बीना में सोमवार को संयुक्त किसान मोर्चा ने केंद्र सरकार के उस आदेश के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया, जिसके तहत पेट्रोल पंपों पर केन और कूप्पे में डीजल देने पर रोक लगा दी गई है। किसानों ने इस निर्णय को किसान विरोधी बताया है, जिससे उनका कहना है कि छोटे और मंझोले किसानों की खेती सीधे प्रभावित होगी। संयुक्त किसान मोर्चा के सदस्य सोमवार को सर्वोदय चौराहे और स्थानीय पेट्रोल पंपों पर केन-कूप्पे में डीजल लेने पहुंचे थे, लेकिन शासन के आदेश का हवाला देते हुए पेट्रोल पंप कर्मियों ने उन्हें डीजल देने से साफ इनकार कर दिया। इस इनकार के बाद किसानों का गुस्सा और बढ़ गया। प्रदर्शन के दौरान किसान नेता सुरेंद्र सिंह ठाकुर ने कहा कि जिन किसानों के पास एक से दो एकड़ जमीन है, उनके लिए हर बार ट्रैक्टर लेकर पेट्रोल पंप आना संभव नहीं है और केन-कूप्पे में डीजल ले जाना उनकी मजबूरी है। उन्होंने केंद्र सरकार को किसान विरोधी बताते हुए कहा कि यह निर्णय छोटे किसानों की कमर तोड़ देगा। संयुक्त किसान मोर्चा के दूसरे पदाधिकारी सीताराम ठाकुर ने सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि "आज धर्म खतरे में नहीं, किसानों की किसानी खतरे में है"। उन्होंने सवाल उठाया कि ट्यूबवेल, जेसीबी और अन्य बड़े उपकरणों के लिए तो डीजल टंकियों में पहुंच जाता है, लेकिन किसान के कूप्पे में डीजल देने पर रोक है। ठाकुर ने आरोप लगाया कि यह सरकार उद्योगपतियों के लिए काम कर रही है, किसानों के लिए नहीं, और व्यंग्य करते हुए कहा कि जब घर-घर शराब बिक सकती है, तो सरकार को किसानों के लिए डीजल भी घर-घर पहुंचवाना चाहिए क्योंकि किसान अन्नदाता है और उसकी परेशानी को सरकार को समझना होगा। संयुक्त किसान मोर्चा ने मांग की है कि छोटे किसानों को खेती के लिए केन-कूप्पे में डीजल लेने की छूट दी जाए। मोर्चा ने चेतावनी दी है कि यदि इस आदेश में बदलाव नहीं किया गया, तो आगे उग्र आंदोलन किया जाएगा।
बीना में सोमवार को संयुक्त किसान मोर्चा ने केंद्र सरकार के उस आदेश के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया, जिसके तहत पेट्रोल पंपों पर केन और कूप्पे में डीजल देने पर रोक लगा दी गई है। किसानों ने इस निर्णय को किसान विरोधी बताया है, जिससे उनका कहना है कि छोटे और मंझोले किसानों की खेती सीधे प्रभावित होगी। संयुक्त किसान मोर्चा के सदस्य सोमवार को सर्वोदय चौराहे और स्थानीय पेट्रोल पंपों पर केन-कूप्पे में डीजल लेने पहुंचे थे, लेकिन शासन के आदेश का हवाला देते हुए पेट्रोल पंप कर्मियों ने उन्हें डीजल देने से साफ इनकार कर दिया। इस इनकार के बाद किसानों का गुस्सा और बढ़ गया। प्रदर्शन के दौरान किसान नेता सुरेंद्र सिंह ठाकुर ने कहा कि जिन किसानों के पास एक से दो एकड़ जमीन है, उनके लिए हर बार ट्रैक्टर लेकर पेट्रोल पंप आना संभव नहीं है और केन-कूप्पे में डीजल ले जाना उनकी मजबूरी है। उन्होंने केंद्र सरकार को किसान विरोधी बताते हुए कहा कि यह निर्णय छोटे किसानों की कमर तोड़ देगा। संयुक्त किसान मोर्चा के दूसरे पदाधिकारी सीताराम ठाकुर ने सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि "आज धर्म खतरे में नहीं, किसानों की किसानी खतरे में है"। उन्होंने सवाल उठाया कि ट्यूबवेल, जेसीबी और अन्य बड़े