मानपुर में कुश्ती महा मुकाबला संपन्न, प्रद्युम्न वंशकार ने जीता खिताब। मानपुर में कुश्ती महा मुकाबला संपन्न, प्रद्युम्न वंशकार ने जीता खिताब आशुतोष त्रिपाठी/जनचिंगारी–उमरिया मानपुर। नाग पंचमी के पावन अवसर पर मानपुर ब्लॉक ग्राउंड में आयोजित भव्य कुश्ती महा मुकाबले में क्षेत्रभर से पहुंचे पहलवानों ने अपने शानदार दांव-पेंच, फुर्ती और दमखम से दर्शकों को रोमांचित कर दिया। कुश्ती मुकाबला देखने के लिए मानपुर सहित आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में कुश्ती प्रेमी और दर्शक मैदान में पहुंचे। महा मुकाबले में शहडोल के पहलवान प्रद्युम्न वंशकार ने शानदार प्रदर्शन करते हुए विजेता का खिताब अपने नाम किया, जबकि पाली के कश्यप वंशकार उपविजेता रहे। विजेता प्रद्युम्न वंशकार को ट्रॉफी, शील्ड एवं ₹4,100 की पुरस्कार राशि प्रदान की गई। वहीं उपविजेता कश्यप वंशकार को ट्रॉफी, शील्ड एवं ₹3,100 की पुरस्कार राशि से सम्मानित किया गया। प्रतियोगिता में भाग लेने वाले सभी पहलवानों को गोल्ड मेडल पहनाकर उनका उत्साहवर्धन किया गया। कार्यक्रम में वरिष्ठ नेता ओपी द्विवेदी, विजय गौतम, जनपद सदस्य रोशनी सिंह, राहुल द्विवेदी, रवि सेन, राहुल शुक्ला एवं जितेंद्र शुक्ला सहित क्षेत्र के अनेक गणमान्य नागरिक मौजूद रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता ऋतिक राज पयासी (समाजसेवी, मानपुर) ने की। कुश्ती महा मुकाबले को सफल बनाने में नीतीश वंशकार, विनीत भट्ट, लल्लू वंशकार, विवकी सिंह, धर्मेंद्र वंशकार, रामललन प्रजापति, ललन प्रजापति, रवि वंशकार, पी.डी. प्रभाकर लाल खान एवं रज्जु खान सहित आयोजन समिति के सभी सदस्यों का महत्वपूर्ण योगदान रहा। आयोजकों ने कहा कि कुश्ती हमारी पारंपरिक खेल संस्कृति का महत्वपूर्ण हिस्सा है। इस तरह के आयोजनों से स्थानीय एवं क्षेत्रीय पहलवानों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का मंच मिलता है और युवा पीढ़ी को पारंपरिक खेलों के प्रति प्रोत्साहन मिलता है। मुकाबले के दौरान दर्शकों ने तालियों और उत्साह के साथ पहलवानों का हौसला बढ़ाया। नाग पंचमी के अवसर पर आयोजित इस कुश्ती महा मुकाबले ने मानपुर में खेल और पारंपरिक संस्कृति का शानदार संगम प्रस्तुत किया।
मानपुर में कुश्ती महा मुकाबला संपन्न, प्रद्युम्न वंशकार ने जीता खिताब। मानपुर में कुश्ती महा मुकाबला संपन्न, प्रद्युम्न वंशकार ने जीता खिताब आशुतोष त्रिपाठी/जनचिंगारी–उमरिया मानपुर। नाग पंचमी के पावन अवसर पर मानपुर ब्लॉक ग्राउंड में आयोजित भव्य कुश्ती महा मुकाबले में क्षेत्रभर से पहुंचे पहलवानों ने अपने शानदार दांव-पेंच, फुर्ती और दमखम से दर्शकों को रोमांचित कर दिया। कुश्ती मुकाबला देखने के लिए मानपुर सहित आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में कुश्ती प्रेमी और दर्शक मैदान में
