कलेक्टर के सख्त निर्देशों के बाद भी गोरगी गौशाला में मौत का मंजर! समीक्षा बैठकें बेअसर, जिम्मेदार मौन कागजों में चारा-पानी और दवाइयों के नाम पर लाखों के आहरण का आरोप, जमीन पर भूख और बीमारी से तड़प रहे बेजुबान। रीवा। जिला प्रशासन द्वारा गौवंश की सुरक्षा और गौशालाओं के बेहतर संचालन को लेकर हर महीने समीक्षा बैठकें आयोजित की जाती हैं। अधिकारियों को सख्त निर्देश भी दिए जाते हैं, लेकिन ग्राम पंचायत गोरगी की गौशाला से सामने आई तस्वीरें प्रशासनिक दावों और जमीनी हकीकत के बीच बड़ा अंतर दिखा रही हैं। मामला जनपद पंचायत रीवा अंतर्गत ग्राम पंचायत गोरगी का है। यहां हनुमान मंदिर परिसर के बगल में संचालित गौशाला की स्थिति बेहद चिंताजनक बताई जा रही है। गौशाला के अंदर और बाहर मृत मवेशी पड़े होने की जानकारी सामने आई है, वहीं कई गोवंश बीमार और कमजोर हालत में नजर आ रहे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि गौशाला में न पर्याप्त भूसा है, न हरा चारा और न ही पीने के पानी की समुचित व्यवस्था। महीनों से डॉक्टर नहीं पहुंचने का आरोप ग्राम पंचायत गोरगी निवासी भगवान दास चौरसिया ने बताया कि गौशाला में मवेशियों की देखरेख के लिए महीनों से कोई पशु चिकित्सक नहीं पहुंचा है। बीमार मवेशियों का समय पर उपचार नहीं हो रहा, जिसके चलते लगातार गोवंश की मौतें हो रही हैं। हैरानी की बात यह है कि गौशाला से कुछ ही दूरी पर शासकीय स्कूल और पंचायत भवन स्थित हैं। यहां अधिकारियों और कर्मचारियों का आना-जाना भी रहता है, इसके बावजूद ग्रामीणों के अनुसार गौशाला की बदहाली पर जिम्मेदारों का ध्यान नहीं जा रहा है। कागजों में लाखों का खर्च, जमीन पर बदहाली! ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि चारा, भूसा, पानी और दवाइयों के नाम पर हर महीने शासकीय राशि का आहरण किया जा रहा है, लेकिन गौशाला में उसका लाभ मवेशियों को मिलता दिखाई नहीं दे रहा। हालांकि इन वित्तीय आरोपों की पुष्टि संबंधित दस्तावेजों और आधिकारिक जांच से होना बाकी है। कलेक्टर से तत्काल कार्रवाई की मांग ग्रामीणों ने कलेक्टर रीवा और मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत से मांग की है कि गोरगी गौशाला का तत्काल निरीक्षण कराया जाए। मृत मवेशियों का नियमानुसार निस्तारण हो, बीमार गोवंश का उपचार कराया जाए और चारा-पानी की तत्काल व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। साथ ही ग्रामीणों ने मांग की है कि यदि जांच में शासकीय राशि के दुरुपयोग या लापरवाही की पुष्टि होती है तो संबंधित सचिव, सरपंच और अन्य जिम्मेदारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब गौवंश की सुरक्षा के लिए हर महीने समीक्षा बैठकें होती हैं और अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए जाते हैं, तो ग्राम पंचायत गोरगी की गौशाला में बेजुबानों की यह दुर्दशा आखिर किसकी जवाबदेही है? क्या प्रशासन किसी बड़ी कार्रवाई या और मौतों का इंतजार कर रहा है? ✍️ पत्रकार पंडित विकास आवाज जनता की 46 कलेक्टर के सख्त निर्देशों के बाद भी गोरगी गौशाला में मौत का मंजर! समीक्षा बैठकें बेअसर, जिम्मेदार मौन कागजों में चारा-पानी और दवाइयों के नाम पर लाखों के आहरण का आरोप, जमीन पर भूख और बीमारी से तड़प रहे बेजुबान। रीवा। जिला प्रशासन द्वारा गौवंश की सुरक्षा और गौशालाओं के बेहतर संचालन को लेकर हर महीने समीक्षा बैठकें आयोजित की जाती हैं। अधिकारियों को सख्त निर्देश भी दिए जाते हैं, लेकिन ग्राम पंचायत गोरगी की गौशाला से सामने आई तस्वीरें प्रशासनिक दावों और जमीनी हकीकत के बीच बड़ा अंतर दिखा रही हैं। मामला जनपद पंचायत रीवा अंतर्गत ग्राम पंचायत गोरगी का है। यहां हनुमान मंदिर परिसर के बगल में संचालित गौशाला की स्थिति बेहद