Shuru
Apke Nagar Ki App…
फलका प्रखंड के उत्तरी सोहथा में तेज हवा और बारिश से फसलों को भारी नुकसान, किसानों में हाहाकार कटिहार जिले के फलका प्रखंड अंतर्गत उत्तरी सोहथा गांव में तेज हवा के साथ हुई अचानक बारिश ने किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया। खेतों में लगी फसलें तेज आंधी और बारिश से बुरी तरह प्रभावित हो गई हैं। किसानों का कहना है कि तैयार फसल गिर जाने से भारी आर्थिक नुकसान हुआ है, जिससे किसानों के बीच चिंता और हाहाकार का माहौल है। किसानों ने प्रशासन से सर्वे कर मुआवजा देने की मांग की है।
बिहार संवाद कटिहार
फलका प्रखंड के उत्तरी सोहथा में तेज हवा और बारिश से फसलों को भारी नुकसान, किसानों में हाहाकार कटिहार जिले के फलका प्रखंड अंतर्गत उत्तरी सोहथा गांव में तेज हवा के साथ हुई अचानक बारिश ने किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया। खेतों में लगी फसलें तेज आंधी और बारिश से बुरी तरह प्रभावित हो गई हैं। किसानों का कहना है कि तैयार फसल गिर जाने से भारी आर्थिक नुकसान हुआ है, जिससे किसानों के बीच चिंता और हाहाकार का माहौल है। किसानों ने प्रशासन से सर्वे कर मुआवजा देने की मांग की है।
More news from बिहार and nearby areas
- कटिहार जिले के फलका प्रखंड अंतर्गत उत्तरी सोहथा गांव में तेज हवा के साथ हुई अचानक बारिश ने किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया। खेतों में लगी फसलें तेज आंधी और बारिश से बुरी तरह प्रभावित हो गई हैं। किसानों का कहना है कि तैयार फसल गिर जाने से भारी आर्थिक नुकसान हुआ है, जिससे किसानों के बीच चिंता और हाहाकार का माहौल है। किसानों ने प्रशासन से सर्वे कर मुआवजा देने की मांग की है।1
-   +7  सम्राट अशोक (शासनकाल: 273-232 ईसा पूर्व) मौर्य वंश के तीसरे और सबसे महान चक्रवर्ती सम्राट थे, जिन्होंने अखंड भारत (अफगानिस्तान से बांग्लादेश तक) पर शासन किया। कलिंग युद्ध (261 ईसा पूर्व) के नरसंहार से द्रवित होकर उन्होंने बौद्ध धर्म अपनाया और "धम्म" (अहिंसा, प्रेम) का प्रचार किया। उन्हें उनके शिलालेखों, स्तूपों (सांची) और जनकल्याणकारी नीतियों के लिए जाना जाता है। विकिपीडिया +4 सम्राट अशोक के बारे में मुख्य तथ्य: विशाल साम्राज्य: अशोक का साम्राज्य उत्तर में हिन्दुकुश, दक्षिण में मैसूर, पूर्व में बंगाल और पश्चिम में अफगानिस्तान तक फैला था। कलिंग युद्ध और हृदय परिवर्तन: कलिंग युद्ध के बाद हिंसा से दूर होकर उन्होंने बौद्ध धर्म अपना लिया और अहिंसा की नीति अपनाई। बौद्ध धर्म का प्रसार: अशोक ने बौद्ध धर्म के प्रसार के लिए अपने पुत्र महेंद्र और पुत्री संघमित्रा को श्रीलंका भेजा था। प्रशासन और जनकल्याण: उन्होंने सड़कों, अस्पतालों, विश्राम गृहों का निर्माण करवाया। उनके शिलालेख (शिलालेख, स्तंभ लेख) प्रशासन और 'धम्म' के प्रचार के मुख्य साधन थे। प्रतीक चिन्ह: भारत का राष्ट्रीय प्रतीक, 'अशोक चक्र' और चार शेर वाला स्तंभ, सम्राट अशोक के सारनाथ स्तंभ से ही लिया गया है। लोकप्रिय नाम: उन्हें 'देवानाम्प्रिय' (देवताओं के प्रिय) और 'प्रियदर्शी' (देखने में सुंदर) के नाम से भी जाना जाता है। विकिपीडिया +6 सम्राट अशोक का शासनकाल शांति, समृद्धि और मानवतावादी दृष्टिकोण के लिए इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में दर्ज है।1
