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*🕎दशकों से प्रताड़ित Bengal के हिंदुओं का धैर्य अब जवाब दे गया..!* ये पश्चिम बंगाल का Exit Poll है!! *🕎दशकों से प्रताड़ित Bengal के हिंदुओं का धैर्य अब जवाब दे गया..!* इन माताजी को सुनिए_👇 १. हम चाहते हैं कि अब खुलकर जय श्रीराम बोलें। २. गला पकड़कर अल्लाह हू अकबर बोल सकते हैं और जय श्रीराम नहीं। *Bengali Hindu अभी तो कभी नहीं वाले मूड में है।*

7 hrs ago
user_डॉ. उमेश कुमार
डॉ. उमेश कुमार
Doctor गोलमुरी-कम-जुगसलाई, पूर्वी सिंहभूम, झारखंड•
7 hrs ago

*🕎दशकों से प्रताड़ित Bengal के हिंदुओं का धैर्य अब जवाब दे गया..!* ये पश्चिम बंगाल का Exit Poll है!! *🕎दशकों से प्रताड़ित Bengal के हिंदुओं का धैर्य अब जवाब दे गया..!* इन माताजी को सुनिए_👇 १. हम चाहते हैं कि अब खुलकर जय श्रीराम बोलें। २. गला पकड़कर अल्लाह हू अकबर बोल सकते हैं और जय श्रीराम नहीं। *Bengali Hindu अभी तो कभी नहीं वाले मूड में है।*

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  • JLKM नेता दीपक महतो ने बताया कि हमारे ऊपर जो आरोप लगा है वह गलत है
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    JLKM नेता दीपक महतो ने बताया कि हमारे ऊपर जो आरोप लगा है वह गलत है
    user_DALMA NEWS live
    DALMA NEWS live
    आदित्यपुर (गमहरिया), सरायकेला खरसावां, झारखंड•
    2 hrs ago
  • सरायकेला-खरसावां जिले के विभिन्न प्रखंड स्तर पर पहला मई दिवस के अवसर पर मजदूर दिवस हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। श्रमिक संगठनों ने रैली, सभा और झंडोत्तोलन कर शहीद मजदूरों को याद किया। अंतरराष्ट्रीय मजदूर दिवस के अवसर पर शुक्रबार को जिले भर में कार्यक्रम आयोजित हुए। चांडिल स्टेशन स्थित पेट्रोल पंप के पास चांडिल स्लीपर यूनियन संघ द्वारा झंडोत्तोलन कर शहीदों को सलामी दी गई। यूनियन के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने 1 मई के महत्व पर प्रकाश डाला। *शिकागो के शहीदों को किया याद:..?* इस मौके पर आशुतोष महतो और अनंत कुमार महतो ने कहा कि 1 मई 1886 को अमेरिका के शिकागो में मजदूरों ने 8 घंटे काम की मांग को लेकर ऐतिहासिक आंदोलन किया था। उस समय पूंजीपतियों द्वारा मजदूरों का शोषण किया जाता था। 12-14 घंटे काम लिया जाता था और मजदूरी भी बहुत कम दी जाती थी। उसके विरोध में मजदूर सड़कों पर उतरे थे। पुलिस फायरिंग में कई मजदूर शहीद हो गए थे। उन्हीं शहीदों की याद में आज पूरी दुनिया में मई दिवस मनाया जाता है। वक्ताओं ने कहा कि मजदूरों ने अपने हक-अधिकार की लड़ाई लड़ी थी। आज भारत वर्ष में भी 1 मई को मजदूर दिवस के रूप में मनाते हैं। सरकार ने श्रम कानूनों में कई सुधार किए हैं, लेकिन आज भी असंगठित क्षेत्र के मजदूरों को न्यूनतम मजदूरी, ESI, PF जैसी सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं। कार्यक्रम में न्यूनतम मजदूरी 26 हजार करने, सभी मजदूरों को सामाजिक सुरक्षा देने, ठेका प्रथा खत्म करने और 8 घंटे काम सख्ती से लागू करने की मांग की गई। गम्हरिया, आदित्यपुर, कांड्रा और सरायकेला में भी INTUC, AITUC और CITU एवं SUCI से जुड़े संगठनों ने सभा कर मजदूर एकता का आह्वान किया।
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    सरायकेला-खरसावां जिले के विभिन्न प्रखंड स्तर पर पहला मई दिवस के अवसर पर मजदूर दिवस हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। श्रमिक संगठनों ने रैली, सभा और झंडोत्तोलन कर शहीद मजदूरों को याद किया।
