भाजपा प्रदेशाध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने कांग्रेस द्वारा मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और उनकी सरकार पर लगाए गए भूमि संबंधी आरोपों का जोरदार खंडन किया है। उन्होंने इन सभी आरोपों को पूरी तरह गलत, निराधार और तथ्यहीन बताते हुए कहा कि कांग्रेस और उसके नेता केवल भ्रम की स्थिति पैदा कर मुख्यमंत्री की छवि धूमिल करने का प्रयास कर रहे हैं। खंडेलवाल ने स्पष्ट किया कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा वर्ष 2023 में नामांकन के दौरान घोषित 17 एकड़ भूमि में आज तक कोई परिवर्तन नहीं हुआ है। इसी तरह, मुख्यमंत्री की पत्नी श्रीमती सीमा यादव के नाम दर्ज 12.29 एकड़ भूमि में भी कोई बदलाव नहीं आया है। सिद्धिविनायक कंपनी से जुड़े आरोपों को भी गलत बताते हुए उन्होंने कहा कि डॉ. मोहन यादव ने वर्ष 2017 में ही कंपनी के निदेशक पद से इस्तीफा दे दिया था; कंपनी के पास 2023 में 68 एकड़ भूमि थी, जो बाद में 65 एकड़ रह गई, और इसमें मुख्यमंत्री डॉ. यादव की कोई भूमिका नहीं है। उन्होंने यह भी बताया कि मुख्यमंत्री के पुत्र वैभव यादव के नाम दर्ज 16 एकड़ भूमि में भी मुख्यमंत्री बनने के बाद कोई परिवर्तन नहीं हुआ है, और यह सभी भूमियाँ मास्टर प्लान लागू होने से पहले की हैं। मुख्यमंत्री की पुत्रवधू शालिनी यादव द्वारा खरीदी गई 10 एकड़ कृषि भूमि भी मास्टर प्लान क्षेत्र के बाहर है। रिश्तेदारों को लेकर लगाए गए आरोपों पर खंडेलवाल ने कहा कि उनका मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और उनके परिवार से कोई संबंध नहीं है, क्योंकि रिश्तेदारों का अपना स्वतंत्र अस्तित्व है। भाजपा प्रदेशाध्यक्ष ने कांग्रेस पर आरोप लगाते हुए कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव प्रदेश के विकास, किसान कल्याण और औद्योगिक प्रगति के लिए लगातार कार्य कर रहे हैं। कांग्रेस विकास के मुद्दों पर मुकाबला नहीं कर पाने के कारण इस प्रकार के आरोप लगाकर सरकार और मुख्यमंत्री को कमजोर करने का प्रयास कर रही है। हेमंत खंडेलवाल ने अंत में कहा कि पिछड़े वर्ग से आने वाले लोकप्रिय नेताओं के खिलाफ पहले भी ऐसे षड्यंत्र किए जाते रहे हैं, लेकिन प्रदेश की जनता सच्चाई को भली-भांति जानती है।
भाजपा प्रदेशाध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने कांग्रेस द्वारा मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और उनकी सरकार पर लगाए गए भूमि संबंधी आरोपों का जोरदार खंडन किया है। उन्होंने इन सभी आरोपों को पूरी तरह गलत, निराधार और तथ्यहीन बताते हुए कहा कि कांग्रेस और उसके नेता केवल भ्रम की स्थिति पैदा कर मुख्यमंत्री की छवि धूमिल करने का प्रयास कर रहे हैं। खंडेलवाल ने स्पष्ट किया कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा वर्ष 2023 में नामांकन के दौरान घोषित 17 एकड़ भूमि में आज तक कोई परिवर्तन नहीं हुआ है। इसी तरह, मुख्यमंत्री की पत्नी श्रीमती सीमा यादव के नाम दर्ज 12.29 एकड़ भूमि में भी कोई बदलाव नहीं आया है। सिद्धिविनायक कंपनी से जुड़े आरोपों को भी गलत बताते हुए उन्होंने कहा कि डॉ. मोहन यादव ने वर्ष 2017 में ही कंपनी के निदेशक पद से इस्तीफा दे दिया था; कंपनी के पास 2023 में 68 एकड़ भूमि थी, जो बाद में 65 एकड़ रह