जब आटे के बकरे ने चरी घास... सैंज घाटी में हुआ 'चमत्कार'! रैला में मूल उत्सव का देखें वीडियो। रिपोर्ट 8 अप्रैल बुद्धि सिंह ठाकुर सैंज। मुख्य बिंदु: भव्य आयोजन: हिमाचल के रैला में मनाया गया पारंपरिक 'मूल उत्सव'। अटूट परंपरा: ढोल-नगाड़ों और देवगीतों के साथ निकली भगवान लक्ष्मी नारायण की शोभायात्रा। अनोखी मान्यता: हजारों श्रद्धालुओं ने निराहार व्रत रखकर लिया सुख-समृद्धि का आशीर्वाद। इतिहास: आज ही के दिन राजा बहादुर सिंह के सामने आटे के बकरे ने जीवित होकर हरी घास चरी थी, जिसके बाद से यह उत्सव मनाया जाता है। निष्कर्ष: आधुनिकता के शोर में भी हिमाचल की देव-संस्कृति की चमक बरकरार! सैंज, कुल्लू (हिमाचल) क्या आपने सुना है कि कभी आटे के बकरे ने घास चरी हो? 🧐 आज सैंज घाटी के रैला में इसी ऐतिहासिक चमत्कार की याद में भगवान लक्ष्मी नारायण का 'मूल उत्सव' धूमधाम से मनाया गया। देव-संस्कृति, परंपरा और अटूट विश्वास का ऐसा संगम सिर्फ देवभूमि में ही संभव है! 🙏
जब आटे के बकरे ने चरी घास... सैंज घाटी में हुआ 'चमत्कार'! रैला में मूल उत्सव का देखें वीडियो। रिपोर्ट 8 अप्रैल बुद्धि सिंह ठाकुर सैंज। मुख्य बिंदु: भव्य आयोजन: हिमाचल के रैला में मनाया गया पारंपरिक 'मूल उत्सव'। अटूट परंपरा: ढोल-नगाड़ों और देवगीतों के साथ निकली भगवान लक्ष्मी नारायण की शोभायात्रा। अनोखी मान्यता: हजारों श्रद्धालुओं ने निराहार व्रत रखकर लिया सुख-समृद्धि का आशीर्वाद। इतिहास: आज ही के दिन राजा बहादुर सिंह के सामने आटे के बकरे ने जीवित होकर हरी घास चरी थी, जिसके बाद से यह उत्सव मनाया जाता है। निष्कर्ष: आधुनिकता के शोर में भी हिमाचल की देव-संस्कृति की चमक बरकरार! सैंज, कुल्लू (हिमाचल) क्या आपने सुना है कि कभी आटे के बकरे ने घास चरी हो? 🧐 आज सैंज घाटी के रैला में इसी ऐतिहासिक चमत्कार की याद में भगवान लक्ष्मी नारायण का 'मूल उत्सव' धूमधाम से मनाया गया। देव-संस्कृति, परंपरा और अटूट विश्वास का ऐसा संगम सिर्फ देवभूमि में ही संभव है! 🙏
- रिपोर्ट 8 अप्रैल बुद्धि सिंह ठाकुर सैंज। मुख्य बिंदु: भव्य आयोजन: हिमाचल के रैला में मनाया गया पारंपरिक 'मूल उत्सव'। अटूट परंपरा: ढोल-नगाड़ों और देवगीतों के साथ निकली भगवान लक्ष्मी नारायण की शोभायात्रा। अनोखी मान्यता: हजारों श्रद्धालुओं ने निराहार व्रत रखकर लिया सुख-समृद्धि का आशीर्वाद। इतिहास: आज ही के दिन राजा बहादुर सिंह के सामने आटे के बकरे ने जीवित होकर हरी घास चरी थी, जिसके बाद से यह उत्सव मनाया जाता है। निष्कर्ष: आधुनिकता के शोर में भी हिमाचल की देव-संस्कृति की चमक बरकरार! सैंज, कुल्लू (हिमाचल) क्या आपने सुना है कि कभी आटे के बकरे ने घास चरी हो? 🧐 आज सैंज घाटी के रैला में इसी ऐतिहासिक चमत्कार की याद में भगवान लक्ष्मी नारायण का 'मूल उत्सव' धूमधाम से मनाया गया। देव-संस्कृति, परंपरा और अटूट विश्वास का ऐसा संगम सिर्फ देवभूमि में ही संभव है! 🙏1
- Transform your space into a statement. Where comfort meets style — this living room design blends modern elegance with functional beauty. From textures to lighting, every detail is crafted to elevate everyday living. For interior design ideas and customized solutions, contact Decoory Interiors 📩 DM for inquiries 📞 Contact us: 9821545511 📍Location: GF -71, Gaur City Center, Greater Noida West, Gautam Buddha Nagar, Uttar Pradesh 2013181
- #atal tanal ka views1
- मंडी में शिव शक्ति सेवा मंडल की बड़ी बैठक | नया मोक्ष धाम बनेगा, पुल मरम्मत का फैसला | Ladbharol News1
- Post by Dev Raj Thakur1
- आनी क्षेत्र के चपोहल गाँव में चल रही श्रीराम चरितमानस कथा के चौथे दिन भक्ति का माहौल देखने को मिला। व्यास आचार्य डॉ. दया नंद गौतम ने श्रीराम के नामकरण संस्कार और भक्ति के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि रामकथा हमें उत्तम जीवन जीने की कला सिखाती है। इस दौरान भजन गायक लाल सिंह और राकेश शर्मा ने मधुर भजनों से माहौल को भक्तिमय बना दिया। कार्यक्रम में मुख्यातिथि डॉ. मुकेश शर्मा ने रामचरितमानस को जीवन में धैर्य और नैतिकता का मार्गदर्शक बताया। आयोजन में बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।1
- घुमारवीं (राकेश शर्मा), 07 अप्रैल: राज्य स्तरीय ग्रीष्मोत्सव घुमारवीं-2026 के अंतर्गत आज तीसरे दिन वरिष्ठ नागरिकों के लिए विभिन्न मनोरंजक गतिविधियों का आयोजन किया गया। जिनमें म्यूजिकल चेयर रेस और पंजा लड़ाना शामिल है। इस अवसर पर आयोजित करवाई गई म्यूजिकल चेयर रेस में प्रथम स्थान पर चुन्नीलाल लखनपाल, द्वितीय स्थान पर मल्लिका देवी तथा तृतीय स्थान पर सोमप्रकाश संख्यान रहे। इसी तरह पंजा लड़ाना प्रतियोगिता में सीताराम शर्मा ने पहला, मंहत राम गौतम ने दूसरा तथा कृष्णदास ने तीसरा स्थान हासिल किया।3
- Post by Dev Raj Thakur1