उपकरणों के लिए तो डीजल टंकियों में पहुंच जाता है, लेकिन किसान के कूप्पे में डीजल देने पर रोक है। ठाकुर ने आरोप लगाया कि यह सरकार उद्योगपतियों के लिए काम कर रही है, किसानों के लिए नहीं, और व्यंग्य करते हुए कहा कि जब घर-घर शराब बिक सकती है, तो सरकार को किसानों के लिए डीजल भी घर-घर पहुंचवाना चाहिए क्योंकि किसान अन्नदाता है और उसकी परेशानी को सरकार को समझना होगा। संयुक्त किसान मोर्चा ने मांग की है कि छोटे किसानों को खेती के लिए केन-कूप्पे में डीजल लेने की छूट दी जाए। मोर्चा ने चेतावनी दी है कि यदि इस आदेश में बदलाव नहीं किया गया, तो आगे उग्र आंदोलन किया जाएगा।
- बीना में पुरुषोत्तम मास, जिसे अधिक मास भी कहा जाता है, के पहले दिन से ही धार्मिक उल्लास का माहौल रहा। इस पूरे माह राधे-राधे प्रभात फेरी मंडल द्वारा मां जागेश्वरी धाम से प्रतिदिन सुबह 5:00 बजे प्रभात फेरी निकाली गई और विभिन्न धार्मिक अनुष्ठान संपन्न किए गए। अधिक मास का समापन अंतिम दिन सोमवार को सोमवती अमावस्या पड़ने के कारण विशेष श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाया गया। पूरे माह चली इस प्रभात फेरी में राधे-राधे प्रभात फेरी मंडल बीना की महिलाएं और भक्त मां जागेश्वरी धाम से निकलते थे। फेरी के बाद मंदिर परिसर में तुलसी आरती, नरसिंह आरती और राधे किशोरी जी की आरती के साथ परिक्रमा भी की जाती थी। सोमवती अमावस्या के अवसर पर, समापन दिवस पर मंडल के सदस्यों ने भगवान शिव जी का विधिवत अभिषेक किया। इसके पश्चात तुलसी की परिक्रमा कर हवन-पूजन संपन्न किया गया। मंडल की महिलाओं ने भजन-कीर्तन कर धर्म लाभ अर्जित किया। सोमवती अमावस्या के कारण नगर के सभी प्रमुख देवालयों में सुबह से ही श्रद्धालुओं का भारी सैलाब उमड़ पड़ा। देव रघुनाथ बड़ा मंदिर, हजारिया शिवलिंग बस स्टैंड, महाकाल मंदिर और महादेव घाट जैसे मंदिरों पर भक्तों की लंबी कतारें लगी रहीं। विशेषकर कटरा मंदिर पर भारी रौनक देखने को मिली, जहां भक्तों ने कीर्तन के साथ भगवान भोलेनाथ की आरती की। मान्यता है कि सोमवती अमावस्या पर बट-पीपल वृक्ष की 108 परिक्रमा कर पूजा करने से मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं, जिसके चलते बड़ी संख्या में महिलाओं और श्रद्धालुओं ने वृक्ष की 108 परिक्रमा लगाकर ईश्वर से सुख-समृद्धि की कामना की। इस अवसर पर भक्त माली ने पुरुषोत्तम मास और सोमवती अमावस्या के महत्व पर प्रकाश डालते हुए बताया कि अधिक मास को मलमास या पुरुषोत्तम मास भी कहते हैं। इस पूरे माह दान, जप, तप और भगवान विष्णु की आराधना का विशेष फल मिलता है। वहीं, सोमवती अमावस्या पर पितरों का तर्पण, शिव पूजा और तुलसी परिक्रमा करने से अक्षय पुण्य की प्राप्ति होती है और पितृ दोष से मुक्ति मिलती है। पूरे माह चले इन धार्मिक आयोजनों में राधे-राधे प्रभात फेरी मंडल की महिलाओं के साथ बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और पुण्य लाभ प्राप्त किया।4
