सचिवालय सभागार में मुख्य सचिव श्री आनंद बर्द्धन की अध्यक्षता में NCORD की 10वीं राज्य स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में राज्य में नशे के विरुद्ध समन्वित एवं प्रभावी कार्रवाई को और अधिक सुदृढ़ करने पर विस्तार से चर्चा की गई। मुख्य सचिव ने जनपदवार NDPS एक्ट के अंतर्गत पंजीकृत अभियोगों की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि सभी मामलों में विवेचना एवं पैरवी प्रभावी ढंग से की जाए, ताकि नशे में संलिप्त पेडलरों को अधिकतम सजा दिलाई जा सके। उन्होंने निर्देश दिए कि वर्तमान में 546 लंबित प्रकरणों पर दो माह के भीतर चार्जशीट दायर कर निस्तारण करना सुनिश्चित करें। मुख्य सचिव ने जिलाधिकारी पौड़ी को कोटद्वार में नशा मुक्ति केंद्र हेतु उपयुक्त भवन चिन्हित कर तत्काल संचालन प्रारंभ कराने के निर्देश दिए। उन्होंने इसके लिए सिडकुल अथवा पर्यटन विभाग के उपलब्ध इंफ्रास्ट्रक्चर का समन्वय स्थापित करते हुए उपयोग करने पर जोर दिया। उन्होंने निर्देशित किया कि राज्य के सभी जनपदों के अस्पतालों में 5 से 10 बेड डी-एडिक्शन सेंटर हेतु आरक्षित किए जाएं। इसके लिए कोविड-19 अवधि के दौरान विकसित उपलब्ध इंफ्रास्ट्रक्चर के उपयोग पर भी बल देने के लिए मुख्य सचिव ने कहा। इस संबंध में स्वास्थ्य विभाग, STF एवं अन्य संबंधित एजेंसियों को आपसी समन्वय से त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए गए। मुख्य सचिव ने सभी स्कूलों, कॉलेजों एवं उच्च शैक्षणिक संस्थानों में आउटकम आधारित जागरूकता अभियान संचालित करने के निर्देश दिए। इसके साथ ही राज्य एवं जनपद स्तर पर एंटी ड्रग क्लब को सक्रिय करते हुए अनुभवी एनजीओ एवं नागरिक समाज को सहभागी बनाकर बेहतर इम्प्लीमेंटेशन प्लान तैयार करने को कहा। नशे से प्रभावित व्यक्तियों के पुनर्वास, जागरूकता एवं मुख्यधारा में लाने हेतु विशेष फोकस के साथ विस्तृत रोडमैप तैयार करने के निर्देश भी उन्होंने दिए। मुख्य सचिव ने ड्रग डिटेक्शन किट का टेस्टिंग हेतु व्यापक उपयोग, चिन्हित हॉट स्पॉट्स पर विशेष निगरानी तथा निजी संस्थानों को ड्रग डिटेक्शन से संबंधित डेटा साझा करने हेतु प्रेरित करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि एनफोर्समेंट की कड़ी कार्रवाई के साथ उसका धरातल पर प्रभाव भी दिखना चाहिए। मुख्य सचिव ने सभी विभागों, एजेंसियों एवं स्टेक होल्डर्स को गंभीरता एवं बेहतर समन्वय के साथ परिणामोन्मुख दृष्टिकोण के आधार पर NCORD के अंतर्गत प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। बैठक में उत्तराखण्ड पुलिस एवं STF द्वारा नशे के विरुद्ध किए गए प्रयासों और अब तक की गई कार्रवाई का प्रस्तुतीकरण भी दिया गया। इस दौरान बैठक में प्रमुख सचिव डॉ आर मीनाक्षी सुंदरम, सचिव श्री सचिन कुर्वे, श्री रंजीत सिन्हा व श्री रविनाथ रामन, पुलिस महानिरीक्षक श्री के एस नगन्याल, विशेष सचिव श्रीमती निवेदिता कुकरेती, श्री अजय सिंह सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे। नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो से उप महानिदेशक श्री एपी तिवारी तथा सभी जिलाधिकारी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक वर्चुअल माध्यम से बैठक में सम्मिलित हुए।
