ग्रामसभा में वर्षों से उठ रही मरम्मत की मांग, स्वतंत्रता दिवस की बैठक में भी ग्रामीणों ने उठाया मुद्दा; प्रशासन से मौके पर जांच कर तत्काल कार्रवाई की मांग *दस साल से अधूरा पड़ा माला ग्राम पंचायत का लखूमर स्कूल भवन*, *बच्चों के भविष्य पर मंडरा रहा खतरा* *ग्रामसभा में वर्षों से उठ रही मरम्मत की मांग, स्वतंत्रता दिवस की बैठक में भी ग्रामीणों ने उठाया मुद्दा; प्रशासन से मौके पर जांच कर तत्काल कार्रवाई की मांग* उमरिया । मानपुर जनपद पंचायत अंतर्गत ग्राम पंचायत माला के अंतर्गत आने वाले ग्राम लखूमर का शासकीय विद्यालय पिछले करीब 10 वर्षों से अधूरे और जर्जर हालात में पड़ा होने का आरोप ग्रामीणों ने लगाया है। ग्रामीणों का कहना है कि विद्यालय भवन का निर्माण आधा-अधूरा छोड़ दिए जाने के बाद आज तक उसकी समुचित मरम्मत और रखरखाव की ओर जिम्मेदारों ने ध्यान नहीं दिया जहां गिट्टी और पत्थर कमरे के अंदर आज भी पड़े हुए हैं कचरे के देर में बैठकर बनाया जा रहा है खाना, जिसका सीधा असर बच्चों की पढ़ाई और सुरक्षा पर पड़ रहा है। ग्रामीणों के मुताबिक विद्यालय परिसर की स्थिति ऐसी है कि जहां बच्चे बैठते हैं, वहां बिछी दरी के नीचे भी जगह-जगह गड्ढे बने हुए हैं। परिसर में गंदगी और जलभराव जैसी स्थिति के कारण मच्छरों का प्रकोप भी बना रहता है। ऐसे वातावरण में बच्चों को पढ़ाई करने में काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। दरी के नीचे भी गड्ढे, गंदगी से मच्छरों का प्रकोप ग्रामीणों का कहना है कि विद्यालय भवन और परिसर की स्थिति लंबे समय से खराब है। भवन की मरम्मत नहीं होने के साथ-साथ परिसर की समुचित साफ-सफाई भी नहीं हो पा रही है। बच्चों के बैठने के स्थान के नीचे गड्ढे होना चिंता का विषय है। ग्रामीणों का आरोप है कि सरकारी राशि खर्च होने के बावजूद विद्यालय की हालत में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ। ग्रामीणों ने सवाल उठाया कि विद्यालय के निर्माण और अधूरे कार्य के लिए स्वीकृत राशि का उपयोग किस प्रकार किया गया और निर्माण कार्य पूरा क्यों नहीं कराया गया, इसकी जांच होना आवश्यक है। ग्रामसभा में कई बार प्रस्ताव, फिर भी नहीं हुई कार्रवाई ग्रामीणों का कहना है कि विद्यालय की बदहाल स्थिति को लेकर ग्रामसभा की बैठकों में कई बार प्रस्ताव रखा जा चुका है, लेकिन इसके बावजूद समस्या जस की तस बनी हुई है। हर बार ग्रामीणों को उम्मीद रहती है कि विद्यालय की मरम्मत होगी, लेकिन वर्षों बीत जाने के बाद भी कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने से उनमें नाराजगी है। ग्रामीणों का कहना है कि जब सरकारी विद्यालय की स्थिति खराब होगी तो आर्थिक रूप से कमजोर परिवार भी अपने बच्चों को मजबूरी में निजी स्कूलों में भेजने के लिए विवश होंगे। स्वतंत्रता दिवस की बैठक में फिर उठा विद्यालय का मुद्दा स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर आयोजित बैठक में भी ग्रामीणों ने विद्यालय की जर्जर स्थिति का मुद्दा प्रमुखता से उठाया। ग्रामीणों का कहना है कि वे लगातार कई वर्षों से इसी समस्या को ग्रामसभा और अन्य बैठकों में उठा रहे हैं, लेकिन जिम्मेदार विभाग द्वारा अब तक समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया गया। मौके पर जांच और तत्काल मरम्मत की मांग ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि विद्यालय भवन एवं परिसर की मौके पर जांच कराई जाए, पूर्व में हुए निर्माण कार्य और खर्च की जांच की जाए तथा आवश्यकतानुसार भवन की तत्काल मरम्मत एवं अधूरे निर्माण कार्य को पूरा कराया जाए। ग्रामीणों ने उमरिया कलेक्टर श्रीमती राखी सहाय से विशेष अनुरोध करते हुए कहा है कि ग्राम पंचायत माला के अंतर्गत आने वाले लखूमर विद्यालय की स्थिति का संज्ञान लेकर संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए जाएं। ग्रामीणों का कहना है कि विद्यालय केवल एक भवन नहीं, बल्कि गांव के बच्चों के भविष्य की नींव है। इसलिए भवन की जर्जर स्थिति को नजरअंदाज करना बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ होगा। समस्त ग्रामीण, कथली-लखूमर ने प्रशासन से मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर विद्यालय को शीघ्र व्यवस्थित कराया जाए, ताकि गांव के बच्चों को सुरक्षित और बेहतर शैक्षणिक वातावरण मिल सके।
ग्रामसभा में वर्षों से उठ रही मरम्मत की मांग, स्वतंत्रता दिवस की बैठक में भी ग्रामीणों ने उठाया मुद्दा; प्रशासन से मौके पर जांच कर तत्काल कार्रवाई की मांग *दस साल से अधूरा पड़ा माला ग्राम पंचायत का लखूमर स्कूल भवन*, *बच्चों के भविष्य पर मंडरा रहा खतरा* *ग्रामसभा में वर्षों से उठ रही मरम्मत की मांग, स्वतंत्रता दिवस की बैठक में भी ग्रामीणों ने उठाया मुद्दा; प्रशासन से मौके पर जांच कर तत्काल कार्रवाई की मांग* उमरिया । मानपुर जनपद पंचायत अंतर्गत ग्राम पंचायत माला के अंतर्गत आने वाले ग्राम लखूमर का शासकीय विद्यालय पिछले करीब 10 वर्षों से अधूरे और जर्जर हालात में पड़ा होने का आरोप ग्रामीणों ने लगाया है। ग्रामीणों का कहना है कि विद्यालय भवन का निर्माण आधा-अधूरा छोड़ दिए जाने के बाद आज तक उसकी समुचित मरम्मत और रखरखाव की ओर जिम्मेदारों ने ध्यान नहीं दिया जहां गिट्टी और पत्थर कमरे के अंदर आज भी पड़े हुए हैं कचरे के देर में बैठकर बनाया जा रहा है खाना, जिसका सीधा असर बच्चों की पढ़ाई और सुरक्षा पर पड़ रहा है। ग्रामीणों के मुताबिक विद्यालय परिसर की स्थिति ऐसी है कि जहां बच्चे बैठते हैं, वहां बिछी दरी के नीचे भी जगह-जगह गड्ढे बने हुए हैं। परिसर में गंदगी और जलभराव जैसी स्थिति के कारण मच्छरों का प्रकोप भी बना रहता है। ऐसे वातावरण में बच्चों को पढ़ाई करने में काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। दरी के नीचे भी गड्ढे, गंदगी से मच्छरों का प्रकोप ग्रामीणों का कहना है कि विद्यालय भवन और परिसर की स्थिति लंबे समय से खराब है। भवन की मरम्मत नहीं होने के साथ-साथ परिसर की समुचित साफ-सफाई भी नहीं हो पा रही है। बच्चों के बैठने के स्थान के नीचे गड्ढे होना चिंता का विषय है। ग्रामीणों का आरोप है कि सरकारी राशि खर्च होने के बावजूद विद्यालय की हालत में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ। ग्रामीणों ने सवाल उठाया कि विद्यालय के निर्माण और अधूरे कार्य के लिए स्वीकृत राशि का उपयोग किस प्रकार किया गया और निर्माण