- सोमवार को बीना में संयुक्त किसान मोर्चा के नेतृत्व में किसानों ने डीजल की उपलब्धता और कुप्पी या केन में डीजल न दिए जाने के विरोध में सर्वोदय चौराहे पर प्रदर्शन किया। किसानों का कहना है कि खेती के महत्वपूर्ण समय में ट्रैक्टर और कृषि कार्यों के लिए डीजल की बेहद आवश्यकता होती है, और इसकी अनुपलब्धता से उन्हें गंभीर परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। प्रदर्शनकारी किसान बड़ी संख्या में एकत्रित हुए और पैदल मार्च करते हुए शाह पेट्रोल पंप पहुंचे। वहां किसानों ने प्रतीकात्मक रूप से डीजल लेने के लिए कुप्पी रखी, लेकिन पेट्रोल पंप के सेल्समैन ने कुप्पी में डीजल देने से इनकार कर दिया, जिस पर किसानों ने गहरी नाराजगी जताई। किसानों ने प्रशासन से मांग की है कि डीजल की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए तत्काल व्यवस्था बनाई जाए, ताकि उन्हें समय पर ईंधन मिल सके और उनकी खेती प्रभावित न हो। प्रदर्शन के बाद, सीताराम ठाकुर और प्रतिपाल सिंह सहित बड़ी संख्या में किसान तहसील कार्यालय पहुंचे और अधिकारियों को अपनी समस्या से अवगत कराते हुए शीघ्र समाधान की अपील की।1
- बीना में अन्नदाताओं ने 'ट्रैक्टर में ही डीजल देने' के 'तुगलकी फरमान' के खिलाफ सड़कों पर उतरकर अपना विरोध दर्ज कराया है। इस नए निर्देश के विरोध में किसानों ने एक बड़े आंदोलन की चेतावनी भी दी है।1
- बीना के सर्वोदय चौराहे और पेट्रोल पंप पर किसानों ने सरकार के एक नए आदेश के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। किसानों ने पेट्रोल-डीजल पर लागू किए गए इस नए आदेश का विरोध करते हुए अपने हाथों में खाली ड्रम, केन और टंकियां ले रखी थीं। प्रदर्शन के दौरान, किसानों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और मांग की कि इस आदेश को तत्काल वापस लिया जाए।1
- सागर जिले के बीना क्षेत्र में इन दिनों पेयजल की गंभीर समस्या बनी हुई है, जहाँ लोग पानी की एक-एक बूँद के लिए तरस रहे हैं। इसी बीच, जिम्मेदारों की घोर लापरवाही का एक मामला सामने आया है, जहाँ एक पानी की टंकी से सैकड़ों गैलन पानी लगातार बर्बाद हो रहा है। यह टंकी कच्चे रोड पर, जैन स्कूल के पीछे, गौशाला में बनी हुई है, जिससे न केवल सैकड़ों गैलन पानी बर्बाद हो रहा है, बल्कि गौशाला भी पानी से भर रही है। क्षेत्र में जहाँ पेयजल का संकट गहराया हुआ है, वहीं इस तरह पानी की बर्बादी ने गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। यह स्पष्ट तौर पर लापरवाही का मामला है, लेकिन सवाल यह है कि इसकी जिम्मेदारी किसकी है और क्या इस पर कोई कार्यवाही की जाएगी?1
- मुंगावली के नगर परिषद ग्राउंड में भारत सरकार और राज्य सरकार की जनकल्याण योजनाओं के क्रियान्वयन के लिए विशेष शिविरों का आयोजन किया जा रहा है। ये शिविर 15, 16 और 17 तारीख तक संचालित होंगे, जिनमें आयुष्मान भारत, वय वंदना जैसी विभिन्न योजनाओं में पंजीकरण किया जाएगा। पहला विकासखंड स्तरीय शिविर सोमवार, 15 जून 2026 को नगर परिषद ग्राउंड में आयोजित किया गया, जहाँ विभिन्न विभागों के स्टॉल लगाए गए, आवेदन प्राप्त किए गए और मौके पर ही आवेदनों का निराकरण किया गया। इस शिविर में कुल एक हजार आवेदनों का निराकरण किया गया। प्रधानमंत्री आवास योजना की हितग्राही यशोदा बाई आदिवासी को आवासीय पट्टा और पीएम आवास योजना का स्वीकृति प्रमाण पत्र प्रदान किया गया, वहीं कुलदीप मिश्रा को भी आवासीय पट्टा दिया गया। शिविर के तहत समान नागरिक संहिता (यूसीसी) पोर्टल पर पंजीकरण करने और अपने सुझाव व्यक्त करने की प्रक्रिया भी लिंक के माध्यम से हितग्राहियों को बताई गई। कार्यक्रम