बिहार के किशनगंज जिले के पोठिया क्षेत्र से एक बेहद संवेदनशील और हृदय विदारक ख़बर सामने आई है, जहाँ स्थानीय लोग अपने मृतकों का जनाज़ा लेकर आज भी नदी पार करने को मजबूर हैं। रियाज़ ज़ेहन किशनगंज/पोठिया द्वारा साझा की गई इस रिपोर्ट में उस दर्दनाक मजबूरी को उजागर किया गया है जो लोगों को मौत के बाद भी नहीं छोड़ रही। यह स्थिति उन ग्रामीणों के लिए एक गंभीर चुनौती बनी हुई है, जिन्हें अंतिम संस्कार के लिए अपने प्रियजनों के पार्थिव शरीर को नदी के उस पार ले जाना पड़ता है। इस दुखद वास्तविकता को 'जनाज़े का दर्द' बताया गया है और इसे एक बड़ा 'सार्वजनिक मुद्दा' माना जा रहा है, जो 'इंसानियत पहले' के सिद्धांत पर भी सवाल खड़े करता है। लोगों की यह मजबूरी वर्षों से चली आ रही है और वे लगातार एक स्थायी समाधान की प्रतीक्षा कर रहे हैं। इसी के मद्देनजर, प्रभावित समुदाय द्वारा 'पुल की मांग' को लेकर पुरज़ोर आवाज़ उठाई जा रही है। लोग लगातार सवाल पूछ रहे हैं कि आखिर इस दर्द का रास्ता कब बनेगा और 'कब मिलेगा इंसाफ'। 'कब्रिस्तान तक सड़क' और 'पुल कब बनेगा' जैसी मांगों के साथ, यह 'आम जनता की पुकार' है कि उनकी इस गंभीर समस्या पर तत्काल ध्यान दिया जाए और उन्हें इस कठिन परिस्थिति से मुक्ति मिले।
बिहार के किशनगंज जिले के पोठिया क्षेत्र से एक बेहद संवेदनशील और हृदय विदारक ख़बर सामने आई है, जहाँ स्थानीय लोग अपने मृतकों का जनाज़ा लेकर आज भी नदी पार करने को मजबूर हैं। रियाज़ ज़ेहन किशनगंज/पोठिया द्वारा साझा की गई इस रिपोर्ट में उस दर्दनाक मजबूरी को उजागर किया गया है जो लोगों को मौत के बाद भी नहीं छोड़ रही। यह स्थिति उन ग्रामीणों के लिए एक गंभीर चुनौती बनी हुई है, जिन्हें अंतिम संस्कार के लिए अपने प्रियजनों के पार्थिव शरीर को नदी के उस पार ले जाना पड़ता है। इस दुखद वास्तविकता को 'जनाज़े का दर्द' बताया गया है और इसे एक बड़ा 'सार्वजनिक मुद्दा' माना जा रहा है, जो 'इंसानियत पहले' के सिद्धांत पर भी सवाल खड़े करता है। लोगों की यह मजबूरी वर्षों से चली आ रही है और वे लगातार एक स्थायी समाधान की प्रतीक्षा कर रहे हैं। इसी के मद्देनजर, प्रभावित समुदाय द्वारा 'पुल की मांग' को लेकर पुरज़ोर आवाज़ उठाई जा रही है। लोग लगातार सवाल पूछ रहे हैं कि आखिर इस दर्द का रास्ता कब बनेगा और 'कब मिलेगा इंसाफ'। 'कब्रिस्तान तक सड़क' और 'पुल कब बनेगा' जैसी मांगों के साथ, यह 'आम जनता की पुकार' है कि उनकी इस गंभीर समस्या पर तत्काल ध्यान दिया जाए और उन्हें इस कठिन परिस्थिति से मुक्ति मिले।
