शिक्षक ने उठाया दर्दनाक कदम , आर्थिक कारण से ट्रेन के सामने आकर दी जान चाईबासा से सटे सिंहपोखरिया के गुलकाबासा क्षेत्र में एक हृदयविदारक घटना सामने आई है, जहां टाटा–गुवा पैसेंजर ट्रेन के सामने आकर 57 वर्षीय शिक्षक लक्ष्मण लागुरी ने आत्महत्या कर ली। यह घटना सिंहपोखरिया स्टेशन से कुछ दूरी पर घटी। मृतक टोंटो प्रखंड के सिरिंगसिया गांव का निवासी था और वर्तमान में चाईबासा के महुलसाई में रह रहा था। वह टोंटो के वामेबासा मध्य विद्यालय में शिक्षक के पद पर कार्यरत थे। घटनास्थल के पास रेल ट्रैक किनारे मृतक का शव बरामद हुआ, जबकि सड़क किनारे उनकी स्कूटी खड़ी मिली। इससे यह आशंका जताई जा रही है कि वे स्वयं वहां पहुंचे और यह कदम उठाया। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए चाईबासा सदर अस्पताल भेज दिया। साथ ही पुलिस आसपास के ग्रामीणों और परिजनों से पूछताछ कर मामले की जांच में जुटी है। मृतक के बड़े भाई हरे कृष्णा लागुरी के अनुसार, लक्ष्मण लागुरी अपनी परेशानियों को किसी से साझा नहीं करते थे। परिजनों ने बताया कि हाल के दिनों में वे आर्थिक तंगी और कर्ज को लेकर मानसिक तनाव में थे, जिसे इस घटना का संभावित कारण माना जा रहा है। गौरतलब है कि मृतक की पत्नी भी शिक्षिका हैं। इस घटना के बाद परिवार और पूरे क्षेत्र में शोक का माहौल है। फिलहाल पुलिस मामले की गहन जांच कर रही है। #चाईबासा #सिंहपोखरिया #रेल_हादसा #शिक्षक_आत्महत्या #JharkhandNews #WestSinghbhum #BreakingNews #LocalNews #SadNews
शिक्षक ने उठाया दर्दनाक कदम , आर्थिक कारण से ट्रेन के सामने आकर दी जान चाईबासा से सटे सिंहपोखरिया के गुलकाबासा क्षेत्र में एक हृदयविदारक घटना सामने आई है, जहां टाटा–गुवा पैसेंजर ट्रेन के सामने आकर 57 वर्षीय शिक्षक लक्ष्मण लागुरी ने आत्महत्या कर ली। यह घटना सिंहपोखरिया स्टेशन से कुछ दूरी पर घटी। मृतक टोंटो प्रखंड के सिरिंगसिया गांव का निवासी था और वर्तमान में चाईबासा के महुलसाई में रह रहा था। वह टोंटो के वामेबासा मध्य विद्यालय में शिक्षक के पद पर कार्यरत थे। घटनास्थल के पास रेल ट्रैक किनारे मृतक का शव बरामद हुआ, जबकि सड़क किनारे उनकी स्कूटी खड़ी मिली। इससे यह आशंका जताई जा रही है कि वे स्वयं वहां पहुंचे और यह कदम उठाया। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए चाईबासा सदर अस्पताल भेज दिया। साथ ही पुलिस आसपास के ग्रामीणों और परिजनों से पूछताछ कर मामले की जांच में जुटी है। मृतक के बड़े भाई हरे कृष्णा लागुरी के अनुसार, लक्ष्मण लागुरी अपनी परेशानियों को किसी से साझा नहीं करते थे। परिजनों ने बताया कि हाल के दिनों में वे आर्थिक तंगी और कर्ज को लेकर मानसिक तनाव में थे, जिसे इस घटना का संभावित कारण माना जा रहा है। गौरतलब है कि मृतक की पत्नी भी शिक्षिका हैं। इस घटना के बाद परिवार और पूरे क्षेत्र में शोक का माहौल है। फिलहाल पुलिस मामले की गहन जांच कर रही है। #चाईबासा #सिंहपोखरिया #रेल_हादसा #शिक्षक_आत्महत्या #JharkhandNews #WestSinghbhum #BreakingNews #LocalNews #SadNews
