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आदरणीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी की स्लोवाकिया यात्रा के दौरान विदेशी धरती पर 'वंदे मातरम्' की मधुर प्रस्तुति ने भारत की समृद्धि, सांस्कृतिक विरासत और विश्व पटल पर बढ़ते गौरव का सजीव प्रतीक बनकर सामने आई है। इस यात्रा के दौरान विदेशी धरती पर 'वंदे मातरम्' के स्वर के साथ एक स्वागत कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह प्रस्तुति सिर्फ एक धुन नहीं, बल्कि 140 करोड़ देशवासियों के स्वाभिमान, संस्कृति और राष्ट्र भक्ति का स्वर मानी गई है, जिसने विश्व भर में गूंजते हुए हर भारतीय के लिए गौरव का पल प्रदान किया।
Rohit sharma
आदरणीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी की स्लोवाकिया यात्रा के दौरान विदेशी धरती पर 'वंदे मातरम्' की मधुर प्रस्तुति ने भारत की समृद्धि, सांस्कृतिक विरासत और विश्व पटल पर बढ़ते गौरव का सजीव प्रतीक बनकर सामने आई है। इस यात्रा के दौरान विदेशी धरती पर 'वंदे मातरम्' के स्वर के साथ एक स्वागत कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह प्रस्तुति सिर्फ एक धुन नहीं, बल्कि 140 करोड़ देशवासियों के स्वाभिमान, संस्कृति और राष्ट्र भक्ति का स्वर मानी गई है, जिसने विश्व भर में गूंजते हुए हर भारतीय के लिए गौरव का पल प्रदान किया।
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- बीना में सोमवार को संयुक्त किसान मोर्चा ने केंद्र सरकार के उस आदेश के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया, जिसके तहत पेट्रोल पंपों पर केन और कूप्पे में डीजल देने पर रोक लगा दी गई है। किसानों ने इस निर्णय को किसान विरोधी बताया है, जिससे उनका कहना है कि छोटे और मंझोले किसानों की खेती सीधे प्रभावित होगी। संयुक्त किसान मोर्चा के सदस्य सोमवार को सर्वोदय चौराहे और स्थानीय पेट्रोल पंपों पर केन-कूप्पे में डीजल लेने पहुंचे थे, लेकिन शासन के आदेश का हवाला देते हुए पेट्रोल पंप कर्मियों ने उन्हें डीजल देने से साफ इनकार कर दिया। इस इनकार के बाद किसानों का गुस्सा और बढ़ गया। प्रदर्शन के दौरान किसान नेता सुरेंद्र सिंह ठाकुर ने कहा कि जिन किसानों के पास एक से दो एकड़ जमीन है, उनके लिए हर बार ट्रैक्टर लेकर पेट्रोल पंप आना संभव नहीं है और केन-कूप्पे में डीजल ले जाना उनकी मजबूरी है। उन्होंने केंद्र सरकार को किसान विरोधी बताते हुए कहा कि यह निर्णय छोटे किसानों की कमर तोड़ देगा। संयुक्त किसान मोर्चा के दूसरे पदाधिकारी सीताराम ठाकुर ने सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि "आज धर्म खतरे में नहीं, किसानों की किसानी खतरे में है"। उन्होंने सवाल उठाया कि ट्यूबवेल, जेसीबी और अन्य बड़े उपकरणों के लिए तो डीजल टंकियों में पहुंच जाता है, लेकिन किसान के कूप्पे में डीजल देने पर रोक है। ठाकुर ने आरोप लगाया कि यह सरकार उद्योगपतियों के लिए काम कर रही है, किसानों के लिए नहीं, और व्यंग्य करते हुए कहा कि जब घर-घर शराब बिक सकती है, तो सरकार को किसानों के लिए डीजल भी घर-घर पहुंचवाना चाहिए क्योंकि किसान अन्नदाता है और उसकी परेशानी को सरकार को समझना होगा। संयुक्त किसान मोर्चा ने मांग की है कि छोटे किसानों को खेती के लिए केन-कूप्पे में डीजल लेने की छूट दी जाए। मोर्चा ने चेतावनी दी है कि यदि इस आदेश में बदलाव नहीं किया गया, तो आगे उग्र आंदोलन किया जाएगा।1