अंतरराष्ट्रीय मजदूर दिवस के अवसर पर शुक्रबार को जिले भर में कार्यक्रम आयोजित हुए। चांडिल स्टेशन स्थित पेट्रोल पंप के पास चांडिल स्लीपर यूनियन संघ द्वारा झंडोत्तोलन कर शहीदों को सलामी दी गई। यूनियन के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने 1 मई के महत्व पर प्रकाश डाला।
*शिकागो के शहीदों को किया याद:..?*  इस मौके पर आशुतोष महतो और अनंत कुमार महतो ने कहा कि 1 मई 1886 को अमेरिका के शिकागो में मजदूरों ने 8 घंटे काम की मांग को लेकर ऐतिहासिक आंदोलन किया था। उस समय पूंजीपतियों द्वारा मजदूरों का शोषण किया जाता था। 12-14 घंटे काम लिया जाता था और मजदूरी भी बहुत कम दी जाती थी। उसके विरोध में मजदूर सड़कों पर उतरे थे। पुलिस फायरिंग में कई मजदूर शहीद हो गए थे। उन्हीं शहीदों की याद में आज पूरी दुनिया में मई दिवस मनाया जाता है।
वक्ताओं ने कहा कि मजदूरों ने अपने हक-अधिकार की लड़ाई लड़ी थी। आज भारत वर्ष में भी 1 मई को मजदूर दिवस के रूप में मनाते हैं। सरकार ने श्रम कानूनों में कई सुधार किए हैं, लेकिन आज भी असंगठित क्षेत्र के मजदूरों को न्यूनतम मजदूरी, ESI, PF जैसी सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं।
कार्यक्रम में न्यूनतम मजदूरी 26 हजार करने, सभी मजदूरों को सामाजिक सुरक्षा देने, ठेका प्रथा खत्म करने और 8 घंटे काम सख्ती से लागू करने की मांग की गई। 
गम्हरिया, आदित्यपुर, कांड्रा और सरायकेला में भी INTUC, AITUC और CITU एवं SUCI से जुड़े संगठनों ने सभा कर मजदूर एकता का आह्वान किया।
    user_JAGDISH SAO - स्थानीय रिपोर्टर
    JAGDISH SAO - स्थानीय रिपोर्टर
    Advertising Photographer सरायकेला, सरायकेला खरसावां, झारखंड•
    11 hrs ago
  • 🚨 सारंडा की बेबसी उजागर: 13 साल में ले जाया गया बालक, अब नक्सली बनकर लौटा शव चाईबासा सदर अस्पताल में मुठभेड़ में मारे गए नक्सली इसराइल पूर्ति उर्फ इस्माइल पूर्ति उर्फ अमृत पूर्ति का शव लेने जब सारंडा जंगल के सांगा जटा गांव से उसके माता-पिता और परिजन पहुंचे, तो उनकी हालत ने क्षेत्र की भयावह सच्चाई को उजागर कर दिया। परिजनों के अनुसार, वर्ष 2019 में जब इस्माइल पूर्ति मात्र 13 वर्ष का था और कक्षा 5 में पढ़ाई कर रहा था, तभी नक्सली दस्ते के लोग गांव से 5–10 लोगों को अपने साथ ले गए। उसी दौरान वह भी उनके साथ चला गया और फिर कभी घर वापस नहीं लौटा। माता-पिता, जो बेहद साधारण और अशिक्षित हैं, वर्षों बाद अपने बेटे का शव लेने अस्पताल पहुंचे। बेटे के खोने का दर्द उनके चेहरे पर साफ झलक रहा था, जिसने पूरे माहौल को गमगीन कर दिया। यह घटना सारंडा के दुर्गम क्षेत्रों में रहने वाले ग्रामीणों की बेबसी और डर के माहौल को सामने लाती है, जहां कम उम्र के बच्चों को बहला-फुसलाकर नक्सली गतिविधियों में शामिल किया जाता है। ऐसे मामलों का अंत अक्सर दुखद ही होता है, जिससे परिवारों को अपूरणीय क्षति उठानी पड़ती है। शव लेने पहुंचे माता पिता को लगभग पांच घंटे के इंतजार के बाद बेटे का शव मिला। देर शाम आंधी वर्षा और बिजली गुल रहने की स्थिति में भारी मन से माता पिता और भाई ने शव को मैजिक वाहन की छत पर चढ़ा कर शव को साथ ले गए। #सारंडा #चाईबासा #नक्सल_मुठभेड़ #इस्माइल_पूर्ति #ग्रामीणों_की_बेबसी #JharkhandNews #WestSinghbhum #NaxalOperation #GroundReality #HumanStory #BreakingNews #KolhanBreakingNews
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    🚨 सारंडा की बेबसी उजागर: 13 साल में ले जाया गया बालक, अब नक्सली बनकर लौटा शव
