स्वच्छ शहर इंदौर का वार्ड क्रमांक 1 हुआ जलमग्न देश में स्वच्छता के लिए कई बार नंबर वन का खिताब हासिल कर चुका इंदौर एक बार फिर चर्चा में है, लेकिन इस बार वजह गौरव नहीं बल्कि एक स्थानीय समस्या है। वार्ड क्रमांक 1 में सही सड़क निर्माण और प्रभावी ड्रेनेज सिस्टम के अभाव में सड़कों पर पानी भरने की गंभीर समस्या सामने आई है। हल्की बारिश के बाद ही हालात ऐसे बन जाते हैं कि पूरी सड़कें तालाब जैसी दिखाई देती हैं। पानी निकासी की समुचित व्यवस्था न होने के कारण यह पानी लंबे समय तक जमा रहता है, जिससे राहगीरों, वाहन चालकों और खासकर स्कूल जाने वाले बच्चों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि इस समस्या को लेकर कई बार शिकायतें की गईं, लेकिन स्थायी समाधान अभी तक नहीं हो पाया है। जलभराव के कारण न केवल आवागमन बाधित हो रहा है, बल्कि दुर्घटनाओं और बीमारियों का खतरा भी बढ़ रहा है। स्वच्छ शहर की पहचान रखने वाले इस शहर में यदि बुनियादी सुविधाओं की ऐसी स्थिति है, तो यह संबंधित विभागों के लिए एक गंभीर विषय है। अब देखना यह है कि प्रशासन और जिम्मेदार अधिकारी इस समस्या पर कब तक ध्यान देते हैं और वार्ड क्रमांक 1 की स्थिति में सुधार के लिए क्या कदम उठाए जाते हैं। हमारा वार्ड क्रमांक 1 की मौजूदा स्थिति को दिखाने का एक प्रयास है, ताकि जनता की आवाज़ जिम्मेदारों तक पहुँच सके। 👉 आप इस मुद्दे पर क्या सोचते हैं? अपनी राय कमेंट में जरूर साझा करें।
स्वच्छ शहर इंदौर का वार्ड क्रमांक 1 हुआ जलमग्न देश में स्वच्छता के लिए कई बार नंबर वन का खिताब हासिल कर चुका इंदौर एक बार फिर चर्चा में है, लेकिन इस बार वजह गौरव नहीं बल्कि एक स्थानीय समस्या है। वार्ड क्रमांक 1 में सही सड़क निर्माण और प्रभावी ड्रेनेज सिस्टम के अभाव में सड़कों पर पानी भरने की गंभीर समस्या सामने आई है। हल्की बारिश के बाद ही हालात ऐसे बन जाते हैं कि पूरी सड़कें तालाब जैसी दिखाई देती हैं। पानी निकासी की समुचित व्यवस्था न होने के कारण यह पानी लंबे समय तक जमा रहता है, जिससे राहगीरों, वाहन चालकों और खासकर स्कूल जाने वाले बच्चों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि इस समस्या को लेकर कई बार शिकायतें की गईं, लेकिन स्थायी समाधान अभी तक नहीं हो पाया है। जलभराव के कारण न केवल आवागमन बाधित हो रहा है, बल्कि दुर्घटनाओं और बीमारियों का खतरा भी बढ़ रहा है। स्वच्छ शहर की पहचान रखने वाले इस शहर में यदि बुनियादी सुविधाओं की ऐसी स्थिति है, तो यह संबंधित विभागों के लिए एक गंभीर विषय है। अब देखना यह है कि प्रशासन और जिम्मेदार अधिकारी इस समस्या पर कब तक ध्यान देते हैं और वार्ड क्रमांक 1 की स्थिति में सुधार के लिए क्या कदम उठाए जाते हैं। हमारा वार्ड क्रमांक 1 की मौजूदा स्थिति को दिखाने का एक प्रयास है, ताकि जनता की आवाज़ जिम्मेदारों तक पहुँच सके। 👉 आप इस मुद्दे पर क्या सोचते हैं? अपनी राय कमेंट में जरूर साझा करें।
- एंकर - बॉलीवुड अभिनेता अजय देवगन इंदौर पहुंचे, इस दौरान उन्होंने इंदौर के एक निजी ज्वेलर्स का उद्घाटन किया और साथ ही इंदौर की स्वच्छता की जमकर तारीख भी कि उनका कहना था कि मैं इंदौर आते रहता हूं और इंदौर स्वच्छता में काफी अच्छा है और यहां के लोग भी काफी अच्छे हैं। बाइट - अजय देवगन , अभिनेता ,1
- फ्लैग मार्च के दौरान आम नागरिकों को सुरक्षा का संदेश दिया गया और असामाजिक तत्वों को सख्त चेतावनी भी दी गई। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि आगामी त्योहारों और आयोजनों को देखते हुए यह कदम एहतियात के तौर पर उठाया गया है, ताकि शहर में कानून-व्यवस्था बनी रहे।1
- अवैध निर्माण करता अनिल साठे द्वारा गरीबों का पानी बंद किया1
- राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के बारे में कांग्रेस नेता अजय का विवादित बयान, उन्होंने कहा – RSS में ऊपर से नीचे तक रांडवो की फ़ौज भरी पड़ी है, इस बयान पर आपकी क्या राय है कमेंट में जरूर बताएं 👇1
- इस दौरान उन्होंने इंदौर के एक निजी ज्वेलर्स का उद्घाटन किया और साथ ही इंदौर की स्वच्छता की जमकर तारीफ़ भी कि उनका कहना था कि मैं इंदौर आते रहता हूं और इंदौर स्वच्छता में काफी अच्छा है और यहां के लोग भी काफी अच्छे हैं।1
- इंदौर के चिकमंगलूर चौराहे के पास तेज रफ्तार स्कॉर्पियो बेकाबू होकर एक कपड़े की दुकान में जा घुसी. हादसे में सड़क पर खड़े कई दोपहिया वाहन भी क्षतिग्रस्त हो गए, जबकि दो युवक घायल बताए जा रहे हैं. यह पूरी घटना सीसीटीवी कैमरे में कैद हुई है.1
- कोलार डैम परियोजना की नहर बनी किसानों के लिए संकट, तजपुरा में बढ़ा खतरा बुधनी (विधानसभा क्रमांक 156), जिला सीहोर। क्षेत्र के ग्राम तजपुरा में इन दिनों कोलार डैम परियोजना से निकली नहर किसानों के लिए चिंता का कारण बन गई है। ग्रामीणों का आरोप है कि वर्षों पुरानी नहर के किनारों का समय पर रखरखाव नहीं किया गया, जिसके कारण उसकी बॉर्डर जगह-जगह से कमजोर और जर्जर हो चुकी है। ग्रामीणों द्वारा साझा की गई तस्वीरों में साफ दिखाई देता है कि नहर में पानी निर्धारित स्तर से अधिक बह रहा है। कई स्थानों पर पानी किनारों से रिसकर खेतों की ओर जा रहा है। किसानों का कहना है कि यदि जल्द मरम्मत कार्य नहीं कराया गया तो नहर टूटने की आशंका है, जिससे अचानक जलभराव होकर भारी फसल नुकसान हो सकता है। किसानों की हालत चिंताजनक तजपुरा के किसान बताते हैं कि इस समय खेतों में खड़ी फसल तैयार होने की स्थिति में है। लगातार झिरपते पानी के कारण खेतों की उपजाऊ मिट्टी खराब हो रही है। कई किसानों के खेतों में पानी भरने से फसल पीली पड़ने लगी है। किसानों का कहना है कि एक ओर खाद, बीज और सिंचाई की लागत बढ़ रही है, वहीं दूसरी ओर यदि नहर टूट गई या पानी अधिक मात्रा में छोड़ा गया तो उनकी पूरी मेहनत बर्बाद हो सकती है। ग्राम के किसान सुंदरलाल सहित अन्य ग्रामीणों ने प्रशासन से कई बार मौखिक शिकायत करने की बात कही है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। ग्रामीणों में इस बात को लेकर नाराजगी है कि विभाग समय पर न तो नहर की सफाई करवा रहा है और न ही क्षतिग्रस्त हिस्सों की मरम्मत। परियोजना की पृष्ठभूमि कोलार डैम मध्य प्रदेश की महत्वपूर्ण जल परियोजनाओं में से एक है, जिसका उद्देश्य पेयजल आपूर्ति और सिंचाई सुविधा प्रदान करना है। वर्षों पहले बनी इस परियोजना की नहर प्रणाली अब कई स्थानों पर मरम्मत की मांग कर रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि नियमित निरीक्षण और सुदृढ़ीकरण न होने से ऐसी समस्याएं उत्पन्न होती हैं। संभावित खतरा यदि नहर का जलस्तर नियंत्रित नहीं किया गया और कमजोर किनारों को मजबूत नहीं किया गया, तो बरसात या अधिक जल प्रवाह की स्थिति में नहर टूट सकती है। ऐसी स्थिति में किसानों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है, साथ ही गांव में जलभराव की समस्या भी खड़ी हो सकती है। प्रशासन से मांग तजपुरा के ग्रामीणों ने शासन-प्रशासन से मांग की है कि: नहर का तत्काल तकनीकी निरीक्षण कराया जाए कमजोर और जर्जर किनारों की मरम्मत की जाए जलस्तर नियंत्रित रखने के लिए निगरानी बढ़ाई जाए किसानों को संभावित नुकसान से बचाने हेतु अग्रिम कदम उठाए जाएं अब देखना यह है कि संबंधित विभाग किसानों की इस गंभीर समस्या पर कब तक संज्ञान लेता है और राहत पहुंचाने के लिए क्या कदम उठाता है।4
- भारत मौसम विभाग (IMD) ने मध्य प्रदेश के कई जिलों सहित उज्जैन के आसपास 24 घंटे के लिए भारी बारिश, आंधी और बिजली गिरने की चेतावनी जारी की है। इससे जनजीवन पर असर पड़ सकता है जैसे दैनिक गतिविधियों में परेशानी और ट्रैफिक धीमा होना।1