सोमवार को बाढ़ थाना क्षेत्र के अनुग्रह नारायण सिंह चौक के पास एक तेज रफ्तार ई-रिक्शा अनियंत्रित होकर पलट गया, जिससे उस पर सवार एक व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गया। घायल व्यक्ति की पहचान बाढ़ बाजार निवासी विनय कुमार चौरसिया के रूप में हुई है, जिन्हें स्थानीय लोगों की मदद से इलाज के लिए बाढ़ अनुमंडलीय अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहाँ उनका उपचार जारी है। घायल के पुत्र सोनू कुमार ने बताया कि उनके पिता घर से ड्यूटी जाने के लिए निकले थे और हादसे के वक्त ई-रिक्शा एक नाबालिग चालक चला रहा था। सोनू कुमार का कहना है कि बाढ़ शहर में बड़ी संख्या में नाबालिग ई-रिक्शा का परिचालन कर रहे हैं, जिसके कारण सड़क दुर्घटनाओं में वृद्धि हो रही है। उन्होंने प्रशासन से ऐसे वाहनों की जाँच कर नाबालिग चालकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की है। घटना की सूचना मिलते ही घायल के परिजन अस्पताल पहुँच गए। इस घटना के बाद स्थानीय लोगों ने भी शहर में नाबालिगों द्वारा ई-रिक्शा चलाए जाने पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए प्रशासन से इस पर प्रभावी कार्रवाई की माँग की है।
सोमवार को बाढ़ थाना क्षेत्र के अनुग्रह नारायण सिंह चौक के पास एक तेज रफ्तार ई-रिक्शा अनियंत्रित होकर पलट गया, जिससे उस पर सवार एक व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गया। घायल व्यक्ति की पहचान बाढ़ बाजार निवासी विनय कुमार चौरसिया के रूप में हुई है, जिन्हें स्थानीय लोगों की मदद से इलाज के लिए बाढ़ अनुमंडलीय अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहाँ उनका उपचार जारी है। घायल के पुत्र सोनू कुमार ने बताया कि उनके पिता घर से ड्यूटी जाने के लिए निकले थे और हादसे के वक्त ई-रिक्शा एक नाबालिग चालक चला रहा था। सोनू कुमार का कहना है कि बाढ़ शहर में बड़ी संख्या में नाबालिग ई-रिक्शा का परिचालन कर रहे हैं, जिसके कारण सड़क दुर्घटनाओं में वृद्धि हो रही है। उन्होंने प्रशासन से ऐसे वाहनों की जाँच कर नाबालिग चालकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की है। घटना की सूचना मिलते ही घायल के परिजन अस्पताल पहुँच गए। इस घटना के बाद स्थानीय लोगों ने भी शहर में नाबालिगों द्वारा ई-रिक्शा चलाए जाने पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए प्रशासन से इस पर प्रभावी कार्रवाई की माँग की है।
- बाढ़ में उमानाथ मंदिर परिसर के सौंदर्यीकरण का कार्य महीनों से अधूरा पड़ा है, जिसके कारण श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। लगातार निर्माण कार्य जारी रहने के बावजूद कोई भी प्रमुख कार्य पूरा नहीं हो सका है, जिससे धार्मिक अनुष्ठानों के लिए आने वाले श्रद्धालुओं को कठिनाइयाँ हो रही हैं। स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं ने सोमवार को बताया कि मंदिर परिसर में जगह-जगह मिट्टी, बालू और अन्य निर्माण सामग्री बिखरी होने के कारण पूजा-पाठ, शादी तथा अन्य धार्मिक अनुष्ठानों का आयोजन मुश्किल हो गया है। इसके साथ ही, संकरे रास्ते और अव्यवस्थित निर्माण सामग्री की वजह से श्रद्धालुओं की आवाजाही भी प्रभावित हो रही है। इस देरी का मुख्य कारण अतिक्रमण बताया जा रहा है। निर्माण कार्य के संवेदक राणा सिंह चौहान ने ऑफ कैमरा बातचीत में कहा कि मंदिर परिसर और उसके आसपास अतिक्रमण होने से कार्य की गति धीमी पड़ गई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक अतिक्रमण नहीं हटेगा, तब तक कार्य को निर्धारित समय पर पूरा करना मुश्किल होगा। वहीं, निर्माण कार्य की देखरेख कर