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जापान का नागोरो गांव अपनी अनोखी पहचान के लिए पूरी दुनिया में मशहूर है, जहां इंसानों से ज्यादा पुतले नजर आते हैं। कभी पूरी तरह आबादी से भरा यह गांव पलायन के कारण खाली होता चला गया, जिसके बाद एक स्थानीय महिला ने गांव की पुरानी रौनक लौटाने के लिए सैकड़ों पुतले बनाना शुरू किया। आज यहां हर गली, खेत और घर में बने ये पुतले इस अनोखे गांव की कहानी बयां करते हैं।
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जापान का नागोरो गांव अपनी अनोखी पहचान के लिए पूरी दुनिया में मशहूर है, जहां इंसानों से ज्यादा पुतले नजर आते हैं। कभी पूरी तरह आबादी से भरा यह गांव पलायन के कारण खाली होता चला गया, जिसके बाद एक स्थानीय महिला ने गांव की पुरानी रौनक लौटाने के लिए सैकड़ों पुतले बनाना शुरू किया। आज यहां हर गली, खेत और घर में बने ये पुतले इस अनोखे गांव की कहानी बयां करते हैं।
- Kk ki tarah oo kk iiHathin, Palwal🙏15 hrs ago
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- जापान का नागोरो गांव अपनी अनोखी पहचान के लिए पूरी दुनिया में मशहूर है, जहां इंसानों से ज्यादा पुतले नजर आते हैं। कभी पूरी तरह आबादी से भरा यह गांव पलायन के कारण खाली होता चला गया, जिसके बाद एक स्थानीय महिला ने गांव की पुरानी रौनक लौटाने के लिए सैकड़ों पुतले बनाना शुरू किया। आज यहां हर गली, खेत और घर में बने ये पुतले इस अनोखे गांव की कहानी बयां करते हैं।1
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- गुजरात के सूरत में बारडोली पोस्ट ऑफिस को बम से उड़ाने की धमकी देने वाला एक मैसेज आया है।1
- क्लाइमेट एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक ने जंतर-मंतर पर लगातार 18वें दिन भी अपनी अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल जारी रखी है। वे कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) द्वारा NEET-UG 2026 परीक्षा में कथित गड़बड़ियों को लेकर किए जा रहे विरोध प्रदर्शन के समर्थन में हड़ताल पर बैठे हैं। सोनम वांगचुक इस प्रदर्शन के जरिए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। इस बीच, दिल्ली हाई कोर्ट में एक जनहित याचिका (PIL) दायर कर तुरंत मेडिकल मदद की मांग की गई है। लाइवलॉ की रिपोर्ट के मुताबिक, इस याचिका में संबंधित अधिकारियों से सोनम वांगचुक को किसी सरकारी अस्पताल में शिफ्ट करने, उन्हें तत्काल इलाज मुहैया कराने और उनकी जान बचाने के लिए सभी जरूरी कदम उठाने की अपील की गई है।1
- दिल्ली के जंतर मंतर पर चल रहे कॉकरोच जनता पार्टी के धरने, प्रदर्शन और भूख हड़ताल को लेकर अरविंद केजरीवाल ने अपना आधिकारिक बयान जारी किया है। अरविंद केजरीवाल ने नीट (NEET) पेपर लीक मामले पर खुलकर अपनी बात रखी और स्पष्ट किया कि आम आदमी पार्टी पूरी तरह से कॉकरोच जनता पार्टी के इस धरने का समर्थन करती है और उनके साथ मजबूती से खड़ी है। उन्होंने धरने पर बैठे प्रदर्शनकारियों के प्रति गहरी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि भूख हड़ताल के कारण लोगों की तबीयत काफी बिगड़ चुकी है और उनकी हालत बेहद नाजुक बनी हुई है। इस दौरान अरविंद केजरीवाल ने देश के शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की पुरजोर मांग की। उन्होंने कहा कि पूरे सिस्टम को दुरुस्त किया जाना चाहिए ताकि भविष्य में कभी भी