चिंताजनक बताई जा रही है। गौशाला के अंदर और बाहर मृत मवेशी पड़े होने की जानकारी सामने आई है, वहीं कई गोवंश बीमार और कमजोर हालत में नजर आ रहे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि गौशाला में न पर्याप्त भूसा है, न हरा चारा और न ही पीने के पानी की समुचित व्यवस्था। महीनों से डॉक्टर नहीं पहुंचने का आरोप ग्राम पंचायत गोरगी निवासी भगवान दास चौरसिया ने बताया कि गौशाला में मवेशियों की देखरेख के लिए महीनों से कोई पशु चिकित्सक नहीं पहुंचा है। बीमार मवेशियों का समय पर उपचार नहीं हो रहा, जिसके चलते लगातार गोवंश की मौतें हो रही हैं। हैरानी की बात यह है कि गौशाला से कुछ ही दूरी पर शासकीय स्कूल और पंचायत भवन स्थित हैं। यहां अधिकारियों और कर्मचारियों का आना-जाना भी रहता है, इसके बावजूद ग्रामीणों के अनुसार गौशाला की बदहाली पर जिम्मेदारों का ध्यान नहीं जा रहा है। कागजों में लाखों का खर्च, जमीन पर बदहाली! ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि चारा, भूसा, पानी और दवाइयों के नाम पर हर महीने शासकीय राशि का आहरण किया जा रहा है, लेकिन गौशाला में उसका लाभ मवेशियों को मिलता दिखाई नहीं दे रहा। हालांकि इन वित्तीय आरोपों की पुष्टि संबंधित दस्तावेजों और आधिकारिक जांच से होना बाकी है। कलेक्टर से तत्काल कार्रवाई की मांग ग्रामीणों ने कलेक्टर रीवा और मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत से मांग की है कि गोरगी गौशाला का तत्काल निरीक्षण कराया जाए। मृत मवेशियों का नियमानुसार निस्तारण हो, बीमार गोवंश का उपचार कराया जाए और चारा-पानी की तत्काल व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। साथ ही ग्रामीणों ने मांग की है कि यदि जांच में शासकीय राशि के दुरुपयोग या लापरवाही की पुष्टि होती है तो संबंधित सचिव, सरपंच और अन्य जिम्मेदारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब गौवंश की सुरक्षा के लिए हर महीने समीक्षा बैठकें होती हैं और अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए जाते हैं, तो ग्राम पंचायत गोरगी की गौशाला में बेजुबानों की यह दुर्दशा आखिर किसकी जवाबदेही है? क्या प्रशासन किसी बड़ी कार्रवाई या और मौतों का इंतजार कर रहा है? ✍️ पत्रकार पंडित विकास आवाज जनता की 46
कलेक्टर के सख्त निर्देशों के बाद भी गोरगी गौशाला में मौत का मंजर! समीक्षा बैठकें बेअसर, जिम्मेदार मौन कागजों में चारा-पानी और दवाइयों के नाम पर लाखों के आहरण का आरोप, जमीन पर भूख और बीमारी से तड़प रहे बेजुबान। रीवा। जिला प्रशासन द्वारा गौवंश की सुरक्षा और गौशालाओं के बेहतर संचालन को लेकर हर महीने समीक्षा बैठकें आयोजित की जाती हैं। अधिकारियों को सख्त निर्देश भी दिए जाते हैं, लेकिन ग्राम पंचायत गोरगी की गौशाला से सामने आई तस्वीरें प्रशासनिक दावों और जमीनी हकीकत के बीच बड़ा अंतर दिखा रही हैं। मामला जनपद पंचायत रीवा अंतर्गत ग्राम पंचायत गोरगी का है। यहां हनुमान मंदिर परिसर के बगल में संचालित गौशाला की स्थिति बेहद चिंताजनक बताई जा रही है। गौशाला के अंदर और बाहर मृत मवेशी पड़े होने की जानकारी सामने आई है, वहीं कई गोवंश बीमार और कमजोर हालत में नजर आ रहे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि गौशाला में न पर्याप्त भूसा है, न हरा चारा और न ही पीने के पानी की समुचित व्यवस्था। महीनों से डॉक्टर नहीं पहुंचने का आरोप ग्राम पंचायत गोरगी निवासी भगवान दास चौरसिया ने बताया कि गौशाला में मवेशियों की देखरेख के लिए महीनों से कोई पशु चिकित्सक नहीं पहुंचा है। बीमार मवेशियों का समय पर उपचार नहीं हो रहा, जिसके चलते लगातार गोवंश की मौतें हो रही हैं। हैरानी की बात यह है कि गौशाला से कुछ ही दूरी पर शासकीय स्कूल और पंचायत भवन स्थित हैं। यहां अधिकारियों और कर्मचारियों का आना-जाना भी रहता है, इसके बावजूद ग्रामीणों के अनुसार गौशाला की बदहाली पर जिम्मेदारों का ध्यान नहीं जा रहा है। कागजों में लाखों का खर्च, जमीन पर बदहाली! ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि चारा, भूसा, पानी और दवाइयों के नाम पर हर महीने शासकीय राशि का आहरण किया जा रहा है, लेकिन गौशाला में उसका लाभ मवेशियों को मिलता दिखाई नहीं दे रहा। हालांकि इन वित्तीय आरोपों की पुष्टि संबंधित दस्तावेजों और आधिकारिक जांच से होना बाकी है। कलेक्टर से तत्काल कार्रवाई की मांग ग्रामीणों ने कलेक्टर रीवा और मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत से मांग की है कि गोरगी गौशाला का तत्काल निरीक्षण कराया जाए। मृत मवेशियों का नियमानुसार निस्तारण हो, बीमार गोवंश का उपचार कराया जाए और चारा-पानी की तत्काल व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। साथ ही ग्रामीणों ने मांग की है कि यदि जांच में शासकीय राशि के दुरुपयोग या लापरवाही की पुष्टि होती है तो संबंधित सचिव, सरपंच और अन्य जिम्मेदारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब गौवंश की सुरक्षा के लिए हर महीने समीक्षा बैठकें होती हैं और अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए जाते हैं, तो ग्राम पंचायत गोरगी की गौशाला में बेजुबानों की यह दुर्दशा आखिर किसकी जवाबदेही है? क्या प्रशासन किसी बड़ी कार्रवाई या और मौतों का इंतजार कर रहा है? ✍️ पत्रकार पंडित विकास आवाज जनता की 46 कलेक्टर के सख्त निर्देशों के बाद भी गोरगी गौशाला में मौत का मंजर! समीक्षा बैठकें बेअसर, जिम्मेदार मौन कागजों में चारा-पानी और दवाइयों के नाम पर लाखों के आहरण का आरोप, जमीन पर भूख और बीमारी से तड़प रहे बेजुबान। रीवा। जिला प्रशासन द्वारा गौवंश की सुरक्षा और गौशालाओं के बेहतर संचालन को लेकर हर महीने समीक्षा बैठकें आयोजित की जाती हैं। अधिकारियों को सख्त निर्देश भी दिए जाते हैं, लेकिन ग्राम पंचायत गोरगी की गौशाला से सामने आई तस्वीरें प्रशासनिक दावों और जमीनी हकीकत के बीच बड़ा अंतर दिखा रही हैं। मामला जनपद पंचायत रीवा अंतर्गत ग्राम पंचायत गोरगी का है। यहां हनुमान मंदिर परिसर के बगल में संचालित गौशाला की स्थिति बेहद चिंताजनक बताई जा रही है। गौशाला के अंदर और बाहर मृत मवेशी पड़े होने की जानकारी सामने आई है, वहीं कई गोवंश बीमार और कमजोर हालत में नजर आ रहे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि गौशाला में न पर्याप्त भूसा है, न हरा चारा और न ही पीने के पानी की समुचित व्यवस्था। महीनों से डॉक्टर नहीं पहुंचने का आरोप ग्राम पंचायत गोरगी निवासी भगवान दास चौरसिया ने बताया कि गौशाला में मवेशियों की देखरेख के लिए महीनों से कोई पशु चिकित्सक नहीं पहुंचा है। बीमार मवेशियों का समय पर उपचार नहीं हो रहा, जिसके चलते लगातार गोवंश की मौतें हो रही हैं। हैरानी की बात यह है कि गौशाला से कुछ ही दूरी पर शासकीय स्कूल और पंचायत भवन स्थित हैं। यहां अधिकारियों और कर्मचारियों का आना-जाना भी रहता है, इसके बावजूद ग्रामीणों के अनुसार गौशाला की बदहाली पर जिम्मेदारों का ध्यान नहीं जा रहा है। कागजों में लाखों का खर्च, जमीन पर बदहाली! ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि चारा, भूसा, पानी और दवाइयों के नाम पर हर महीने शासकीय राशि का आहरण किया जा रहा है, लेकिन गौशाला में उसका लाभ मवेशियों को मिलता दिखाई नहीं दे रहा। हालांकि इन वित्तीय आरोपों की पुष्टि संबंधित दस्तावेजों और आधिकारिक जांच से होना बाकी है। कलेक्टर से तत्काल कार्रवाई की मांग ग्रामीणों ने कलेक्टर रीवा और मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत से मांग की है कि गोरगी गौशाला का तत्काल निरीक्षण कराया जाए। मृत मवेशियों का नियमानुसार निस्तारण हो, बीमार गोवंश का उपचार कराया जाए और चारा-पानी की तत्काल व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। साथ ही ग्रामीणों ने मांग की है कि यदि जांच में शासकीय राशि के दुरुपयोग या लापरवाही की पुष्टि होती है तो संबंधित सचिव, सरपंच और अन्य जिम्मेदारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब गौवंश की सुरक्षा के लिए हर महीने समीक्षा बैठकें होती हैं और अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए जाते हैं, तो ग्राम पंचायत गोरगी की गौशाला में बेजुबानों की यह दुर्दशा आखिर किसकी जवाबदेही है? क्या प्रशासन किसी बड़ी कार्रवाई या और मौतों का इंतजार कर रहा है? ✍️ पत्रकार पंडित विकास आवाज जनता की 46
- कृष्णगढ़ में धूमधाम से मनाई गई लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की 151वीं जयंती, क्षेत्रवासियों ने किया नमन सामाजिक एकता और भाईचारे का दिया संदेश, महिलाओं, युवाओं एवं बच्चों ने बढ़-चढ़कर निभाई सहभागिता रामपुर बाघेलान, सतना। जनपद पंचायत रामपुर बाघेलान के दक्षिणी क्षेत्र अंतर्गत ग्राम कृष्णगढ़ में लौह पुरुष एवं भारत रत्न सरदार वल्लभभाई पटेल की 151वीं जयंती हर्षोल्लास और उत्साह के साथ मनाई गई। इस अवसर पर क्षेत्रवासियों ने सरदार पटेल के चित्र पर माल्यार्पण एवं पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धापूर्वक नमन किया। कार्यक्रम के मुख्य आयोजक रज्जन सिंह भैया रहे। आयोजन में डॉ. एस.के. सिंह, जनपद सदस्य नंदकिशोर सिंह पटेल 'नंदू भैया' (रामपुर दक्षिणी क्षेत्र), मूरत ज्ञान भारती, बृजेश तिवारी, हरिओम शर्मा, विजय साहू, सलमान खान, भानु पाल, बाबू कोल, संतोष सोधिया, राजेंद्र चिकवा, राहुल, सतमान, सनम, बिहारी केवट, पिंटू केवट, गुलाब, सुखेन्द्र दहिया, दौलत साहू, पंकज शर्मा, रामखिलावन यादव, सतेन्द्र कोल, राजा कोल, कल्लू यादव, भूरा एवं ददुआ यादव सहित बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। कार्यक्रम में महिलाओं, युवाओं और बच्चों की भी उल्लेखनीय सहभागिता देखने को मिली। देश की एकता और अखंडता के शिल्पकार को किया याद इस अवसर पर वक्ताओं ने सरदार वल्लभभाई पटेल के संघर्षपूर्ण जीवन, अदम्य साहस, दूरदर्शी नेतृत्व और देश की एकता एवं अखंडता को मजबूत करने में उनके ऐतिहासिक योगदान पर प्रकाश डाला। वक्ताओं ने कहा कि सरदार पटेल केवल महान स्वतंत्रता सेनानी ही नहीं, बल्कि देश की एकता के ऐसे शिल्पकार थे, जिनका योगदान भारतीय इतिहास में सदैव अविस्मरणीय रहेगा। उनका जीवन आज भी आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत है। सामाजिक एकता और भाईचारे का संदेश कार्यक्रम के माध्यम से सर्वसमाज को एकजुट रहने, आपसी भाईचारा बनाए रखने और सामाजिक समरसता को मजबूत करने का संदेश दिया गया। महिलाओं, युवाओं और बच्चों की बड़ी संख्या में मौजूदगी ने आयोजन को विशेष रूप से उत्साहपूर्ण बनाया। अंत में मुख्य आयोजक रज्जन सिंह भैया ने कार्यक्रम में शामिल सभी अतिथियों, क्षेत्रवासियों, माताओं-बहनों, युवाओं एवं बच्चों के प्रति आभार व्यक्त किया और आयोजन को सफल बनाने के लिए सभी का धन्यवाद किया। ✍️ सतना से रिपोर्टर ऋषिकेश त्रिपाठी कृष्णगढ़ में धूमधाम से मनाई गई लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की 151वीं जयंती, क्षेत्रवासियों ने किया नमन सामाजिक एकता और भाईचारे का दिया संदेश, महिलाओं, युवाओं एवं बच्चों ने बढ़-चढ़कर निभाई सहभागिता रामपुर बाघेलान, सतना। जनपद पंचायत रामपुर बाघेलान के दक्षिणी क्षेत्र अंतर्गत ग्राम कृष्णगढ़ में लौह पुरुष एवं भारत रत्न सरदार वल्लभभाई पटेल की 151वीं जयंती हर्षोल्लास और उत्साह के साथ मनाई गई। इस अवसर पर क्षेत्रवासियों ने सरदार पटेल के चित्र पर माल्यार्पण एवं पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धापूर्वक नमन किया। कार्यक्रम के मुख्य आयोजक रज्जन सिंह भैया रहे। आयोजन में डॉ. एस.