का शुभारंभ नगर परिषद अध्यक्ष नीतू नरेश ग्वाल ने माँ सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण और दीप प्रज्वलित कर किया। इस अवसर पर भाजपा मंडल अध्यक्ष नागेंद्र सिंह परिहार, सांसद प्रतिनिधि पुष्पेन्द्र सिंह दांगी, उपाध्यक्ष प्रतिनिधि मनीष मोदी, पार्षद कैलाश विश्वकर्मा और तरुण मनीष राय, पार्षद प्रतिनिधि रंजीत सिंह राजपूत और मुकेश खटीक उपस्थित रहे। अनुविभागीय अधिकारी राजस्व इसरार खान की मौजूदगी में तहसीलदार सुश्री सोनम शर्मा, मुख्य नगरपालिका अधिकारी विनय कुमार भट्ट और मुख्य कार्यपालन अधिकारी आलोक प्रताप सिंह इटोरिया सहित सभी विभागों के अधिकारीगण भी मौजूद थे। नगर परिषद अध्यक्ष प्रतिनिधि नरेश ग्वाल ने हितग्राहियों को योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी, जबकि एसडीएम इसरार खान ने शासन की सभी योजनाओं और शिविर की रूपरेखा से अवगत कराया। उन्होंने अधिकारियों को प्राप्त आवेदनों का तत्काल निराकरण करने के निर्देश भी दिए।1
- अमावस्या के अवसर पर गंज बासौदा स्थित बेतवा नदी में स्नान करने के लिए हजारों की संख्या में श्रद्धालु उमड़ पड़े। बेतवा रिपटा घाट पर जनसैलाब जैसा अद्भुत नज़ारा देखने को मिला, जहाँ सुबह से ही श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लगी हुई थीं।1
- बीना में सोमवार को संयुक्त किसान मोर्चा ने केंद्र सरकार के उस आदेश के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया, जिसके तहत पेट्रोल पंपों पर केन और कूप्पे में डीजल देने पर रोक लगा दी गई है। किसानों ने इस निर्णय को किसान विरोधी बताया है, जिससे उनका कहना है कि छोटे और मंझोले किसानों की खेती सीधे प्रभावित होगी। संयुक्त किसान मोर्चा के सदस्य सोमवार को सर्वोदय चौराहे और स्थानीय पेट्रोल पंपों पर केन-कूप्पे में डीजल लेने पहुंचे थे, लेकिन शासन के आदेश का हवाला देते हुए पेट्रोल पंप कर्मियों ने उन्हें डीजल देने से साफ इनकार कर दिया। इस इनकार के बाद किसानों का गुस्सा और बढ़ गया। प्रदर्शन के दौरान किसान नेता सुरेंद्र सिंह ठाकुर ने कहा कि जिन किसानों के पास एक से दो एकड़ जमीन है, उनके लिए हर बार ट्रैक्टर लेकर पेट्रोल पंप आना संभव नहीं है और केन-कूप्पे में डीजल ले जाना उनकी मजबूरी है। उन्होंने केंद्र सरकार को किसान विरोधी बताते हुए कहा कि यह निर्णय छोटे किसानों की कमर तोड़ देगा। संयुक्त किसान मोर्चा के दूसरे पदाधिकारी सीताराम ठाकुर ने सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि "आज धर्म खतरे में नहीं, किसानों की किसानी खतरे में है"। उन्होंने सवाल उठाया कि ट्यूबवेल, जेसीबी और अन्य बड़े उपकरणों के लिए तो डीजल टंकियों में पहुंच जाता है, लेकिन किसान के कूप्पे में डीजल देने पर रोक है। ठाकुर ने आरोप लगाया कि यह सरकार उद्योगपतियों के लिए काम कर रही है, किसानों के लिए नहीं, और व्यंग्य करते हुए कहा कि जब घर-घर शराब बिक सकती है, तो सरकार को किसानों के लिए डीजल भी घर-घर पहुंचवाना चाहिए क्योंकि किसान अन्नदाता है और उसकी परेशानी को सरकार को समझना होगा। संयुक्त किसान मोर्चा ने मांग की है कि छोटे किसानों को खेती के लिए केन-कूप्पे में डीजल लेने की छूट दी जाए। मोर्चा ने चेतावनी दी है कि यदि इस आदेश में बदलाव नहीं किया गया, तो आगे उग्र आंदोलन किया जाएगा।1