बच्चों के पेपर लीक न हों और उनके सुनहरे भविष्य के साथ इस तरह का खिलवाड़ दोबारा न किया जा सके। इसके साथ ही, उन्होंने सोनम वांगचुक से भूख हड़ताल समाप्त करने की भावुक अपील की। केजरीवाल ने कहा कि सोनम वांगचुक भारत देश की धरोहर हैं, इसलिए उन्हें अपनी जान को इस तरह से जोखिम में नहीं डालना चाहिए। केजरीवाल ने यह भी साफ किया कि वे खुद जल्द ही सोनम वांगचुक से मिलने और कॉकरोच जनता पार्टी को अपना समर्थन देने जंतर मंतर पहुंचेंगे, जबकि उनकी पार्टी के तमाम नेता और कार्यकर्ता पहले ही वहां पहुंचकर प्रदर्शन को पूरा समर्थन दे रहे हैं।1
- दिल्ली में उत्तर-पश्चिमी जिला पुलिस के अशोक विहार सब-डिवीजन ने "पुलिस आपके द्वार" अभियान के तहत स्थानीय नागरिकों के साथ संवाद स्थापित किया है। इस अभियान के दौरान अशोक विहार के एसीपी ने बताया कि पुलिस द्वारा हर शनिवार जन सुनवाई आयोजित की जाती है। इस जन सुनवाई के माध्यम से स्थानीय लोग अपनी शिकायतें और सुझाव सीधे पुलिस तक पहुंचा सकते हैं। इस संवाद के साथ ही, थाना केशव पुरम के बाहर एक विशेष शिकायत पेटी भी लगाई गई है। इस पेटी का मुख्य उद्देश्य लोगों को नशे और सट्टे से जुड़ी कोई भी जानकारी गुमनाम रूप से पुलिस को देने की सुविधा प्रदान करना है। पुलिस ने स्थानीय नागरिकों को भरोसा दिलाया है कि इन सूचनाओं पर पूरी तरह से गोपनीय कार्रवाई की जाएगी।1
- उत्तर प्रदेश के मेरठ की सेंट्रल मार्केट को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाते हुए 44 सील संपत्तियों से अवैध निर्माण और 815 घरों के आगे से अतिक्रमण हटाने का आदेश दिया है। मंगलवार दोपहर 3 बजे जैसे ही सुप्रीम कोर्ट ने यह फैसला सुनाया, वैसे ही पिछले 89 दिनों से धरने पर बैठी महिलाएं फूट-फूटकर रोने लगीं। महिलाओं का कहना है कि तीन महीने के आंदोलन, पूजा-पाठ और जनप्रतिनिधियों से बार-बार गुहार लगाने के बाद भी उन्हें कोई राहत नहीं मिली और सरकार ने उन्हें सड़क पर लाकर खड़ा कर दिया है। इस फैसले के बाद धरने पर बैठी महिलाओं का गुस्सा और दर्द सरकार पर फूट पड़ा। प्रदर्शनकारी शीतल पुजानी ने बेहद भावुक होकर कहा कि सरकार गूंगी-बहरी हो गई है, जो तीन महीने से सड़कों पर बैठे लोगों की बात सुनने को तैयार नहीं है। वहीं राधा गुप्ता ने सरकार के प्रति तीखी नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि उनके घर तोड़ दिए गए और व्यापार पूरी तरह खत्म कर दिया गया है; जब सब कुछ छीन ही लिया गया है तो वे अब वोट क्यों दें? महिलाओं ने रोते हुए अपनी पीड़ा साझा की कि उनके जीवनभर की जमापूंजी इन मकानों और दुकानों में लगी थी, और अब इस उम्र में वे दोबारा घर कहां बनाएंगे। लाचार महिलाओं का कहना है कि ऐसी जिंदगी जीने से अच्छा है कि उन्हें मार ही दिया जाए। इसके अलावा, सुप्रीम कोर्ट ने मेरठ के अन्य आवासीय इलाकों में भी नियमों के खिलाफ चल रही व्यावसायिक गतिविधियों की जांच कराने का निर्देश दिया है। इस संबंध में प्रमुख सचिव, आवास एवं शहरी नियोजन विभाग को आगामी सितंबर तक अपनी रिपोर्ट पेश करनी होगी।1
- गुजरात के अहमदाबाद में साबरमती-कालीगाम रेलवे यार्ड में खड़ी एक खाली यात्री ट्रेन के 3-टियर एसी कोच में भीषण आग लग गई। गनीमत रही कि घटना के समय यह कोच खाली और बंद था, जिससे इस हादसे में कोई जनहानि नहीं हुई। घटना की सूचना मिलने के बाद दमकल की 4 गाड़ियों ने मौके पर पहुंचकर करीब 1 घंटे में आग पर पूरी तरह काबू पा लिया।1