रहे अजीत सिंह ने बताया कि मंदिर तक जेसीबी और अन्य भारी मशीनें पहुँचाने में भी काफी परेशानी होती है क्योंकि मंदिर जाने वाली सड़क पर भी अतिक्रमण है, जिससे मशीनों की आवाजाही बाधित होती है और कार्य प्रभावित होता है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से जल्द से जल्द अतिक्रमण हटाने और निर्माण कार्य में तेजी लाने की मांग की है। उनका कहना है कि ऐसा करने से उमानाथ मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं मिल सकेंगी और सौंदर्यीकरण परियोजना समय पर पूरी हो जाएगी।1
- सांसद सुधाकर सिंह ने शिक्षा विभाग में बड़े घोटालों का आरोप लगाते हुए नौ आईएएस अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनके इस बयान को रिशु श्री मामले पर एक बड़े हमले के रूप में देखा जा रहा है। इन अधिकारियों में आनंद किशोर और मुख्य सचिव दीपक कुमार शामिल हैं। सुधाकर सिंह ने पिछले दस वर्षों की परीक्षाओं में बड़े पैमाने पर अनियमितताओं का दावा किया है, जिससे शिक्षा प्रणाली की पारदर्शिता पर सवाल खड़े हो गए हैं। सांसद ने मांग की है कि इस पूरे मामले की न्यायालय की निगरानी में गहन जांच होनी चाहिए। यह ध्यान रखना आवश्यक है कि ये आरोप सांसद सुधाकर सिंह के सार्वजनिक बयान पर आधारित हैं और संबंधित अधिकारियों या बिहार सरकार की ओर से इन पर आधिकारिक प्रतिक्रिया आना अभी बाकी है।1
- पटना और बख्तियारपुर में अखिल भारतीय स्वतंत्रता सेनानी संगठन एवं उत्तराधिकारी संगठन ने बख्तियारपुर रेलवे स्टेशन का नाम बदलकर "शीलभद्र याजी नगर" करने की अपनी वर्षों पुरानी मांग को दोहराते हुए एकदिवसीय धरना दिया है। संगठन के महासचिव रामानंद शर्मा ने बताया कि शीलभद्र याजी एक महान स्वतंत्रता सेनानी थे और उनके सम्मान में स्टेशन का नाम बदला जाना चाहिए। संगठन का कहना है कि यह मांग वर्षों पुरानी है और वर्ष 1997 से ही इस संबंध में कई स्तरों पर प्रक्रियाएं भी हो चुकी हैं। उन्होंने बिहार सरकार और केंद्र सरकार से अपील की है कि वे पुराने दस्तावेजों और अनुशंसाओं की समीक्षा करें और इस मामले में जल्द से जल्द उचित निर्णय लें। फिलहाल, इस मांग पर सरकार की ओर से कोई नई आधिकारिक घोषणा सामने नहीं आई है।1
- समस्तीपुर जिले के पटोरी थाना क्षेत्र अंतर्गत भौआ गांव से एक अधेड़ व्यक्ति 28 जून रविवार की सुबह 10 बजे से लापता हैं, जो अब तक अपने घर वापस नहीं लौटे हैं। इस घटना के बाद से उनके परिजन गहरे सदमे में और हताश हैं, तथा उनकी लगातार खोजबीन कर रहे हैं। लापता व्यक्ति की पहचान पटोरी थाना क्षेत्र के नगर परिषद क्षेत्र के वार्ड संख्या 15 निवासी स्व. नथुनी राय के 50 वर्षीय पुत्र सुरेश राय के रूप में की गई है। बताया गया है कि वे उस दिन सुबह 10:00 बजे अपनी साइकिल लेकर खेत जाने के लिए घर से निकले थे। जब वे शाम तक घर नहीं लौटे, तो परिजनों की चिंता बढ़ने लगी और काफी समय बीत जाने के बाद उनकी तलाश शुरू कर दी गई। सुरेश राय ने नीली लुंगी पहनी हुई है और उनके पास एक साइकिल भी है। इसके अलावा, उनके कंधे पर एक पीला गमछा रखा हुआ है। उनके परिजन जनता से अपील कर रहे हैं कि अगर किसी भी व्यक्ति को सुरेश राय कहीं भी दिखाई दें या उनके बारे में कोई जानकारी प्राप्त हो, तो कृपया दिए गए मोबाइल नंबरों – 96674 94 186, 9570350565, 7549016961, 7482944536 – पर संपर्क कर उनके परिजनों से मिलाने का हर संभव प्रयास करें। सूचना देने वाले या उन्हें घर तक पहुंचाने वाले व्यक्तियों को उचित इनाम भी दिया जाएगा।1