सचिवालय सभागार में मुख्य सचिव श्री आनंद बर्द्धन की अध्यक्षता में NCORD की 10वीं राज्य स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में राज्य में नशे के विरुद्ध समन्वित एवं प्रभावी कार्रवाई को और अधिक सुदृढ़ करने पर विस्तार से चर्चा की गई। मुख्य सचिव ने जनपदवार NDPS एक्ट के अंतर्गत पंजीकृत अभियोगों की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि सभी मामलों में विवेचना एवं पैरवी प्रभावी ढंग से की जाए, ताकि नशे में संलिप्त पेडलरों को अधिकतम सजा दिलाई जा सके। उन्होंने निर्देश दिए कि वर्तमान में 546 लंबित प्रकरणों पर दो माह के भीतर चार्जशीट दायर कर निस्तारण करना सुनिश्चित करें। मुख्य सचिव ने जिलाधिकारी पौड़ी को कोटद्वार में नशा मुक्ति केंद्र हेतु उपयुक्त भवन चिन्हित कर तत्काल संचालन प्रारंभ कराने के निर्देश दिए। उन्होंने इसके लिए सिडकुल अथवा पर्यटन विभाग के उपलब्ध इंफ्रास्ट्रक्चर का समन्वय स्थापित करते हुए उपयोग करने पर जोर दिया। उन्होंने निर्देशित किया कि राज्य के सभी जनपदों के अस्पतालों में 5 से 10 बेड डी-एडिक्शन सेंटर हेतु आरक्षित किए जाएं। इसके लिए कोविड-19 अवधि के दौरान विकसित उपलब्ध इंफ्रास्ट्रक्चर के उपयोग पर भी बल देने के लिए मुख्य सचिव ने कहा। इस संबंध में स्वास्थ्य विभाग, STF एवं अन्य संबंधित एजेंसियों को आपसी समन्वय से त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए गए। मुख्य सचिव ने सभी स्कूलों, कॉलेजों एवं उच्च शैक्षणिक संस्थानों में आउटकम आधारित जागरूकता अभियान संचालित करने के निर्देश दिए। इसके साथ ही राज्य एवं जनपद स्तर पर एंटी ड्रग क्लब को सक्रिय करते हुए अनुभवी एनजीओ एवं नागरिक समाज को सहभागी बनाकर बेहतर इम्प्लीमेंटेशन प्लान तैयार करने को कहा। नशे से प्रभावित व्यक्तियों के पुनर्वास, जागरूकता एवं मुख्यधारा में लाने हेतु विशेष फोकस के साथ विस्तृत रोडमैप तैयार करने के निर्देश भी उन्होंने दिए। मुख्य सचिव ने ड्रग डिटेक्शन किट का टेस्टिंग हेतु व्यापक उपयोग, चिन्हित हॉट स्पॉट्स पर विशेष निगरानी तथा निजी संस्थानों को ड्रग डिटेक्शन से संबंधित डेटा साझा करने हेतु प्रेरित करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि एनफोर्समेंट की कड़ी कार्रवाई के साथ उसका धरातल पर प्रभाव भी दिखना चाहिए। मुख्य सचिव ने सभी विभागों, एजेंसियों एवं स्टेक होल्डर्स को गंभीरता एवं बेहतर समन्वय के साथ परिणामोन्मुख दृष्टिकोण के आधार पर NCORD के अंतर्गत प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। बैठक में उत्तराखण्ड पुलिस एवं STF द्वारा नशे के विरुद्ध किए गए प्रयासों और अब तक की गई कार्रवाई का प्रस्तुतीकरण भी दिया गया। इस दौरान