बाढ़ में उमानाथ मंदिर परिसर के सौंदर्यीकरण का कार्य महीनों से अधूरा पड़ा है, जिसके कारण श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। लगातार निर्माण कार्य जारी रहने के बावजूद कोई भी प्रमुख कार्य पूरा नहीं हो सका है, जिससे धार्मिक अनुष्ठानों के लिए आने वाले श्रद्धालुओं को कठिनाइयाँ हो रही हैं। स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं ने सोमवार को बताया कि मंदिर परिसर में जगह-जगह मिट्टी, बालू और अन्य निर्माण सामग्री बिखरी होने के कारण पूजा-पाठ, शादी तथा अन्य धार्मिक अनुष्ठानों का आयोजन मुश्किल हो गया है। इसके साथ ही, संकरे रास्ते और अव्यवस्थित निर्माण सामग्री की वजह से श्रद्धालुओं की आवाजाही भी प्रभावित हो रही है। इस देरी का मुख्य कारण अतिक्रमण बताया जा रहा है। निर्माण कार्य के संवेदक राणा सिंह चौहान ने ऑफ कैमरा बातचीत में कहा कि मंदिर परिसर और उसके आसपास अतिक्रमण होने से कार्य की गति धीमी पड़ गई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक अतिक्रमण नहीं हटेगा, तब तक कार्य को निर्धारित समय पर पूरा करना मुश्किल होगा। वहीं, निर्माण कार्य की देखरेख कर रहे अजीत सिंह ने बताया कि मंदिर तक जेसीबी और अन्य भारी मशीनें पहुँचाने में भी काफी परेशानी होती है क्योंकि मंदिर जाने वाली सड़क पर भी अतिक्रमण है, जिससे मशीनों की आवाजाही बाधित होती है और कार्य प्रभावित होता है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से जल्द से जल्द अतिक्रमण हटाने और निर्माण कार्य में तेजी लाने की मांग की है। उनका कहना है कि ऐसा करने से उमानाथ मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं मिल सकेंगी और सौंदर्यीकरण परियोजना समय पर पूरी हो जाएगी।
बाढ़ में उमानाथ मंदिर परिसर के सौंदर्यीकरण का कार्य महीनों से अधूरा पड़ा है, जिसके कारण श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। लगातार निर्माण कार्य जारी रहने के बावजूद कोई भी प्रमुख कार्य पूरा नहीं हो सका है, जिससे धार्मिक अनुष्ठानों के लिए आने वाले श्रद्धालुओं को कठिनाइयाँ हो रही हैं। स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं ने सोमवार को बताया कि मंदिर परिसर में जगह-जगह मिट्टी, बालू और अन्य निर्माण सामग्री बिखरी होने के कारण पूजा-पाठ, शादी तथा अन्य धार्मिक अनुष्ठानों का आयोजन मुश्किल हो गया है। इसके साथ ही, संकरे रास्ते और अव्यवस्थित निर्माण सामग्री की वजह से श्रद्धालुओं की आवाजाही भी प्रभावित हो रही है। इस देरी का मुख्य कारण अतिक्रमण बताया जा रहा है। निर्माण कार्य के संवेदक राणा सिंह चौहान ने ऑफ कैमरा बातचीत में कहा कि मंदिर परिसर और उसके आसपास अतिक्रमण होने से कार्य की गति धीमी पड़ गई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक अतिक्रमण नहीं हटेगा, तब तक कार्य को निर्धारित समय पर पूरा करना मुश्किल होगा। वहीं, निर्माण कार्य की देखरेख कर रहे अजीत सिंह ने बताया कि मंदिर तक जेसीबी और अन्य भारी मशीनें पहुँचाने में भी काफी परेशानी होती है क्योंकि मंदिर जाने वाली सड़क पर भी अतिक्रमण है, जिससे मशीनों की आवाजाही बाधित होती है और कार्य प्रभावित होता है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से जल्द से जल्द अतिक्रमण हटाने और निर्माण कार्य में तेजी लाने की मांग की है। उनका कहना है कि ऐसा करने से उमानाथ मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं मिल सकेंगी और सौंदर्यीकरण परियोजना समय पर पूरी हो जाएगी।