- सोमवार को बीना में संयुक्त किसान मोर्चा के नेतृत्व में किसानों ने डीजल की उपलब्धता और कुप्पी या केन में डीजल न दिए जाने के विरोध में सर्वोदय चौराहे पर प्रदर्शन किया। किसानों का कहना है कि खेती के महत्वपूर्ण समय में ट्रैक्टर और कृषि कार्यों के लिए डीजल की बेहद आवश्यकता होती है, और इसकी अनुपलब्धता से उन्हें गंभीर परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। प्रदर्शनकारी किसान बड़ी संख्या में एकत्रित हुए और पैदल मार्च करते हुए शाह पेट्रोल पंप पहुंचे। वहां किसानों ने प्रतीकात्मक रूप से डीजल लेने के लिए कुप्पी रखी, लेकिन पेट्रोल पंप के सेल्समैन ने कुप्पी में डीजल देने से इनकार कर दिया, जिस पर किसानों ने गहरी नाराजगी जताई। किसानों ने प्रशासन से मांग की है कि डीजल की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए तत्काल व्यवस्था बनाई जाए, ताकि उन्हें समय पर ईंधन मिल सके और उनकी खेती प्रभावित न हो। प्रदर्शन के बाद, सीताराम ठाकुर और प्रतिपाल सिंह सहित बड़ी संख्या में किसान तहसील कार्यालय पहुंचे और अधिकारियों को अपनी समस्या से अवगत कराते हुए शीघ्र समाधान की अपील की।1
- बीना में अन्नदाताओं ने 'ट्रैक्टर में ही डीजल देने' के 'तुगलकी फरमान' के खिलाफ सड़कों पर उतरकर अपना विरोध दर्ज कराया है। इस नए निर्देश के विरोध में किसानों ने एक बड़े आंदोलन की चेतावनी भी दी है।1
- बीना के सर्वोदय चौराहे और पेट्रोल पंप पर किसानों ने सरकार के एक नए आदेश के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। किसानों ने पेट्रोल-डीजल पर लागू किए गए इस नए आदेश का विरोध करते हुए अपने हाथों में खाली ड्रम, केन और टंकियां ले रखी थीं। प्रदर्शन के दौरान, किसानों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और मांग की कि इस आदेश को तत्काल वापस लिया जाए।1
- सागर जिले के बीना क्षेत्र में इन दिनों पेयजल की गंभीर समस्या बनी हुई है, जहाँ लोग पानी की एक-एक बूँद के लिए तरस रहे हैं। इसी बीच, जिम्मेदारों की घोर लापरवाही का एक मामला सामने आया है, जहाँ एक पानी की टंकी से सैकड़ों गैलन पानी लगातार बर्बाद हो रहा है। यह टंकी कच्चे रोड पर, जैन स्कूल के पीछे, गौशाला में बनी हुई है, जिससे न केवल सैकड़ों गैलन पानी बर्बाद हो रहा है, बल्कि गौशाला भी पानी से भर रही है। क्षेत्र में जहाँ पेयजल का संकट गहराया हुआ है, वहीं इस तरह पानी की बर्बादी ने गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। यह स्पष्ट तौर पर लापरवाही का मामला है, लेकिन सवाल यह है कि इसकी जिम्मेदारी किसकी है और क्या इस पर कोई कार्यवाही की जाएगी?1