बैठक में प्रमुख सचिव डॉ आर मीनाक्षी सुंदरम, सचिव श्री सचिन कुर्वे, श्री रंजीत सिन्हा व श्री रविनाथ रामन, पुलिस महानिरीक्षक श्री के एस नगन्याल, विशेष सचिव श्रीमती निवेदिता कुकरेती, श्री अजय सिंह सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे। नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो से उप महानिदेशक श्री एपी तिवारी तथा सभी जिलाधिकारी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक वर्चुअल माध्यम से बैठक में सम्मिलित हुए।
- मुजफ्फरनगर जनपद के चरथावल थाना पुलिस ने 18 फरवरी 2026 को एक वारंटी अभियुक्त को गिरफ्तार किया है। दीपक पुत्र जोनी नामक यह अभियुक्त चरथावल थाना क्षेत्र के दूधली गांव का निवासी है। यह कार्रवाई वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मुजफ्फरनगर के निर्देश पर, पुलिस अधीक्षक नगर और क्षेत्राधिकारी सदर के पर्यवेक्षण में प्रभारी निरीक्षक चरथावल के नेतृत्व में की गई। उपनिरीक्षक राघव वंशल ने अपनी टीम के साथ माननीय न्यायालय अपर जनपद एवं सत्र न्यायाधीश, कोर्ट संख्या-04 मुजफ्फरनगर द्वारा जारी गिरफ्तारी वारंट के आधार पर दीपक को पकड़ा। अभियुक्त दीपक की उम्र लगभग 22 वर्ष बताई जा रही है। उस पर वाद संख्या 1049/24 के तहत विद्युत अधिनियम की धारा 138(1)बी का मामला दर्ज था। गिरफ्तारी करने वाली टीम में कांस्टेबल सतीश कुमार भी शामिल थे। पुलिस द्वारा गिरफ्तार अभियुक्त के खिलाफ आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।2
- अवगत कराना है कि दिनांक 17.02.2026 को थानाक्षेत्र शाहपुर के गांव हरसौली के वादी महंत पुष्करनाथ द्वारा थाना शाहपुर पुलिस को लिखित तहरीर देते हुए बताया कि दिनांक 16.02.2026 की रात्रि 8 बजे अभियुक्तगण 1-सोहनवीर उर्फ पिन्टू पुत्र धर्मसिंह 2. अजय पुत्र तेजवीर निवासीगण ग्राम हरसौली थाना शाहपुर, मुजफ्फरनगर 3. अरुण उर्फ कलुआ पुत्र राजवीर निवासी ग्राम लच्छेडा थाना मंसूरपुर मुजफ्फरनगर द्वारा उनके साथ मारपीट की गयी है तथा मंदिर में रखी मूर्ति को खण्डित किया गया है। प्राप्त तहरीर के आधार पर थाना शाहपुर पुलिस द्वारा तत्काल मु0अ0सं0 45/2026 धारा 115(2)/109(1)/298/351(3) बी0एन0एस0 पंजीकृत किया गया तथा अभियुक्तगण की गिरफ्तारी हेतु टीम गठित की गयी। गठित टीम द्वारा आज दिनांक 18.02.2026 को उपरोक्त तीनों अभियुक्तगण को गिरफ्तार किया गया है तथा अग्रिम वैधानिक कार्यवाही की जा रही है। इस सम्बन्ध में क्षेत्राधिकारी बुढाना श्री गजेन्द्रपाल सिंह की बाइट1
- Post by Radhika Singh1
