दस साल से अधूरा पड़ा लखूमर स्कूल भवन, बच्चों की सुरक्षा और भविष्य पर सवाल। दस साल से अधूरा पड़ा लखूमर स्कूल भवन, बच्चों की सुरक्षा और भविष्य पर सवाल दरी के नीचे गड्ढे, कमरों में गिट्टी-पत्थर और परिसर में गंदगी; ग्रामसभा में बार-बार उठी आवाज, फिर भी जिम्मेदार बेखबर आशुतोष त्रिपाठी/जनचिंगारी – उमरिया मानपुर। जनपद पंचायत मानपुर अंतर्गत ग्राम पंचायत माला के ग्राम लखूमर स्थित शासकीय विद्यालय की बदहाल स्थिति ने सरकारी व्यवस्थाओं और जिम्मेदार अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि विद्यालय भवन का निर्माण करीब 10 वर्षों से अधूरा पड़ा है, लेकिन आज तक न तो अधूरे निर्माण को पूरा कराया गया और न ही भवन एवं परिसर की समुचित मरम्मत और रखरखाव की व्यवस्था की गई। ग्रामीणों के मुताबिक विद्यालय भवन के कमरों में आज भी गिट्टी-पत्थर और निर्माण सामग्री पड़ी हुई है। विद्यालय परिसर में साफ-सफाई की स्थिति भी चिंताजनक बताई जा रही है। आरोप है कि कचरे और गंदगी के बीच बच्चों के लिए भोजन तैयार किए जाने की स्थिति बनी हुई है। ऐसे वातावरण में पढ़ने वाले नौनिहालों के स्वास्थ्य और सुरक्षा को लेकर अभिभावकों में चिंता है। दरी के नीचे गड्ढे, परिसर में गंदगी और मच्छरों का प्रकोप विद्यालय में बच्चों के बैठने के लिए बिछाई गई दरी के नीचे जगह-जगह गड्ढे होने की बात ग्रामीणों ने कही है। परिसर में गंदगी और जलभराव के कारण मच्छरों का प्रकोप भी बना रहता है। ग्रामीणों का कहना है कि जिस स्थान पर बच्चों को सुरक्षित और स्वच्छ वातावरण मिलना चाहिए, वहां उन्हें अव्यवस्थाओं के बीच पढ़ाई करने को मजबूर होना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने सवाल उठाया है कि यदि विद्यालय भवन के निर्माण के लिए सरकारी राशि स्वीकृत एवं खर्च की गई थी, तो आखिर निर्माण कार्य अधूरा क्यों छोड़ दिया गया? निर्माण में कितना खर्च हुआ, कितना कार्य पूरा हुआ और शेष कार्य के लिए क्या प्रक्रिया अपनाई गई—इन सभी बिंदुओं की निष्पक्ष जांच की आवश्यकता है। ग्रामसभा में वर्षों से उठ रही मांग, लेकिन कार्रवाई नहीं ग्रामीणों का कहना है कि विद्यालय की बदहाल स्थिति कोई नई समस्या नहीं है। इस संबंध में ग्रामसभा की बैठकों में कई बार प्रस्ताव एवं मांग रखी जा चुकी है। इसके बावजूद समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो सका। ग्रामीणों का आरोप है कि हर बार आश्वासन और उम्मीद के बावजूद विद्यालय की स्थिति में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ। वर्षों से लंबित समस्या अब बच्चों की शिक्षा के साथ-साथ उनकी सुरक्षा से भी जुड़ गई है। स्वतंत्रता दिवस की बैठक में फिर गूंजा विद्यालय का मुद्दा स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर आयोजित बैठक में भी ग्रामीणों ने लखूमर विद्यालय की जर्जर और अव्यवस्थित स्थिति का मुद्दा प्रमुखता से उठाया। ग्रामीणों ने कहा कि वे लगातार इस समस्या को ग्रामसभा और अन्य बैठकों के माध्यम से जिम्मेदारों तक पहुंचाते रहे हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस एवं स्थायी कार्रवाई नहीं हुई। ग्रामीणों का कहना है कि सरकारी विद्यालय यदि इसी तरह बदहाल रहेंगे तो आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के सामने अपने बच्चों को निजी विद्यालयों में भेजने का अतिरिक्त आर्थिक दबाव पैदा होगा। निर्माण कार्य और सरकारी राशि की जांच की मांग ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि विद्यालय भवन की वर्तमान स्थिति का मौके पर जाकर निरीक्षण कराया जाए। साथ ही पूर्व में हुए निर्माण कार्य, स्वीकृत राशि, खर्च और अधूरे कार्य की स्थिति की भी जांच कराई जाए। ग्रामीणों ने मांग की है कि यदि निर्माण कार्य में कोई अनियमितता सामने आती है तो जिम्मेदारों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाए तथा आवश्यकतानुसार अधूरे निर्माण को तत्काल पूरा कर विद्यालय भवन की मरम्मत कराई जाए। कलेक्टर से हस्तक्षेप की मांग समस्त ग्रामीण, कथली-लखूमर ने उमरिया कलेक्टर श्रीमती राखी सहाय से मामले का संज्ञान लेकर संबंधित विभाग के अधिकारियों को मौके पर जांच एवं आवश्यक कार्रवाई के निर्देश देने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि विद्यालय महज एक भवन नहीं, बल्कि गांव के बच्चों के भविष्य की नींव है। यदि विद्यालय की जर्जरता, गंदगी और अधूरे निर्माण की समस्या को लंबे समय तक नजरअंदाज किया गया तो इसका सीधा असर बच्चों की शिक्षा और सुरक्षा पर पड़ेगा। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कराकर विद्यालय को शीघ्र व्यवस्थित कराया जाए, ताकि लखूमर के बच्चों को सुरक्षित, स्वच्छ और बेहतर शैक्षणिक वातावरण मिल सके।
दस साल से अधूरा पड़ा लखूमर स्कूल भवन, बच्चों की सुरक्षा और भविष्य पर सवाल। दस साल से अधूरा पड़ा लखूमर स्कूल भवन, बच्चों की सुरक्षा और भविष्य पर सवाल दरी के नीचे गड्ढे, कमरों में गिट्टी-पत्थर और परिसर में गंदगी; ग्रामसभा में बार-बार उठी आवाज, फिर भी जिम्मेदार बेखबर आशुतोष त्रिपाठी/जनचिंगारी – उमरिया मानपुर। जनपद पंचायत मानपुर अंतर्गत ग्राम पंचायत माला के ग्राम लखूमर स्थित शासकीय विद्यालय की बदहाल स्थिति ने सरकारी व्यवस्थाओं और जिम्मेदार अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि विद्यालय भवन का निर्माण करीब 10 वर्षों से अधूरा पड़ा है, लेकिन आज तक न तो अधूरे निर्माण को पूरा कराया गया और न ही भवन एवं परिसर की समुचित मरम्मत और रखरखाव की व्यवस्था की गई। ग्रामीणों के मुताबिक विद्यालय भवन के कमरों में आज भी गिट्टी-पत्थर और निर्माण सामग्री पड़ी हुई है। विद्यालय परिसर में साफ-सफाई की स्थिति भी चिंताजनक बताई जा रही है। आरोप है कि कचरे और गंदगी के बीच बच्चों के लिए भोजन तैयार किए जाने की स्थिति बनी हुई है। ऐसे वातावरण में पढ़ने वाले नौनिहालों के स्वास्थ्य और सुरक्षा को लेकर अभिभावकों में चिंता है। दरी के नीचे गड्ढे, परिसर में गंदगी और मच्छरों का प्रकोप विद्यालय में बच्चों के बैठने के लिए बिछाई गई दरी के नीचे जगह-जगह गड्ढे होने की बात ग्रामीणों ने कही है। परिसर में गंदगी और जलभराव के कारण मच्छरों का प्रकोप भी बना रहता है। ग्रामीणों का कहना है कि जिस स्थान पर बच्चों को सुरक्षित और स्वच्छ वातावरण मिलना चाहिए, वहां उन्हें अव्यवस्थाओं के बीच पढ़ाई करने को मजबूर होना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने सवाल उठाया है कि यदि विद्यालय भवन के निर्माण के लिए सरकारी राशि स्वीकृत एवं खर्च की गई थी, तो आखिर निर्माण कार्य अधूरा क्यों छोड़ दिया गया? निर्माण में कितना खर्च हुआ, कितना कार्य पूरा हुआ और शेष कार्य के लिए क्या प्रक्रिया अपनाई गई—इन सभी बिंदुओं की निष्पक्ष जांच की आवश्यकता है। ग्रामसभा में वर्षों से उठ रही मांग, लेकिन कार्रवाई नहीं ग्रामीणों का कहना है कि विद्यालय की बदहाल स्थिति कोई नई समस्या नहीं है। इस संबंध में ग्रामसभा की बैठकों