- 🚨 सारंडा की बेबसी उजागर: 13 साल में ले जाया गया बालक, अब नक्सली बनकर लौटा शव चाईबासा सदर अस्पताल में मुठभेड़ में मारे गए नक्सली इसराइल पूर्ति उर्फ इस्माइल पूर्ति उर्फ अमृत पूर्ति का शव लेने जब सारंडा जंगल के सांगा जटा गांव से उसके माता-पिता और परिजन पहुंचे, तो उनकी हालत ने क्षेत्र की भयावह सच्चाई को उजागर कर दिया। परिजनों के अनुसार, वर्ष 2019 में जब इस्माइल पूर्ति मात्र 13 वर्ष का था और कक्षा 5 में पढ़ाई कर रहा था, तभी नक्सली दस्ते के लोग गांव से 5–10 लोगों को अपने साथ ले गए। उसी दौरान वह भी उनके साथ चला गया और फिर कभी घर वापस नहीं लौटा। माता-पिता, जो बेहद साधारण और अशिक्षित हैं, वर्षों बाद अपने बेटे का शव लेने अस्पताल पहुंचे। बेटे के खोने का दर्द उनके चेहरे पर साफ झलक रहा था, जिसने पूरे माहौल को गमगीन कर दिया। यह घटना सारंडा के दुर्गम क्षेत्रों में रहने वाले ग्रामीणों की बेबसी और डर के माहौल को सामने लाती है, जहां कम उम्र के बच्चों को बहला-फुसलाकर नक्सली गतिविधियों में शामिल किया जाता है। ऐसे मामलों का अंत अक्सर दुखद ही होता है, जिससे परिवारों को अपूरणीय क्षति उठानी पड़ती है। शव लेने पहुंचे माता पिता को लगभग पांच घंटे के इंतजार के बाद बेटे का शव मिला। देर शाम आंधी वर्षा और बिजली गुल रहने की स्थिति में भारी मन से माता पिता और भाई ने शव को मैजिक वाहन की छत पर चढ़ा कर शव को साथ ले गए। #सारंडा #चाईबासा #नक्सल_मुठभेड़ #इस्माइल_पूर्ति #ग्रामीणों_की_बेबसी #JharkhandNews #WestSinghbhum #NaxalOperation #GroundReality #HumanStory #BreakingNews #KolhanBreakingNews1
- आज राजनगर बाजार में रघुनाथ मुर्मू की मूर्ति पर माल्यार्पण एवं पूजा अर्चना कर धूमधाम से उनके जयंती मनाई गई। मुख्य अतिथि पूर्व मुख्यमंत्री एवं विधायक श्रीमान चंपई सोरेन को गाजे बाजे एवं पारंपरिक नृत्य का स्वागत किया गया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि ने पूजा अर्चना कर रघुनाथ मुर्मू की मूर्तियों पर माल्यार्पण किये। उसके बाद राजनगर चौक पर सिद्धू कानू मूर्तियों पर भी माल्यार्पण किया। चंपई सोरेन ने कहा कि पंडित रघुनाथ मुर्मू संताली भाषा के महान लेखक, शिक्षाविद और ओल चिकी लिपि के निर्माता थे। संताली समाज में उन्हें गुरु गोमके यानी महान गुरु के नाम से जाना जाता है। उनके जन्म 5 मई 1905 दांदबोस गांव मयूरभुज जिला उड़ीसा में हुआ था। उनकी मृत्यु 1 फरवरी 1982 को हुआ,1925 में उन्होंने संताली भाषा के लिए खुद की लिपि और ओल चिकी बनाई। इसके पहले संताली लोग बांगला , देवनागरी या रोमन लिपि में लिखते थे। चिकी में 30 अक्षर है और यह संताली