- *ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन का उत्तर प्रदेश में बढ़ता प्रभाव: बाबू मोहिब मलिक की सदस्यता ग्रहण* उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक महत्वपूर्ण घटना घटी है। समाजवादी पार्टी का दामन छोड़ते हुए बाबू मोहिब मलिक ने ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) की सदस्यता ग्रहण कर ली। महाराष्ट्र और बिहार में परचम लहराने के बाद अब उत्तर प्रदेश में भी 'पतंग' का निशान चमक रहा है। जनपद मुजफ्फरनगर के कस्बा खतौली में आयोजित इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में कार्यकर्ता शामिल हुए खतौली के कस्बा क्षेत्र में आज एक भव्य सभा का आयोजन किया गया, जहां समाजवादी पार्टी के प्रमुख नेता बाबू मोहिब मलिक ने एआईएमआईएम का दामन थाम लिया। उनके नेतृत्व में दर्जनों समर्थक भी पार्टी में शामिल हुए। कार्यक्रम की अध्यक्षता मीरापुर विधायक प्रत्याशी एवं प्रदेश महासचिव अरशद राणा ने की, जबकि जिला अध्यक्ष मौलाना इमरान कासमी, पूर्व जिला अध्यक्ष शारुल त्यागी और महानगर अध्यक्ष खालिद मलिक ने स्वागत किया। मौके पर विधानसभा अध्यक्ष, नगर अध्यक्ष, समस्त कार्यकर्ता और पदाधिकारी उपस्थित रहे।बाबू मोहिब मलिक ने सदस्यता ग्रहण करते हुए कहा, "समाजवादी पार्टी में रहते हुए हमने देखा कि मुस्लिम समाज की असल समस्याओं पर ध्यान नहीं दिया जा रहा। एआईएमआईएम असदुद्दीन ओवैसी के नेतृत्व में मुसलमानों की सच्ची आवाज बनकर उभरी है। उत्तर प्रदेश में बेरोजगारी, महंगाई और किसानों की दुर्दशा जैसे मुद्दों पर हम लड़ेंगे।बाबू मोहिब मलिक "हमारा काफिला दिन-प्रतिदिन बढ़ रहा है। मुजफ्फरनगर जैसे संवेदनशील क्षेत्र में सांप्रदायिक सद्भाव और सामाजिक न्याय सुनिश्चित करना हमारा लक्ष्य है। समाजवादी पार्टी ने वादे किए थे, लेकिन पूरे नहीं किए। अब एआईएमआईएम के साथ हम वास्तविक बदलाव लाएंगे।अरशद राणा ने कहा कि एआईएमआईएम उत्तर प्रदेश में तेजी से विस्तार कर रही है। महाराष्ट्र और बिहार के सफल मॉडल को यहां दोहराया जाएगा। उन्होंने जोर देकर कहा कि पार्टी मुस्लिम वोट बैंक को एकजुट करने के साथ-साथ सभी वर्गों के हितों की रक्षा करेगी। मौलाना इमरान कासमी ने बाबू मोहिब मलिक का स्वागत करते हुए कहा, "यह हमारे लिए बड़ी उपलब्धि है। खतौली-मीरापुर क्षेत्र में हमारी पैठ मजबूत हो गई है।"राजनीतिक विश्लेषण: उत्तर प्रदेश की राजनीति में एआईएमआईएम का आगमन सपा-बसपा के लिए चुनौती है। राज्य में मुस्लिम आबादी 19 प्रतिशत से अधिक है, जो सीमांचल और पश्चिमी यूपी में निर्णायक भूमिका निभा सकती है।3
- *ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन का उत्तर प्रदेश में बढ़ता प्रभाव: बाबू मोहिब मलिक की सदस्यता ग्रहण* उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक महत्वपूर्ण घटना घटी है। समाजवादी पार्टी का दामन छोड़ते हुए बाबू मोहिब मलिक ने ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) की सदस्यता ग्रहण कर ली। महाराष्ट्र और बिहार में परचम लहराने के बाद अब उत्तर प्रदेश में भी 'पतंग' का निशान चमक रहा है। जनपद मुजफ्फरनगर के कस्बा खतौली में आयोजित इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में कार्यकर्ता शामिल हुए खतौली के कस्बा क्षेत्र में आज एक भव्य सभा का आयोजन किया गया, जहां समाजवादी पार्टी के प्रमुख नेता बाबू मोहिब मलिक ने एआईएमआईएम का दामन थाम लिया। उनके नेतृत्व में दर्जनों समर्थक भी पार्टी में शामिल हुए। कार्यक्रम की अध्यक्षता मीरापुर विधायक प्रत्याशी एवं प्रदेश महासचिव अरशद राणा ने की, जबकि जिला अध्यक्ष मौलाना इमरान कासमी, पूर्व जिला अध्यक्ष शारुल त्यागी और महानगर अध्यक्ष खालिद मलिक ने स्वागत किया। मौके पर विधानसभा अध्यक्ष, नगर अध्यक्ष, समस्त कार्यकर्ता और पदाधिकारी उपस्थित रहे।