- समस्तीपुर जिले के पटोरी थाना क्षेत्र के भौआ गांव से 28 जून रविवार की सुबह 10 बजे से एक अधेड़ व्यक्ति लापता हो गया है, जो अभी तक अपने घर वापस नहीं लौट पाए हैं। लापता व्यक्ति की पहचान पटोरी थाना क्षेत्र के नगर परिषद क्षेत्र के वार्ड संख्या 15 के निवासी स्वर्गीय नथुनी राय के 50 वर्षीय पुत्र सुरेश राय के रूप में की गई है। बताया गया है कि सुरेश राय रविवार, 28 जून को सुबह करीब 10:00 बजे अपनी साइकिल लेकर खेत जाने के लिए घर से निकले थे। शाम तक घर वापस न लौटने पर उनके घर वालों की आशंका बढ़ने लगी और काफी समय बीत जाने के बाद भी जब वह नहीं लौटे, तो परिजनों ने उनकी तलाश शुरू कर दी। सुरेश राय नीली लुंगी पहने हुए थे, उनके साथ एक साइकिल थी, और उन्होंने अपने कंधे पर पीला गमछा रखा हुआ था। लापता होने के कारण परिजन हताश और परेशान हैं, और वे लगातार उनकी खोजबीन कर रहे हैं। परिजनों ने आम जनता से आग्रह किया है कि अगर किसी सज्जन को यह व्यक्ति कहीं भी दिखाई पड़े या उनके बारे में कोई जानकारी प्राप्त हो तो कृपया दिए गए मोबाइल नंबरों — 96674 94 186, 9570350565, 7549016961, 7482944536 — पर संपर्क कर उनके परिजनों से मिलाने का हर संभव प्रयास करें। विशेष रूप से, इनके बारे में सूचना देने वाले या इन्हें घर तक पहुंचाने वाले व्यक्तियों को उचित इनाम दिया जाएगा।1
- डॉ. भीमराव अंबेडकर संघर्ष विचार मंच के राष्ट्रीय अध्यक्ष अनिल पासवान ने पिंटू पासवान और सरवन पासवान के परिवारों से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने परिवारों को यह आश्वासन दिया कि जब तक उन्हें न्याय नहीं मिल जाता, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।1
- पुलिस और सेना में भर्ती होने की तैयारी कर रहे युवाओं को जनप्रतिनिधियों का मार्गदर्शन प्राप्त हुआ है।1
- बाढ़ अनुमंडल अंतर्गत ढीवर पंचायत के वार्ड संख्या-2 में चल रहे नाला निर्माण कार्य को लेकर स्थानीय ग्रामीणों में गहरी नाराजगी और चिंता व्याप्त है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि निर्माण कार्य में अनियमितता और लापरवाही बरती जा रही है, जिसकी निष्पक्ष जांच की जानी चाहिए। स्थानीय लोगों के अनुसार, नाला निर्माण का काम लगभग डेढ़ साल से चल रहा है, लेकिन अब तक निर्माण स्थल पर योजना से संबंधित एस्टिमेट बोर्ड नहीं लगाया गया है। इसके अभाव में ग्रामीणों को योजना की लागत, कार्य अवधि और निर्माण एजेंसी से जुड़ी कोई भी जानकारी नहीं मिल पा रही है। उनका यह भी आरोप है कि निर्माण कार्य में निर्धारित मानकों और गुणवत्ता के अनुरूप सामग्री का उपयोग नहीं किया जा रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि निर्माणाधीन नाले के कई हिस्सों में अभी से दरारें दिखाई देने लगी हैं, जो कार्य की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े करती हैं। उनकी आशंका है कि यदि समय रहते सुधार नहीं किए गए, तो बरसात के मौसम में नाले के क्षतिग्रस्त होने की संभावना बढ़ जाएगी, जिससे जल निकासी की गंभीर समस्या उत्पन्न हो सकती है। इसके अतिरिक्त, स्थानीय निवासियों ने नाले की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी चिंता व्यक्त की है, क्योंकि नाले को अभी तक ढका नहीं गया है। इस वजह से कई दुर्घटनाएं हो चुकी हैं और आसपास खेलते बच्चे अक्सर नाले में गिर जाते हैं, जो बरसात के दौरान जलभराव की स्थिति में और भी खतरनाक हो सकता है। इन समस्याओं के मद्देनजर, ग्रामीणों ने प्रशासन और संबंधित विभाग से पूरे निर्माण कार्य की तत्काल निष्पक्ष जांच कराने, उपयोग की गई सामग्री की गुणवत्ता की समीक्षा करने तथा नाले को शीघ्र ढकने की मांग की है। उनका उद्देश्य संभावित दुर्घटनाओं को रोकना और स्थानीय लोगों को सुरक्षित एवं बेहतर सुविधाएँ उपलब्ध कराना है।1