पहुंचे। महा मुकाबले में शहडोल के पहलवान प्रद्युम्न वंशकार ने शानदार प्रदर्शन करते हुए विजेता का खिताब अपने नाम किया, जबकि पाली के कश्यप वंशकार उपविजेता रहे। विजेता प्रद्युम्न वंशकार को ट्रॉफी, शील्ड एवं ₹4,100 की पुरस्कार राशि प्रदान की गई। वहीं उपविजेता कश्यप वंशकार को ट्रॉफी, शील्ड एवं ₹3,100 की पुरस्कार राशि से सम्मानित किया गया। प्रतियोगिता में भाग लेने वाले सभी पहलवानों को गोल्ड मेडल पहनाकर उनका उत्साहवर्धन किया गया। कार्यक्रम में वरिष्ठ नेता ओपी
द्विवेदी, विजय गौतम, जनपद सदस्य रोशनी सिंह, राहुल द्विवेदी, रवि सेन, राहुल शुक्ला एवं जितेंद्र शुक्ला सहित क्षेत्र के अनेक गणमान्य नागरिक मौजूद रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता ऋतिक राज पयासी (समाजसेवी, मानपुर) ने की। कुश्ती महा मुकाबले को सफल बनाने में नीतीश वंशकार, विनीत भट्ट, लल्लू वंशकार, विवकी सिंह, धर्मेंद्र वंशकार, रामललन प्रजापति, ललन प्रजापति, रवि वंशकार, पी.डी. प्रभाकर लाल खान एवं रज्जु खान सहित आयोजन समिति के सभी सदस्यों का महत्वपूर्ण योगदान रहा। आयोजकों ने कहा
कि कुश्ती हमारी पारंपरिक खेल संस्कृति का महत्वपूर्ण हिस्सा है। इस तरह के आयोजनों से स्थानीय एवं क्षेत्रीय पहलवानों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का मंच मिलता है और युवा पीढ़ी को पारंपरिक खेलों के प्रति प्रोत्साहन मिलता है। मुकाबले के दौरान दर्शकों ने तालियों और उत्साह के साथ पहलवानों का हौसला बढ़ाया। नाग पंचमी के अवसर पर आयोजित इस कुश्ती महा मुकाबले ने मानपुर में खेल और पारंपरिक संस्कृति का शानदार संगम प्रस्तुत किया।
- मानपुर में कुश्ती महा मुकाबला संपन्न, प्रद्युम्न वंशकार ने जीता खिताब। मानपुर में कुश्ती महा मुकाबला संपन्न, प्रद्युम्न वंशकार ने जीता खिताब आशुतोष त्रिपाठी/जनचिंगारी–उमरिया मानपुर। नाग पंचमी के पावन अवसर पर मानपुर ब्लॉक ग्राउंड में आयोजित भव्य कुश्ती महा मुकाबले में क्षेत्रभर से पहुंचे पहलवानों ने अपने शानदार दांव-पेंच, फुर्ती और दमखम से दर्शकों को रोमांचित कर दिया। कुश्ती मुकाबला देखने के लिए मानपुर सहित आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में कुश्ती प्रेमी और दर्शक मैदान में पहुंचे। महा मुकाबले में शहडोल के पहलवान प्रद्युम्न वंशकार ने शानदार प्रदर्शन करते हुए विजेता का खिताब अपने नाम किया, जबकि पाली के कश्यप वंशकार उपविजेता रहे। विजेता प्रद्युम्न वंशकार को ट्रॉफी, शील्ड एवं ₹4,100 की पुरस्कार राशि प्रदान की गई। वहीं उपविजेता कश्यप वंशकार को ट्रॉफी, शील्ड एवं ₹3,100 की पुरस्कार राशि से सम्मानित किया गया। प्रतियोगिता में भाग लेने वाले सभी पहलवानों को गोल्ड मेडल पहनाकर उनका उत्साहवर्धन किया गया। कार्यक्रम में वरिष्ठ नेता ओपी द्विवेदी, विजय गौतम, जनपद सदस्य रोशनी सिंह, राहुल द्विवेदी, रवि सेन, राहुल शुक्ला एवं जितेंद्र शुक्ला सहित क्षेत्र के अनेक गणमान्य नागरिक मौजूद रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता ऋतिक राज पयासी (समाजसेवी, मानपुर) ने की। कुश्ती महा मुकाबले को सफल बनाने में नीतीश वंशकार, विनीत भट्ट, लल्लू वंशकार, विवकी सिंह, धर्मेंद्र वंशकार, रामललन प्रजापति, ललन प्रजापति, रवि वंशकार, पी.