आने से पार्टी की एकजुटता पर सवाल खड़े हो गए हैं। अब देखना होगा कि प्रदेश नेतृत्व इस अंदरूनी खींचतान को कैसे संभालता है और संगठन को एकजुट करने के लिए क्या कदम उठाता है।
- आज कोटा के काला तलाव में कांग्रेस के ओबीसी प्रकोष्ठ का शहर और देहात जिला अधिवेशन आयोजित किया गया। इस महत्वपूर्ण अधिवेशन में जिले सहित प्रदेश भर के सभी बड़े नेताओं ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। जानकारी के अनुसार, ओबीसी प्रकोष्ठ के राष्ट्रीय अध्यक्ष अनिल जयहिंद ने भी इस कार्यक्रम में शिरकत की।1
- लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला बुधवार को कोटा के न्यू मेडिकल कॉलेज अस्पताल पहुंचे और अस्पताल की व्यवस्थाओं का निरीक्षण कर मरीजों व उनके परिजनों को हो रही परेशानियों का जायजा लिया। इस दौरान केडीए आयुक्त, नगर निगम आयुक्त सहित विभिन्न विभागों के प्रशासनिक अधिकारी भी उनके साथ मौजूद रहे। निरीक्षण के दौरान, ओम बिरला ने अस्पताल के मुख्य प्रवेश द्वार पर लगने वाले जाम को लेकर नाराजगी व्यक्त की और अधिकारियों को तत्काल समाधान के निर्देश दिए। उन्होंने एंट्रेंस गेट को चौड़ा करने, सड़क के बीच डिवाइडर बनाने तथा डबल स्टोरी पार्किंग की व्यवस्था विकसित करने के निर्देश दिए, जिससे अस्पताल आने वाले मरीजों और परिजनों को यातायात संबंधी परेशानियों से राहत मिल सके। उन्होंने अस्पताल की इमरजेंसी सेवाओं का भी निरीक्षण किया और व्यवस्थाओं को और बेहतर बनाने पर जोर दिया। लोकसभा अध्यक्ष ने अस्पताल के विभिन्न वार्डों में जाकर भर्ती मरीजों से मुलाकात की तथा उपलब्ध सुविधाओं और उपचार व्यवस्था को लेकर फीडबैक लिया। मरीजों द्वारा बताई गई कमियों को गंभीरता से लेते हुए उन्होंने अस्पताल प्रशासन को आवश्यक सुधार जल्द करने के निर्देश दिए। ओम बिरला ने स्पष्ट किया कि हाड़ौती के सबसे बड़े अस्पताल न्यू मेडिकल कॉलेज अस्पताल में मरीजों को बेहतर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराना उनकी प्राथमिकता है। उन्होंने अस्पताल परिसर के सौंदर्यीकरण, स्वच्छता, यातायात प्रबंधन और मरीजों की सुविधा से जुड़े कार्यों को शीघ्र पूरा करने के निर्देश देते हुए कहा कि अस्पताल की व्यवस्थाओं में लगातार सुधार किया जाए, ताकि आमजन को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकें।1
- जेईई एडवांस्ड 2026 से जुड़ी एक प्रेरक सफलता की कहानी सामने आई है। इस कामयाबी की कहानी में, एक बेटे ने अपने साधारण परिवार को 'खास' बना दिया है, जबकि एक अन्य बेटे ने अपनी मां को 'सेलेब्रिटी' का दर्जा दिलाकर एक असाधारण उपलब्धि हासिल की है।1
- चित्तौड़गढ़ जिले के रावतभाटा स्थित परमाणु बिजलीघर की आवासीय विक्रम नगर कॉलोनी में उस समय हड़कंप मच गया, जब एक अधिकारी अंशित यादव के घर के बाथरूम में करीब 5 फीट लंबा कोबरा सांप निकल आया। यह घटना तब हुई जब अंशित यादव प्लांट ड्यूटी से लौटकर हाथ-पैर धोने के लिए बाथरूम में गए, तभी वहां मौजूद कोबरा सांप अचानक उनकी ओर फुफकारते हुए बढ़ा। अपनी सतर्कता दिखाते हुए अंशित यादव तुरंत बाथरूम से बाहर निकल