- बिहार के किशनगंज जिले के पोठिया क्षेत्र से एक बेहद संवेदनशील और हृदय विदारक ख़बर सामने आई है, जहाँ स्थानीय लोग अपने मृतकों का जनाज़ा लेकर आज भी नदी पार करने को मजबूर हैं। रियाज़ ज़ेहन किशनगंज/पोठिया द्वारा साझा की गई इस रिपोर्ट में उस दर्दनाक मजबूरी को उजागर किया गया है जो लोगों को मौत के बाद भी नहीं छोड़ रही। यह स्थिति उन ग्रामीणों के लिए एक गंभीर चुनौती बनी हुई है, जिन्हें अंतिम संस्कार के लिए अपने प्रियजनों के पार्थिव शरीर को नदी के उस पार ले जाना पड़ता है। इस दुखद वास्तविकता को 'जनाज़े का दर्द' बताया गया है और इसे एक बड़ा 'सार्वजनिक मुद्दा' माना जा रहा है, जो 'इंसानियत पहले' के सिद्धांत पर भी सवाल खड़े करता है। लोगों की यह मजबूरी वर्षों से चली आ रही है और वे लगातार एक स्थायी समाधान की प्रतीक्षा कर रहे हैं। इसी के मद्देनजर, प्रभावित समुदाय द्वारा 'पुल की मांग' को लेकर पुरज़ोर आवाज़ उठाई जा रही है। लोग लगातार सवाल पूछ रहे हैं कि आखिर इस दर्द का रास्ता कब बनेगा और 'कब मिलेगा इंसाफ'। 'कब्रिस्तान तक सड़क' और 'पुल कब बनेगा' जैसी मांगों के साथ, यह 'आम जनता की पुकार' है कि उनकी इस गंभीर समस्या पर तत्काल ध्यान दिया जाए और उन्हें इस कठिन परिस्थिति से मुक्ति मिले।1
- कालपीर पंचायत के बीबीगंज वार्ड नंबर 7 स्थित कंचनवाड़ी गांव में कनकई नदी किनारे की सड़क अत्यधिक क्षतिग्रस्त होने के कारण स्थानीय निवासियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वर्तमान में चल रहे मक्के के सीजन में यह समस्या और भी विकट हो गई है। क्षतिग्रस्त और कीचड़ भरी सड़क के कारण गाड़ियाँ खेतों तक नहीं पहुँच पा रही हैं, और मक्का खरीदने वाले भी किसानों तक नहीं पहुँच पा रहे हैं। इसका सीधा असर किसानों पर पड़ रहा है, क्योंकि कीचड़ भरे मार्ग की वजह से उन्हें अपने मक्के का अधिकतम दाम नहीं मिल पा रहा है। ग्रामवासियों ने बीबीगंज की मुखिया श्रीमती कंचन दास से जल्द से जल्द इस क्षतिग्रस्त सड़क पर पुल और कलवर्ट का निर्माण कार्य शुरू करने का निवेदन किया है।4
- मध्य विद्यालय मटियारी में प्रधानाध्यापक मदन लाल सिंह को एक भावभीनी विदाई दी गई।1
- पूर्णिया जिले के जलालगढ़ प्रखंड निवासी अनिल कुमार ठाकुर को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) बिहार प्रदेश का उपाध्यक्ष नियुक्त किया गया है। इस नियुक्ति से उनके गृह क्षेत्र जलालगढ़ सहित पूरे सीमांचल में खुशी का माहौल है। उनके समर्थकों, पार्टी कार्यकर्ताओं और स्थानीय लोगों ने इस कदम का स्वागत करते हुए इसे जलालगढ़ और सीमांचल क्षेत्र के लिए गौरव का विषय बताया है। नवनियुक्त प्रदेश उपाध्यक्ष अनिल कुमार ठाकुर ने इस जिम्मेदारी को सम्मान के साथ-साथ एक बड़ा दायित्व भी करार दिया है। उन्होंने पार्टी के शीर्ष नेतृत्व, भाजपा के राष्ट्रीय नेतृत्व, बिहार प्रभारी, प्रदेश अध्यक्ष, मुख्यमंत्री और संगठन के वरिष्ठ पदाधिकारियों के प्रति आभार व्यक्त किया, यह कहते