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आज कोटा के काला तलाव में कांग्रेस के ओबीसी प्रकोष्ठ का शहर और देहात जिला अधिवेशन आयोजित किया गया। इस महत्वपूर्ण अधिवेशन में जिले सहित प्रदेश भर के सभी बड़े नेताओं ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। जानकारी के अनुसार, ओबीसी प्रकोष्ठ के राष्ट्रीय अध्यक्ष अनिल जयहिंद ने भी इस कार्यक्रम में शिरकत की।
Ahmed Siraj Farooqi
आज कोटा के काला तलाव में कांग्रेस के ओबीसी प्रकोष्ठ का शहर और देहात जिला अधिवेशन आयोजित किया गया। इस महत्वपूर्ण अधिवेशन में जिले सहित प्रदेश भर के सभी बड़े नेताओं ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। जानकारी के अनुसार, ओबीसी प्रकोष्ठ के राष्ट्रीय अध्यक्ष अनिल जयहिंद ने भी इस कार्यक्रम में शिरकत की।
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- राजस्थान के कोटा में कांग्रेस संगठन के भीतर गुटबाजी एक बार फिर खुलकर सामने आ गई है। यह स्थिति प्रदेश नेतृत्व की मौजूदगी में आयोजित ओबीसी प्रकोष्ठ के एक कार्यक्रम के दौरान स्पष्ट रूप से देखने को मिली, जहां संगठन में आपसी समन्वय की कमी और अलग-अलग गुटों की सक्रियता साफ नजर आई। गौरतलब है कि प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने हाल ही में राजस्थान कांग्रेस को एकजुट बताते हुए भाजपा के खिलाफ मजबूती से लड़ने की बात कही थी, हालांकि उन्होंने यह भी स्वीकार किया था कि कोटा में 'थोड़ी बहुत गुटबाजी' है, जिसे जल्द समाप्त किया जाएगा। बुधवार को कोटा में जिला कांग्रेस कमेटी के ओबीसी विभाग का जिला स्तरीय अधिवेशन और पदभार ग्रहण समारोह आयोजित हुआ। इस कार्यक्रम की तैयारी कई दिनों से चल रही थी, लेकिन आयोजन के दौरान ही अंदरूनी मतभेद खुलकर सामने आ गए। सूत्रों के अनुसार, कार्यक्रम में जिला कांग्रेस कमेटी की अध्यक्ष को लेकर समन्वय की कमी दिखाई दी। उन्हें अंतिम समय में सूचना देकर आमंत्रित किया गया, जिससे असंतोष की स्थिति बनी। जिलाध्यक्ष ने नयापुरा चौराहे पर कार्यकर्ताओं के साथ डोटासरा और नेता प्रतिपक्ष का स्वागत तो किया, लेकिन इसके बाद वे कार्यक्रम स्थल पर मंच पर नहीं गईं और कुछ देर बाद ही वहां से लौट गईं। कार्यक्रम में ओबीसी प्रकोष्ठ के शहर अध्यक्ष दीपक नामदेव और देहात अध्यक्ष डॉ. टीकमचंद सुमन ने पदभार ग्रहण किया। इस आयोजन की कमान पूर्व विधायक और नेता प्रहलाद गुंजल के प्रभाव वाले गुट के नेताओं के हाथ में थी। इस कार्यक्रम में टीकाराम जूली, गोविंद सिंह डोटासरा और ओबीसी विभाग के राष्ट्रीय व प्रदेश स्तर के नेताओं को आमंत्रित किया गया था, लेकिन देहात कांग्रेस और संगठन से जुड़े कई वरिष्ठ नेता अनुपस्थित रहे, जिससे संगठनात्मक असंतुलन की स्थिति और भी स्पष्ट हो गई। कोटा कांग्रेस में लंबे समय से गुटबाजी की चर्चाएं होती रही हैं, लेकिन इस बार प्रदेश नेतृत्व के सामने ही यह स्थिति खुलकर सामने आने से पार्टी की एकजुटता पर सवाल खड़े हो गए हैं। अब देखना होगा कि प्रदेश नेतृत्व इस अंदरूनी खींचतान को कैसे संभालता है और संगठन को एकजुट करने के लिए क्या कदम उठाता है।4
