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महान चक्रवर्ती सम्राट अशोक जी की जयंती के उपलक्ष्य पर जिला लखीमपुर खीरी में आयोजित “बहुजन भाईचारा संकल्प महारैली” का ऐतिहासिक और अभूतपूर्व सफल आयोजन यह सिद्ध करता है कि बहुजन आंदोलन अब नई ऊर्जा, नई चेतना और नई ताकत के साथ आगे बढ़ रहा है। लखीमपुर खीरी की इस ऐतिहासिक महारैली को सफल बनाने के लिए दिन-रात मेहनत करने वाले सभी पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं और सहयोगियों का मैं हृदय से आभार व्यक्त करता हूँ। साथ ही इस महारैली को अपना अपार समर्थन और प्यार देकर इसे ऐतिहासिक बनाने वाली जागरूक, सम्मानित और संघर्षशील महान जनता को दिल से सलाम और अभिनंदन। आप सभी साथियों की यह एकजुटता इस बात का स्पष्ट संदेश है कि बहुजन महापुरुषों का मिशन अब और अधिक गति से आगे बढ़ेगा और बहुजन समाज अपने संवैधानिक अधिकारों के लिए मजबूती से संघर्ष करता रहेगा। जय भीम! जय भारत! जय सम्राट अशोक! #29_मार्च_लखीमपुरखीरी #ASP_K_Mission2027

18 hrs ago
user_AJAY CHANDRA
AJAY CHANDRA
रामपुर मनिहारन, सहारनपुर, उत्तर प्रदेश•
18 hrs ago
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महान चक्रवर्ती सम्राट अशोक जी की जयंती के उपलक्ष्य पर जिला लखीमपुर खीरी में आयोजित “बहुजन भाईचारा संकल्प

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महारैली” का ऐतिहासिक और अभूतपूर्व सफल आयोजन यह सिद्ध करता है कि बहुजन आंदोलन अब नई ऊर्जा, नई

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चेतना और नई ताकत के साथ आगे बढ़ रहा है। लखीमपुर खीरी की इस ऐतिहासिक महारैली को सफल बनाने

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के लिए दिन-रात मेहनत करने वाले सभी पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं और सहयोगियों का मैं हृदय से आभार व्यक्त करता

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हूँ। साथ ही इस महारैली को अपना अपार समर्थन और प्यार देकर इसे ऐतिहासिक बनाने वाली जागरूक, सम्मानित

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और संघर्षशील महान जनता को दिल से सलाम और अभिनंदन। आप सभी साथियों की यह एकजुटता इस बात का

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स्पष्ट संदेश है कि बहुजन महापुरुषों का मिशन अब और अधिक गति से आगे बढ़ेगा और बहुजन समाज

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अपने संवैधानिक अधिकारों के लिए मजबूती से संघर्ष करता रहेगा। जय भीम! जय भारत! जय सम्राट अशोक! #29_मार्च_लखीमपुरखीरी #ASP_K_Mission2027