- नहर की जमीन पर बैठक बनाने को लेकर तीन भाइयों के बीच हुआ विवाद पीड़ित ने थाना एवं राष्ट्रीय मानवाधिकार सुरक्षा संगठन भारत को दिया आवेदन। #hairstyleideas #northindianfood #Diabetes #fltnesschallenge #ambaniwedding #GlamorousModel #famousfood #yogawithwall #नहर_की_जमीन #बैठक_विवाद #तीन_भाई #जमीन_विवाद #राष्ट्रीय_मानवाधिकार_सुरक्षा_संगठन #विवाद #मानवाधिकार #सुरक्षा_संगठन #जमीन #बैठक #नहर #विवाद_सुलझाना #सामाजिक_मुद्दे #कानूनी_मामले #पुलिस #तहसील #सरकारी_जमीन #भूमि_विवाद #ग्रामीण_विवाद #न्याय1
- पूर्णिया का लाल ने रचा इतिहास आर्ट्स विषय मैं बिहार मैं दूसरा स्थान प्राप्त किया हैं लक्की अंसारी सभी मिलकर वीडियो को शेयर कर दीजिए1
- पिछले दिनों आई आंधी,तूफान और बारिश ने किसानों की फसल को भारी नुकसान किया है,जिसे लेकर AIMIM के राष्ट्रीय प्रवक्ता एडवोकेट आदिल हसन ने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जी और कृषि मंत्री राम कृपाल यादव जी से अनुरोध करता हूं किसानों का फसल क्षति हुआ है जिससे गरीब किसान परेशान है आप फौरन उनके मुआवजा दें ताकि किसान को कुछ राहत मिल सके।1
- Bangla se kasamh chauk Tak ka rasta kharab salon beet Gaya abhi tak theek nahin hua media wale Aaye kitne Gaye kuchh Kam nahin hota Hai kam karvane wale koi hai hi nahin2
- Bhagalpur jila kursela Badi has ... ..... ......... 541
- RPIA rashtriy sachiv basuki nath sah kanaujiya purv sansad pratyashi Katihar Bihar All india railway shu shine worker union rashtriy upadhyaksh सम्राट अशोक जयंती पर हार्दिक शुभकामनाएं एवं बधाई सम्राट अशोक (शासनकाल: 273-232 ईसा पूर्व) मौर्य वंश के तीसरे और सबसे महान चक्रवर्ती सम्राट थे, जिन्होंने अखंड भारत (अफगानिस्तान से बांग्लादेश तक) पर शासन किया। कलिंग युद्ध (261 ईसा पूर्व) के नरसंहार से द्रवित होकर उन्होंने बौद्ध धर्म अपनाया और "धम्म" (अहिंसा, प्रेम) का प्रचार किया। उन्हें उनके शिलालेखों, स्तूपों (सांची) और जनकल्याणकारी नीतियों के लिए जाना जाता है। सम्राट अशोक के बारे में मुख्य तथ्य: विशाल साम्राज्य: अशोक का साम्राज्य उत्तर में हिन्दुकुश, दक्षिण में मैसूर, पूर्व में बंगाल और पश्चिम में अफगानिस्तान तक फैला था। कलिंग युद्ध और हृदय परिवर्तन: कलिंग युद्ध के बाद हिंसा से दूर होकर उन्होंने बौद्ध धर्म अपना लिया और अहिंसा की नीति अपनाई। बौद्ध धर्म का प्रसार: अशोक ने बौद्ध धर्म के प्रसार के लिए अपने पुत्र महेंद्र और पुत्री संघमित्रा को श्रीलंका भेजा था। प्रशासन और जनकल्याण: उन्होंने सड़कों, अस्पतालों, विश्राम गृहों का निर्माण करवाया। उनके शिलालेख (शिलालेख, स्तंभ लेख) प्रशासन और 'धम्म' के प्रचार के मुख्य साधन थे। प्रतीक चिन्ह: भारत का राष्ट्रीय प्रतीक, 'अशोक चक्र' और चार शेर वाला स्तंभ, सम्राट अशोक के सारनाथ स्तंभ से ही लिया गया है। लोकप्रिय नाम: उन्हें 'देवानाम्प्रिय' (देवताओं के प्रिय) और 'प्रियदर्शी' (देखने में सुंदर) के नाम से भी जाना जाता है सम्राट अशोक का शासनकाल शांति, समृद्धि और मानवतावादी दृष्टिकोण के लिए इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में दर्ज है। (रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया ए) राष्ट्रीय सचिव बासुकीनाथ साह कनौजिया पूर्व सांसद प्रत्याशी कटिहार बिहार1