में कई बार प्रस्ताव एवं मांग रखी जा चुकी है। इसके बावजूद समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो सका। ग्रामीणों का आरोप है कि हर बार आश्वासन और उम्मीद के बावजूद विद्यालय की स्थिति में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ। वर्षों से लंबित समस्या अब बच्चों की शिक्षा के साथ-साथ उनकी सुरक्षा से भी जुड़ गई है। स्वतंत्रता दिवस की बैठक में फिर गूंजा विद्यालय का मुद्दा स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर आयोजित बैठक में भी ग्रामीणों ने लखूमर विद्यालय की जर्जर और अव्यवस्थित स्थिति का मुद्दा प्रमुखता से उठाया। ग्रामीणों ने कहा कि वे लगातार इस समस्या को ग्रामसभा और अन्य बैठकों के माध्यम से जिम्मेदारों तक पहुंचाते रहे हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस एवं स्थायी कार्रवाई नहीं हुई। ग्रामीणों का कहना है कि सरकारी विद्यालय यदि इसी तरह बदहाल रहेंगे तो आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के सामने अपने बच्चों को निजी विद्यालयों में भेजने का अतिरिक्त आर्थिक दबाव पैदा होगा। निर्माण कार्य और सरकारी राशि की जांच की मांग ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि विद्यालय भवन की वर्तमान स्थिति का मौके पर जाकर निरीक्षण कराया जाए। साथ ही पूर्व में हुए निर्माण कार्य, स्वीकृत राशि, खर्च और अधूरे कार्य की स्थिति की भी जांच कराई जाए। ग्रामीणों ने मांग की है कि यदि निर्माण कार्य में कोई अनियमितता सामने आती है तो जिम्मेदारों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाए तथा आवश्यकतानुसार अधूरे निर्माण को तत्काल पूरा कर विद्यालय भवन की मरम्मत कराई जाए। कलेक्टर से हस्तक्षेप की मांग समस्त ग्रामीण, कथली-लखूमर ने उमरिया कलेक्टर श्रीमती राखी सहाय से मामले का संज्ञान लेकर संबंधित विभाग के अधिकारियों को मौके पर जांच एवं आवश्यक कार्रवाई के निर्देश देने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि विद्यालय महज एक भवन नहीं, बल्कि गांव के बच्चों के भविष्य की नींव है। यदि विद्यालय की जर्जरता, गंदगी और अधूरे निर्माण की समस्या को लंबे समय तक नजरअंदाज किया गया तो इसका सीधा असर बच्चों की शिक्षा और सुरक्षा पर पड़ेगा। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कराकर विद्यालय को शीघ्र व्यवस्थित कराया जाए, ताकि लखूमर के बच्चों को सुरक्षित, स्वच्छ और बेहतर शैक्षणिक वातावरण मिल सके।
- उमरिया जिले में तेज बारिश का कहर, नदी-नालों में उफान से पुल-पुलिया टूटीं, कच्चे मकानों को भी नुकसान उमरिया जिले से इस वक्त की बड़ी खबर सामने आई है, जहां तेज बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है। लगातार हो रही बारिश के कारण जिले के कई नदी-नालों में उफान आ गया है। पानी का बहाव तेज होने से कई जगहों पर नदी के पुल और पुलिया क्षतिग्रस्त होकर टूट गई हैं, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में आवागमन प्रभावित हो गया है। वहीं, तेज बारिश के चलते कई कच्चे मकानों को भी नुकसान पहुंचने की खबर सामने आ रही है। कुछ स्थानों पर मकानों के गिरने से लोगों के सामने रहने की समस्या खड़ी हो गई है। बारिश के कारण नदी-नालों का जलस्तर बढ़ने से ग्रामीणों में भी दहशत का माहौल है। कई रास्तों पर पानी भर जाने से लोगों को आने-जाने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। फिलहाल प्रशासन की ओर से प्रभावित क्षेत्रों का जायजा लिया जा रहा है। लोगों से अपील की जा रही है कि तेज बारिश और उफनते नदी-नालों के बीच जोखिम लेकर आवागमन न करें और सुरक्षित स्थानों पर रहें।1