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  • कस्बा गंगोह में भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत की ओडिशा में किसान पंचायत के दौरान गिरफ्तारी की खबर से किसानों में भारी आक्रोश फैल गया - पश्चिमी उत्तर प्रदेश में इस घटना को लेकर किसानों में रोष देखने को मिल रहा है। इसी के विरोध में सोमवार को गंगोह कोतवाली परिसर में भाकियू कार्यकर्ताओं ने जोरदार धरना प्रदर्शन किया-भाकियू टिकैत गुट के गंगोह ब्लॉक अध्यक्ष चौधरी तहसीन के नेतृत्व में बड़ी संख्या में किसान कोतवाली परिसर में इकट्ठा हुए और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए धरने पर बैठ गए- किसानों ने टिकैत की गिरफ्तारी को किसानों की आवाज दबाने की साजिश बताते हुए कड़ी नाराजगी जताई-धरने पर बैठे किसानों ने मांग की कि राकेश टिकैत को तुरंत रिहा किया जाए, अन्यथा आंदोलन को और तेज किया जाएगा-इस दौरान क्षेत्र के कई किसान नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहे
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    कस्बा गंगोह में भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत की ओडिशा में किसान पंचायत के दौरान गिरफ्तारी की खबर से किसानों में भारी आक्रोश फैल गया - पश्चिमी उत्तर प्रदेश में इस घटना को लेकर किसानों में रोष देखने को मिल रहा है। इसी के विरोध में सोमवार को गंगोह कोतवाली परिसर में भाकियू कार्यकर्ताओं ने जोरदार धरना प्रदर्शन किया-भाकियू टिकैत गुट के गंगोह ब्लॉक अध्यक्ष चौधरी तहसीन के नेतृत्व में बड़ी संख्या में किसान कोतवाली परिसर में इकट्ठा हुए और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए धरने पर बैठ गए- किसानों ने टिकैत की गिरफ्तारी को किसानों की आवाज दबाने की साजिश बताते हुए कड़ी नाराजगी जताई-धरने पर बैठे किसानों ने मांग की कि राकेश टिकैत को तुरंत रिहा किया जाए, अन्यथा आंदोलन को और तेज किया जाएगा-इस दौरान क्षेत्र के कई किसान नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहे
    user_मिस सोनिया
    मिस सोनिया
    Lawyer नकुड़, सहारनपुर, उत्तर प्रदेश•
    6 hrs ago
  • सहारनपुर। मिर्जापुर थाना क्षेत्र के गांव नानूवाला में आपसी विवाद ने अचानक हिंसक रूप ले लिया। एक ही समुदाय के दो पक्ष आमने-सामने आ गए, जिसके बाद जमकर लाठी-डंडे चले।जानकारी के अनुसार, नशे में धुत एक युवक ने पहले एक महिला पर डंडे से हमला कर उसे घायल कर दिया। महिला को बचाने पहुंची दूसरी युवती भी हमले का शिकार हो गई। इस घटना के बाद दोनों पक्षों में तनाव बढ़ गया और देखते ही देखते झड़प हिंसक हो गई।सूचना मिलते ही डायल 112 पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन उग्र भीड़ द्वारा पुलिस वाहन पर हमला किए जाने की भी खबर है, जिसमें गाड़ी का शीशा टूटने की बात सामने आ रही है। मौके पर पहुंची थाना पुलिस ने लोगों को समझा-बुझाकर हालात को काबू में किया। घायल दोनों महिलाओं को उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया है।फिलहाल गांव में तनावपूर्ण माहौल बना हुआ है, हालांकि पुलिस की मौजूदगी में स्थिति नियंत्रण में बताई जा रही है। वीडियो:-
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    सहारनपुर।
मिर्जापुर थाना क्षेत्र के गांव नानूवाला में आपसी विवाद ने अचानक हिंसक रूप ले लिया। एक ही समुदाय के दो पक्ष आमने-सामने आ गए, जिसके बाद जमकर लाठी-डंडे चले।जानकारी के अनुसार, नशे में धुत एक युवक ने पहले एक महिला पर डंडे से हमला कर उसे घायल कर दिया। महिला को बचाने पहुंची दूसरी युवती भी हमले का शिकार हो गई। इस घटना के बाद दोनों पक्षों में तनाव बढ़ गया और देखते ही देखते झड़प हिंसक हो गई।सूचना मिलते ही डायल 112 पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन उग्र भीड़ द्वारा पुलिस वाहन पर हमला किए जाने की भी खबर है, जिसमें गाड़ी का शीशा टूटने की बात सामने आ रही है। मौके पर पहुंची थाना पुलिस ने लोगों को समझा-बुझाकर हालात को काबू में किया। घायल दोनों महिलाओं को उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया है।फिलहाल गांव में तनावपूर्ण माहौल बना हुआ है, हालांकि पुलिस की मौजूदगी में स्थिति नियंत्रण में बताई जा रही है।
