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बिष्णुगढ़ के सरुखुदार में सड़कों की जर्जर हालत को लेकर जनता में भारी आक्रोश है। स्थानीय लोगों का कहना है कि चुनाव के दौरान विकास के 'चमचमाते वादे' किए गए थे, लेकिन जीत मिलने के बाद मुखिया और विधायक 'गायब' हो गए हैं। जनता महसूस कर रही है कि वे वोट बैंक की राजनीति का शिकार हुए हैं, क्योंकि सड़कों के नाम पर वोट देने के बावजूद विकास को 'चोट' पहुँची है। सरुखुदार की बदहाल सड़कें अब अपने जनप्रतिनिधियों से उनका पता पूछ रही हैं, जिससे व्यवस्था की विफलता और ग्रामीण विकास की उपेक्षा पर गहरा गुस्सा है।
Sach Tak Jharkhand News
बिष्णुगढ़ के सरुखुदार में सड़कों की जर्जर हालत को लेकर जनता में भारी आक्रोश है। स्थानीय लोगों का कहना है कि चुनाव के दौरान विकास के 'चमचमाते वादे' किए गए थे, लेकिन जीत मिलने के बाद मुखिया और विधायक 'गायब' हो गए हैं। जनता महसूस कर रही है कि वे वोट बैंक की राजनीति का शिकार हुए हैं, क्योंकि सड़कों के नाम पर वोट देने के बावजूद विकास को 'चोट' पहुँची है। सरुखुदार की बदहाल सड़कें अब अपने जनप्रतिनिधियों से उनका पता पूछ रही हैं, जिससे व्यवस्था की विफलता और ग्रामीण विकास की उपेक्षा पर गहरा गुस्सा है।
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- बिष्णुगढ़ के सरुखुदार में सड़कों की जर्जर हालत को लेकर जनता में भारी आक्रोश है। स्थानीय लोगों का कहना है कि चुनाव के दौरान विकास के 'चमचमाते वादे' किए गए थे, लेकिन जीत मिलने के बाद मुखिया और विधायक 'गायब' हो गए हैं। जनता महसूस कर रही है कि वे वोट बैंक की राजनीति का शिकार हुए हैं, क्योंकि सड़कों के नाम पर वोट देने के बावजूद विकास को 'चोट' पहुँची है। सरुखुदार की बदहाल सड़कें अब अपने जनप्रतिनिधियों से उनका पता पूछ रही हैं, जिससे व्यवस्था की विफलता और ग्रामीण विकास की उपेक्षा पर गहरा गुस्सा है।1
- गिरिडीह जिले के बगोदर थाना क्षेत्र के कोसी गांव में खिड़की निकालने और स्लैब निर्माण को लेकर दो पक्षों के बीच हुए विवाद के बाद हुई मारपीट की घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस वायरल वीडियो में एक महिला समेत कई लोगों के साथ मारपीट होते हुए दिखाई दे रही है, हालांकि इस वीडियो की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो पाई है। इस घटना के संबंध में, एक पक्ष की ओर से बगोदर थाना में एक आवेदन दिया गया है, जिसमें आरोप लगाया गया है कि उनके विरोध करने पर पड़ोसी पक्ष के लोगों ने उनके घर में घुसकर हमला किया। इस हमले में महिला समेत कई लोग घायल हो गए। आवेदन में लूटपाट, गाली-गलौज और प्रताड़ना के भी गंभीर आरोप लगाए गए हैं। इस घटना को लेकर स्थानीय लोगों में गहरा आक्रोश है, और आमलोगों ने इस मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। बगोदर थाना प्रभारी राजेश कुमार ने जानकारी दी है कि उन्हें इस मामले में आवेदन प्राप्त हुआ है। उन्होंने बताया कि पुलिस आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए लगातार प्रयास कर रही है और मामले की जांच की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद आगे की विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी।2
- एक महत्वपूर्ण संदेश में बच्चों को 'सेफ कोड' सिखाने के एक स्मार्ट तरीके पर जोर दिया गया है। इसे बाहरी दुनिया में बच्चों की सुरक्षा के लिए एक गुप्त फॉर्मूला बताया गया है, जो उन्हें सुरक्षित रखने में मदद कर सकता है।1
- रांची के हटपड़ा बाजार में एक युवती को ₹3500 की ठगी के आरोप में पकड़ा गया है। यह युवती लोगों से अपनी माँ की बीमारी का बहाना बनाकर पैसे ठगने का खेल कर रही थी, जिसके बाद वह हटपड़ा बाजार में पकड़ी गई।1