- 💥*_पुल बहे,घर जमींदोज,खेतों में तबाही,किसानों की टूटी कमर उमरिया_जनपद मानपुर क्षेत्र में पिछले 24 से 48 घंटे से जारी तेज बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है।ग्राम कठार के छिंदहा टोला और गड़िया टोला में पुल क्षतिग्रस्त हो गए हैं,वहीं ग्राम बिजौरी के पिपरहा टोला में भी तेज बारिश के बहाव में पुल बह गया।ग्रामीणों के सामने अब आवागमन का संकट खड़ा हो गया है।आसमानी आफत यहीं नहीं थमी।लगातार बारिश के चलते कई कच्चे और कमजोर मकानों के धराशायी होने की खबर है।इसके अलावा अधिकांश पक्के मकान भी टपकने लगे है।कठार निवासी रविकांत पटेल का मकान भी बारिश की मार से जमींदोज हो गया,इसके अलावा क्षेत्र में कई अन्य घरों के गिरने की सूचना भी सामने आ रही है।सबसे ज्यादा मार अन्नदाता किसानों पर पड़ी है।खेतों में पानी और तेज बहाव के कारण कई जगह खेतों की मेड़ें पूरी तरह ध्वस्त हो गई हैं।मेड़ों के टूटने से खेतों की मिट्टी और फसल पानी के साथ बह गई,जिससे किसानों की महीनों की मेहनत पलभर में बर्बाद हो गई।जिस फसल को किसान अपने परिवार की उम्मीद और साल भर की रोजी-रोटी समझकर सींच रहा था,वही आज पानी के तेज बहाव में तबाही का मंजर बन गई है।बारिश किसानों के लिए राहत नहीं,आफत बनकर बरसी है।ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि प्रभावित गांवों का तत्काल सर्वे कराया जाए,क्षतिग्रस्त पुलों और मकानों का आकलन कर राहत एवं मुआवजा दिया जाए तथा आवागमन बहाल करने के लिए तत्काल ज़रूरी कदम उठाए जाएं।_2
- मानपुर में बारिश का कहर: पुल बहे, घर जमींदोज, खेतों में तबाही—किसानों की टूटी कमर बारिश का कहर: पुल बहे, घर जमींदोज, खेतों में तबाही मानपुर। जनपद मानपुर क्षेत्र में पिछले 24 से 48 घंटे से हो रही तेज बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है। लगातार बारिश के चलते ग्राम कठार के छिंदहा टोला और गड़िया टोला में पुल क्षतिग्रस्त हो गए हैं। वहीं ग्राम बिजौरी के पिपरहा टोला में भी तेज बारिश के बहाव में पुल बह गया, जिससे ग्रामीणों के सामने आवागमन का संकट खड़ा हो गया है। बारिश का असर आवासों पर भी पड़ा है। लगातार बारिश के कारण कई कच्चे और कमजोर मकानों के धराशायी होने की सूचना है। वहीं क्षेत्र के कई पक्के मकानों में भी पानी टपकने से लोग परेशान हैं। कठार निवासी रविकांत पटेल का मकान भी बारिश की मार से जमींदोज हो गया। इसके अलावा क्षेत्र के अन्य गांवों में भी मकानों के क्षतिग्रस्त होने की खबरें सामने आ रही हैं। किसानों पर टूटी आफत लगातार बारिश और तेज बहाव ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। कई स्थानों पर खेतों की मेड़ें टूट गईं, जिससे खेतों की मिट्टी और फसल पानी के साथ बह गई। किसानों का कहना है कि महीनों की मेहनत के बाद तैयार हो रही फसल को भारी बारिश ने नुकसान पहुंचाया है। बारिश ने किसानों के लिए राहत के बजाय आफत का रूप ले लिया है। ग्रामीणों ने प्रशासन से प्रभावित गांवों का तत्काल सर्वे कराने, क्षतिग्रस्त पुलों और मकानों का आकलन कर राहत एवं मुआवजा उपलब्ध कराने तथा ग्रामीण क्षेत्रों में आवागमन बहाल करने के लिए आवश्यक कदम उठाने की मांग की है।1
