मंडावा में नगर पालिका प्रशासन द्वारा सरकार के निर्देश पर शहरी सेवा शिविर वार्डवार आयोजित किए जा रहे हैं, इसके बावजूद कस्बे में हाईलैंड हाउस के पीछे वाले रास्ते की हालत बेहद खराब है। नालियों की साफ-सफाई न होने के कारण जगह-जगह गंदे पानी का भराव हो रखा है और रास्ते पर कचरा फैला हुआ है, जो स्वच्छता अभियान की पोल खोल रहा है। गंदगी और बदबू के चलते पैदल राहगीरों का निकलना दूभर हो गया है, और आने वाले मानसून से स्थिति के और खराब होने की आशंका है। ऐसा प्रतीत होता है कि नगरपालिका प्रशासन या तो सफाई अभियान को लेकर गंभीर नहीं है, या कर्मचारियों द्वारा वार्डवार निगरानी ठीक से नहीं हो रही है। हाईलैंड हाउस के पीछे की यह समस्या काफी पुरानी है; कपड़े रंगने वाले लोग रास्ते पर ही पानी बहाते हैं। इस समस्या के समाधान के लिए नगर पालिका ने पहले संबंधित लोगों को पाबंद करने और समाधान की बात कही थी, लेकिन धरातल पर आज तक कुछ नहीं हुआ। स्थानीय लोग गंदगी में रहने को मजबूर हैं। इसके साथ ही, इस रास्ते पर लोगों ने अवैध अतिक्रमण भी कर रखा है, जिससे मुख्य रास्ता संकरा हो गया है और आमजन को आवागमन में परेशानी उठानी पड़ रही है। परेशानी और समस्या की सुनवाई न होने के कारण लोगों में भारी आक्रोश है और वे यह मांग कर रहे हैं कि इस समस्या से आखिर कब तक निजात मिलेगी।
मंडावा में नगर पालिका प्रशासन द्वारा सरकार के निर्देश पर शहरी सेवा शिविर वार्डवार आयोजित किए जा रहे हैं, इसके बावजूद कस्बे में हाईलैंड हाउस के पीछे वाले रास्ते की हालत बेहद खराब है। नालियों की साफ-सफाई न होने के कारण जगह-जगह गंदे पानी का भराव हो रखा है और रास्ते पर कचरा फैला हुआ है, जो स्वच्छता अभियान की पोल खोल रहा है। गंदगी और बदबू के चलते पैदल राहगीरों का निकलना दूभर हो गया है, और आने वाले मानसून से स्थिति के और खराब होने की आशंका है। ऐसा प्रतीत होता है कि नगरपालिका प्रशासन या तो सफाई अभियान को लेकर गंभीर नहीं है, या कर्मचारियों द्वारा वार्डवार निगरानी ठीक से नहीं हो रही है। हाईलैंड हाउस के पीछे की यह समस्या काफी पुरानी है; कपड़े रंगने वाले लोग रास्ते पर ही पानी बहाते हैं। इस समस्या के समाधान के लिए नगर पालिका ने पहले संबंधित लोगों को पाबंद करने और समाधान की बात कही थी, लेकिन धरातल पर आज तक कुछ नहीं हुआ। स्थानीय लोग गंदगी में रहने को मजबूर हैं। इसके साथ ही, इस रास्ते पर लोगों ने अवैध अतिक्रमण भी कर रखा है, जिससे मुख्य रास्ता संकरा हो गया है और आमजन को आवागमन में परेशानी उठानी पड़ रही है। परेशानी और समस्या की सुनवाई न होने के कारण लोगों में भारी आक्रोश है और वे यह मांग कर रहे हैं कि इस समस्या से आखिर कब तक निजात मिलेगी।
- चिड़ावा रेलवे स्टेशन पर यात्रियों की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने और बढ़ती चोरी तथा अन्य अप्रिय घटनाओं पर अंकुश लगाने की मांग को लेकर, रेलवे स्टेशन सलाहकार समिति के एक प्रतिनिधिमंडल ने पूर्व भाजपा नगर मंडल अध्यक्ष बाबूलाल वर्मा के नेतृत्व में स्टेशन अधीक्षक आजाद सिंह को ज्ञापन सौंपा। इस ज्ञापन में स्टेशन पर रेलवे सुरक्षा बल (RPF) के कम से कम एक जवान की स्थायी नियुक्ति की प्रमुख मांग की गई है। प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि स्टेशन पर प्रतिदिन बड़ी संख्या में यात्रियों की आवाजाही रहती है, लेकिन पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था न होने के कारण यात्रियों में असुरक्षा की भावना बढ़ रही है। इस पर स्टेशन अधीक्षक ने आश्वासन दिया कि ज्ञापन को उच्च अधिकारियों तक पहुंचाया जाएगा। इस दौरान नरेंद्र सैनी, सोहनलाल वर्मा और कन्हैयालाल लाठ सहित अन्य सदस्य भी उपस्थित थे।1