के. सिंह, जनपद सदस्य नंदकिशोर सिंह पटेल 'नंदू भैया' (रामपुर दक्षिणी क्षेत्र), मूरत ज्ञान भारती, बृजेश तिवारी, हरिओम शर्मा, विजय साहू, सलमान खान, भानु पाल, बाबू कोल, संतोष सोधिया, राजेंद्र चिकवा, राहुल, सतमान, सनम, बिहारी केवट, पिंटू केवट, गुलाब, सुखेन्द्र दहिया, दौलत साहू, पंकज शर्मा, रामखिलावन यादव, सतेन्द्र कोल, राजा कोल, कल्लू यादव, भूरा एवं ददुआ यादव सहित बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। कार्यक्रम में महिलाओं, युवाओं और बच्चों की भी उल्लेखनीय सहभागिता देखने को मिली। देश की एकता और अखंडता के शिल्पकार को किया याद इस अवसर पर वक्ताओं ने सरदार वल्लभभाई पटेल के संघर्षपूर्ण जीवन, अदम्य साहस, दूरदर्शी नेतृत्व और देश की एकता एवं अखंडता को मजबूत करने में उनके ऐतिहासिक योगदान पर प्रकाश डाला। वक्ताओं ने कहा कि सरदार पटेल केवल महान स्वतंत्रता सेनानी ही नहीं, बल्कि देश की एकता के ऐसे शिल्पकार थे, जिनका योगदान भारतीय इतिहास में सदैव अविस्मरणीय रहेगा। उनका जीवन आज भी आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत है। सामाजिक एकता और भाईचारे का संदेश कार्यक्रम के माध्यम से सर्वसमाज को एकजुट रहने, आपसी भाईचारा बनाए रखने और सामाजिक समरसता को मजबूत करने का संदेश दिया गया। महिलाओं, युवाओं और बच्चों की बड़ी संख्या में मौजूदगी ने आयोजन को विशेष रूप से उत्साहपूर्ण बनाया। अंत में मुख्य आयोजक रज्जन सिंह भैया ने कार्यक्रम में शामिल सभी अतिथियों, क्षेत्रवासियों, माताओं-बहनों, युवाओं एवं बच्चों के प्रति आभार व्यक्त किया और आयोजन को सफल बनाने के लिए सभी का धन्यवाद किया। ✍️ सतना से रिपोर्टर ऋषिकेश त्रिपाठी1
- नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार जी के नेतृत्व में मध्य प्रदेश की जनता एकत्रित हुई रामलीला मैदान में अपने देश के लोकतंत्र और संविधान को बचाने के लिए आज नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार जी के साथ देश और मध्यप्रदेश की जनता रामलीला मैदान में एकजुट हुई है। वोट चोरों को तय सत्ता से उखाड़ फेंकने की इस लड़ाई में पूरा देश एवं मध्यप्रदेश जननायक राहुल गांधी जी के साथ खड़ा है। ब्यूरो चीफ रीवा अभिषेक पांडे1
- मध्य प्रदेश स्थापना दिवस रीवा में गौरवपूर्ण शुभारंभ, देश की आन, बान और शान तिरंगे को सलाम 🇮🇳 मध्य प्रदेश स्थापना दिवस रीवा में गौरवपूर्ण शुभारंभ, देश की आन, बान और शान तिरंगे को सलाम! 🇮🇳 मध्यप्रदेश के 71वें स्थापना दिवस के गौरवमयी अवसर पर नगर निगम कार्यालय परिसर में मध्यप्रदेश शासन के माननीय उपमुख्यमंत्री श्री राजेंद्र शुक्ल जी द्वारा गरिमापूर्ण ध्वजारोहण किया गया। इस अवसर पर स्कूली बच्चों ने मध्यप्रदेश गान की मनमोहक एवं भावपूर्ण प्रस्तुति देकर समारोह को और भी गरिमामयी बना दिया। आज रीवा स्थित नगर निगम टाउन हॉल में मध्य प्रदेश के स्थापना दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में माननीय उपमुख्यमंत्री एवं जिला प्रशासन रीवा के वरिष्ठ अधिकारियों ने सहभागिता की। इस अवसर पर प्राकृतिक खेती तथा श्रीअन्न के स्टॉल सहित विभिन्न स्टॉलों का माननीय उपमुख्यमंत्री जी ने अवलोकन किया। देश के यशस्वी प्रधानमंत्री श्री Narendra Modi जी के दूरदर्शी विजन एवं मध्य प्रदेश के माननीय मुख्यमंत्री Dr Mohan Yadav जी के कुशल नेतृत्व में मध्य प्रदेश तेजी से प्रगति कर रहा है। मध्य प्रदेश में पर्यटन, निवेश, शिक्षा, रोजगार एवं कनेक्टिविटी के क्षेत्र में अभूतपूर्व कार्य हो रहे हैं। मध्य प्रदेश विकसित भारत के संकल्प को पूर्ण करने के लिए अपनी भूमिका पूरी प्रतिबद्धता के साथ निभा रहा है मध्य प्रदेश के विकास के लिए हम सभी प्रदेशवासियों को एक साथ मिलकर अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभानी होगी। कार्यक्रम में जिले के मॉडल स्कूल की छात्रा सुश्री मानसी सिंह को श्री कृष्ण पाथेय न्यास द्वारा एक लाख रुपये का पुरस्कार तथा तीन किसानों को क्रमशः ट्रैक्टर, मोटरसाइकिल एवं ई-स्कूटी प्रदान किया। ।