- ग्रामसभा में वर्षों से उठ रही मरम्मत की मांग, स्वतंत्रता दिवस की बैठक में भी ग्रामीणों ने उठाया मुद्दा; प्रशासन से मौके पर जांच कर तत्काल कार्रवाई की मांग *दस साल से अधूरा पड़ा माला ग्राम पंचायत का लखूमर स्कूल भवन*, *बच्चों के भविष्य पर मंडरा रहा खतरा* *ग्रामसभा में वर्षों से उठ रही मरम्मत की मांग, स्वतंत्रता दिवस की बैठक में भी ग्रामीणों ने उठाया मुद्दा; प्रशासन से मौके पर जांच कर तत्काल कार्रवाई की मांग* उमरिया । मानपुर जनपद पंचायत अंतर्गत ग्राम पंचायत माला के अंतर्गत आने वाले ग्राम लखूमर का शासकीय विद्यालय पिछले करीब 10 वर्षों से अधूरे और जर्जर हालात में पड़ा होने का आरोप ग्रामीणों ने लगाया है। ग्रामीणों का कहना है कि विद्यालय भवन का निर्माण आधा-अधूरा छोड़ दिए जाने के बाद आज तक उसकी समुचित मरम्मत और रखरखाव की ओर जिम्मेदारों ने ध्यान नहीं दिया जहां गिट्टी और पत्थर कमरे के अंदर आज भी पड़े हुए हैं कचरे के देर में बैठकर बनाया जा रहा है खाना, जिसका सीधा असर बच्चों की पढ़ाई और सुरक्षा पर पड़ रहा है। ग्रामीणों के मुताबिक विद्यालय परिसर की स्थिति ऐसी है कि जहां बच्चे बैठते हैं, वहां बिछी दरी के नीचे भी जगह-जगह गड्ढे बने हुए हैं। परिसर में गंदगी और जलभराव जैसी स्थिति के कारण मच्छरों का प्रकोप भी बना रहता है। ऐसे वातावरण में बच्चों को पढ़ाई करने में काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। दरी के नीचे भी गड्ढे, गंदगी से मच्छरों का प्रकोप ग्रामीणों का कहना है कि विद्यालय भवन और परिसर की स्थिति लंबे समय से खराब है। भवन की मरम्मत नहीं होने के साथ-साथ परिसर की समुचित साफ-सफाई भी नहीं हो पा रही है। बच्चों के बैठने के स्थान के नीचे गड्ढे होना चिंता का विषय है। ग्रामीणों का आरोप है कि सरकारी राशि खर्च होने के बावजूद विद्यालय की हालत में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ। ग्रामीणों ने सवाल उठाया कि विद्यालय के निर्माण और अधूरे कार्य के लिए स्वीकृत राशि का उपयोग किस प्रकार किया गया और निर्माण कार्य पूरा क्यों नहीं कराया गया, इसकी जांच होना आवश्यक है। ग्रामसभा में कई बार प्रस्ताव, फिर भी नहीं हुई कार्रवाई ग्रामीणों का कहना है कि विद्यालय की बदहाल स्थिति को लेकर ग्रामसभा की बैठकों में कई बार प्रस्ताव रखा जा चुका है, लेकिन इसके बावजूद समस्या जस की तस बनी हुई है। हर बार ग्रामीणों को उम्मीद रहती है कि विद्यालय की मरम्मत होगी, लेकिन वर्षों बीत जाने के बाद भी कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने से उनमें नाराजगी है। ग्रामीणों का कहना है कि जब सरकारी विद्यालय की स्थिति खराब होगी तो आर्थिक रूप से कमजोर परिवार भी अपने बच्चों को मजबूरी में निजी स्कूलों में भेजने के लिए विवश होंगे। स्वतंत्रता दिवस की बैठक में फिर उठा विद्यालय का मुद्दा स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर आयोजित बैठक में भी ग्रामीणों ने विद्यालय की जर्जर स्थिति का मुद्दा प्रमुखता से उठाया। ग्रामीणों का कहना है कि वे लगातार कई वर्षों से इसी समस्या को ग्रामसभा और अन्य बैठकों में उठा रहे हैं, लेकिन जिम्मेदार विभाग द्वारा अब तक समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया गया। मौके पर जांच और तत्काल मरम्मत की मांग ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि विद्यालय भवन एवं परिसर की मौके पर जांच कराई जाए, पूर्व में हुए निर्माण कार्य और खर्च की जांच की जाए तथा आवश्यकतानुसार भवन की तत्काल