- मंडावा में नगर पालिका प्रशासन द्वारा सरकार के निर्देश पर शहरी सेवा शिविर वार्डवार आयोजित किए जा रहे हैं, इसके बावजूद कस्बे में हाईलैंड हाउस के पीछे वाले रास्ते की हालत बेहद खराब है। नालियों की साफ-सफाई न होने के कारण जगह-जगह गंदे पानी का भराव हो रखा है और रास्ते पर कचरा फैला हुआ है, जो स्वच्छता अभियान की पोल खोल रहा है। गंदगी और बदबू के चलते पैदल राहगीरों का निकलना दूभर हो गया है, और आने वाले मानसून से स्थिति के और खराब होने की आशंका है। ऐसा प्रतीत होता है कि नगरपालिका प्रशासन या तो सफाई अभियान को लेकर गंभीर नहीं है, या कर्मचारियों द्वारा वार्डवार निगरानी ठीक से नहीं हो रही है। हाईलैंड हाउस के पीछे की यह समस्या काफी पुरानी है; कपड़े रंगने वाले लोग रास्ते पर ही पानी बहाते हैं। इस समस्या के समाधान के लिए नगर पालिका ने पहले संबंधित लोगों को पाबंद करने और समाधान की बात कही थी, लेकिन धरातल पर आज तक कुछ नहीं हुआ। स्थानीय लोग गंदगी में रहने को मजबूर हैं। इसके साथ ही, इस रास्ते पर लोगों ने अवैध अतिक्रमण भी कर रखा है, जिससे मुख्य रास्ता संकरा हो गया है और आमजन को आवागमन में परेशानी उठानी पड़ रही है। परेशानी और समस्या की सुनवाई न होने के कारण लोगों में भारी आक्रोश है और वे यह मांग कर रहे हैं कि इस समस्या से आखिर कब तक निजात मिलेगी।1
- बगड़ न्यूज़ द्वारा 23 जून 2026 को प्रसारित अपनी टॉप 10 खबरों की सुर्खियों के अनुसार, मोहर्रम के आयोजन से पहले एक सीएलजी (कम्युनिटी लाइजन ग्रुप) बैठक आयोजित की गई।1
- झुंझुनूं शहर में आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक चेतना को नई दिशा देने के उद्देश्य से सोमवार, 23 जून को मित्तल कॉलोनी स्थित ढंढारिया गेस्ट हाउस में अंतर्राष्ट्रीय कृष्णभावनामृत संघ (इस्कॉन) के नवस्थापित आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक केंद्र का भव्य उद्घाटन किया गया। जिला कलेक्टर डॉ. अरुण गर्ग ने नवीन भवन और श्री श्री राधा मदन गोपाल गौरहरि मंदिर की वेदी का अनावरण कर इस केंद्र को जनसमर्पित किया। दिनभर चले धार्मिक, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक कार्यक्रमों में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया, जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा। कार्यक्रम का शुभारंभ प्रातः वैदिक मंत्रोच्चार के साथ श्री नृसिंह यज्ञ से हुआ, जिसमें रामौतार अग्रवाल गुढावाला ने अपने परिवार सहित मुख्य यजमान के रूप में पूजा-अर्चना की। श्रद्धालुओं ने सामूहिक हवन में आहुतियां अर्पित कर विश्व शांति, समाज कल्याण और मानवता के उत्थान की कामना की। यज्ञ के बाद हरिनाम संकीर्तन आयोजित किया गया, जिसमें मृदंग, करताल और मंजीरों की मधुर ध्वनि पर इस्कॉन भजन मंडली ने भक्ति गीत प्रस्तुत किए, जिससे भक्तजन भक्ति रस में सराबोर हो गए। इसके अतिरिक्त, बच्चों द्वारा प्रस्तुत सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने, जिनमें महाभारत के प्रसंगों का प्रभावशाली मंचन शामिल था, दर्शकों की विशेष सराहना प्राप्त की। श्रील प्रभुपाद की शिक्षाओं पर आधारित प्रवचनों में आध्यात्मिकता, नैतिक जीवन, संस्कारों और नशामुक्त समाज के निर्माण का संदेश दिया गया। रात्रि में भव्य संध्या आरती में सैकड़ों श्रद्धालुओं ने भाग लिया, जिसके बाद महाप्रसाद वितरित किया गया। इस आयोजन में इस्कॉन जयपुर से आए संतों एवं