- विश्व प्रसिद्ध आध्यात्मिक गुरु और ईशा फाउंडेशन के संस्थापक सद्गुरु जग्गी वासुदेव पूर्णिमा के पावन अवसर पर बोधगया स्थित विश्व धरोहर महाबोधि मंदिर पहुँचे। उन्होंने भगवान बुद्ध के दर्शन कर पूजा-अर्चना की और शांति, करुणा तथा मानव कल्याण का संदेश दिया। इस दौरान, सद्गुरु ने पवित्र बोधि वृक्ष के नीचे भिक्षुओं, लामाओं और जापानी बौद्ध प्रतिनिधियों से संवाद किया। महाबोधि मंदिर की आगंतुक पुस्तिका में उन्होंने बुद्ध के प्रकाश और आत्मसात करने का एक प्रेरणादायक संदेश भी लिखा।1
- पटना जिले के बख्तियारपुर स्थित घांघ गांव में एक दर्दनाक हादसा हुआ, जहां मात्र कुछ सेकंड की देरी ने एक हंसते-खेलते परिवार को मातम में बदल दिया। सोमवार तड़के 25 वर्षीय रानी देवी की आकाशीय बिजली गिरने से मौत हो गई। गर्मी के कारण परिवार के लोग छत पर सो रहे थे। मौसम बिगड़ने पर सभी सदस्य छत से नीचे उतरने लगे, तभी अचानक रानी देवी पर बिजली गिर पड़ी। इस घटना में उनका एक बच्चा भी घायल हो गया, जिसका इलाज चल रहा है। परिजनों ने आरोप लगाया है कि घटना के बाद डायल-112 पर कई बार कॉल करने के बावजूद समय पर कोई सहायता नहीं मिली। बाद में, ग्रामीणों की मदद से महिला को अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। इस घटना के मद्देनजर, प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों और छतों पर रहने से बचें और सुरक्षित स्थानों पर शरण लें।1
- समस्तीपुर जिले के पटोरी थाना क्षेत्र के दरबा गांव में बीते दिनों बिजली के शॉर्ट सर्किट के कारण कई घर जलकर खाक हो गए थे। इन पीड़ित परिवारों से मिलने के लिए मोरवा विधानसभा क्षेत्र के विधायक रणविजय साहू पहुंचे, जहाँ उन्होंने अपनी संवेदनशीलता और मानवता का परिचय दिया। विधायक साहू ने अपने निजी कोष से प्रभावित परिवारों को राहत सामग्री उपलब्ध कराई। इसके अतिरिक्त, उन्होंने सरकार की ओर से मिलने वाली सहायता राशि के चेक भी प्रदान किए। पीड़ित लाभार्थियों में महेश्वर राय, मुनि देव राय और लाल बहादुर राय शामिल थे। मौके पर मौजूद लोगों और पीड़ित परिवारों ने विधायक के इस मानवीय कार्य की सराहना की। इस अवसर पर विधायक श्री साहू ने कहा कि संकट की इस घड़ी में वे पीड़ित परिवारों के साथ पूरी तरह से खड़े हैं और उन्हें हर संभव सहायता प्रदान करने का काम करेंगे। इस मुलाकात के दौरान राजद के नगर अध्यक्ष राम शंकर राय, प्रेमलाल आजाद, रणधीर यादव, जितेंद्र राय, कुमार देवानंद राय, ललन यादव, रामप्रवेश महतो और वकील शाह सहित बड़ी संख्या में लोग उपस्थित थे।1
- डॉ. भीमराव अंबेडकर संघर्ष विचार मंच के राष्ट्रीय अध्यक्ष अनिल पासवान ने पिंटू पासवान और सरवन पासवान के हत्यारों को फांसी देने की कड़ी मांग उठाई है। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा है कि इन दोनों व्यक्तियों के हत्यारों को मृत्युदंड मिलना चाहिए, ताकि न्याय सुनिश्चित हो सके।1
- वैशाली के जनदाहा स्थित चंदसराय में एक शादी समारोह से पहले तिलक की तैयारियों के बीच अचानक आई एक मौत की खबर ने पूरे परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है। इस दुखद घटना के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है, और खुशियों का माहौल मातम में बदल गया है। बताया जा रहा है कि यह एक ट्रेन से हुई संदिग्ध मौत का मामला है।1