डी. प्रभाकर लाल खान एवं रज्जु खान सहित आयोजन समिति के सभी सदस्यों का महत्वपूर्ण योगदान रहा। आयोजकों ने कहा कि कुश्ती हमारी पारंपरिक खेल संस्कृति का महत्वपूर्ण हिस्सा है। इस तरह के आयोजनों से स्थानीय एवं क्षेत्रीय पहलवानों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का मंच मिलता है और युवा पीढ़ी को पारंपरिक खेलों के प्रति प्रोत्साहन मिलता है। मुकाबले के दौरान दर्शकों ने तालियों और उत्साह के साथ पहलवानों का हौसला बढ़ाया। नाग पंचमी के अवसर पर आयोजित इस कुश्ती महा मुकाबले ने मानपुर में खेल और पारंपरिक संस्कृति का शानदार संगम प्रस्तुत किया।4
- सीएम डॉक्टर मोहन यादव ने औद्योगिक कॉरिडोर विकास एवम् शीर्ष मॉनिटरिंग अथॉरिटी की तृतीय बैठक मे सहभागिता की l1
- नागपंचमी पर मानपुर में सजा कुश्ती का अखाड़ा, पहलवानों के दांव-पेंच देखने उमड़ा जनसैलाब नागपंचमी पर मानपुर में सजा कुश्ती का अखाड़ा, पहलवानों के दांव-पेंच देखने उमड़ा जनसैलाब मानपुर। नागपंचमी के शुभ एवं पावन पर्व के अवसर पर मानपुर में भव्य कुश्ती प्रतियोगिता का आयोजन किया जा रहा है। पारंपरिक अखाड़े में क्षेत्रभर से पहुंचे पहलवानों ने अपने दमखम और शानदार दांव-पेंच से दर्शकों का रोमांच बढ़ा दिया। कुश्ती मुकाबलों को देखने के लिए बड़ी संख्या में ग्रामीण एवं क्षेत्रवासी कार्यक्रम स्थल पर पहुंचे। जैसे-जैसे मुकाबले आगे बढ़े, दर्शकों में उत्साह और रोमांच भी बढ़ता गया। पहलवानों के जोरदार दांव-पेंच और शानदार प्रदर्शन पर दर्शकों ने तालियों एवं जयकारों के साथ उनका उत्साहवर्धन किया। कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों सहित क्षेत्र के गणमान्य नागरिक मंच पर मौजूद रहे। जनप्रतिनिधियों ने पहलवानों का उत्साह बढ़ाते हुए नागपंचमी पर्व की शुभकामनाएं दीं और पारंपरिक खेलों को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर जोर दिया। आयोजकों ने बताया कि कुश्ती जैसे पारंपरिक खेल हमारी ग्रामीण संस्कृति और खेल विरासत का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। ऐसे आयोजनों से स्थानीय प्रतिभाओं को अपनी खेल क्षमता दिखाने का अवसर मिलता है और युवा पीढ़ी भी भारतीय पारंपरिक खेलों से जुड़ती है। मानपुर में आयोजित इस कुश्ती प्रतियोगिता को लेकर लोगों में खासा उत्साह देखने को मिला। देर तक अखाड़े में पहलवानों के बीच रोमांचक मुकाबले जारी रहे और दर्शकों की भीड़ कार्यक्रम का आनंद लेती रही।1
- उमरिया /नागपंचमी के शुभ पावन पर्व के उपलक्ष्य पर मानपुर में चल रहा शानदार कुश्ती कार्यक्रम भारी संख्या में दर्शकों के साथ मंचासीन विराजे जनप्रतिनिधि1