चाईबासा सदर अस्पताल में मुठभेड़ में मारे गए नक्सली इसराइल पूर्ति उर्फ इस्माइल पूर्ति उर्फ अमृत पूर्ति का शव लेने जब सारंडा जंगल के सांगा जटा गांव से उसके माता-पिता और परिजन पहुंचे, तो उनकी हालत ने क्षेत्र की भयावह सच्चाई को उजागर कर दिया।
परिजनों के अनुसार, वर्ष 2019 में जब इस्माइल पूर्ति मात्र 13 वर्ष का था और कक्षा 5 में पढ़ाई कर रहा था, तभी नक्सली दस्ते के लोग गांव से 5–10 लोगों को अपने साथ ले गए। उसी दौरान वह भी उनके साथ चला गया और फिर कभी घर वापस नहीं लौटा।
माता-पिता, जो बेहद साधारण और अशिक्षित हैं, वर्षों बाद अपने बेटे का शव लेने अस्पताल पहुंचे। बेटे के खोने का दर्द उनके चेहरे पर साफ झलक रहा था, जिसने पूरे माहौल को गमगीन कर दिया।
यह घटना सारंडा के दुर्गम क्षेत्रों में रहने वाले ग्रामीणों की बेबसी और डर के माहौल को सामने लाती है, जहां कम उम्र के बच्चों को बहला-फुसलाकर नक्सली गतिविधियों में शामिल किया जाता है। ऐसे मामलों का अंत अक्सर दुखद ही होता है, जिससे परिवारों को अपूरणीय क्षति उठानी पड़ती है।
शव लेने पहुंचे माता पिता को लगभग पांच घंटे के इंतजार के बाद बेटे का शव मिला। देर शाम आंधी वर्षा और बिजली गुल रहने की स्थिति में भारी मन से माता पिता और भाई ने शव को मैजिक वाहन की छत पर चढ़ा कर शव को साथ ले गए।
#सारंडा
#चाईबासा
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#इस्माइल_पूर्ति
#ग्रामीणों_की_बेबसी
#JharkhandNews
#WestSinghbhum
#NaxalOperation
#GroundReality
#HumanStory
#BreakingNews
#KolhanBreakingNews
    user_कोल्हान ब्रेकिंग न्यूज
    कोल्हान ब्रेकिंग न्यूज
    Local News Reporter चाईबासा, पश्चिम सिंहभूम, झारखंड•
    3 hrs ago
  • देश में जनगणना-2027 का पहला चरण शुरू हो चुका है। इस प्रक्रिया को आसान और सुविधाजनक हेतु एक खास सुविधा है "स्व-गणना"। यह सुविधा राज्य में 15 दिनों के लिए अपनी पसंद की भाषा में उपलब्ध है। जनगणना में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करें।
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    देश में जनगणना-2027 का पहला चरण शुरू हो चुका है। इस प्रक्रिया को आसान और सुविधाजनक हेतु एक खास सुविधा है "स्व-गणना"। यह सुविधा राज्य में 15 दिनों के लिए अपनी पसंद की भाषा में उपलब्ध है। जनगणना में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करें।
    user_Jay Kumar
    Jay Kumar
    Local News Reporter चक्रधरपुर, पश्चिम सिंहभूम, झारखंड•
    8 hrs ago
  • Post by Laxman bhuyan
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    Post by Laxman bhuyan
    user_Laxman bhuyan
    Laxman bhuyan
    साउथ ईस्टर्न रेलवे कॉलोनी, चक्रधरपुर•
    12 hrs ago
  • सिल्ली में आंधी तूफान के साथ जोरदार बारिश
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    सिल्ली में आंधी तूफान के साथ जोरदार बारिश
    user_सुशील कुमार महतो
    सुशील कुमार महतो
    Local News Reporter सिल्ली, रांची, झारखंड•
    8 hrs ago
  • देखिए इस छोटे बच्चे की मनमोहक बातें देखिए इस छोटे बच्चे की मनमोहक बातें देखिए इस छोटे बच्चे की मनमोहक बातें
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    देखिए इस छोटे बच्चे की मनमोहक बातें देखिए इस छोटे बच्चे की मनमोहक बातें देखिए इस छोटे बच्चे की मनमोहक बातें
    user_डॉ. उमेश कुमार
    डॉ. उमेश कुमार
    Doctor गोलमुरी-कम-जुगसलाई, पूर्वी सिंहभूम, झारखंड•
    15 hrs ago
  • सरायकेला विजय गांव में होने वाला था बाल विवाह कोर्ट और प्रशासन ने शादी को रॉक
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    सरायकेला विजय गांव में होने वाला था बाल विवाह कोर्ट और प्रशासन ने शादी को रॉक