हुए कि पार्टी ने एक साधारण कार्यकर्ता पर विश्वास जताकर उन्हें यह महत्वपूर्ण पद सौंपा है। ठाकुर ने पूरी निष्ठा, समर्पण और ईमानदारी के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करने का संकल्प लिया है। उन्होंने घोषणा की कि वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में संचालित जनकल्याणकारी योजनाओं और भाजपा की विचारधारा को बिहार के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने का कार्य करेंगे। इसके अतिरिक्त, उन्होंने बिहार में भाजपा संगठन को और अधिक मजबूत बनाने के लिए निरंतर प्रयासरत रहने का भी संकल्प दोहराया। अनिल कुमार ठाकुर की नियुक्ति की खबर मिलते ही जलालगढ़ और आसपास के क्षेत्रों में भाजपा कार्यकर्ताओं और उनके समर्थकों ने हर्ष व्यक्त करते हुए उन्हें बधाई और शुभकामनाएं दीं।1
- झुमरी तिलैया के गांधी स्कूल रोड स्थित वार्ड संख्या 24 में शनिवार रात करीब आठ बजे एक अवैध रूप से संचालित किचन सेंटर में गैस रिफिलिंग के दौरान एक गंभीर हादसा हो गया। इस घटना में राहुल (25), जिनकी माता मुन्नी देवी हैं, सहित कुल तीन लोग झुलस गए हैं। सभी घायलों का इलाज एक निजी अस्पताल में चल रहा है। स्थानीय निवासियों ने रविवार सुबह छह बजे बताया कि गैस भरते समय एक तेज आवाज भी सुनाई दी थी। हालांकि, सेंटर संचालक का दावा है कि खाना बनाते समय गैस रिसाव के कारण केवल एक व्यक्ति झुलसा है। घनी आबादी वाले इस क्षेत्र में बड़ी संख्या में सिलेंडर रखे होने के बावजूद एक बड़ा हादसा टल गया, लेकिन इस घटना के बाद इलाके में दहशत का माहौल बन गया है। उल्लेखनीय है कि झुमरी तिलैया शहर में अवैध रूप से एलपीजी गैस भरने वाली कई दुकानें संचालित हैं। ये दुकानें महंगे दामों पर अवैध एलपीजी सिलेंडर खरीदकर छोटे सिलेंडरों में गैस रिफिल करके ग्राहकों को उच्च दामों पर बेचती हैं।1
- अररिया नगर परिषद की स्थायी समिति के चुनाव शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो गए हैं। इस चुनाव में तीनों प्रत्याशी निर्विरोध विजयी हुए हैं, जिसके चलते पूरी प्रक्रिया शांतिपूर्ण तरीके से पूरी हुई। इस परिणाम और चुनाव प्रक्रिया ने हिन्दू-मुस्लिम एकता का एक सकारात्मक संदेश दिया है।1
- मध्य विद्यालय मटियारी के प्रधानाध्यापक मदन लाल सिंह को एक भावभीनी विदाई दी गई।1
- GB कंपनी के तमाम हिस्सों में आधी रात अचानक आग लग गई। यह घटना रात करीब 2 बजे हुई, लेकिन शुक्र है कि इस आग से किसी को कोई नुकसान नहीं हुआ। इस पर व्यक्त की गई प्रतिक्रिया में कहा गया है कि यदि यह आग दिन के समय लगी होती तो बहुत अधिक क्षति हो सकती थी और न जाने क्या-क्या तबाह हो सकता था। हालांकि, रात में यह घटना होने के कारण एक बड़ा नुकसान टल गया, जिसे एक अच्छी बात माना गया है।1