- _बारिश का कहर_पुल बहे,घर जमींदोज,खेतों में तबाही,किसानों की टूटी कमर_* _बारिश का कहर_पुल बहे,घर जमींदोज,खेतों में तबाही,किसानों की टूटी कमर_* उमरिया । जनपद मानपुर क्षेत्र में पिछले 24 से 48 घंटे से जारी तेज बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है।ग्राम कठार के छिंदहा टोला और गड़िया टोला में पुल क्षतिग्रस्त हो गए हैं,वहीं ग्राम बिजौरी के पिपरहा टोला में भी तेज बारिश के बहाव में पुल बह गया।ग्रामीणों के सामने अब आवागमन का संकट खड़ा हो गया है।आसमानी आफत यहीं नहीं थमी।लगातार बारिश के चलते कई कच्चे और कमजोर मकानों के धराशायी होने की खबर है।इसके अलावा अधिकांश पक्के मकान भी टपकने लगे है।कठार निवासी रविकांत पटेल का मकान भी बारिश की मार से जमींदोज हो गया,इसके अलावा क्षेत्र में कई अन्य घरों के गिरने की सूचना भी सामने आ रही है।सबसे ज्यादा मार अन्नदाता किसानों पर पड़ी है।खेतों में पानी और तेज बहाव के कारण कई जगह खेतों की मेड़ें पूरी तरह ध्वस्त हो गई हैं।मेड़ों के टूटने से खेतों की मिट्टी और फसल पानी के साथ बह गई,जिससे किसानों की महीनों की मेहनत पलभर में बर्बाद हो गई।जिस फसल को किसान अपने परिवार की उम्मीद और साल भर की रोजी-रोटी समझकर सींच रहा था,वही आज पानी के तेज बहाव में तबाही का मंजर बन गई है।बारिश किसानों के लिए राहत नहीं,आफत बनकर बरसी है।ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि प्रभावित गांवों का तत्काल सर्वे कराया जाए,क्षतिग्रस्त पुलों और मकानों का आकलन कर राहत एवं मुआवजा दिया जाए तथा आवागमन बहाल करने के लिए तत्काल ज़रूरी कदम उठाए जाएं।_2
- बारिश का कहर पुल बहे,घर जमींदोज,खेतों में तबाही,किसानों की टूटी कमर _जनपद मानपुर क्षेत्र में पिछले 24 से 48 घंटे से जारी तेज बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है।ग्राम कठार के छिंदहा टोला और गड़िया टोला में पुल क्षतिग्रस्त हो गए हैं,वहीं ग्राम बिजौरी के पिपरहा टोला में बारिश का कहर पुल बहे,घर जमींदोज,खेतों में तबाही,किसानों की टूटी कमर _जनपद मानपुर क्षेत्र में पिछले 24 से 48 घंटे से जारी तेज बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है।ग्राम कठार के छिंदहा टोला और गड़िया टोला में पुल क्षतिग्रस्त हो गए हैं,वहीं ग्राम बिजौरी के पिपरहा टोला में भी तेज बारिश के बहाव में पुल बह गया।ग्रामीणों के सामने अब आवागमन का संकट खड़ा हो गया है।आसमानी आफत यहीं नहीं थमी।लगातार बारिश के चलते कई कच्चे और कमजोर मकानों के धराशायी होने की खबर है।इसके अलावा अधिकांश पक्के मकान भी टपकने लगे है।कठार निवासी रविकांत पटेल का मकान भी बारिश की मार से जमींदोज हो गया,इसके अलावा क्षेत्र में कई अन्य घरों के गिरने की सूचना भी सामने आ रही है।सबसे ज्यादा मार अन्नदाता किसानों पर पड़ी है।खेतों में पानी और तेज बहाव के कारण कई जगह खेतों की मेड़ें पूरी तरह ध्वस्त हो गई हैं।मेड़ों के टूटने से खेतों की मिट्टी और फसल पानी के साथ बह गई,जिससे किसानों की महीनों की मेहनत पलभर में बर्बाद हो गई।जिस फसल को किसान अपने परिवार की उम्मीद और साल भर की रोजी-रोटी समझकर सींच रहा था,वही आज पानी के तेज बहाव में तबाही का मंजर बन गई है।बारिश किसानों के लिए राहत नहीं,आफत बनकर बरसी है।ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि प्रभावित गांवों का तत्काल सर्वे कराया जाए,क्षतिग्रस्त पुलों और मकानों का आकलन कर राहत एवं मुआवजा दिया जाए तथा आवागमन बहाल करने के लिए तत्काल ज़रूरी कदम उठाए जाएं।1
