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कौशाम्बी जिले में हुए एक दर्दनाक सड़क हादसे में मां और बेटे की मौत हो गई। महेवाघाट थाना क्षेत्र के सरसवां के पास एक एम्बुलेंस और कार के बीच जोरदार टक्कर हुई, जिसमें कार सवार एक ही परिवार के सदस्य थे। इस हादसे में कार सवार पिता और बेटी गंभीर रूप से घायल हो गए हैं, जिनका इलाज मेडिकल कॉलेज में चल रहा है। बताया जा रहा है कि कार में माता-पिता और उनके दो बच्चे सवार थे, और यह परिवार प्रतापगढ़ का निवासी है। जानकारी के अनुसार, यह दुर्घटना एम्बुलेंस चालक की लापरवाही के चलते हुई।
कौशाम्बी एक्सप्रेस न्यूज
कौशाम्बी जिले में हुए एक दर्दनाक सड़क हादसे में मां और बेटे की मौत हो गई। महेवाघाट थाना क्षेत्र के सरसवां के पास एक एम्बुलेंस और कार के बीच जोरदार टक्कर हुई, जिसमें कार सवार एक ही परिवार के सदस्य थे। इस हादसे में कार सवार पिता और बेटी गंभीर रूप से घायल हो गए हैं, जिनका इलाज मेडिकल कॉलेज में चल रहा है। बताया जा रहा है कि कार में माता-पिता और उनके दो बच्चे सवार थे, और यह परिवार प्रतापगढ़ का निवासी है। जानकारी के अनुसार, यह दुर्घटना एम्बुलेंस चालक की लापरवाही के चलते हुई।
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- कौशाम्बी जिले में हुए एक दर्दनाक सड़क हादसे में मां और बेटे की मौत हो गई। महेवाघाट थाना क्षेत्र के सरसवां के पास एक एम्बुलेंस और कार के बीच जोरदार टक्कर हुई, जिसमें कार सवार एक ही परिवार के सदस्य थे। इस हादसे में कार सवार पिता और बेटी गंभीर रूप से घायल हो गए हैं, जिनका इलाज मेडिकल कॉलेज में चल रहा है। बताया जा रहा है कि कार में माता-पिता और उनके दो बच्चे सवार थे, और यह परिवार प्रतापगढ़ का निवासी है। जानकारी के अनुसार, यह दुर्घटना एम्बुलेंस चालक की लापरवाही के चलते हुई।1
- 22 जून को रात 10 बजे, '10 न्यूज़ नेशन' चैनल पर दिनभर की 10 खबरें प्रसारित की जाएँगी।1
- कौशाम्बी जिला मुख्यालय के समदा में न्यायालय में विचाराधीन एक भूमि पर दबंग द्वारा अवैध कब्जा कर निर्माण कराए जाने का मामला सामने आया है। पीड़ित का आरोप है कि इस मामले की लिखित शिकायत जिलाधिकारी कौशाम्बी से की गई है, लेकिन जिला प्रशासन ने इस संबंध में कोई कार्यवाही नहीं की है। शिकायतकर्ता शमशाद खान के मुताबिक, उनके पिता ने समदा गाँव में आराजी संख्या 21 की भूमि खरीदी थी। बाद में इस भूमि को राज्य सरकार ने ले लिया, और इस मामले में उनका राज्य सरकार के साथ मुकदमा न्यायालय में चल रहा है। शमशाद खान ने बताया कि वर्ष 2016 में कोर्ट ऑफ रेवेन्यू प्रयागराज ने आदेश दिया था कि यह भूमि किसी को भी आवंटित न की जाए। इसके बावजूद, जगदीश प्रसाद शिवहरे नामक व्यक्ति कथित तौर पर इसी आराजी संख्या 21 की जमीन पर जबरन अवैध कब्जा कर निर्माण कार्य शुरू कर रहा है, जबकि उसकी अपनी आराजी संख्या 19 और 20 है। शमशाद खान का आरोप है कि न्यायालय में वाद के दौरान हो रहे इस अवैध कब्जे और निर्माण की शिकायत जिलाधिकारी कौशाम्बी से करने के बाद भी उन्हें न्याय नहीं मिल पा रहा है और जिला प्रशासन ने कोई कार्यवाही नहीं की है।3