गई, और इसमें मुख्यमंत्री डॉ. यादव की कोई भूमिका नहीं है। उन्होंने यह भी बताया कि मुख्यमंत्री के पुत्र वैभव यादव के नाम दर्ज 16 एकड़ भूमि में भी मुख्यमंत्री बनने के बाद कोई परिवर्तन नहीं हुआ है, और यह सभी भूमियाँ मास्टर प्लान लागू होने से पहले की हैं। मुख्यमंत्री की पुत्रवधू शालिनी यादव द्वारा खरीदी गई 10 एकड़ कृषि भूमि भी मास्टर प्लान क्षेत्र के बाहर है। रिश्तेदारों को लेकर लगाए गए आरोपों पर खंडेलवाल ने कहा कि उनका मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और उनके परिवार से कोई संबंध नहीं है, क्योंकि रिश्तेदारों का अपना स्वतंत्र अस्तित्व है। भाजपा प्रदेशाध्यक्ष ने कांग्रेस पर आरोप लगाते हुए कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव प्रदेश के विकास, किसान कल्याण और औद्योगिक प्रगति के लिए लगातार कार्य कर रहे हैं। कांग्रेस विकास के मुद्दों पर मुकाबला नहीं कर पाने के कारण इस प्रकार के आरोप लगाकर सरकार और मुख्यमंत्री को कमजोर करने का प्रयास कर रही है। हेमंत खंडेलवाल ने अंत में कहा कि पिछड़े वर्ग से आने वाले लोकप्रिय नेताओं के खिलाफ पहले भी ऐसे षड्यंत्र किए जाते रहे हैं, लेकिन प्रदेश की जनता सच्चाई को भली-भांति जानती है।
- भाजपा प्रदेशाध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने कांग्रेस द्वारा मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और उनकी सरकार पर लगाए गए भूमि संबंधी आरोपों का जोरदार खंडन किया है। उन्होंने इन सभी आरोपों को पूरी तरह गलत, निराधार और तथ्यहीन बताते हुए कहा कि कांग्रेस और उसके नेता केवल भ्रम की स्थिति पैदा कर मुख्यमंत्री की छवि धूमिल करने का प्रयास कर रहे हैं। खंडेलवाल ने स्पष्ट किया कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा वर्ष 2023 में नामांकन के दौरान घोषित 17 एकड़ भूमि में आज तक कोई परिवर्तन नहीं हुआ है। इसी तरह, मुख्यमंत्री की पत्नी श्रीमती सीमा यादव के नाम दर्ज 12.29 एकड़ भूमि में भी कोई बदलाव नहीं आया है। सिद्धिविनायक कंपनी से जुड़े आरोपों को भी गलत बताते हुए उन्होंने कहा कि डॉ. मोहन यादव ने वर्ष 2017 में ही कंपनी के निदेशक पद से इस्तीफा दे दिया था; कंपनी के पास 2023 में 68 एकड़ भूमि थी, जो बाद में 65 एकड़ रह गई, और इसमें मुख्यमंत्री डॉ. यादव की कोई भूमिका नहीं है। उन्होंने यह भी बताया कि मुख्यमंत्री के पुत्र वैभव यादव के नाम दर्ज 16 एकड़ भूमि में भी मुख्यमंत्री बनने के बाद कोई परिवर्तन नहीं हुआ है, और यह सभी भूमियाँ मास्टर प्लान लागू होने से पहले की हैं। मुख्यमंत्री की पुत्रवधू शालिनी यादव द्वारा खरीदी गई 10 एकड़ कृषि भूमि भी मास्टर प्लान क्षेत्र के बाहर है। रिश्तेदारों को लेकर लगाए गए आरोपों पर खंडेलवाल ने कहा कि उनका मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और उनके परिवार से कोई संबंध नहीं है, क्योंकि रिश्तेदारों का अपना स्वतंत्र अस्तित्व है। भाजपा प्रदेशाध्यक्ष ने कांग्रेस पर आरोप लगाते हुए कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव प्रदेश के विकास, किसान कल्याण और औद्योगिक प्रगति के लिए लगातार कार्य कर रहे हैं। कांग्रेस विकास के मुद्दों पर मुकाबला नहीं कर पाने के कारण इस प्रकार के आरोप लगाकर सरकार और मुख्यमंत्री को कमजोर करने का प्रयास कर रही है। हेमंत खंडेलवाल ने अंत में कहा कि पिछड़े वर्ग से आने वाले लोकप्रिय नेताओं के खिलाफ पहले भी ऐसे षड्यंत्र किए जाते रहे हैं, लेकिन प्रदेश की जनता सच्चाई को भली-भांति जानती है।1