आए, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया। उन्होंने तत्काल राहुल सिंह चौहान की मदद से पूर्व पार्षद नरेश कुमार मेघवाल से संपर्क किया और सांप को रेस्क्यू करने का आग्रह किया। सूचना मिलते ही नरेश कुमार मेघवाल मौके पर पहुंचे और पूरी सावधानी बरतते हुए कोबरा सांप का सफलतापूर्वक रेस्क्यू किया। रेस्क्यू के बाद सांप को सुरक्षित रूप से चंबल नदी क्षेत्र में प्राकृतिक वातावरण में छोड़ दिया गया, जिसके बाद कॉलोनीवासियों ने राहत की सांस ली। अंशित यादव ने त्वरित कार्रवाई के लिए पूर्व पार्षद नरेश कुमार मेघवाल की जागरूकता, साहस और फुर्ती की सराहना की। उन्होंने रेस्क्यू कार्य में सहयोग करने वाले कमलेश भील, अविनाश कुमार, मनोज कुमार और राहुल सिंह का भी आभार व्यक्त किया। इस घटना ने एक बार फिर वन्यजीवों के प्रति संवेदनशीलता और सतर्कता बरतने की आवश्यकता को रेखांकित किया है, क्योंकि समय पर की गई कार्रवाई से एक संभावित दुर्घटना टल गई और कोबरा को भी सुरक्षित बचा लिया गया।1
- राजस्थान के भीलवाड़ा जिले के एक गांव में हर रात एक पैंथर के घूमने की खबर सामने आई है, जिससे ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। इस लगातार हो रही घटना के बावजूद, वन विभाग की ओर से इस मामले में अब तक कोई कार्रवाई या हलचल देखने को नहीं मिली है, जिसे विभाग की तरफ से घोर लापरवाही माना जा रहा है।1
- पटना में मशहूर खान सर के कोचिंग सेंटर के बाहर हुई गोलीबारी में एक गार्ड को गोली लग गई है। हालांकि, घायल गार्ड की हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है। इस घटना के बाद खान सर ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि कुछ 'कोचिंग माफिया' और 'असामाजिक तत्व' उन्हें डराने की कोशिश कर रहे हैं। उनका कहना है कि ये तत्व उनकी 'सस्ती शिक्षा' और छात्रों के 'बेहतर रिजल्ट' से परेशान हैं, जिसके चलते ऐसी घटनाओं को अंजाम दिया जा रहा है। इस पूरी घटना के मद्देनजर, खान सर ने प्रशासन से अपनी और अपने कोचिंग सेंटर की सुरक्षा सुनिश्चित करने की तत्काल मांग की है।1
- राजस्थान के बूंदी जिले के लाखेरी स्थित एसीसी सीमेंट फैक्ट्री को बंद किए जाने के विरोध में कांग्रेस ने एक जंगी प्रदर्शन किया। इस प्रदर्शन का नेतृत्व कांग्रेस नेता और हिंडौली के विधायक अशोक चांदना ने किया, जिन्होंने सरकार को सीधी चेतावनी दी। विधायक चांदना ने कहा कि फैक्ट्री बंद होने से लाखेरी क्षेत्र में लोगों के लिए रोजी-रोटी का गंभीर संकट खड़ा हो जाएगा। उन्होंने सरकार को चेताया कि यदि इस मुद्दे पर ध्यान नहीं दिया गया, तो कांग्रेस उग्र आंदोलन करेगी और इसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन व सरकार की होगी। कांग्रेस ने मांग की है कि सरकार एसीसी सीमेंट फैक्ट्री को तुरंत पुनः चालू कराए।1
- अखिल भारतीय चिकित्सक संघ के प्रदेश महासचिव डा. दुर्गा शंकर सैनी ने उदयपुर में चिकित्सकों के साथ हुई मारपीट की घटना की कड़ी निंदा की है। उन्होंने जोर देकर कहा कि इस घटना के कारण प्रदेशभर के चिकित्सकों में गहरा आक्रोश व्याप्त है।1