वीडियो:-
    user_Quazi Shahid Ahmed
    Quazi Shahid Ahmed
    Saharanpur, Uttar Pradesh•
    4 hrs ago
  • 1914: इतिहास के बारे में अक्सर कहा जाता है कि समय का पहिया घूमकर फिर वहीं आ जाता है। लेकिन क्या कभी ऐसा भी हो सकता है कि सिर्फ घटनाएं ही नहीं बल्कि तारीखें और कैलेंडर भी खुद को दोहराने लगें? इन दिनों सोशल मीडिया पर एक ऐसी ही चर्चा तेजी से वायरल हो रही है। दावा किया जा रहा है कि वर्ष 2026 का कैलेंडर बिल्कुल वैसा ही है जैसा 1914 और 1942 में था। 1914 वही साल था जब प्रथम विश्व युद्ध शुरू हुआ और दुनिया की राजनीति हमेशा के लिए बदल गई। वहीं 1942 द्वितीय विश्व युद्ध का सबसे निर्णायक और रक्तरंजित दौर माना जाता है। अब जब 2026 का कैलेंडर इन दोनों वर्षों से मेल खाता बताया जा रहा है, तो कई लोगों के मन में यह सवाल उठने लगा है कि क्या इतिहास एक बार फिर किसी बड़े मोड़ की ओर बढ़ रहा है। हालांकि विशेषज्ञों का कहना है कि कैलेंडर की यह समानता महज गणितीय संयोग है, लेकिन मौजूदा वैश्विक परिस्थितियों ने इस चर्चा को और भी दिलचस्प बना दिया है। आइए जानते हैं इस पर विस्तार से - कैलेंडर का गणित और दोहराव का वैज्ञानिक कारण कैलेंडर के गणित को समझने वाले विशेषज्ञ बताते हैं कि ग्रेगोरियन कैलेंडर में तारीखों और दिनों का क्रम हमेशा एक जैसा नहीं रहता, लेकिन कुछ वर्षों के बाद यह पैटर्न फिर से दोहर सकता है। लीप ईयर और सामान्य वर्षों के संयोजन के कारण यह चक्र बनता है। गणितीय गणना के अनुसार 2026 का कैलेंडर ठीक वैसा ही है जैसा 1914 में था। यानी 112 साल बाद वही तारीखें और वही दिन दोबारा दिखाई दे रहे हैं। इसी तरह 1942 और 2026 के बीच 84 साल का अंतर है और इस वजह से इन दोनों वर्षों का कैलेंडर भी काफी हद तक एक जैसा दिखाई देता है। कैलेंडर का यह दोहराव खगोलशास्त्र और गणित का सामान्य नियम है। वैज्ञानिकों के अनुसार इसमें कोई रहस्य या भविष्यवाणी छिपी नहीं होती, लेकिन जब किसी खास साल से जुड़ी बड़ी ऐतिहासिक घटनाएं हों तो लोग इसे अलग नजरिए से देखने लगते हैं।
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    1914: इतिहास के बारे में अक्सर कहा जाता है कि समय का पहिया घूमकर फिर वहीं आ जाता है। लेकिन क्या कभी ऐसा भी हो सकता है कि सिर्फ घटनाएं ही नहीं बल्कि तारीखें और कैलेंडर भी खुद को दोहराने लगें?
इन दिनों सोशल मीडिया पर एक ऐसी ही चर्चा तेजी से वायरल हो रही है। दावा किया जा रहा है कि वर्ष 2026 का कैलेंडर बिल्कुल वैसा ही है जैसा 1914 और 1942 में था।
1914 वही साल था जब प्रथम विश्व युद्ध शुरू हुआ और दुनिया की राजनीति हमेशा के लिए बदल गई। वहीं 1942 द्वितीय विश्व युद्ध का सबसे निर्णायक और रक्तरंजित दौर माना जाता है। अब जब 2026 का कैलेंडर इन दोनों वर्षों से मेल खाता बताया जा रहा है, तो कई लोगों के मन में यह सवाल उठने लगा है कि क्या इतिहास एक बार फिर किसी बड़े मोड़ की ओर बढ़ रहा है। हालांकि विशेषज्ञों का कहना है कि कैलेंडर की यह समानता महज गणितीय संयोग है, लेकिन मौजूदा वैश्विक परिस्थितियों ने इस चर्चा को और भी दिलचस्प बना दिया है। आइए जानते हैं इस पर विस्तार से -
कैलेंडर का गणित और दोहराव का वैज्ञानिक कारण
कैलेंडर के गणित को समझने वाले विशेषज्ञ बताते हैं कि ग्रेगोरियन कैलेंडर में तारीखों और दिनों का क्रम हमेशा एक जैसा नहीं रहता, लेकिन कुछ वर्षों के बाद यह पैटर्न फिर से दोहर सकता है। लीप ईयर और सामान्य वर्षों के संयोजन के कारण यह चक्र बनता है। गणितीय गणना के अनुसार 2026 का कैलेंडर ठीक वैसा ही है जैसा 1914 में था। यानी 112 साल बाद वही तारीखें और वही दिन दोबारा दिखाई दे रहे हैं। इसी तरह 1942 और 2026 के बीच 84 साल का अंतर है और इस वजह से इन दोनों वर्षों का कैलेंडर भी काफी हद तक एक जैसा दिखाई देता है। कैलेंडर का यह दोहराव खगोलशास्त्र और गणित का सामान्य नियम है। वैज्ञानिकों के अनुसार इसमें कोई रहस्य या भविष्यवाणी छिपी नहीं होती, लेकिन जब किसी खास साल से जुड़ी बड़ी ऐतिहासिक घटनाएं हों तो लोग इसे अलग नजरिए से देखने लगते हैं।