- दस साल से अधूरा पड़ा लखूमर स्कूल भवन, बच्चों की सुरक्षा और भविष्य पर सवाल। दस साल से अधूरा पड़ा लखूमर स्कूल भवन, बच्चों की सुरक्षा और भविष्य पर सवाल दरी के नीचे गड्ढे, कमरों में गिट्टी-पत्थर और परिसर में गंदगी; ग्रामसभा में बार-बार उठी आवाज, फिर भी जिम्मेदार बेखबर आशुतोष त्रिपाठी/जनचिंगारी – उमरिया मानपुर। जनपद पंचायत मानपुर अंतर्गत ग्राम पंचायत माला के ग्राम लखूमर स्थित शासकीय विद्यालय की बदहाल स्थिति ने सरकारी व्यवस्थाओं और जिम्मेदार अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि विद्यालय भवन का निर्माण करीब 10 वर्षों से अधूरा पड़ा है, लेकिन आज तक न तो अधूरे निर्माण को पूरा कराया गया और न ही भवन एवं परिसर की समुचित मरम्मत और रखरखाव की व्यवस्था की गई। ग्रामीणों के मुताबिक विद्यालय भवन के कमरों में आज भी गिट्टी-पत्थर और निर्माण सामग्री पड़ी हुई है। विद्यालय परिसर में साफ-सफाई की स्थिति भी चिंताजनक बताई जा रही है। आरोप है कि कचरे और गंदगी के बीच बच्चों के लिए भोजन तैयार किए जाने की स्थिति बनी हुई है। ऐसे वातावरण में पढ़ने वाले नौनिहालों के स्वास्थ्य और सुरक्षा को लेकर अभिभावकों में चिंता है। दरी के नीचे गड्ढे, परिसर में गंदगी और मच्छरों का प्रकोप विद्यालय में बच्चों के बैठने के लिए बिछाई गई दरी के नीचे जगह-जगह गड्ढे होने की बात ग्रामीणों ने कही है। परिसर में गंदगी और जलभराव के कारण मच्छरों का प्रकोप भी बना रहता है। ग्रामीणों का कहना है कि जिस स्थान पर बच्चों को सुरक्षित और स्वच्छ वातावरण मिलना चाहिए, वहां उन्हें अव्यवस्थाओं के बीच पढ़ाई करने को मजबूर होना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने सवाल उठाया है कि यदि विद्यालय भवन के निर्माण के लिए सरकारी राशि स्वीकृत एवं खर्च की गई थी, तो आखिर निर्माण कार्य अधूरा क्यों छोड़ दिया गया? निर्माण में कितना खर्च हुआ, कितना कार्य पूरा हुआ और शेष कार्य के लिए क्या प्रक्रिया अपनाई गई—इन सभी बिंदुओं की निष्पक्ष जांच की आवश्यकता है। ग्रामसभा में वर्षों से उठ रही मांग, लेकिन कार्रवाई नहीं ग्रामीणों का कहना है कि विद्यालय की बदहाल स्थिति कोई नई समस्या नहीं है। इस संबंध में ग्रामसभा की बैठकों में कई बार प्रस्ताव एवं मांग रखी जा चुकी है। इसके बावजूद समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो सका। ग्रामीणों का आरोप है कि हर बार आश्वासन और उम्मीद के बावजूद विद्यालय की स्थिति में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ। वर्षों