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प्रयागराज डॉ श्यामसुंदर पाराशर द्वार श्रीमद्भागवत कथा का रसास्वादन करते हुए
Ashwini Kumar Pandey
प्रयागराज डॉ श्यामसुंदर पाराशर द्वार श्रीमद्भागवत कथा का रसास्वादन करते हुए
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- फर्जी IPS का भंडाफोड़: गोरखपुर यूनिवर्सिटी का निलंबित क्लर्क बन बैठा ‘अफसर’, कारोबारी से मांगे दो लाख, पहुंचा जेल गोरखपुर के पीपीगंज थानाक्षेत्र में खुद को आईपीएस अधिकारी बताकर रंगदारी मांगने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। आईपीएस की वर्दी पहनकर कपड़ा व्यापारी को धमकाने वाला आरोपी कोई अफसर नहीं, बल्कि गोरखपुर यूनिवर्सिटी का निलंबित क्लर्क निकला। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। नगर पंचायत पीपीगंज के वार्ड नंबर 17 अटल नगर निवासी संदीप सिंह ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि कुछ दिन पहले एक व्यक्ति आईपीएस की वर्दी पहनकर उनके घर पहुंचा। खुद को स्थानीय आईपीएस अधिकारी बताते हुए उसने दो लाख रुपये की मांग की। आरोपी ने धमकी दी कि रकम न देने पर फर्जी हत्या के मुकदमे में फंसा देगा या फिर एनकाउंटर करवा देगा। इस दौरान गोरखनाथ क्षेत्र निवासी विनोद सिंह भी मौके पर मौजूद थे। धमकियों से डरे व्यापारी ने जब मामले की पड़ताल की तो सच्चाई सामने आई। आरोपी का नाम शनि वर्मा (उर्फ शनि शर्मा) है, जो वार्ड नंबर 1 अंबेडकर नगर का रहने वाला है और पुलिस विभाग से उसका कोई लेना-देना नहीं है। शनिवार को पीपीगंज थाने में तहरीर देने के बाद पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उसे जेल भेज दिया। पुलिस द्वारा व्यापारी की तहरीर पर एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई की गई है। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि आरोपी ने और किन-किन लोगों से रंगदारी मांगी है। अस्पताल संचालक समेत कई और बने शिकार पीड़ित का आरोप है कि शनि वर्मा ने उनके अलावा इलाके के एक हॉस्पिटल संचालक, संतकबीरनगर के मेहदावल जमहबरा निवासी विकास और कैंपियरगंज के नुरुद्दीननचक निवासी जितेंद्र सिंह से भी रुपये की मांग की थी। पुलिस अन्य पीड़ितों की तलाश में जुटी है। फर्जी वर्दी, अफसराना रौब और एनकाउंटर की धमकी—गोरखपुर में ‘नकली IPS’ का यह खेल आखिरकार पुलिस ने खत्म कर दिया।3
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