- दमोह जिले की पटेरा तहसील के सुजानपुरा दान गाँव में भूमि सीमांकन को लेकर गंभीर विवाद गहरा गया है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि सीमांकन प्रक्रिया के दौरान पटवारी और आरआई द्वारा जानबूझकर गलत नाप-जोख की जा रही है। यह मनमानी न केवल अवैध कब्जों को बढ़ावा दे रही है, बल्कि किसानों के बीच लगातार विवादों की स्थिति भी पैदा कर रही है, जिससे क्षेत्र में तनाव बढ़ रहा है। शिकायतकर्ताओं ने स्पष्ट किया है कि जब भी नाप-जोख में स्पष्ट गड़बड़ी पकड़ी जाती है, तो उसे केवल "तकनीकी त्रुटि" बताकर टाल दिया जाता है, जिससे समस्याओं का समाधान नहीं हो पाता। इस लापरवाही और कथित मिलीभगत के कारण किसानों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। गुस्साए ग्रामीणों ने अब प्रशासन से इस पूरे मामले की निष्पक्ष और गहन जांच की मांग की है, ताकि दोषियों को पहचान कर उन पर उचित कार्रवाई की जा सके। फिलहाल, इस पूरे प्रकरण को लेकर क्षेत्र में तीखी चर्चा का माहौल बना हुआ है, और ग्रामीण न्याय मिलने का इंतजार कर रहे हैं।1
- बीना शहर में सब्जी विक्रेताओं की परेशानियां बढ़ गई हैं, जहाँ नगर पालिका द्वारा उन्हें व्यवस्थित व्यापार के लिए झांसी ओवरब्रिज के नीचे जगह दी गई थी। अब इस स्थान पर अतिक्रमण और अव्यवस्था के कारण उनका व्यवसाय प्रभावित हो रहा है। सब्जी विक्रेताओं का आरोप है कि ओवरब्रिज के नीचे ई-रिक्शा मरम्मत करने वाले मिस्त्रियों ने बड़े पैमाने पर जगह घेर ली है, जिससे उन्हें अपनी दुकानें लगाने में मुश्किल हो रही है। विक्रेताओं के अनुसार, उनके लिए निर्धारित स्थल पर धीरे-धीरे अन्य गतिविधियां बढ़ती जा रही हैं। इसके अतिरिक्त, एक फोर व्हीलर वाहन भी लंबे समय से मौके पर खड़ा है, जिससे आवाजाही में बाधा आ रही है और ग्राहकों को भी असुविधा हो रही है। व्यापारियों का कहना है कि जगह की कमी और अव्यवस्था के चलते उनके व्यवसाय पर नकारात्मक असर पड़ रहा है। इन समस्याओं को देखते हुए, सब्जी विक्रेताओं ने नगर पालिका प्रशासन से मांग की है कि निर्धारित स्थल से अतिक्रमण हटाया जाए और लंबे समय से खड़े वाहन को भी हटवाया जाए, ताकि उन्हें पर्याप्त स्थान मिल सके और वे अपना व्यवसाय सुचारू रूप से चला सकें।1
- मध्य प्रदेश के नरसिंहपुर जिले में ट्रैफिक पुलिस द्वारा की जा रही चेकिंग के दौरान एक युवक की दबंगई का मामला सामने आया है। इस घटना से संबंधित एक वीडियो अब तेजी से सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।1
- देवास शहर के टाटा चौराहा स्थित स्पोर्ट्स पार्क में बच्चों के साथ कथित दुर्व्यवहार का मामला सामने आया है। आरोप है कि पार्क में खेल रहे कुछ बच्चों को एक गार्ड ने पकड़कर करीब 15 से 20 मिनट तक एक कमरे में बंद कर दिया, जिससे बच्चे काफी डर गए थे। यह घटना सोशल मीडिया पर इसका वीडियो वायरल होने के बाद सामने आई। वायरल वीडियो का संज्ञान लेते हुए नगर निगम सभापति रवि जैन तुरंत मौके पर पहुंचे और बच्चों से बातचीत कर पूरी जानकारी ली। बच्चों ने सभापति को बताया कि शरारत करने पर गार्ड ने उन्हें कमरे में बंद कर दिया था। इस मामले को गंभीरता से लेते हुए सभापति ने संबंधित एजेंसी के भुगतान पर रोक लगाने, गार्ड को हटाने और इस घटना के लिए जिम्मेदार कर्मचारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की बात कही। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि बच्चों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और उनके साथ किसी भी प्रकार का अमानवीय व्यवहार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।1