गुमला सदर अस्पताल में जिंदगी और मौत से जूझ रहे एक गरीब मरीज के इलाज के लिए उसकी पत्नी को शहर की सड़कों पर आर्थिक सहायता मांगने को मजबूर होना पड़ा। जानकारी के अनुसार, जगन्नाथ तिर्की नामक मरीज पिछले कई दिनों से गंभीर अवस्था में अस्पताल में भर्ती है। परिजनों का आरोप है कि प्रारंभिक उपचार के बाद अस्पताल प्रशासन ने संसाधनों की कमी का हवाला देते हुए आगे के इलाज में असमर्थता जताई, जिसके बाद आर्थिक रूप से कमजोर परिवार के लिए खर्च उठाना मुश्किल हो गया और मरीज की पत्नी पति की जान बचाने के लिए राहगीरों से मदद मांगती दिखी। यह मामला सोशल मीडिया के माध्यम से सामने आने पर झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने इसका संज्ञान लिया। मुख्यमंत्री ने गुमला उपायुक्त को निर्देश देते हुए कहा कि वे इस मामले की जांच करें और जगन्नाथ तिर्की के इलाज हेतु हरसंभव कार्रवाई करते हुए सूचित करें।
गुमला सदर अस्पताल में जिंदगी और मौत से जूझ रहे एक गरीब मरीज के इलाज के लिए उसकी पत्नी को शहर की सड़कों पर आर्थिक सहायता मांगने को मजबूर होना पड़ा। जानकारी के अनुसार, जगन्नाथ तिर्की नामक मरीज पिछले कई दिनों से गंभीर अवस्था में अस्पताल में भर्ती है। परिजनों का आरोप है कि प्रारंभिक उपचार के बाद अस्पताल प्रशासन ने संसाधनों की कमी का हवाला देते हुए आगे के इलाज में असमर्थता जताई, जिसके बाद आर्थिक रूप से कमजोर परिवार के लिए खर्च उठाना मुश्किल हो गया और मरीज की पत्नी पति की जान बचाने के लिए राहगीरों से मदद मांगती दिखी। यह मामला सोशल मीडिया के माध्यम से सामने आने पर झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने इसका संज्ञान लिया। मुख्यमंत्री ने गुमला उपायुक्त को निर्देश देते हुए कहा कि वे इस मामले की जांच करें और जगन्नाथ तिर्की के इलाज हेतु हरसंभव कार्रवाई करते हुए सूचित करें।
- एक महत्वपूर्ण संदेश में बच्चों को 'सेफ कोड' सिखाने के एक स्मार्ट तरीके पर जोर दिया गया है। इसे बाहरी दुनिया में बच्चों की सुरक्षा के लिए एक गुप्त फॉर्मूला बताया गया है, जो उन्हें सुरक्षित रखने में मदद कर सकता है।1
- बिष्णुगढ़ के सरुखुदार में सड़कों की जर्जर हालत को लेकर जनता में भारी आक्रोश है। स्थानीय लोगों का कहना है कि चुनाव के दौरान विकास के 'चमचमाते वादे' किए गए थे, लेकिन जीत मिलने के बाद मुखिया और विधायक 'गायब' हो गए हैं। जनता महसूस कर रही है कि वे वोट बैंक की राजनीति का शिकार हुए हैं, क्योंकि सड़कों के नाम पर वोट देने के बावजूद विकास को 'चोट' पहुँची है। सरुखुदार की बदहाल सड़कें अब अपने जनप्रतिनिधियों से उनका पता पूछ रही हैं, जिससे व्यवस्था की विफलता और ग्रामीण विकास की उपेक्षा पर गहरा गुस्सा है।1
- रांची के हटपड़ा बाजार में एक युवती को ₹3500 की ठगी के आरोप में पकड़ा गया है। यह युवती लोगों से अपनी माँ की बीमारी का बहाना बनाकर पैसे ठगने का खेल कर रही थी, जिसके बाद वह हटपड़ा बाजार में पकड़ी गई।1