बाबू मोहिब मलिक ने सदस्यता ग्रहण करते हुए कहा, "समाजवादी पार्टी में रहते हुए हमने देखा कि मुस्लिम समाज की असल समस्याओं पर ध्यान नहीं दिया जा रहा। एआईएमआईएम असदुद्दीन ओवैसी के नेतृत्व में मुसलमानों की सच्ची आवाज बनकर उभरी है। उत्तर प्रदेश में बेरोजगारी, महंगाई और किसानों की दुर्दशा जैसे मुद्दों पर हम लड़ेंगे।बाबू मोहिब मलिक "हमारा काफिला दिन-प्रतिदिन बढ़ रहा है। मुजफ्फरनगर जैसे संवेदनशील क्षेत्र में सांप्रदायिक सद्भाव और सामाजिक न्याय सुनिश्चित करना हमारा लक्ष्य है। समाजवादी पार्टी ने वादे किए थे, लेकिन पूरे नहीं किए। अब एआईएमआईएम के साथ हम वास्तविक बदलाव लाएंगे।अरशद राणा ने कहा कि एआईएमआईएम उत्तर प्रदेश में तेजी से विस्तार कर रही है। महाराष्ट्र और बिहार के सफल मॉडल को यहां दोहराया जाएगा। उन्होंने जोर देकर कहा कि पार्टी मुस्लिम वोट बैंक को एकजुट करने के साथ-साथ सभी वर्गों के हितों की रक्षा करेगी। मौलाना इमरान कासमी ने बाबू मोहिब मलिक का स्वागत करते हुए कहा, "यह हमारे लिए बड़ी उपलब्धि है। खतौली-मीरापुर क्षेत्र में हमारी पैठ मजबूत हो गई है।"राजनीतिक विश्लेषण: उत्तर प्रदेश की राजनीति में एआईएमआईएम का आगमन सपा-बसपा के लिए चुनौती है। राज्य में मुस्लिम आबादी 19 प्रतिशत से अधिक है, जो सीमांचल और पश्चिमी यूपी में निर्णायक भूमिका निभा सकती है।3
- फरमान अब्बासी के आवास पहुंचे गौरव स्वरूप ने कर दी बड़ी घोषणा सड़क निर्माण से लेकर सफाई तक सुधरेगी व्यवस्था मुज़फ्फरनगर। शहर के मिमलाना रोड़ पर फरमान अब्बासी के कार्यालय के उद्घाटन के बाद उनके आवास पर पहुंचे गौरव स्वरूप का फूल मालाओं से स्वागत हुआ। वरिष्ठ भाजपा नेता गौरव स्वरूप ने घोषणा करते हुए कहा कि फरमान अब्बासी द्वारा लिखवाई गई सड़क की मैं घोषणा करता हूँ तथा इस मौहल्ले में ही नही बल्कि जहा जहा सफाई की गाड़ी नहीं पहुंच पा रही है। उन सब बस्तियों तक व्यवस्था दुरुस्त होगी। इसके अलावा भी कई अन्य लोगो द्वारा बताई गई समस्याओं का भी मौके पर ही निस्तारण कराने का आश्वासन दिया। पूर्व एडीजीसी शलभ गुप्ता एडवोकेट ने कहा कि पूरे शहर में विकास हो रहा है जहां रह गया वहां भी जल्द ही होगा। हमारी चेयरमैन मीनाक्षी स्वरूप जी बिना भेदभाव के विकास कराती है। जनार्दन विश्वकर्मा ने भी सराहना करते हुए कहा कि सफाई व्यवस्था सुधरी है और शहर जगमगा रहा है। फरमान अब्बासी लेखक ने धन्यवाद करते हुए कहा कि गौरव स्वरूप ने ऑन द स्पॉट ही एक बड़ी समस्या का हल किया है जो जनहित में बड़ी उपलब्धि हैं। डॉक्टर सम्राट ने समापन करते हुए कहा कि मैं फरमान अब्बासी को मुबारकबाद देते हूँ कि उन्होंने जनहित में ये प्रोग्राम कराया और जनसमस्याओं पर भाजपा नेता गौरव स्वरूप ने प्रकाश डाला और उनका निस्तारण कराने का पूरा भरोसा दिया। इस दौरान पत्रकार साथियों व समाजसेवियों को सम्मानित भी किया गया।4
- मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हरिद्वार के आर्यनगर (गाजीवाली) में आयोजित ‘मुख्य सेवक की चौपाल’ में जनता के बीच बैठकर सीधा संवाद किया। उन्होंने ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं और अधिकारियों को मौके पर ही समाधान के सख्त निर्देश दिए। सीएम धामी ने कहा कि सरकार अब फाइलों में नहीं, बल्कि मैदान में काम करेगी। उन्होंने जिलाधिकारी को निर्देश दिया कि चौपाल में प्राप्त सभी शिकायतों और प्रार्थना पत्रों का निस्तारण तेजी से किया जाए। सीएम धामी ने कहा कि जनता की समस्याओं पर किसी भी तरह की देरी या लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाना है और इसके लिए हर स्तर पर जवाबदेही तय की जाएगी। इस कार्यक्रम में पूर्व विधायक स्वामी यतीश्वरानंद, अन्य जनप्रतिनिधि, जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी और बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक मौजूद थे ¹ ² ³। क्या आप इस खबर से संबंधित कोई विशिष्ट जानकारी चाहते हैं या कोई अन्य सवाल है?1
- जनपद मुजफ्फरनगर के थाना चरथावल पुलिस ने एक बार फिर सक्रियता दिखाते हुए गंभीर मामले में त्वरित कार्रवाई की है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में चलाए जा रहे वांछित/वारंटी अभियान के अंतर्गत पुलिस अधीक्षक नगर एवं क्षेत्राधिकारी सदर के पर्यवेक्षण तथा प्रभारी निरीक्षक चरथावल के नेतृत्व में उपनिरीक्षक पंकज शर्मा ने मय हमराही पुलिस बल के साथ कार्रवाई को अंजाम दिया। वादी दीपक कुमार निवासी ग्राम सैदपुर कलां की तहरीर के आधार पर थाना चरथावल पर मु0अ0सं0 21/2026 धारा 333/76/78(2)/351(3)/308(2) बीएनएस व 7/8 पॉक्सो एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था। आरोप है कि अभियुक्त ने वादी की नाबालिग पुत्री के साथ छेड़छाड़ कर उसके कपड़े फाड़े तथा फोटो वायरल करने की धमकी देकर पैसों की मांग की। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए नामजद अभियुक्त नावेद पुत्र शब्बू निवासी सैदपुर कला को मात्र 12 घंटे के भीतर 18 फरवरी 2026 को नहर पटरी कसियारा पुलिया के पास से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के अनुसार अभियुक्त के विरुद्ध आवश्यक विधिक कार्रवाई की जा रही है।2
- मुजफ्फरनगर/पुरकाजी। राष्ट्रीय महिला एकता संगठन की राष्ट्रीय अध्यक्ष रिया किन्नर ने पुरकाजी क्षेत्र से जुड़े एक चर्चित विवाद में न्याय मिलने का दावा करते हुए बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि उनके खिलाफ “फर्जी तरीके से स्टे” कराया गया था, जिसे अब न्यायालय ने खारिज कर दिया है और उन्हें मुकदमे में जीत हासिल हुई है।1