- झारखंड के बोकारो जिले के चंद्रपुरा प्रखंड स्थित तेलो पूर्वी पंचायत के बुधु बांध क्षेत्र में सोमवार सुबह उस समय हड़कंप मच गया जब प्रेम कुमार नामक एक युवक जियो के मोबाइल टावर पर चढ़ गया। बताया जा रहा है कि युवक ने अपनी शादी की मांग को लेकर यह कदम उठाया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, प्रेम कुमार का पिछले करीब चार वर्षों से एक युवती के साथ प्रेम संबंध था और दोनों शादी करना चाहते थे। परिजनों की सहमति नहीं मिलने के कारण युवक ने टावर पर चढ़ने जैसा बड़ा कदम उठाया। युवक की स्पष्ट मांग है कि उसकी शादी संबंधित युवती से कराई जाए, अन्यथा वह टावर से कूदकर जान देने की बात कह रहा है। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय जनप्रतिनिधि, पुलिस प्रशासन एवं अन्य अधिकारी मौके पर पहुंच गए। युवक को सुरक्षित नीचे उतारने और उसे समझाने का लगातार प्रयास किया जा रहा है। फिलहाल युवक टावर पर ही मौजूद है और पूरे घटनाक्रम पर प्रशासन की कड़ी नजर बनी हुई है। प्रशासन लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने तथा शांति बनाए रखने की अपील भी कर रहा है। यह समाचार प्रारंभिक जानकारी पर आधारित है और आधिकारिक पुष्टि एवं आगे की जानकारी की प्रतीक्षा की जा रही है।1
- हजारीबाग की बेटी काजल कुमारी ने 70वीं बिहार लोक सेवा आयोग (बीपीएससी) परीक्षा में उल्लेखनीय सफलता हासिल की है, जिसके तहत उन्हें प्रखंड कल्याण पदाधिकारी के पद पर चयनित किया गया है। उनकी इस शानदार उपलब्धि से उनके परिवार, क्षेत्र और जिले का नाम रोशन हुआ है। काजल की सफलता के बाद क्षेत्र में खुशी का माहौल है, और उनके परिजनों, मित्रों, शिक्षकों एवं शुभचिंतकों ने उन्हें बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है। काजल की यह सफलता उनके दृढ़ संकल्प, निरंतर मेहनत और लक्ष्य के प्रति समर्पण को दर्शाती है। उन्होंने न केवल शैक्षणिक क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है, बल्कि खेल जगत में भी अपनी प्रतिभा का परिचय दिया है। हजारीबाग झील में नियमित अभ्यास करके उन्होंने जिले का प्रतिनिधित्व किया और कई राज्य स्तरीय तैराकी प्रतियोगिताओं में भाग लिया, जिससे उनका प्रदर्शन युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत बन गया है। काजल के पिता विपिन बिहारी सिंह वर्तमान में रामगढ़ जिले में पुलिस विभाग में सब-इंस्पेक्टर के पद पर कार्यरत हैं और अपनी ईमानदार कार्यशैली के लिए जाने जाते हैं; उन्होंने पूर्व सांसद महावीर लाल विश्वकर्मा के अंगरक्षक के रूप में भी अपनी सेवाएं दी हैं। उनकी माता पुष्पा सिंह नमन विद्या विद्यालय में स्पोर्ट्स टीचर के रूप में कार्यरत हैं और शिक्षा व खेल के क्षेत्र में सक्रिय भूमिका निभाती हैं। काजल की सफलता में उनके माता-पिता के संस्कारों, अनुशासन और प्रोत्साहन का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। काजल कुमारी की यह उपलब्धि उनके परिवार के लिए तो गर्व का विषय है ही, साथ ही पूरे हजारीबाग जिले के युवाओं के लिए भी प्रेरणा का स्रोत है। सभी लोगों ने आशा व्यक्त की है कि वह अपने दायित्वों का निर्वहन पूरी निष्ठा, ईमानदारी और संवेदनशीलता के साथ करेंगी, और समाज के वंचित, कमजोर एवं जरूरतमंद वर्गों के कल्याण में महत्वपूर्ण योगदान देंगी।1
- सन् 680 ईस्वी (61 हिजरी) में इराक के कर्बला नामक स्थान पर धर्म और हक को बचाने के लिए एक भीषण जंग हुई थी। यह जंग अत्याचारी राजा यजीद की फौज और इमाम हुसैन के बीच लड़ी गई थी। इस संघर्ष के दौरान, यजीद की सेना ने इमाम हुसैन और उनके पूरे परिवार का पानी बंद कर दिया था। अंततः, मुहर्रम की 10वीं तारीख को इमाम हुसैन को बेरहमी से शहीद कर दिया गया था।1
- हजारीबाग जिले में JLKM के जिला अध्यक्ष ने शिक्षा व्यवस्था को लेकर महत्वपूर्ण खुलासे किए हैं। उन्होंने शिक्षा प्रणाली के संबंध में एक बड़ी बात कही है, जिससे क्षेत्र की शिक्षा व्यवस्था से जुड़े कई पहलुओं पर सवाल खड़े हुए हैं।1