- सोशल मीडिया पर एक पोस्ट तेजी से वायरल हो रही है, जिसमें यह दावा किया जा रहा है कि आगामी चुनाव बैलेट पेपर से कराए जाएंगे। इस दावे के साथ ही यह बात भी कही जा रही है कि इस संभावित घोषणा के कारण भाजपा में बेचैनी और नाराजगी स्पष्ट रूप से देखी जा रही है। हालांकि, इस तरह के दावों की आधिकारिक पुष्टि होना अत्यंत आवश्यक है। भारत में चुनाव प्रक्रिया और मतदान प्रणाली से जुड़े महत्वपूर्ण निर्णय लिए जाते हैं, और चुनाव प्रणाली में किसी भी बड़े बदलाव की स्पष्ट जानकारी केवल आधिकारिक घोषणा के बाद ही सामने आती है। विशेषज्ञों ने भी मतदाताओं से आग्रह किया है कि वे किसी भी खबर पर भरोसा करने से पहले उसके आधिकारिक स्रोत की जांच अवश्य कर लें। फिलहाल, सोशल मीडिया पर चल रहे इन दावों और इनसे उत्पन्न राजनीतिक प्रतिक्रियाओं को लेकर चर्चा जारी है। राजनीतिक गलियारों में यह सवाल घूम रहा है कि क्या वास्तव में फिर से बैलेट पेपर से चुनाव होंगे, और इस दावे की सच्चाई पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।1
- कोटा के इंद्रा मार्केट, जो व्यापारिक गतिविधियों का एक प्रमुख केंद्र है, वहां लगे ट्रांसफार्मर में आए दिन आग लगने की घटनाएं सामने आ रही हैं। इस ट्रांसफार्मर से लगातार आग के गोले बरसने के कारण स्थानीय लोगों में भारी नाराजगी है। इस गंभीर स्थिति को देखते हुए, किसी भी समय जनधन हानि की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता है, जिससे इलाके में बड़े हादसे का खतरा बना हुआ है।1
- गुजरात के सूरत जिले के बारडोली में मंगलवार दोपहर एक सड़क दुर्घटना में दो बसें आपस में टकरा गईं। इस हादसे में कुल सात यात्रियों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दस से ज़्यादा यात्री घायल हुए हैं। बताया गया है कि दुर्घटनाग्रस्त हुईं दोनों बसें महाराष्ट्र की थीं।1
- कोटा के हाड़ौती क्षेत्र के सबसे पुराने और व्यस्ततम व्यावसायिक केंद्र इंदिरा मार्केट में विद्युत व्यवस्था को लेकर गंभीर चिंता सामने आई है। व्यापारियों और स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि केईडीएल (KEDL) की लापरवाही के कारण बाजार में स्थित विद्युत डीपी (ट्रांसफार्मर) में बार-बार आग लग रही है। बताया जा रहा है कि पिछले कुछ समय से सप्ताह में दो बार तक डीपी में आग लगने की घटनाएं सामने आ चुकी हैं, जिससे बड़ा हादसा होने का खतरा मंडरा रहा है। इंदिरा मार्केट कोटा शहर का एक प्रमुख व्यापारिक केंद्र है, जहाँ रोजाना हजारों लोग आते-जाते हैं। ऐसे में विद्युत ट्रांसफार्मर में बार-बार आग लगना जनसुरक्षा के लिए एक गंभीर खतरा बन गया है। व्यापारियों का कहना है कि यदि समय रहते विद्युत व्यवस्था में सुधार नहीं किया गया तो भविष्य में कोई बड़ा हादसा हो सकता है, जिससे जान-माल का भारी नुकसान होने की आशंका है। स्थानीय व्यापारियों और समाजसेवियों ने इस संबंध में केईडीएल अधिकारियों को कई बार मौखिक और लिखित रूप से सूचना दी है, लेकिन अभी तक कोई स्थायी समाधान नहीं निकाला गया है। इन आग लगने की घटनाओं के कारण बाजार में अफरा-तफरी का माहौल बन जाता है और व्यापारिक गतिविधियां भी