मरम्मत एवं अधूरे निर्माण कार्य को पूरा कराया जाए। ग्रामीणों ने उमरिया कलेक्टर श्रीमती राखी सहाय से विशेष अनुरोध करते हुए कहा है कि ग्राम पंचायत माला के अंतर्गत आने वाले लखूमर विद्यालय की स्थिति का संज्ञान लेकर संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए जाएं। ग्रामीणों का कहना है कि विद्यालय केवल एक भवन नहीं, बल्कि गांव के बच्चों के भविष्य की नींव है। इसलिए भवन की जर्जर स्थिति को नजरअंदाज करना बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ होगा। समस्त ग्रामीण, कथली-लखूमर ने प्रशासन से मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर विद्यालय को शीघ्र व्यवस्थित कराया जाए, ताकि गांव के बच्चों को सुरक्षित और बेहतर शैक्षणिक वातावरण मिल सके।2
- बिरसिंहपुर पाली में निकली भव्य कांवर यात्रा, 4 से 5 हजार शिवभक्त हुए शामिल लोकेशन : उमरिया, बिरसिंहपुर पाली रिपोर्टर : श्याम गुप्ता उमरिया जिले के बिरसिंहपुर पाली में आज आस्था और भक्ति का अद्भुत नजारा देखने को मिला। यहां विशाल कांवर यात्रा का आयोजन किया गया, जिसमें करीब 4 से 5 हजार शिवभक्तों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। भव्य कांवर यात्रा मां बिरासनी मंदिर से प्रारंभ होकर पचलेश्वर धाम तक पहुंची। यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं द्वारा 12 शिवलिंगों का जलाभिषेक किया गया। रास्ते भर जगह-जगह श्रद्धालुओं और सामाजिक संगठनों द्वारा कांवरियों का स्वागत किया गया। कांवर यात्रा के दौरान विशाल भंडारे एवं शिव भजनों का आयोजन भी किया गया, जिससे पूरा क्षेत्र भक्तिमय वातावरण में सराबोर नजर आया। हर-हर महादेव और बोल बम के जयकारों से नगर गूंज उठा। यात्रा में शामिल शिवभक्तों ने बिरासनी सेवा समिति द्वारा की गई व्यवस्थाओं की जमकर सराहना की। समिति द्वारा श्रद्धालुओं की सुविधा, पेयजल, स्वागत एवं अन्य व्यवस्थाओं का विशेष ध्यान रखा गया। पूरी कांवर यात्रा के दौरान शासन-प्रशासन का भी सहयोग प्राप्त हुआ, जिसके चलते यात्रा शांतिपूर्ण एवं व्यवस्थित तरीके से संपन्न हुई। उल्लेखनीय है कि पिछले तीन वर्षों से लगातार इस भव्य कांवर यात्रा का आयोजन किया जा रहा है। इस वर्ष भी श्रद्धा और उत्साह के साथ हजारों शिवभक्त यात्रा में शामिल हुए। यह भव्य आयोजन श्री श्री 1008 श्री भगत गिरी बच्चू महाराज जी के सानिध्य में संपन्न हुआ। यात्रा के समापन पर श्रद्धालुओं ने भगवान भोलेनाथ से क्षेत्र की सुख-समृद्धि एवं खुशहाली की कामना की।4
- नाग पंचमी पर पाली में उमड़ा शिवभक्तों का सैलाब,आस्था और भक्ति का अद्भुत नजारा नाग पंचमी पर पाली में उमड़ा शिवभक्तों का सैलाब उमरिया तपस गुप्ता नाग पंचमी के पावन अवसर पर सोमवार को बिरसिंहपुर पाली में आस्था और भक्ति का अद्भुत नजारा देखने को मिला। उमरिया जिले की सुप्रसिद्ध विशाल कावड़ यात्रा में करीब 5 हजार कावड़िए शामिल हुए। आदिशक्ति जगत जननी माँ बिरासिनी शक्तिपीठ से शुरू हुई यात्रा ग्राम बरबसपुर स्थित पंचलेश्वर धाम पहुंचकर संपन्न हुई। पूरे मार्ग में हर-हर महादेव और जय भोलेनाथ के जयघोष से वातावरण भक्तिमय बना रहा। कावड़ यात्रा में बिरसिंहपुर पाली सहित आसपास के नगरों और ग्रामीण क्षेत्रों से बड़ी संख्या में शिवभक्त शामिल हुए। श्रद्धालु स्थानीय सरस्वती शिशु मंदिर मैदान में एकत्रित हुए, जिसके बाद झिरिया कुंड से पवित्र जल भरकर माँ बिरासिनी मंदिर पहुंचे। यहां विधिवत पूजा-अर्चना के बाद कावड़ यात्रा का शुभारंभ किया गया। श्रद्धालुओं ने पैदल यात्रा करते हुए पंचलेश्वर धाम बरबसपुर पहुंचकर भगवान भोलेनाथ सहित 12 शिवलिंगों का जलाभिषेक किया। इस धार्मिक आयोजन को सफल बनाने में माँ बिरासिनी सेवा समिति की भूमिका विशेष रूप से सराहनीय रही। समिति के पदाधिकारियों और सेवादारों ने श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए यात्रा से जुड़ी व्यवस्थाओं को बेहतर तरीके से संभाला। हजारों श्रद्धालुओं की मौजूदगी के बावजूद यात्रा का सुव्यवस्थित संचालन समिति के सेवाभाव और समर्पण को दर्शाता रहा। यात्रा मार्ग में जगह-जगह स्थानीय नागरिकों, सामाजिक संगठनों और धर्मप्रेमी लोगों द्वारा कावड़ियों का भव्य स्वागत किया गया। श्रद्धालुओं के लिए विभिन्न स्थानों पर जलपान और अन्य सुविधाओं की व्यवस्था की गई। स्वागत के दौरान शिवभक्तों में खासा उत्साह दिखाई दिया। यात्रा के समापन अवसर पर माँ बिरासिनी सेवा समिति की ओर से विशाल भंडारे का आयोजन किया गया। इसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। इसके साथ ही आयोजित आर्केस्ट्रा कार्यक्रम ने आयोजन की रौनक बढ़ा दी। धार्मिक और सांस्कृतिक माहौल में श्रद्धालुओं ने कार्यक्रम का आनंद लिया। पूरी यात्रा के दौरान शासन-प्रशासन का सहयोग भी प्राप्त हुआ। सुरक्षा, यातायात और स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर संबंधित विभागों की टीमें सक्रिय रहीं, जिससे श्रद्धालुओं को किसी तरह की परेशानी न हो और यात्रा शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो सके। उल्लेखनीय है कि पिछले तीन वर्षों से लगातार आयोजित हो रही यह कावड़ यात्रा अब बिरसिंहपुर पाली के प्रमुख धार्मिक एवं सांस्कृतिक आयोजनों में शामिल हो चुकी है। पूज्य श्री श्री 1008 श्री भगतगिरी (बच्चू महाराज) जी के सानिध्य में आयोजित इस यात्रा ने श्रद्धा के साथ सेवा, अनुशासन और सामाजिक एकता का संदेश दिया। क्षेत्रवासियों ने कावड़ यात्रा को सफल बनाने के लिए माँ बिरासिनी सेवा समिति के पदाधिकारियों और सेवादारों के प्रयासों की सराहना की। समिति की मेहनत और सेवाभाव के चलते हजारों शिवभक्तों ने सुरक्षित एवं भक्तिमय वातावरण में यात्रा पूरी कर भगवान भोलेनाथ का आशीर्वाद प्राप्त किया।4
- शहडोल पुलिस को खुली चुनौतीः दिल्ली नंबर की 'हुड़दंगी' वैगनआर सड़कों पर काट रही बवाल! कानफोडू साइलेंसर, रुफ लाइट्स और अवैध मॉडिफिकेशन से जनता त्रस्त, आखिर कब जागेगा प्रशासन ? शहडोल। शहडोल संभाग की शांत सड़कों पर इन दिनों एक सफेद रंग की मॉडिफाइड मारुति सुजुकी वैगनआर कार खुलेआम कानून की धज्जियां उड़ा रही है। दिल्ली पासिंग नंबर DL 9C AC 0224 और गाडी के पीछे बड़े अक्षरों में "NAYAB" लिखवाकर घूमने वाला यह हुड़दंगी युवक स्थानीय पुलिस और ट्रैफिक विभाग के इकबाल को सीधी चुनोती दे रहा है। सोशल मीडिया (इंस्टाग्राम आईडी: g.d.nayab_) पर इस गाड़ी के स्टंट और मॉडिफिकेशन के वीडियो धड़ल्लें से वायरल हो रहे हैं, लेकिन स्थानीय पुलिस अब तक हाथ पर हाथ धरे बैठी है। NAYAB DLSCAC0224 साइलेंसर के पटाखे कानफोडू ध्वनि प्रदूषणः ओरिजिनल साइलेंसर हटाकर लगाया गया अवैध मॉडिफाइड एग्जॉस्ट, जिससे निकलती है पटाखे जैसी तेज आवाज। बुजुगों, दिल के मरीजों और राहगीरों के लिए बन रहा जानलेवा। अंधा कर देने वाली रुफ लाइंट्सः : छत पर भारी मात्रा में अवैध मार्कर और फ्लैशर लाइंट्स, रात में ऑन करके निकलता है सड़कों पर, जिससे होती है दुर्घटना की बड़ी