#मध्यप्रदेशस्थापनादिवस #मध्यप्रदेश #MadhyaPradesh #MadhyaPradeshFoundationDay2
- "न्याय की लड़ाई का सैलाब बता रहा है, रामलीला मैदान का मंजर क्या होगा। दिल्ली के ऐतिहासिक रामलीला मैदान में आयोजित ‘वोट बचाओ – देश बचाओ’ महारैली के दौरान *मीडिया के साथियों से संवाद कर वोट चोरी के मुद्दे पर अपनी बात रखी।,, हम सभी कांग्रेसजन एकजुट होकर लोकतंत्र, संविधान और जनता के मताधिकार की रक्षा की इस लड़ाई को मजबूती से आगे बढ़ाएंगे। हमारा संकल्प है कि कथित वोट चोरी के खिलाफ आवाज बुलंद कर जनता के अधिकारों और लोकतांत्रिक व्यवस्था की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रखेंगे। "यह लड़ाई सत्ता के लिए नहीं, लोकतंत्र और जनता के अधिकारों के लिए है।,, 📍 रामलीला मैदान, नई दिल्ली धर्मेश घई ‘रोमी’ अध्यक्ष, जिला कांग्रेस कमेटी, मैहर1
- खबर अमरपाटन में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का विजयादशमी उत्सव संपन्न, शस्त्र पूजन के बाद निकला पथ संचलन अमरपाटन में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का विजयादशमी उत्सव संपन्न, शस्त्र पूजन के बाद निकला पथ संचलन राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) खंड अमरपाटन द्वारा रविवार, 1 नवंबर को विजयादशमी उत्सव, शस्त्र पूजन एवं पथ संचलन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम बालभारती विद्यालय में आयोजित हुआ, जिसमें खंड एवं नगर के स्वयंसेवकों और कार्यकर्ताओं ने सहभागिता की। कार्यक्रम में स्वयंसेवकों ने पूर्ण गणवेश में उपस्थित होकर संघ की परंपराओं के अनुरूप शस्त्र पूजन किया। इसके पश्चात पथ संचलन का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य संघ की परंपराओं, अनुशासन और संगठनात्मक गतिविधियों को आगे बढ़ाना रहा। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ खंड अमरपाटन की ओर से आयोजित इस कार्यक्रम में स्वयंसेवकों की सहभागिता रही। विजयादशमी उत्सव के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम के माध्यम से संगठन की परंपराओं और सामूहिक सहभागिता का संदेश दिया गया।1
- 📰 भारत समाचार लाइव न्यूज़ रात 11 बजे के बाद मैहर में पुलिस की सख्ती, दुकानों में शराबखोरी पर थाना प्रभारी की कार्रवाई मैहर | मध्य प्रदेश। मैहर शहर में रात 11 बजे के बाद पुलिस ने सख्त रुख अपनाते हुए दुकानों में चल रही शराबखोरी की महफिलों पर कार्रवाई की। थाना प्रभारी पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे और दुकानों में बैठकर शराब पीने वालों को जमकर फटकार लगाई। कार्रवाई के दौरान दुकानदारों को दुकानें बंद करने के निर्देश दिए गए। वहीं, दुकानों के अंदर शराब की महफिल सजाकर बैठे लोगों को पुलिस ने मौके पर ही समझाइश देते हुए सख्ती दिखाई। बताया जा रहा है कि थाना प्रभारी ने दुकानदारों से शराब के खाली डिस्पोजल और बोतलें भी मौके पर ही उठवाईं। पुलिस की इस कार्रवाई से देर रात तक दुकानों में जमावड़ा लगाने वालों में हड़कंप मच गया। अब सवाल यह है कि क्या मैहर पुलिस की यह सख्ती लगातार जारी रहेगी? शहर में रात के समय सार्वजनिक स्थानों और दुकानों में शराबखोरी पर प्रभावी रोक लग पाएगी? भारत समाचार लाइव न्यूज़ पत्रकार: शिव सिंह राजपूत दहिया जनता के लिए कलम, माफिया के खिलाफ आवाज। 