- मोहर्रम शरीफ के आयोजन के संबंध में पलेरा थाने में शांति समिति की एक बैठक सफलतापूर्वक संपन्न हो गई है।1
- सोशल मीडिया पर लखनऊ, उत्तर प्रदेश से एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें एक बेहद दर्दनाक घटना सामने आई है। इस वीडियो के अनुसार, लखनऊ के एक कोचिंग सेंटर में भीषण आग लग गई, जिसके चलते दुर्भाग्यवश 14 बच्चे जिंदा जल गए। इस हृदयविदारक घटना पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री जी ने भी अपनी टिप्पणी दी है।1
- पलेरा थाना क्षेत्र के ग्राम अतरार में सुबह तालाब में नहाते समय एक 11 वर्षीय बालिका की डूबने से मौत हो गई। मौके पर मौजूद परिजनों में इस घटना से कोहराम मच गया। यह बालिका मऊरानीपुर, उत्तर प्रदेश की निवासी माधुरी अहिरवार थी, जो अपने परिवार के एक शादी समारोह में शामिल होने के लिए अपनी दादी के घर अतरार आई हुई थी। जानकारी के अनुसार, माधुरी तालाब में नहाने गई थी और इसी दौरान अचानक गहरे पानी में चले जाने से वह डूब गई। घटना की खबर मिलते ही स्थानीय ग्रामीणों और परिजनों ने तुरंत तालाब में उतरकर बालिका को बाहर निकाला। उसे उपचार के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पलेरा पहुंचाया गया, हालांकि, वहां डॉक्टरों ने जांच के बाद माधुरी को मृत घोषित कर दिया। बालिका की मौत की खबर से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। पुलिस ने मर्ग कायम कर शव का पोस्टमार्टम सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पलेरा में करवाया और फिर शव परिजनों को सौंप दिया। मामले की जांच की जा रही है।1
- आगामी 26 जून को मनाए जाने वाले मुस्लिम समाज के पवित्र मोहर्रम (ताजिया) पर्व को शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण माहौल में संपन्न कराने के लिए जतारा पुलिस और प्रशासन पूरी तरह से सतर्क है। इसी क्रम में, जतारा पुलिस ने नगर में फ्लैग मार्च निकालकर सुरक्षा व्यवस्थाओं का जायजा लिया और आमजन से शांति एवं भाईचारा बनाए रखने की अपील की है। यह फ्लैग मार्च जतारा थाना परिसर से एसडीओपी अभिषेक गौतम के नेतृत्व में पुलिस बल द्वारा निकाला गया, जो नगर के प्रमुख मार्गों और संवेदनशील क्षेत्रों से होकर गुजरा। इस दौरान पुलिस अधिकारियों ने नागरिकों से संवाद किया और आगामी त्योहार को आपसी सद्भाव तथा शांतिपूर्ण वातावरण में मनाने का संदेश दिया। एसडीओपी अभिषेक गौतम ने स्पष्ट किया कि पुलिस प्रशासन कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए पूरी तरह तैयार है। उन्होंने नागरिकों से किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न देने और किसी भी विवाद या संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तत्काल पुलिस को देने की अपील की। उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि शांति व्यवस्था बिगाड़ने वाले असामाजिक तत्वों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इस फ्लैग मार्च में जतारा थाना प्रभारी कमल सिंह ठाकुर, चंदेरा थाना प्रभारी रश्मि जैन, पलेरा थाना प्रभारी प्रीति भार्गव, बम्हैरीकला थाना प्रभारी नीतू खटीक सहित विभिन्न थाना क्षेत्रों का पुलिस बल एवं पुलिस लाइन के जवान शामिल रहे। पुलिस प्रशासन ने नागरिकों से पुनः अपील की है कि मोहर्रम पर्व को आपसी प्रेम, भाईचारे और शांति के साथ मनाएं, साथ ही क्षेत्र में कानून व्यवस्था बनाए रखने में प्रशासन का सहयोग करें।4