प्रतिनिधियों सहित अनेक गणमान्य नागरिक, समाजसेवी, दानदाता और श्रद्धालु उपस्थित रहे, और स्थानीय नागरिकों ने इसे सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। शाम को आयोजित मुख्य उद्घाटन समारोह में जिला कलेक्टर डॉ. अरुण गर्ग ने फीता काटकर केंद्र का विधिवत उद्घाटन किया और मंदिर में दर्शन कर पूजा-अर्चना की। इस्कॉन परिवार द्वारा उनका पारंपरिक स्वागत एवं सम्मान किया गया। इस अवसर पर डॉ. गर्ग ने इस्कॉन द्वारा विश्वभर में किए जा रहे आध्यात्मिक एवं सामाजिक कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे केंद्र समाज को सकारात्मक दिशा प्रदान करने के साथ-साथ लोगों को मानसिक शांति और नैतिक मूल्यों से जोड़ते हैं। इस्कॉन से जुड़े डॉ. नवीन कांतिदास बंसल ने बताया कि यह केंद्र वर्तमान में आध्यात्मिक गतिविधियों के लिए स्थापित किया गया है और आगामी तीन वर्षों में झुंझुनूं में एक भव्य इस्कॉन मंदिर का निर्माण पूरा होने की संभावना है। उन्होंने यह भी बताया कि केंद्र में नियमित रूप से गीता अध्ययन, भक्ति योग, संस्कार शिक्षा, युवा प्रेरणा कार्यक्रम और विभिन्न सांस्कृतिक गतिविधियां संचालित की जाएंगी। श्रद्धालुओं ने विश्वास व्यक्त किया है कि यह केंद्र भविष्य में झुंझुनूं में आध्यात्मिक जागरण, सांस्कृतिक संरक्षण और सामाजिक सेवा का एक प्रमुख केंद्र बनकर उभरेगा।1
- झुंझुनूं में इलाई समाज द्वारा मोहर्रम की चांद तारीख पूरे उत्साह के साथ निकाली गई, जिसे मुस्लिम समाज में 'आलमसाद' के नाम से भी जाना जाता है। इस पावन अवसर पर, सभी मुस्लिम भाइयों ने ढोल-ताशे के साथ एकजुट होकर एक भव्य जमावड़ा किया और अपने नए साल के आगमन का गर्मजोशी से स्वागत किया, एक नई शुरुआत का शानदार आगाज करते हुए।2
- कुछ विशिष्ट जगहों से अतिक्रमण हटाए जाने की स्पष्ट मांग उठाई गई है। इस मुद्दे पर जनसामान्य की राय और टिप्पणियों को अत्यंत महत्वपूर्ण बताया गया है। एक सामूहिक प्रयास किया जा रहा है ताकि सभी लोगों की यह महत्वपूर्ण राय और विचार प्रशासन तक प्रभावी ढंग से पहुँचाए जा सकें।1
- हरियाणा के महेंद्रगढ़ से एक रूह कंपा देने वाले हादसे की खबर सामने आई है। महेंद्रगढ़-शैलंग रोड पर स्थित माजरा कलाँ गाँव के पास एक चलती सफेद रंग की वैगनआर कार (HR66 C 5241) पर अचानक एक विशालकाय पेड़ भरभराकर गिर गया। इस भयानक हादसे में कार का अगला हिस्सा और छत पूरी तरह से पिचक गए, जबकि गाड़ी का अगला शीशा चकनाचूर हो गया। गनीमत यह रही कि इस दिल दहला देने वाली घटना में कार सवार लोगों की जानें बाल-बाल बच गईं।1
- राज्यपाल हरिभाऊ बागड़े मंगलवार को उदयपुरवाटी क्षेत्र के पचलंगी गांव पहुंचे, जहाँ उन्होंने झड़ाया बालाजी धाम में आयोजित 108 कुण्डीय श्रीराम महायज्ञ में भाग लिया। इस दौरान राज्यपाल ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच हवन में आहुति देकर प्रदेश की सुख-समृद्धि एवं खुशहाली की कामना की। श्रीराम महायज्ञ सेवा समिति द्वारा आयोजित इस धार्मिक कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद थे। राज्यपाल के आगमन पर समिति पदाधिकारियों और ग्रामीणों ने उनका भव्य स्वागत किया। उन्होंने महायज्ञ की व्यवस्थाओं की सराहना करते हुए धार्मिक एवं सांस्कृतिक आयोजनों को समाज में सकारात्मक ऊर्जा का स्रोत बताया। राज्यपाल ने यज्ञ स्थल पर उपस्थित संत-महात्माओं का आशीर्वाद भी प्राप्त किया और आयोजन से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी ली। उनके दौरे को लेकर प्रशासन और पुलिस द्वारा सुरक्षा के विशेष प्रबंध किए गए थे।1