- हजारीबाग की बेटी काजल कुमारी ने 70वीं बिहार लोक सेवा आयोग (बीपीएससी) परीक्षा में उल्लेखनीय सफलता हासिल की है, जिसके तहत उन्हें प्रखंड कल्याण पदाधिकारी के पद पर चयनित किया गया है। उनकी इस शानदार उपलब्धि से उनके परिवार, क्षेत्र और जिले का नाम रोशन हुआ है। काजल की सफलता के बाद क्षेत्र में खुशी का माहौल है, और उनके परिजनों, मित्रों, शिक्षकों एवं शुभचिंतकों ने उन्हें बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है। काजल की यह सफलता उनके दृढ़ संकल्प, निरंतर मेहनत और लक्ष्य के प्रति समर्पण को दर्शाती है। उन्होंने न केवल शैक्षणिक क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है, बल्कि खेल जगत में भी अपनी प्रतिभा का परिचय दिया है। हजारीबाग झील में नियमित अभ्यास करके उन्होंने जिले का प्रतिनिधित्व किया और कई राज्य स्तरीय तैराकी प्रतियोगिताओं में भाग लिया, जिससे उनका प्रदर्शन युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत बन गया है। काजल के पिता विपिन बिहारी सिंह वर्तमान में रामगढ़ जिले में पुलिस विभाग में सब-इंस्पेक्टर के पद पर कार्यरत हैं और अपनी ईमानदार कार्यशैली के लिए जाने जाते हैं; उन्होंने पूर्व सांसद महावीर लाल विश्वकर्मा के अंगरक्षक के रूप में भी अपनी सेवाएं दी हैं। उनकी माता पुष्पा सिंह नमन विद्या विद्यालय में स्पोर्ट्स टीचर के रूप में कार्यरत हैं और शिक्षा व खेल के क्षेत्र में सक्रिय भूमिका निभाती हैं। काजल की सफलता में उनके माता-पिता के संस्कारों, अनुशासन और प्रोत्साहन का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। काजल कुमारी की यह उपलब्धि उनके परिवार के लिए तो गर्व का विषय है ही, साथ ही पूरे हजारीबाग जिले के युवाओं के लिए भी प्रेरणा का स्रोत है। सभी लोगों ने आशा व्यक्त की है कि वह अपने दायित्वों का निर्वहन पूरी निष्ठा, ईमानदारी और संवेदनशीलता के साथ करेंगी, और समाज के वंचित, कमजोर एवं जरूरतमंद वर्गों के कल्याण में महत्वपूर्ण योगदान देंगी।1
- सन् 680 ईस्वी (61 हिजरी) में इराक के कर्बला नामक स्थान पर धर्म और हक को बचाने के लिए एक भीषण जंग हुई थी। यह जंग अत्याचारी राजा यजीद की फौज और इमाम हुसैन के बीच लड़ी गई थी। इस संघर्ष के दौरान, यजीद की सेना ने इमाम हुसैन और उनके पूरे परिवार का पानी बंद कर दिया था। अंततः, मुहर्रम की 10वीं तारीख को इमाम हुसैन को बेरहमी से शहीद कर दिया गया था।1
- हजारीबाग नगर निगम क्षेत्र में मोहर्रम की पांचवीं का जुलूस देर रात तक पूरे जोश और अकीदत के साथ निकाला गया। इस दौरान युवाओं के हैरतअंगेज करतब और आग की लुप्पी लोगों के आकर्षण का मुख्य केंद्र बने रहे। जामा मस्जिद रोड, लेप्पो रोड, काजी मोहल्ला, सरदार चौक, खिरगांव खान रोड, खिरगांव अंसारी रोड, नूरा, लोहसिंघना और कोलघाट्टी से निकले जुलूस अपने तय मार्गों से होते हुए इमामबाड़ों तक पहुंचे। जुलूस के दौरान लगातार बारिश बरसती रही, जिसमें मूसलाधार बारिश भी शामिल थी, लेकिन इसके बावजूद 'या हुसैन' की सदाओं और अकीदत का जोश जरा भी कम नहीं हुआ। इस जुनून को बारिश भी नहीं रोक पाई, क्योंकि जैसा कहा गया है, "मंज़िल वही पाते हैं जिनके इरादों में जान होती है..."1
- हजारीबाग पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर, पुलिस निरीक्षक सह थाना प्रभारी सदर ने शहर थाना के शहरी क्षेत्र में स्थित विभिन्न चौक-चौराहों पर माइक से जागरूकता अभियान चलाया। इस अभियान के माध्यम से आम जनता को आगाह किया गया कि वे सोने और चांदी के आभूषणों को 'चमकाने' या 'झार फूंक' करने के बहाने किसी भी अनजान व्यक्ति के हवाले न करें।1
- झारखंड के कोडरमा जिले के जयनगर स्थित डुडुआटोल पत्थर खदान से एक युवक का शव बरामद किया गया है। इस घटना के बाद पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गई है।1