- उत्तर प्रदेश के लखनऊ में एक कोचिंग सेंटर में भीषण आग लगने की घटना सामने आई है। इस दुखद हादसे में कुल 14 छात्राओं की झुलसने से मौत हो गई।1
- खरगापुर में आगामी त्योहारों और मोहर्रम के मद्देनजर स्थानीय थाने में शांति समिति की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस दौरान प्रशासनिक अधिकारियों और नगर के प्रबुद्ध जनों ने सभी नागरिकों से आपसी भाईचारे, शांति और सद्भावना के साथ त्योहार मनाने की अपील की। अधिकारियों ने स्पष्ट चेतावनी दी कि त्योहारों के दौरान हुड़दंग करने या शांति भंग करने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। बैठक में यह भी हिदायत दी गई कि सोशल मीडिया पर किसी भी प्रकार की भ्रामक या आपत्तिजनक पोस्ट साझा न की जाए। पुलिस की साइबर सेल ऐसी अफवाहें फैलाने वालों पर पैनी नजर रखेगी, और उन्हें बख्शा नहीं जाएगा। अधिकारियों ने खरगापुर के गंगा-जमुनी तहजीब की मिसाल होने का भी जिक्र करते हुए आपसी सौहार्द बनाए रखने पर जोर दिया। इस बैठक में मुख्य रूप से थाना प्रभारी, तहसीलदार और मुख्य नगरपालिका अधिकारी (सीएमओ) मौजूद रहे, जिनके साथ नगर के पत्रकार बंधुओं और अन्य गणमान्य नागरिकों ने भी हिस्सा लिया। प्रशासन ने शहर की व्यवस्थाओं और सुरक्षा इंतजामों पर चर्चा की। सीएमओ ने आश्वासन दिया कि त्योहारों के दौरान बिजली, पानी और साफ-सफाई की व्यवस्थाएं सुचारु और चाक-चौबंद रखी जाएंगी।1
- पलेरा थाना क्षेत्र के ग्राम सतवारा में पारिवारिक विवाद से परेशान होकर एक 42 वर्षीय महिला ने कथित तौर पर जहरीला पदार्थ खा लिया, जिसके बाद उपचार के लिए अस्पताल लाए जाने पर उसकी मौत हो गई। इस घटना के बाद मृतका के मायके पक्ष ने पलेरा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भारी हंगामा किया और अपने ससुराल पक्ष पर गंभीर आरोप लगाए। मृतका की पहचान आशा पटेल (42) के रूप में हुई है, जिसके परिजन उत्तर प्रदेश के जिला झांसी अंतर्गत ग्राम महेवा के निवासी हैं। मृतका के भाई पवन पटेल ने आरोप लगाया कि आशा का पति और सास उसे आए दिन पीटते थे। उनके अनुसार, पति शराब का सेवन करता था और शराब पीने से मना करने पर आशा के साथ मारपीट की जाती थी। परिजनों का आरोप है कि लगातार प्रताड़ना और पारिवारिक विवादों के कारण आशा ने जहरीला पदार्थ खाकर अपनी जान दे दी। गंभीर हालत में आशा को पलेरा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लाया गया था, जहाँ उपचार के दौरान उसने दम तोड़ दिया। महिला की मौत के बाद परिजनों ने अस्पताल परिसर में हंगामा करते हुए दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। सूचना मिलने पर पुलिस ने मौके पर पहुँचकर मामले को शांत कराया और परिजनों को निष्पक्ष जांच तथा कार्रवाई का आश्वासन दिया। पुलिस ने मृतका का पोस्टमार्टम कराकर शव परिजनों को सौंप दिया है और मामले की जांच कर रही है, जिसके बाद ही मौत के वास्तविक कारणों और लगाए गए आरोपों की पुष्टि हो सकेगी।1