कार्य पूरा क्यों नहीं कराया गया, इसकी जांच होना आवश्यक है। ग्रामसभा में कई बार प्रस्ताव, फिर भी नहीं हुई कार्रवाई ग्रामीणों का कहना है कि विद्यालय की बदहाल स्थिति को लेकर ग्रामसभा की बैठकों में कई बार प्रस्ताव रखा जा चुका है, लेकिन इसके बावजूद समस्या जस की तस बनी हुई है। हर बार ग्रामीणों को उम्मीद रहती है कि विद्यालय की मरम्मत होगी, लेकिन वर्षों बीत जाने के बाद भी कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने से उनमें नाराजगी है। ग्रामीणों का कहना है कि जब सरकारी विद्यालय की स्थिति खराब होगी तो आर्थिक रूप से कमजोर परिवार भी अपने बच्चों को मजबूरी में निजी स्कूलों में भेजने के लिए विवश होंगे। स्वतंत्रता दिवस की बैठक में फिर उठा विद्यालय का मुद्दा स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर आयोजित बैठक में भी ग्रामीणों ने विद्यालय की जर्जर स्थिति का मुद्दा प्रमुखता से उठाया। ग्रामीणों का कहना है कि वे लगातार कई वर्षों से इसी समस्या को ग्रामसभा और अन्य बैठकों में उठा रहे हैं, लेकिन जिम्मेदार विभाग द्वारा अब तक समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया गया। मौके पर जांच और तत्काल मरम्मत की मांग ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि विद्यालय भवन एवं परिसर की मौके पर जांच कराई जाए, पूर्व में हुए निर्माण कार्य और खर्च की जांच की जाए तथा आवश्यकतानुसार भवन की तत्काल मरम्मत एवं अधूरे निर्माण कार्य को पूरा कराया जाए। ग्रामीणों ने उमरिया कलेक्टर श्रीमती राखी सहाय से विशेष अनुरोध करते हुए कहा है कि ग्राम पंचायत माला के अंतर्गत आने वाले लखूमर विद्यालय की स्थिति का संज्ञान लेकर संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए जाएं। ग्रामीणों का कहना है कि विद्यालय केवल एक भवन नहीं, बल्कि गांव के बच्चों के भविष्य की नींव है। इसलिए भवन की जर्जर स्थिति को नजरअंदाज करना बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ होगा। समस्त ग्रामीण, कथली-लखूमर ने प्रशासन से मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर विद्यालय को शीघ्र व्यवस्थित कराया जाए, ताकि गांव के बच्चों को सुरक्षित और बेहतर शैक्षणिक वातावरण मिल सके।
- सीएम डॉक्टर मोहन यादव ने औद्योगिक कॉरिडोर विकास एवम् शीर्ष मॉनिटरिंग अथॉरिटी की तृतीय बैठक मे सहभागिता की l1
- नागपंचमी पर मानपुर में सजा कुश्ती का अखाड़ा, पहलवानों के दांव-पेंच देखने उमड़ा जनसैलाब नागपंचमी पर मानपुर में सजा कुश्ती का अखाड़ा, पहलवानों के दांव-पेंच देखने उमड़ा जनसैलाब मानपुर। नागपंचमी के शुभ एवं पावन पर्व के अवसर पर मानपुर में भव्य कुश्ती प्रतियोगिता का आयोजन किया जा रहा है। पारंपरिक अखाड़े में क्षेत्रभर से पहुंचे पहलवानों ने अपने दमखम और शानदार दांव-पेंच से दर्शकों का रोमांच बढ़ा दिया। कुश्ती मुकाबलों को देखने के लिए बड़ी संख्या में ग्रामीण एवं क्षेत्रवासी कार्यक्रम स्थल पर पहुंचे। जैसे-जैसे मुकाबले आगे बढ़े, दर्शकों में उत्साह और रोमांच भी बढ़ता गया। पहलवानों के जोरदार दांव-पेंच और शानदार प्रदर्शन पर दर्शकों ने तालियों एवं जयकारों के साथ उनका