- कौशाम्बी के महेवाघाट थाना क्षेत्र में सोमवार को एक दर्दनाक सड़क हादसे में एंबुलेंस और एक कार की आमने-सामने की भीषण टक्कर हो गई। यह हादसा सरसवां पीएचसी के पास हुआ, जहां टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि दोनों वाहनों के परखच्चे उड़ गए। इस दुर्घटना में कार सवार एक महिला और उसके छह माह के बेटे की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि पति और पुत्री गंभीर रूप से घायल हो गए। जानकारी के अनुसार, प्रतापगढ़ जनपद के रहने वाले फैजल अपनी पत्नी सयामा फारूखी, छह माह के पुत्र अब्बास और पुत्री मनाल फारूखी के साथ कार से जा रहे थे। इसी दौरान राजापुर की ओर से आ रही एक एंबुलेंस से उनकी कार की जोरदार भिड़ंत हो गई। हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई। स्थानीय लोगों की सूचना पर पहुंची महेवाघाट पुलिस ने सभी घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया। उपचार के दौरान सयामा फारूखी और छह माह के मासूम अब्बास की मौत हो गई, जबकि फैजल और उनकी पुत्री मनाल फारूखी गंभीर रूप से घायल हैं और उनका इलाज चल रहा है। हादसे के बाद पुलिस ने दोनों क्षतिग्रस्त वाहनों को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक तौर पर इस दुर्घटना का कारण तेज रफ्तार को माना जा रहा है। पुलिस मामले की गहन जांच कर रही है।4
- कौशांबी जिले के सिराथू ब्लॉक के ग्राम कैमा रामपुर धमावा गौराहार में समर्थ किसान पार्टी (सकिपा) द्वारा सोमवार को एक जनसंपर्क अभियान चलाया गया, जिसके तहत पार्टी नेता अजय सोनी की अध्यक्षता में गौराहार में एक बैठक हुई। इस बैठक में ओवरलोड वाहनों के कारण सड़कों की बदहाली और उनसे हो रही दुर्घटनाओं पर गंभीर चिंता व्यक्त की गई। लोगों ने बताया कि जिले के कई मार्गों, विशेषकर सिराथू धाता मार्ग से दिन-रात सैकड़ों की तादाद में बालू के ओवरलोड वाहन गुजरते हैं, जिससे सड़कें लगातार खराब और जर्जर हो रही हैं। अजय सोनी ने इस पर अपनी बात रखते हुए कहा कि जिले भर में रोजाना सैकड़ों ओवरलोड वाहन गुजरते हैं, जिससे सड़कें क्षतिग्रस्त हो रही हैं। उन्होंने विशेष रूप से ग्राम कैमा और धमांवा के पास की सड़कों का जिक्र किया, जो ओवरलोड वाहनों की आवाजाही के कारण पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी हैं। इन खराब सड़कों के चलते लोग लगातार दुर्घटनाओं का शिकार होकर घायल हो रहे हैं। सोनी ने सरकारी स्तर पर ओवरलोड वाहनों की रोकथाम के लिए किसी भी तरह की व्यवस्था न होने पर भी सवाल उठाया, जिससे स्थिति और गंभीर होती जा रही है। बैठक के माध्यम से सकिपा नेताओं ने कौशांबी जिला प्रशासन, परिवहन विभाग और लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों से तत्काल कार्रवाई की मांग की है। उनकी मांग है कि जिले भर में रोजाना अभियान चलाकर ओवरलोड वाहनों को चिह्नित किया जाए और उन पर समुचित कार्यवाही की जाए। सकिपा ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया, तो समर्थ किसान पार्टी के कार्यकर्ता सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन करने के लिए मजबूर होंगे। इस बैठक में अशोक सोनी, भारत सिंह, लाल बहादुर यादव, जुम्मन अली और नरेंद्र मिश्र सहित कई अन्य लोग मौजूद रहे।2