ध्वनियों के हिसाब से बनाई गई है। भारत सरकार ने 2003 में इसे मान्यता दी। रघुनाथ मुर्मू के कारण ही आज संताली भाषा को संविधान की आठवीं अनुसूची में जगह मिल। लाखों लोग अपनी लिपि में पढ़ लिख पा रहे हैं। भारत सरकार ने डाक टिकट भी जारी किया। कार्यक्रम को सफल बनाने में विष्णु मुर्मू , सामरम टुडू , सुखलाल टुडू , चामरू टुडू ,वास्को मुर्मू , टकला मुर्मू , अर्जुन मुर्मू , राजो टुडू ,लक्ष्मी मुर्मू ,रुक्मणी टुडू , सुकुरमनी टुडू, बसंती टुडू, अतिथिगण ,समाजसेवी एवं ग्रामवासी मौजूद थे।1
- सरायकेला- शुक्रवार को 'अंतर्राष्ट्रीय मजदूर दिवस' के अवसर पर सरायकेला नगर पंचायत परिसर में एक विशेष सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। नगर पंचायत अध्यक्ष श्री मनोज कुमार चौधरी ने स्वयं उपस्थित होकर नगर पंचायत में कार्यरत मजदूरों को सम्मानित किया और उनके प्रति आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम की शुरुआत में अध्यक्ष श्री चौधरी ने मजदूरों को तिलक लगाया, उन पर पुष्प वर्षा की और मिठाई खिलाकर उनका मुँह मीठा कराया। इस भावुक क्षण में उन्होंने मजदूरों को समाज की रीढ़ बताया। संबोधन के दौरान अध्यक्ष ने कहा कि नगर पंचायत के मजदूर भीषण गर्मी, बरसात और कोविड-19 जैसी वैश्विक महामारी के दौरान भी पीछे नहीं हटे। उन्होंने कहा: "प्राकृतिक आपदा हो या कोविड का संकट, हमारे मजदूरों ने अपने कर्तव्यों का निर्वहन पूरी निष्ठा के साथ किया है। इनके बिना स्वच्छ और सुंदर नगर की कल्पना असंभव है।" अध्यक्ष ने जानकारी दी कि बोर्ड की बैठक में मजदूरों के सम्मान का निर्णय लिया गया था, जिसके तहत सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी सफल आयोजन किया गया। समारोह के सुखद माहौल के बीच अध्यक्ष मनोज कुमार चौधरी ने नगर पंचायत के कार्यपालक पदाधिकारी की कार्यशैली पर कड़ा प्रहार किया। उन्होंने आरोप लगाया कि: पदाधिकारी नियमित रूप से कार्यालय नहीं आ रहे हैं, जिससे विकास कार्य पूरी तरह ठप हैं। सिर्फ "काम नहीं रुकेगा" का आश्वासन दिया जाता है, लेकिन धरातल पर कुछ नहीं हो रहा। मजदूर दिवस जैसे महत्वपूर्ण अवसर पर भी पदाधिकारी की अनुपस्थिति और मजदूरों के प्रति उदासीनता खेदजनक है। अध्यक्ष ने स्पष्ट रूप से कहा कि वह इस उपेक्षा से काफी मर्माहत हैं। मजदूरों के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए अध्यक्ष ने अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने घोषणा की कि वह मजदूरों के हक के लिए निम्नलिखित सुविधाओं हेतु हमेशा संघर्ष करेंगे: श्रम कार्ड और पीएफ (PF) की सुविधा। बचत योजनाएं और सुरक्षा किट का वितरण। मजदूरों के परिवारों के हितों की रक्षा। इस अवसर पर नगर पंचायत के विभिन्न वार्डों के पार्षद, कर्मचारी और भारी संख्या में सफाई मित्र व मजदूर उपस्थित थे।2