    user_DALMA NEWS live
    DALMA NEWS live
    आदित्यपुर (गमहरिया), सरायकेला खरसावां, झारखंड•
    3 hrs ago
  • शिक्षक ने उठाया दर्दनाक कदम , आर्थिक कारण से ट्रेन के सामने आकर दी जान चाईबासा से सटे सिंहपोखरिया के गुलकाबासा क्षेत्र में एक हृदयविदारक घटना सामने आई है, जहां टाटा–गुवा पैसेंजर ट्रेन के सामने आकर 57 वर्षीय शिक्षक लक्ष्मण लागुरी ने आत्महत्या कर ली। यह घटना सिंहपोखरिया स्टेशन से कुछ दूरी पर घटी। मृतक टोंटो प्रखंड के सिरिंगसिया गांव का निवासी था और वर्तमान में चाईबासा के महुलसाई में रह रहा था। वह टोंटो के वामेबासा मध्य विद्यालय में शिक्षक के पद पर कार्यरत थे। घटनास्थल के पास रेल ट्रैक किनारे मृतक का शव बरामद हुआ, जबकि सड़क किनारे उनकी स्कूटी खड़ी मिली। इससे यह आशंका जताई जा रही है कि वे स्वयं वहां पहुंचे और यह कदम उठाया। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए चाईबासा सदर अस्पताल भेज दिया। साथ ही पुलिस आसपास के ग्रामीणों और परिजनों से पूछताछ कर मामले की जांच में जुटी है। मृतक के बड़े भाई हरे कृष्णा लागुरी के अनुसार, लक्ष्मण लागुरी अपनी परेशानियों को किसी से साझा नहीं करते थे। परिजनों ने बताया कि हाल के दिनों में वे आर्थिक तंगी और कर्ज को लेकर मानसिक तनाव में थे, जिसे इस घटना का संभावित कारण माना जा रहा है। गौरतलब है कि मृतक की पत्नी भी शिक्षिका हैं। इस घटना के बाद परिवार और पूरे क्षेत्र में शोक का माहौल है। फिलहाल पुलिस मामले की गहन जांच कर रही है। #चाईबासा #सिंहपोखरिया #रेल_हादसा #शिक्षक_आत्महत्या #JharkhandNews #WestSinghbhum #BreakingNews #LocalNews #SadNews
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    शिक्षक ने उठाया दर्दनाक कदम , आर्थिक कारण से ट्रेन के सामने आकर दी जान
चाईबासा से सटे सिंहपोखरिया के गुलकाबासा क्षेत्र में एक हृदयविदारक घटना सामने आई है, जहां टाटा–गुवा पैसेंजर ट्रेन के सामने आकर 57 वर्षीय शिक्षक लक्ष्मण लागुरी ने आत्महत्या कर ली।
यह घटना सिंहपोखरिया स्टेशन से कुछ दूरी पर घटी। मृतक टोंटो प्रखंड के सिरिंगसिया गांव का निवासी था और वर्तमान में चाईबासा के महुलसाई में रह रहा था। वह टोंटो के वामेबासा मध्य विद्यालय में शिक्षक के पद पर कार्यरत थे।
घटनास्थल के पास रेल ट्रैक किनारे मृतक का शव बरामद हुआ, जबकि सड़क किनारे उनकी स्कूटी खड़ी मिली। इससे यह आशंका जताई जा रही है कि वे स्वयं वहां पहुंचे और यह कदम उठाया।
सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए चाईबासा सदर अस्पताल भेज दिया। साथ ही पुलिस आसपास के ग्रामीणों और परिजनों से पूछताछ कर मामले की जांच में जुटी है।
मृतक के बड़े भाई हरे कृष्णा लागुरी के अनुसार, लक्ष्मण लागुरी अपनी परेशानियों को किसी से साझा नहीं करते थे। परिजनों ने बताया कि हाल के दिनों में वे आर्थिक तंगी और कर्ज को लेकर मानसिक तनाव में थे, जिसे इस घटना का संभावित कारण माना जा रहा है।
गौरतलब है कि मृतक की पत्नी भी शिक्षिका हैं। इस घटना के बाद परिवार और पूरे क्षेत्र में शोक का माहौल है। फिलहाल पुलिस मामले की गहन जांच कर रही है।
#चाईबासा
#सिंहपोखरिया
#रेल_हादसा
#शिक्षक_आत्महत्या
#JharkhandNews
#WestSinghbhum
#BreakingNews
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    user_कोल्हान ब्रेकिंग न्यूज
    कोल्हान ब्रेकिंग न्यूज
    Local News Reporter चाईबासा, पश्चिम सिंहभूम, झारखंड•
    16 hrs ago
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