उत्साहवर्धन किया। कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों सहित क्षेत्र के गणमान्य नागरिक मंच पर मौजूद रहे। जनप्रतिनिधियों ने पहलवानों का उत्साह बढ़ाते हुए नागपंचमी पर्व की शुभकामनाएं दीं और पारंपरिक खेलों को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर जोर दिया। आयोजकों ने बताया कि कुश्ती जैसे पारंपरिक खेल हमारी ग्रामीण संस्कृति और खेल विरासत का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। ऐसे आयोजनों से स्थानीय प्रतिभाओं को अपनी खेल क्षमता दिखाने का अवसर मिलता है और युवा पीढ़ी भी भारतीय पारंपरिक खेलों से जुड़ती है। मानपुर में आयोजित इस कुश्ती प्रतियोगिता को लेकर लोगों में खासा उत्साह देखने को मिला। देर तक अखाड़े में पहलवानों के बीच रोमांचक मुकाबले जारी रहे और दर्शकों की भीड़ कार्यक्रम का आनंद लेती रही।1
- उमरिया /नागपंचमी के शुभ पावन पर्व के उपलक्ष्य पर मानपुर में चल रहा शानदार कुश्ती कार्यक्रम भारी संख्या में दर्शकों के साथ मंचासीन विराजे जनप्रतिनिधि1
- उमरिया जिले में तेज बारिश का कहर, नदी-नालों में उफान से पुल-पुलिया टूटीं, कच्चे मकानों को भी नुकसान उमरिया जिले से इस वक्त की बड़ी खबर सामने आई है, जहां तेज बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है। लगातार हो रही बारिश के कारण जिले के कई नदी-नालों में उफान आ गया है। पानी का बहाव तेज होने से कई जगहों पर नदी के पुल और पुलिया क्षतिग्रस्त होकर टूट गई हैं, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में आवागमन प्रभावित हो गया है। वहीं, तेज बारिश के चलते कई कच्चे मकानों को भी नुकसान पहुंचने की खबर सामने आ रही है। कुछ स्थानों पर मकानों के गिरने से लोगों के सामने रहने की समस्या खड़ी हो गई है। बारिश के कारण नदी-नालों का जलस्तर बढ़ने से ग्रामीणों में भी दहशत का माहौल है। कई रास्तों पर पानी भर जाने से लोगों को आने-जाने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। फिलहाल प्रशासन की ओर से प्रभावित क्षेत्रों का जायजा लिया जा रहा है। लोगों से अपील की जा रही है कि तेज बारिश और उफनते नदी-नालों के बीच जोखिम लेकर आवागमन न करें और सुरक्षित स्थानों पर रहें।1
- _बारिश का कहर_पुल बहे,घर जमींदोज,खेतों में तबाही,किसानों की टूटी कमर_* _बारिश का कहर_पुल बहे,घर जमींदोज,खेतों में तबाही,किसानों की टूटी कमर_* उमरिया । जनपद मानपुर क्षेत्र में पिछले 24 से 48 घंटे से जारी तेज बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है।ग्राम कठार के छिंदहा टोला और गड़िया टोला में पुल क्षतिग्रस्त हो गए हैं,वहीं ग्राम बिजौरी के पिपरहा टोला में भी तेज बारिश के बहाव में पुल बह गया।ग्रामीणों के सामने अब आवागमन का संकट खड़ा हो गया है।आसमानी आफत यहीं नहीं थमी।लगातार बारिश के चलते कई कच्चे और कमजोर मकानों के धराशायी होने की खबर है।इसके अलावा अधिकांश पक्के मकान भी टपकने लगे है।कठार निवासी रविकांत पटेल का मकान भी बारिश की मार से जमींदोज हो गया,इसके अलावा क्षेत्र में कई अन्य घरों के गिरने की सूचना भी सामने आ रही है।सबसे ज्यादा मार अन्नदाता किसानों पर पड़ी है।