- देश में जनगणना-2027 का पहला चरण शुरू हो चुका है। इस प्रक्रिया को आसान और सुविधाजनक हेतु एक खास सुविधा है "स्व-गणना"। यह सुविधा राज्य में 15 दिनों के लिए अपनी पसंद की भाषा में उपलब्ध है। जनगणना में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करें।1
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- Post by Govinda maikup1
- मजदूर दिवस पर BKMS का भव्य आयोजन अंतरराष्ट्रीय मजदूर दिवस के अवसर पर भारतीय क्रांतिकारी मजदूर संघ (BKMS) द्वारा टाटा-कांड्रा मेन रोड स्थित बिको मोड़, गम्हरिया (आदित्यपुर) में एक भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत मजदूर नेता रतिलाल महतो जी को माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए की गई। इसके बाद सैकड़ों मजदूर साथियों को सम्मानित किया गया और उनके बीच चना एवं शरबत का वितरण किया गया। इस मौके पर वक्ताओं ने मजदूरों के अधिकार, एकता और सम्मान पर जोर देते हुए कहा कि संगठित होकर ही मजदूर अपने हक की लड़ाई को मजबूत बना सकते हैं। कार्यक्रम में मुख्य रूप से संजय गोराई (क्षेत्रीय प्रभारी, कोल्हान - BKMS) उपस्थित रहे। साथ ही BKMS के सक्रिय सदस्य उमेश महतो, रूपेश गोराई, रोहित प्रधान, बाबू महतो, लक्ष्मण महतो, मनोज महानता, राजू महतो और राज महतो समेत कई अन्य लोग शामिल हुए।1
- शिक्षक ने उठाया दर्दनाक कदम , आर्थिक कारण से ट्रेन के सामने आकर दी जान चाईबासा से सटे सिंहपोखरिया के गुलकाबासा क्षेत्र में एक हृदयविदारक घटना सामने आई है, जहां टाटा–गुवा पैसेंजर ट्रेन के सामने आकर 57 वर्षीय शिक्षक लक्ष्मण लागुरी ने आत्महत्या कर ली। यह घटना सिंहपोखरिया स्टेशन से कुछ दूरी पर घटी। मृतक टोंटो प्रखंड के सिरिंगसिया गांव का निवासी था और वर्तमान में चाईबासा के महुलसाई में रह रहा था। वह टोंटो के वामेबासा मध्य विद्यालय में शिक्षक के पद पर कार्यरत थे। घटनास्थल के पास रेल ट्रैक किनारे मृतक का शव बरामद हुआ, जबकि सड़क किनारे उनकी स्कूटी खड़ी मिली। इससे यह आशंका जताई जा रही है कि वे स्वयं वहां पहुंचे और यह कदम उठाया। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए चाईबासा सदर अस्पताल भेज दिया। साथ ही पुलिस आसपास के ग्रामीणों और परिजनों से पूछताछ कर मामले की जांच में जुटी है। मृतक के बड़े भाई हरे कृष्णा लागुरी के अनुसार, लक्ष्मण लागुरी अपनी परेशानियों को किसी से साझा नहीं करते थे। परिजनों ने बताया कि हाल के दिनों में वे आर्थिक तंगी और कर्ज को लेकर मानसिक तनाव में थे, जिसे इस घटना का संभावित कारण माना जा रहा है। गौरतलब है कि मृतक की पत्नी भी शिक्षिका हैं। इस घटना के बाद परिवार और पूरे क्षेत्र में शोक का माहौल है। फिलहाल पुलिस मामले की गहन जांच कर रही है। #चाईबासा #सिंहपोखरिया #रेल_हादसा #शिक्षक_आत्महत्या #JharkhandNews #WestSinghbhum #BreakingNews #LocalNews #SadNews1