से लंबित समस्या अब बच्चों की शिक्षा के साथ-साथ उनकी सुरक्षा से भी जुड़ गई है। स्वतंत्रता दिवस की बैठक में फिर गूंजा विद्यालय का मुद्दा स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर आयोजित बैठक में भी ग्रामीणों ने लखूमर विद्यालय की जर्जर और अव्यवस्थित स्थिति का मुद्दा प्रमुखता से उठाया। ग्रामीणों ने कहा कि वे लगातार इस समस्या को ग्रामसभा और अन्य बैठकों के माध्यम से जिम्मेदारों तक पहुंचाते रहे हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस एवं स्थायी कार्रवाई नहीं हुई। ग्रामीणों का कहना है कि सरकारी विद्यालय यदि इसी तरह बदहाल रहेंगे तो आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के सामने अपने बच्चों को निजी विद्यालयों में भेजने का अतिरिक्त आर्थिक दबाव पैदा होगा। निर्माण कार्य और सरकारी राशि की जांच की मांग ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि विद्यालय भवन की वर्तमान स्थिति का मौके पर जाकर निरीक्षण कराया जाए। साथ ही पूर्व में हुए निर्माण कार्य, स्वीकृत राशि, खर्च और अधूरे कार्य की स्थिति की भी जांच कराई जाए। ग्रामीणों ने मांग की है कि यदि निर्माण कार्य में कोई अनियमितता सामने आती है तो जिम्मेदारों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाए तथा आवश्यकतानुसार अधूरे निर्माण को तत्काल पूरा कर विद्यालय भवन की मरम्मत कराई जाए। कलेक्टर से हस्तक्षेप की मांग समस्त ग्रामीण, कथली-लखूमर ने उमरिया कलेक्टर श्रीमती राखी सहाय से मामले का संज्ञान लेकर संबंधित विभाग के अधिकारियों को मौके पर जांच एवं आवश्यक कार्रवाई के निर्देश देने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि विद्यालय महज एक भवन नहीं, बल्कि गांव के बच्चों के भविष्य की नींव है। यदि विद्यालय की जर्जरता, गंदगी और अधूरे निर्माण की समस्या को लंबे समय तक नजरअंदाज किया गया तो इसका सीधा असर बच्चों की शिक्षा और सुरक्षा पर पड़ेगा। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कराकर विद्यालय को शीघ्र व्यवस्थित कराया जाए, ताकि लखूमर के बच्चों को सुरक्षित, स्वच्छ और बेहतर शैक्षणिक वातावरण मिल सके।2
- बरतराई में जिरजीडी नदी की पुलिया बही, छात्रों की राह भी मुश्किल मानपुर। जनपद पंचायत मानपुर अंतर्गत ग्राम बरतराई में बीती रात हुई तेज बारिश के चलते जिरजीडी नदी के ऊपर बनी पुलिया पानी के तेज बहाव में बह गई।बताया जा रहा है कि इस मार्ग से कोडार और सरसवाही के छात्र-छात्राएं विद्यालय आने-जाने के लिए आवागमन करते हैं। पुलिया के बह जाने से अब विद्यार्थियों के साथ-साथ ग्रामीणों को भी आवागमन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।ग्रामीणों का कहना है कि बारिश के मौसम में नदी का जलस्तर बढ़ने के कारण इस मार्ग से आवागमन और भी जोखिम भरा हो सकता है। ऐसे में प्रशासन से पुलिया की तत्काल व्यवस्था एवं सुरक्षित वैकल्पिक मार्ग उपलब्ध कराने की मांग की जा रही है।1