- कौशांबी के महेवाघाट क्षेत्र में अवैध खनन को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। आरोप है कि खंड संख्या 16/4 से 16/6 तक का खनन पट्टा अनामिका करवरिया के नाम पर होने के बावजूद, निर्धारित क्षेत्र से बाहर 16/20-22 तक पोकलेन जैसी भारी मशीनों से धड़ल्ले से खनन कराया जा रहा है। ये गतिविधियां खुलेआम जारी हैं और कई वीडियो भी सामने आ चुके हैं, लेकिन इसके बावजूद प्रशासन और टास्क फोर्स की चुप्पी चौंकाने वाली है। इलाके के ग्रामीणों ने जिलाधिकारी से इसकी शिकायत की है। शिकायतकर्ता राजेश, अश्वनी कुमार पांडेय और आशुतोष कुमार के अनुसार, मौरंग खनन के इस पूरे मामले में करवरिया बंधुओं का इतना दबदबा है कि अधिकारी भी कार्रवाई करने से कतरा रहे हैं। हालात यह हैं कि दिन-रात एनजीटी और खनन नियमों को दरकिनार करते हुए वैध सीमा से बाहर खनन जारी है, पर जिम्मेदार विभागों द्वारा कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है, जिससे प्रशासनिक नाकामी और दबाव की स्थिति साफ दिखती है। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि प्रदेश में खनन विभाग सीधे मुख्यमंत्री के पास है, फिर भी जिले के अधिकारी मौके पर जाकर छापेमारी या कार्रवाई करने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहे हैं, जिससे यह सवाल और गहरा हो जाता है कि आखिर किसके संरक्षण में यह अवैध खनन चल रहा है। इस अवैध खनन का असर केवल नियमों के उल्लंघन तक सीमित नहीं है, बल्कि यह पर्यावरण और जलीय जीव-जंतुओं के लिए भी गंभीर खतरा बन चुका है। लगातार हो रही खुदाई से प्राकृतिक संतुलन बिगड़ रहा है और क्षेत्र के पारिस्थितिकी तंत्र पर बुरा प्रभाव पड़ रहा है। अब जब यह मामला मीडिया में उजागर हो चुका है, तो सबकी नजर शासन-प्रशासन पर टिकी है कि आखिर कब तक इस अवैध खनन पर रोक लगती है और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाती है।2
- मध्य प्रदेश के विदिशा जिले में स्थित गर्ल्स कॉलेज परीक्षा केंद्र पर आयोजित री-NEET परीक्षा के दौरान, तीन छात्राएं परीक्षा देने से वंचित रह गईं।1
- कौशांबी में शिव शंकर केसरवानी ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिलकर न्याय की गुहार लगाई है। पीड़ित शिव शंकर केसरवानी का आरोप है कि चायल के पूर्व भाजपा विधायक संजय कुमार गुप्ता उनके मकान विवाद के एक मामले में उन्हें जान से मरवाने की साजिश रच रहे हैं। शिव शंकर के अनुसार, उन्होंने मकान हड़पने के आरोपों को लेकर कोखराज थाने में एफआईआर दर्ज कराई थी। हालांकि, उनका कहना है कि पुलिस द्वारा इस मामले में कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की जा रही है। उन्होंने कोखराज पुलिस पर दबाव में काम करने और निष्पक्ष जांच न करने का भी गंभीर आरोप लगाया है। पीड़ित ने मुख्यमंत्री से अपील की है कि इस पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराई जाए, उन्हें सुरक्षा प्रदान की जाए और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।1