खेतों में पानी और तेज बहाव के कारण कई जगह खेतों की मेड़ें पूरी तरह ध्वस्त हो गई हैं।मेड़ों के टूटने से खेतों की मिट्टी और फसल पानी के साथ बह गई,जिससे किसानों की महीनों की मेहनत पलभर में बर्बाद हो गई।जिस फसल को किसान अपने परिवार की उम्मीद और साल भर की रोजी-रोटी समझकर सींच रहा था,वही आज पानी के तेज बहाव में तबाही का मंजर बन गई है।बारिश किसानों के लिए राहत नहीं,आफत बनकर बरसी है।ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि प्रभावित गांवों का तत्काल सर्वे कराया जाए,क्षतिग्रस्त पुलों और मकानों का आकलन कर राहत एवं मुआवजा दिया जाए तथा आवागमन बहाल करने के लिए तत्काल ज़रूरी कदम उठाए जाएं।_2
- बारिश का कहर पुल बहे,घर जमींदोज,खेतों में तबाही,किसानों की टूटी कमर _जनपद मानपुर क्षेत्र में पिछले 24 से 48 घंटे से जारी तेज बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है।ग्राम कठार के छिंदहा टोला और गड़िया टोला में पुल क्षतिग्रस्त हो गए हैं,वहीं ग्राम बिजौरी के पिपरहा टोला में बारिश का कहर पुल बहे,घर जमींदोज,खेतों में तबाही,किसानों की टूटी कमर _जनपद मानपुर क्षेत्र में पिछले 24 से 48 घंटे से जारी तेज बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है।ग्राम कठार के छिंदहा टोला और गड़िया टोला में पुल क्षतिग्रस्त हो गए हैं,वहीं ग्राम बिजौरी के पिपरहा टोला में भी तेज बारिश के बहाव में पुल बह गया।ग्रामीणों के सामने अब आवागमन का संकट खड़ा हो गया है।आसमानी आफत यहीं नहीं थमी।लगातार बारिश के चलते कई कच्चे और कमजोर मकानों के धराशायी होने की खबर है।इसके अलावा अधिकांश पक्के मकान भी टपकने लगे है।कठार निवासी रविकांत पटेल का मकान भी बारिश की मार से जमींदोज हो गया,इसके अलावा क्षेत्र में कई अन्य घरों के गिरने की सूचना भी सामने आ रही है।सबसे ज्यादा मार अन्नदाता किसानों पर पड़ी है।खेतों में पानी और तेज बहाव के कारण कई जगह खेतों की मेड़ें पूरी तरह ध्वस्त हो गई हैं।मेड़ों के टूटने से खेतों की मिट्टी और फसल पानी के साथ बह गई,जिससे किसानों की महीनों की मेहनत पलभर में बर्बाद हो गई।जिस फसल को किसान अपने परिवार की उम्मीद और साल भर की रोजी-रोटी समझकर सींच रहा था,वही आज पानी के तेज बहाव में तबाही का मंजर बन गई है।बारिश किसानों के लिए राहत नहीं,आफत बनकर बरसी है।ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि प्रभावित गांवों का तत्काल सर्वे कराया जाए,क्षतिग्रस्त पुलों और मकानों का आकलन कर राहत एवं मुआवजा दिया जाए तथा आवागमन बहाल करने के लिए तत्काल ज़रूरी कदम उठाए जाएं।1
- मानपुर में कुश्ती महा मुकाबला संपन्न, प्रद्युम्न वंशकार ने जीता खिताब। मानपुर में कुश्ती महा मुकाबला संपन्न, प्रद्युम्न वंशकार ने जीता खिताब आशुतोष त्रिपाठी/जनचिंगारी–उमरिया मानपुर। नाग पंचमी के पावन अवसर पर मानपुर ब्लॉक ग्राउंड में आयोजित भव्य कुश्ती महा मुकाबले में क्षेत्रभर से पहुंचे पहलवानों ने अपने शानदार दांव-पेंच, फुर्ती और दमखम से दर्शकों को रोमांचित कर दिया। कुश्ती मुकाबला देखने के लिए मानपुर सहित आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में कुश्ती प्रेमी और दर्शक मैदान में पहुंचे। महा