- सोमवार को बाढ़ थाना क्षेत्र के अनुग्रह नारायण सिंह चौक के पास एक तेज रफ्तार ई-रिक्शा अनियंत्रित होकर पलट गया, जिससे उस पर सवार एक व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गया। घायल व्यक्ति की पहचान बाढ़ बाजार निवासी विनय कुमार चौरसिया के रूप में हुई है, जिन्हें स्थानीय लोगों की मदद से इलाज के लिए बाढ़ अनुमंडलीय अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहाँ उनका उपचार जारी है। घायल के पुत्र सोनू कुमार ने बताया कि उनके पिता घर से ड्यूटी जाने के लिए निकले थे और हादसे के वक्त ई-रिक्शा एक नाबालिग चालक चला रहा था। सोनू कुमार का कहना है कि बाढ़ शहर में बड़ी संख्या में नाबालिग ई-रिक्शा का परिचालन कर रहे हैं, जिसके कारण सड़क दुर्घटनाओं में वृद्धि हो रही है। उन्होंने प्रशासन से ऐसे वाहनों की जाँच कर नाबालिग चालकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की है। घटना की सूचना मिलते ही घायल के परिजन अस्पताल पहुँच गए। इस घटना के बाद स्थानीय लोगों ने भी शहर में नाबालिगों द्वारा ई-रिक्शा चलाए जाने पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए प्रशासन से इस पर प्रभावी कार्रवाई की माँग की है।1
- टेटिया बंबर के देवघरा स्थित उच्चेश्वर नाथ महादेव मंदिर परिसर में एक निरीक्षण के दौरान, 65 वर्षीय कैंसर पीड़ित राजेंद्र यादव ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से अपने इलाज के लिए गुहार लगाई। मुख्यमंत्री ने राजेंद्र यादव की पीड़ा को सुनकर तुरंत संज्ञान लिया और मौके पर मौजूद डीएम को निर्देश दिया कि वे राजेंद्र यादव को मुफ्त और बेहतर इलाज सुनिश्चित कराएं। मुख्यमंत्री के इस मानवीय और संवेदनशील कदम की पूरे क्षेत्र में व्यापक सराहना हो रही है, जिसे मुंगेर में उनकी इंसानियत की एक मिसाल के तौर पर देखा जा रहा है।1
- बिहार का पहला ReFit Xpress आउटलेट अब बख्तियारपुर में शुरू हो गया है, जहाँ ग्राहकों को ब्रांडेड सेकेंड हैंड स्मार्टफोन बंपर डिस्काउंट पर उपलब्ध कराए जाएंगे। यह आउटलेट बख्तियारपुर में बैंक ऑफ इंडिया के नीचे, दत्ता स्टूडियो के सामने स्थित मेसर्स फोटो शॉप काउंटर पर खोला गया है। कंपनी के अनुसार, यह पूरे भारत का आठवाँ और बिहार का पहला ReFit Xpress Outlet है। यहाँ ग्राहकों को अलग-अलग कंपनियों के प्री-ओन्ड स्मार्टफोन आकर्षक कीमतों पर मिलेंगे, जिससे कम बजट में एक अच्छा स्मार्टफोन खरीदने के इच्छुक लोग यहाँ जाकर उपलब्ध मॉडल और ऑफर्स की जानकारी ले सकते हैं।1
- पटना जिले के बाढ़ अनुमंडल अंतर्गत बख्तियारपुर थाना क्षेत्र के घांघ गांव में सोमवार अहले सुबह आकाशीय बिजली गिरने से एक दर्दनाक हादसा हो गया। इस घटना में 25 वर्षीय रानी देवी की मौत हो गई, जबकि उनका एक बच्चा घायल हो गया। बताया गया कि अत्यधिक गर्मी के कारण परिवार छत पर सो रहा था। मौसम खराब होने के चलते परिवार के सभी सदस्य छत से नीचे उतर रहे थे, उसी दौरान ठनका गिर गया। गंभीर रूप से घायल महिला को तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहाँ डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। वहीं, घायल बच्चे का इलाज फिलहाल जारी है। इस घटना के बाद पूरे गांव में शोक का माहौल पसरा हुआ है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों और छतों पर रहने से बचें।1