संभावना। पुलिस को चकमा देने की साजिशः मंबर प्लेट तिरछी और आधी छिपाकर लगाई गई, पूरी गाड़ी पर डार्क फिल्म और प्रतिबंधित स्टिकर। ट्रैफिक कैमरे। और पुलिस से बचने की चाल। कानफोडू ध्वनि प्रदूषणः ओरिजिनल साइलेंसर हटाकर लगाया गया अवैध मॉडिफाइड एग्जॉस्ट, जिससे निकलती है पटाखे जैसी तेज आवाज। बुजुगों, दिल के मरीजों और राहगीरों के लिए बन रहा जानलेवा। अंधा कर देने वाली रुफ लाइंट्सः : छत पर भारी मात्रा में अवैध मार्कर और फ्लैशर लाइंट्स, रात में ऑन करके निकलता है सड़कों पर, जिससे होती है दुर्घटना की बड़ी संभावना। पुलिस को चकमा देने की साजिशः मंबर प्लेट तिरछी और आधी छिपाकर लगाई गई, पूरी गाड़ी पर डार्क फिल्म और प्रतिबंधित स्टिकर। ट्रैफिक कैमरे। और पुलिस से बचने की चाल।1
- प्रशिक्षण बैठक में अव्यवस्था से नाराज सरपंच-उपसरपंच, प्रशासन के सामने रखी समस्याएं1
- बागेश्वर धाम से दबोचा गया 30 हजार का इनामी 'लल्ला महाराज': शहडोल के बहुचर्चित रामपुर हत्याकांड का मुख्य आरोपी गिरफ्तार बागेश्वर धाम से दबोचा गया 30 हजार का इनामी 'लल्ला महाराज': शहडोल के बहुचर्चित रामपुर हत्याकांड का मुख्य आरोपी गिरफ्तार शहडोल। अमलाई थाना क्षेत्र के रामपुर में दुकानदार रज्जन उर्फ भूपेंद्र कहार की गोली मारकर हत्या करने वाले 30,000 रुपये के इनामी मुख्य आरोपी राजकुमार मिश्रा उर्फ 'लल्ला महाराज' को पुलिस ने छतरपुर जिले के बागेश्वर धाम से धर दबोचा है। धार्मिक स्थल पर छिपकर काट रहा था फरारी 13 जुलाई 2026 को रामपुर में दुकानदार पर दिनदहाड़े गोली चलाने की वारदात के बाद से मुख्य आरोपी फरार चल रहा था। पुलिस अधीक्षक डॉ. संजय कुमार अग्रवाल के निर्देशन में गठित विशेष जांच टीम (SIT) आरोपी की लगातार तलाश कर रही थी। इस बीच पुलिस को सूचना मिली कि आरोपी छतरपुर के बागेश्वर धाम में छिपा हुआ है। पुलिस टीम ने 14 अगस्त से वहां डेरा डालकर रेकी शुरू की और 16 अगस्त को उसे घेराबंदी कर गिरफ्तार कर लिया। संरक्षण देने वाले 2 मददगार पहले ही जा चुके हैं जेल विवेचना के दौरान सामने आया था कि घटना के बाद आरोपी को पनाह देने और भगाने में पवन मिश्रा और सीतेश सोनी ने सक्रिय भूमिका निभाई थी। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दोनों सह-आरोपियों को पहले ही गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया था। आरोपी का लंबा आपराधिक रिकॉर्ड पकड़ा गया आरोपी राजकुमार शर्मा उर्फ लल्ला (पिता शेषमणि शर्मा, निवासी रामपुर) आदतन अपराधी है। उसके खिलाफ मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के विभिन्न थानों में गंभीर धाराओं के तहत मामले दर्ज हैं: कोतवाली (अनूपपुर): एनडीपीएस एक्ट एवं भा.दं.वि. (अप.क्र. 125/2005) राजेन्द्रग्राम (अनूपपुर): राज्य सुरक्षा अधिनियम एवं 188 भा.दं.वि. (अप.क्र. 56/2006) गौरेला (छत्तीसगढ़): 20बी, 29 एनडीपीएस एक्ट (अप.क्र. 297/2024) कोतवाली (शहडोल): 8/20 एनडीपीएस एक्ट (अप.क्र. 661/21) अमलाई (शहडोल): धारा 103(1) BNS एवं 25/27 आर्म्स एक्ट (अप.क्र. 192/2026) पुलिस टीम की सराहनीय भूमिका इस गिरफ्तारी में अनुविभागीय अधिकारी (पुलिस) धनपुरी विकास पाण्डेय, अमलाई थाना प्रभारी भूपेन्द्रमणि पाण्डेय, धनपुरी थाना प्रभारी खेम सिंह पेन्द्रो, खैरहा थाना प्रभारी उमाशंकर चतुर्वेदी, सउनि भूपेन्द्र अहिरवार, सउनि दीपक तिवारी सहित साइबर सेल शहडोल की मुख्य भूमिका रही। आरोपी को विधिक प्रक्रिया पूरी कर न्यायालय में पेश किया गया अजय पाल3