मुकाबले में शहडोल के पहलवान प्रद्युम्न वंशकार ने शानदार प्रदर्शन करते हुए विजेता का खिताब अपने नाम किया, जबकि पाली के कश्यप वंशकार उपविजेता रहे। विजेता प्रद्युम्न वंशकार को ट्रॉफी, शील्ड एवं ₹4,100 की पुरस्कार राशि प्रदान की गई। वहीं उपविजेता कश्यप वंशकार को ट्रॉफी, शील्ड एवं ₹3,100 की पुरस्कार राशि से सम्मानित किया गया। प्रतियोगिता में भाग लेने वाले सभी पहलवानों को गोल्ड मेडल पहनाकर उनका उत्साहवर्धन किया गया। कार्यक्रम में वरिष्ठ नेता ओपी द्विवेदी, विजय गौतम, जनपद सदस्य रोशनी सिंह, राहुल द्विवेदी, रवि सेन, राहुल शुक्ला एवं जितेंद्र शुक्ला सहित क्षेत्र के अनेक गणमान्य नागरिक मौजूद रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता ऋतिक राज पयासी (समाजसेवी, मानपुर) ने की। कुश्ती महा मुकाबले को सफल बनाने में नीतीश वंशकार, विनीत भट्ट, लल्लू वंशकार, विवकी सिंह, धर्मेंद्र वंशकार, रामललन प्रजापति, ललन प्रजापति, रवि वंशकार, पी.डी. प्रभाकर लाल खान एवं रज्जु खान सहित आयोजन समिति के सभी सदस्यों का महत्वपूर्ण योगदान रहा। आयोजकों ने कहा कि कुश्ती हमारी पारंपरिक खेल संस्कृति का महत्वपूर्ण हिस्सा है। इस तरह के आयोजनों से स्थानीय एवं क्षेत्रीय पहलवानों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का मंच मिलता है और युवा पीढ़ी को पारंपरिक खेलों के प्रति प्रोत्साहन मिलता है। मुकाबले के दौरान दर्शकों ने तालियों और उत्साह के साथ पहलवानों का हौसला बढ़ाया। नाग पंचमी के अवसर पर आयोजित इस कुश्ती महा मुकाबले ने मानपुर में खेल और पारंपरिक संस्कृति का शानदार संगम प्रस्तुत किया।4
- 💥*_पुल बहे,घर जमींदोज,खेतों में तबाही,किसानों की टूटी कमर उमरिया_जनपद मानपुर क्षेत्र में पिछले 24 से 48 घंटे से जारी तेज बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है।ग्राम कठार के छिंदहा टोला और गड़िया टोला में पुल क्षतिग्रस्त हो गए हैं,वहीं ग्राम बिजौरी के पिपरहा टोला में भी तेज बारिश के बहाव में पुल बह गया।ग्रामीणों के सामने अब आवागमन का संकट खड़ा हो गया है।आसमानी आफत यहीं नहीं थमी।लगातार बारिश के चलते कई कच्चे और कमजोर मकानों के धराशायी होने की खबर है।इसके अलावा अधिकांश पक्के मकान भी टपकने लगे है।कठार निवासी रविकांत पटेल का मकान भी बारिश की मार से जमींदोज हो गया,इसके अलावा क्षेत्र में कई अन्य घरों के गिरने की सूचना भी सामने आ रही है।सबसे ज्यादा मार अन्नदाता किसानों पर पड़ी है।खेतों में पानी और तेज बहाव के कारण कई जगह खेतों की मेड़ें पूरी तरह ध्वस्त हो गई हैं।मेड़ों के टूटने से खेतों की मिट्टी और फसल पानी के साथ बह गई,जिससे किसानों की महीनों की मेहनत पलभर में बर्बाद हो गई।जिस फसल को किसान अपने परिवार की उम्मीद और साल भर की रोजी-रोटी समझकर सींच रहा था,वही आज पानी के तेज बहाव में तबाही का मंजर बन गई है।बारिश किसानों के लिए राहत नहीं,आफत बनकर बरसी है।ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि प्रभावित गांवों का तत्काल सर्वे कराया जाए,क्षतिग्रस्त पुलों और मकानों का आकलन कर राहत एवं मुआवजा दिया जाए तथा आवागमन बहाल करने के लिए तत्काल ज़रूरी कदम उठाए जाएं।_2