📰 भारत समाचार लाइव न्यूज़ रात 11 बजे के बाद मैहर में पुलिस की सख्ती, दुकानों में शराबखोरी पर थाना प्रभारी की कार्रवाई मैहर | मध्य प्रदेश। मैहर शहर में रात 11 बजे के बाद पुलिस ने सख्त रुख अपनाते हुए दुकानों में चल रही शराबखोरी की महफिलों पर कार्रवाई की। थाना प्रभारी पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे और दुकानों में बैठकर शराब पीने वालों को जमकर फटकार लगाई। कार्रवाई के दौरान दुकानदारों को दुकानें बंद करने के निर्देश दिए गए। वहीं, दुकानों के अंदर शराब की महफिल सजाकर बैठे लोगों को पुलिस ने मौके पर ही समझाइश देते हुए सख्ती दिखाई। बताया जा रहा है कि थाना प्रभारी ने दुकानदारों से शराब के खाली डिस्पोजल और बोतलें भी मौके पर ही उठवाईं। पुलिस की इस कार्रवाई से देर रात तक दुकानों में जमावड़ा लगाने वालों में हड़कंप मच गया। अब सवाल यह है कि क्या मैहर पुलिस की यह सख्ती लगातार जारी रहेगी? शहर में रात के समय सार्वजनिक स्थानों और दुकानों में शराबखोरी पर प्रभावी रोक लग पाएगी? भारत समाचार लाइव न्यूज़ पत्रकार: शिव सिंह राजपूत दहिया जनता के लिए कलम, माफिया के खिलाफ आवाज।1
- माँ शारदा शक्तिपीठ मैहरआज दिनांक 1,11,26दिन रविवार के संध्या:कालीन दर्शन आरती दिव्य श्रंगारजय माई की माँ शारदा शक्तिपीठ मैहरआज दिनांक 1,11,26दिन रविवार के संध्या:कालीन दर्शन आरती दिव्य श्रंगारजय माई की4
- कलेक्टर के सख्त निर्देशों के बाद भी गोरगी गौशाला में मौत का मंजर! समीक्षा बैठकें बेअसर, जिम्मेदार मौन कागजों में चारा-पानी और दवाइयों के नाम पर लाखों के आहरण का आरोप, जमीन पर भूख और बीमारी से तड़प रहे बेजुबान। रीवा। जिला प्रशासन द्वारा गौवंश की सुरक्षा और गौशालाओं के बेहतर संचालन को लेकर हर महीने समीक्षा बैठकें आयोजित की जाती हैं। अधिकारियों को सख्त निर्देश भी दिए जाते हैं, लेकिन ग्राम पंचायत गोरगी की गौशाला से सामने आई तस्वीरें प्रशासनिक दावों और जमीनी हकीकत के बीच बड़ा अंतर दिखा रही हैं। मामला जनपद पंचायत रीवा अंतर्गत ग्राम पंचायत गोरगी का है। यहां हनुमान मंदिर परिसर के बगल में संचालित गौशाला की स्थिति बेहद चिंताजनक बताई जा रही है। गौशाला के अंदर और बाहर मृत मवेशी पड़े होने की जानकारी सामने आई है, वहीं कई गोवंश बीमार और कमजोर हालत में नजर आ रहे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि गौशाला में न पर्याप्त भूसा है, न हरा चारा और न ही पीने के पानी की समुचित व्यवस्था। महीनों से डॉक्टर नहीं पहुंचने का आरोप ग्राम पंचायत गोरगी निवासी भगवान दास चौरसिया ने बताया कि गौशाला में मवेशियों की देखरेख के लिए महीनों से कोई पशु चिकित्सक नहीं पहुंचा है। बीमार मवेशियों का समय पर उपचार नहीं हो रहा, जिसके चलते लगातार गोवंश की मौतें हो रही हैं। हैरानी की बात यह है कि गौशाला से कुछ ही दूरी पर शासकीय स्कूल और पंचायत भवन स्थित हैं। यहां अधिकारियों और कर्मचारियों का आना-जाना भी रहता है, इसके बावजूद ग्रामीणों के अनुसार गौशाला की बदहाली पर जिम्मेदारों का ध्यान नहीं जा रहा है। कागजों में लाखों का खर्च, जमीन पर बदहाली! ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि चारा, भूसा, पानी और दवाइयों के नाम पर हर महीने शासकीय राशि का आहरण किया जा रहा है, लेकिन गौशाला में उसका लाभ मवेशियों को मिलता दिखाई नहीं दे रहा। हालांकि इन वित्तीय आरोपों की पुष्टि संबंधित दस्तावेजों और आधिकारिक जांच से होना बाकी है। कलेक्टर से तत्काल कार्रवाई की मांग ग्रामीणों ने कलेक्टर रीवा और मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत से मांग की है कि गोरगी गौशाला का तत्काल निरीक्षण कराया जाए। मृत मवेशियों का नियमानुसार निस्तारण हो, बीमार