    user_Sunita Jain
    Sunita Jain
    Saharanpur, Uttar Pradesh•
    19 hrs ago
  • रुड़की प्रदीप बत्रा मंत्री बनते ही जानिए पूरी खबर
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    रुड़की प्रदीप बत्रा मंत्री बनते ही जानिए पूरी खबर
    user_रवि कुमार आजाद
    रवि कुमार आजाद
    नरसन, हरिद्वार, उत्तराखंड•
    12 min ago
  • माता मनसा देवी के दर्शनों के बाद. खुशी से झूम उठे श्रद्धालू... माता के भजन गाकर और नाचकर खुशी का इजहार किया। माता मनसा देवी के दर्शनों को उमड़ रहे है भक्तजन।
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    माता मनसा देवी के दर्शनों के बाद. खुशी से झूम उठे श्रद्धालू... माता के भजन गाकर और नाचकर खुशी का इजहार किया। माता मनसा देवी के दर्शनों को उमड़ रहे है भक्तजन।
    user_Gulshan Dhiman
    Gulshan Dhiman
    रादौर, यमुनानगर, हरियाणा•
    5 hrs ago
  • मुजफ्फरनगर। चरथावल क्षेत्र के गाँव नगला राई में मौलाना महमूद मदनी के आगमन पर जोरदार स्वागत किया गया। इस दौरान बड़ी संख्या में लोग मौके पर मौजूद रहे और उनका अभिनंदन किया। मौलाना महमूद मदनी एक प्रख्यात इस्लामिक विद्वान और सामाजिक कार्यकर्ता हैं। वे जमीअत उल-उलेमा-ए-हिंद के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी हैं, जो देश का एक प्रमुख मुस्लिम संगठन है। कार्यक्रम के दौरान उन्होंने सामाजिक एकता, भाईचारे और शांति बनाए रखने का संदेश दिया। उनके आगमन को लेकर क्षेत्र में खासा उत्साह देखने को मिला।
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    मुजफ्फरनगर। चरथावल क्षेत्र के गाँव नगला राई में मौलाना महमूद मदनी के आगमन पर जोरदार स्वागत किया गया। इस दौरान बड़ी संख्या में लोग मौके पर मौजूद रहे और उनका अभिनंदन किया।
मौलाना महमूद मदनी एक प्रख्यात इस्लामिक विद्वान और सामाजिक कार्यकर्ता हैं। वे जमीअत उल-उलेमा-ए-हिंद के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी हैं, जो देश का एक प्रमुख मुस्लिम संगठन है।
कार्यक्रम के दौरान उन्होंने सामाजिक एकता, भाईचारे और शांति बनाए रखने का संदेश दिया। उनके आगमन को लेकर क्षेत्र में खासा उत्साह देखने को मिला।
    user_Aslam Tyagi
    Aslam Tyagi
    Local News Reporter मुजफ्फरनगर, मुजफ्फरनगर, उत्तर प्रदेश•
    13 min ago
  • सुनिए भारतीय किसान यूनियन राष्ट्रीय प्रवक्ता चौधरी राकेश टिकैत को
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    सुनिए भारतीय किसान यूनियन राष्ट्रीय प्रवक्ता चौधरी राकेश टिकैत को
    user_M News National digital
    M News National digital
    Local News Reporter मुजफ्फरनगर, मुजफ्फरनगर, उत्तर प्रदेश•
    2 hrs ago
  • अंबेहटा पीर में महावीर स्वामी जयंती पर निकली भव्य शोभायात्रा कस्बा अंबेहटा पीर में महावीर स्वामी जयंती के अवसर पर जैन समाज द्वारा भव्य शोभायात्रा निकाली गई शोभायात्रा का शुभारंभ जैन मंदिर से हुआ शोभायात्रा इस्लामनगर रोड, मेन बाजार जामा मस्जिद मार्ग से होते हुए पुनः जैन मंदिर पर पहुंचकर संपन्न हुई शोभायात्रा में सजाई गई झांकियां लोगों के आकर्षण का केंद्र रहीं इस अवसर पर अखिलेश जैन, हर्ष जैन, संजीत, विजय जैन, वीरेंद्र जैन, अंकित जैन, अतिशय जैन, शुभ्रांश जैन, राहुल जैन, मौजूद रहे
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    अंबेहटा पीर में महावीर स्वामी जयंती पर निकली भव्य शोभायात्रा कस्बा अंबेहटा पीर में महावीर स्वामी जयंती के अवसर पर जैन समाज द्वारा भव्य शोभायात्रा निकाली गई शोभायात्रा का शुभारंभ जैन मंदिर से हुआ शोभायात्रा इस्लामनगर रोड, मेन बाजार जामा मस्जिद मार्ग से होते हुए पुनः जैन मंदिर पर पहुंचकर संपन्न हुई शोभायात्रा में सजाई गई झांकियां लोगों के आकर्षण का केंद्र रहीं इस अवसर पर अखिलेश जैन, हर्ष जैन, संजीत, विजय जैन, वीरेंद्र जैन, अंकित जैन, अतिशय जैन, शुभ्रांश जैन, राहुल जैन, मौजूद रहे
    user_मिस सोनिया
    मिस सोनिया
    Lawyer नकुड़, सहारनपुर, उत्तर प्रदेश•
    7 hrs ago
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