बुरी तरह प्रभावित होती हैं। व्यापारिक संगठनों ने अब जिला प्रशासन और केईडीएल प्रबंधन से मांग की है कि इंदिरा मार्केट की विद्युत व्यवस्था का तत्काल तकनीकी निरीक्षण कराया जाए। उन्होंने जर्जर उपकरणों को बदलने और ट्रांसफार्मर तथा डीपी की नियमित निगरानी सुनिश्चित करने पर जोर दिया है, ताकि किसी भी संभावित दुर्घटना को टाला जा सके। क्षेत्रवासियों ने जनहित और सुरक्षा को देखते हुए संबंधित विभाग से शीघ्र कार्रवाई करने की अपील की है, जिससे बाजार में व्याप्त भय और असुरक्षा का माहौल समाप्त हो सके।2
- पंद्रह साल पहले अपने परिवार से बिछड़ गई एक मां हाल ही में अपने घर पर मिल गई हैं। मां को वापस अपने बीच पाकर बेटे ने उनके पैरों से लिपटकर रोना शुरू कर दिया, वहीं बेटी ने भी उन्हें भावुक होकर गले लगा लिया। यह मिलन परिवार के लिए एक भावनात्मक और सुखद क्षण था।1
- चित्तौड़गढ़ में 'ऑपरेशन त्रिनेत्र' के तहत बड़ी कार्रवाई करते हुए कनेरा थाना पुलिस ने 03 जून 2026 को 12 क्विंटल 73 किलो 830 ग्राम अवैध अफीम डोडा चूरा से लदी एक बोलेरो पिकअप जब्त की है। यह जब्ती घाटारानी क्षेत्र में नाकाबंदी के दौरान हुई, जहाँ अठाणा (एमपी) की तरफ से आ रहे वाहन का चालक पुलिस जाब्ते को देखकर गाड़ी छोड़कर जंगल की ओर फरार हो गया। जिला पुलिस अधीक्षक श्री धर्मेन्द्र सिंह यादव ने बताया कि यह कार्रवाई महानिरीक्षक पुलिस उदयपुर रेंज, उदयपुर श्री गौरव श्रीवास्तव के निर्देशों के अनुरूप, एएसपी मुकुल शर्मा के मार्गदर्शन और डीएसपी निंबाहेड़ा बद्रीलाल के सुपरविजन में की गई। थानाधिकारी महेन्द्र सिंह के निर्देशन में एसआई अमृतलाल के नेतृत्व में एक टीम ने घाटारानी पर नाकाबंदी कर रखी थी। चालक ने नाकाबंदी पॉइंट से करीब 50 मीटर पहले ही अपनी बोलेरो पिकअप सड़क पर छोड़ दी और रात के अंधेरे व घने जंगल का फायदा उठाकर भागने में सफल रहा। पुलिस टीम ने उसका पीछा किया, लेकिन उसे पकड़ नहीं पाई। फरार चालक द्वारा मौके पर छोड़ी गई पिकअप की तलाशी लेने पर उसमें काले और पीले रंग के प्लास्टिक के कुल 59 कट्टों में अवैध डोडा चूरा भरा हुआ मिला, जिसका कुल वजन 12 क्विंटल 73 किलो 830 ग्राम था। पुलिस ने मौके से अवैध अफीम डोडा चूरा और बोलेरो पिकअप गाड़ी को जब्त कर लिया है और अनुसंधान शुरू कर दिया है। इस कार्रवाई को अंजाम देने वाली पुलिस टीम में एसआई अमृत लाल (थाना इंचार्ज, कनेरा), एएसआई बालमुकुन्द, कांस्टेबल रेवताराम, रामनिवास, सुनिल, सुरज सिंह और दिलिप सिंह शामिल रहे।1
- भारत सरकार के महिला एवं बाल विकास मंत्रालय द्वारा महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने और उन्हें प्रशासनिक कार्यों का अनुभव प्रदान करने के उद्देश्य से एक इंटर्नशिप कार्यक्रम संचालित किया जा रहा है। इस योजना के तहत चयनित प्रतिभागियों को प्रति माह ₹20,000 का स्टाइपेंड प्रदान किया जाएगा। यह इंटर्नशिप विशेष रूप से 21 से 40 वर्ष आयु वर्ग की उन ग्रेजुएट या पोस्ट-ग्रेजुएट महिलाओं के लिए है जो इसमें आवेदन करने की पात्र हैं। इस कार्यक्रम के लिए आवेदन प्रक्रिया प्रत्येक महीने की 1 तारीख से 10 तारीख के बीच खुली रहती है।1