गोवंश का उपचार कराया जाए और चारा-पानी की तत्काल व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। साथ ही ग्रामीणों ने मांग की है कि यदि जांच में शासकीय राशि के दुरुपयोग या लापरवाही की पुष्टि होती है तो संबंधित सचिव, सरपंच और अन्य जिम्मेदारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब गौवंश की सुरक्षा के लिए हर महीने समीक्षा बैठकें होती हैं और अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए जाते हैं, तो ग्राम पंचायत गोरगी की गौशाला में बेजुबानों की यह दुर्दशा आखिर किसकी जवाबदेही है? क्या प्रशासन किसी बड़ी कार्रवाई या और मौतों का इंतजार कर रहा है? ✍️ पत्रकार पंडित विकास आवाज जनता की 46 कलेक्टर के सख्त निर्देशों के बाद भी गोरगी गौशाला में मौत का मंजर! समीक्षा बैठकें बेअसर, जिम्मेदार मौन कागजों में चारा-पानी और दवाइयों के नाम पर लाखों के आहरण का आरोप, जमीन पर भूख और बीमारी से तड़प रहे बेजुबान। रीवा। जिला प्रशासन द्वारा गौवंश की सुरक्षा और गौशालाओं के बेहतर संचालन को लेकर हर महीने समीक्षा बैठकें आयोजित की जाती हैं। अधिकारियों को सख्त निर्देश भी दिए जाते हैं, लेकिन ग्राम पंचायत गोरगी की गौशाला से सामने आई तस्वीरें प्रशासनिक दावों और जमीनी हकीकत के बीच बड़ा अंतर दिखा रही हैं। मामला जनपद पंचायत रीवा अंतर्गत ग्राम पंचायत गोरगी का है। यहां हनुमान मंदिर परिसर के बगल में संचालित गौशाला की स्थिति बेहद चिंताजनक बताई जा रही है। गौशाला के अंदर और बाहर मृत मवेशी पड़े होने की जानकारी सामने आई है, वहीं कई गोवंश बीमार और कमजोर हालत में नजर आ रहे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि गौशाला में न पर्याप्त भूसा है, न हरा चारा और न ही पीने के पानी की समुचित व्यवस्था। महीनों से डॉक्टर नहीं पहुंचने का आरोप ग्राम पंचायत गोरगी निवासी भगवान दास चौरसिया ने बताया कि गौशाला में मवेशियों की देखरेख के लिए महीनों से कोई पशु चिकित्सक नहीं पहुंचा है। बीमार मवेशियों का समय पर उपचार नहीं हो रहा, जिसके चलते लगातार गोवंश की मौतें हो रही हैं। हैरानी की बात यह है कि गौशाला से कुछ ही दूरी पर शासकीय स्कूल और पंचायत भवन स्थित हैं। यहां अधिकारियों और कर्मचारियों का आना-जाना भी रहता है, इसके बावजूद ग्रामीणों के अनुसार गौशाला की बदहाली पर जिम्मेदारों का ध्यान नहीं जा रहा है। कागजों में लाखों का खर्च, जमीन पर बदहाली! ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि चारा, भूसा, पानी और दवाइयों के नाम पर हर महीने शासकीय राशि का आहरण किया जा रहा है, लेकिन गौशाला में उसका लाभ मवेशियों को मिलता दिखाई नहीं दे रहा। हालांकि इन वित्तीय आरोपों की पुष्टि संबंधित दस्तावेजों और आधिकारिक जांच से होना बाकी है। कलेक्टर से तत्काल कार्रवाई की मांग ग्रामीणों ने कलेक्टर रीवा और मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत से मांग की है कि गोरगी गौशाला का तत्काल निरीक्षण कराया जाए। मृत मवेशियों का नियमानुसार निस्तारण हो, बीमार गोवंश का उपचार कराया जाए और चारा-पानी की तत्काल व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। साथ ही ग्रामीणों ने मांग की है कि यदि जांच में शासकीय राशि के दुरुपयोग या लापरवाही की पुष्टि होती है तो संबंधित सचिव, सरपंच और अन्य जिम्मेदारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब गौवंश की सुरक्षा के लिए हर महीने समीक्षा बैठकें होती हैं और अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए जाते हैं, तो ग्राम पंचायत गोरगी की गौशाला में बेजुबानों की यह दुर्दशा आखिर किसकी जवाबदेही है? क्या प्रशासन किसी बड़ी कार्रवाई या और मौतों का इंतजार कर रहा है? ✍️ पत्रकार पंडित विकास आवाज जनता की 461