जय आदिवासी युवा शक्ति (जयस) ने दिनांक 22 जून, 2026 को मा. राज्यपाल महोदय के नाम से सेंधवा ग्रामीण थाना प्रभारी को एक ज्ञापन सौंपा है। इस ज्ञापन के माध्यम से जयस के राष्ट्रीय अध्यक्ष एडवोकेट लोकेश मुजाल्दा को सुरक्षा प्रदान करने तथा उनकी गाड़ी पर हमला करने वाले मुख्य आरोपियों को तत्काल गिरफ्तार करने की मांग की गई है। ज्ञापन में बताया गया है कि एडवोकेट लोकेश मुजाल्दा विगत कई वर्षों से आदिवासी समाज के संवैधानिक अधिकारों, जल-जंगल-जमीन, सामाजिक न्याय, आदिवासी अत्याचारों और जनहित के विभिन्न मुद्दों पर निरंतर संघर्ष और नेतृत्व करते आ रहे हैं। उनके नेतृत्व में प्रदेश और देशभर में कई लोकतांत्रिक आंदोलन एवं जनजागरण अभियान संचालित किए गए हैं, जिससे लाखों आदिवासियों को न्याय और अधिकार प्राप्त करने में सहायता मिली है। विगत कुछ समय से एडवोकेट लोकेश मुजाल्दा को सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों से लगातार जान से मारने की धमकियां मिल रही थीं, जो अब भी जारी हैं। इन्हीं धमकियों के बीच दिनांक 16 जून, 2026 की रात को उनके निवास पर खड़ी उनकी फॉर्च्यूनर गाड़ी (क्रमांक MP-07-CF-8308) पर अज्ञात हमलावरों ने घातक हमला कर तोड़फोड़ की। इस हमले में वाहन का अगला कांच (विंडशील्ड) बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। घटना की परिस्थितियों से यह स्पष्ट होता है कि हमलावरों का उद्देश्य केवल वाहन को नुकसान पहुंचाना नहीं था, बल्कि एडवोकेट लोकेश मुजाल्दा को शारीरिक क्षति पहुंचाना या उनके जीवन पर हमला करने का प्रयास था। सौभाग्यवश, घटना के समय वे वाहन में मौजूद नहीं थे, जिससे एक बड़ी अनहोनी टल गई। जयस का कहना है कि यह घटना केवल एक व्यक्ति पर हमला नहीं, बल्कि आदिवासी समाज की आवाज उठाने वाले एक प्रमुख सामाजिक नेतृत्व को भयभीत करने का प्रयास है। वर्तमान परिस्थितियों में एडवोकेट लोकेश मुजाल्दा के जीवन और संपत्ति को गंभीर खतरा उत्पन्न हो गया है और भविष्य में किसी भी अप्रिय घटना की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। इस ज्ञापन को सौंपते समय जयस के महेन्द्र सेनानी (जिला उपाध्यक्ष बड़वानी), उमेश डुडवे, महेश डावर, अमिल डूडवे, विजय सेनानी, नरेन्द्र सोलंकी, अमित नरगांवे, मुकेश किराड़े, प्रकाश बड़ोले, प्रकाश जाधव, विकास सेनानी, छोटु जाधव और मुन्ना आर्य सहित कई कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
जय आदिवासी युवा शक्ति (जयस) ने दिनांक 22 जून, 2026 को मा. राज्यपाल महोदय के नाम से सेंधवा ग्रामीण थाना प्रभारी को एक ज्ञापन सौंपा है। इस ज्ञापन के माध्यम से जयस के राष्ट्रीय अध्यक्ष एडवोकेट लोकेश मुजाल्दा को सुरक्षा प्रदान करने तथा उनकी गाड़ी पर हमला करने वाले मुख्य आरोपियों को तत्काल गिरफ्तार करने की मांग की गई है। ज्ञापन में बताया गया है कि एडवोकेट लोकेश मुजाल्दा विगत कई वर्षों से आदिवासी समाज के संवैधानिक अधिकारों, जल-जंगल-जमीन, सामाजिक न्याय, आदिवासी अत्याचारों और जनहित के विभिन्न मुद्दों पर निरंतर संघर्ष और नेतृत्व करते आ रहे हैं। उनके नेतृत्व में प्रदेश और देशभर में कई लोकतांत्रिक आंदोलन एवं जनजागरण अभियान संचालित किए गए हैं, जिससे लाखों आदिवासियों को न्याय और अधिकार प्राप्त करने में सहायता मिली है। विगत कुछ समय से एडवोकेट लोकेश मुजाल्दा को सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों से लगातार जान से मारने की धमकियां मिल रही थीं, जो अब भी जारी हैं। इन्हीं धमकियों के बीच दिनांक 16 जून, 2026 की रात को उनके निवास पर खड़ी उनकी फॉर्च्यूनर गाड़ी (क्रमांक MP-07-CF-8308) पर अज्ञात हमलावरों ने घातक हमला कर तोड़फोड़ की। इस हमले में वाहन का अगला कांच (विंडशील्ड) बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। घटना की परिस्थितियों से यह स्पष्ट होता है कि हमलावरों का उद्देश्य केवल वाहन को नुकसान पहुंचाना नहीं था, बल्कि एडवोकेट लोकेश मुजाल्दा को शारीरिक क्षति पहुंचाना या उनके जीवन पर हमला करने का प्रयास था। सौभाग्यवश, घटना के समय वे वाहन में मौजूद नहीं थे, जिससे एक बड़ी अनहोनी टल गई। जयस का कहना है कि यह घटना केवल एक व्यक्ति पर हमला नहीं, बल्कि आदिवासी समाज की आवाज उठाने वाले एक प्रमुख सामाजिक नेतृत्व को भयभीत करने का प्रयास है। वर्तमान परिस्थितियों में एडवोकेट लोकेश मुजाल्दा के जीवन और संपत्ति को गंभीर खतरा उत्पन्न हो गया है और भविष्य में किसी भी अप्रिय घटना की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। इस ज्ञापन को सौंपते समय जयस के महेन्द्र सेनानी (जिला उपाध्यक्ष बड़वानी), उमेश डुडवे, महेश डावर, अमिल डूडवे, विजय सेनानी, नरेन्द्र सोलंकी, अमित नरगांवे, मुकेश किराड़े, प्रकाश बड़ोले, प्रकाश जाधव, विकास सेनानी, छोटु जाधव और मुन्ना आर्य सहित कई कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
- डिजिटल क्षेत्र में बेटियों को सशक्त बनाने के उद्देश्य से एक विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान के तहत, बेटियों को डिजिटल दुनिया में 'साइबर स्मार्ट' बनाया जा रहा है, ताकि वे ऑनलाइन सुरक्षा और जागरूकता के साथ आगे बढ़ सकें।1
- सेंधवा से मंटो सोलंकी लगातार क्षेत्र के विकास कार्यों में संलग्न हैं। वे दिन-रात कड़ी मेहनत करते हुए विकास के लिए समर्पित भाव से काम कर रहे हैं।1
- मोहर्रम और संदल जुलूस से पूर्व सेंधवा शहर में एक विशाल फ्लैग मार्च का आयोजन किया गया। इस फ्लैग मार्च के माध्यम से प्रशासन ने क्षेत्र में सुरक्षा और शांति बनाए रखने का संदेश दिया।1
- बड़वानी जिले के ग्राम चारणखेड़ा के ग्रामीणों को पिछले तीन महीने से सरकारी राशन नहीं मिल रहा है, जिससे कई परिवारों में भोजन की समस्या उत्पन्न हो गई है। अपनी इस शिकायत को लेकर सोमवार को 70 से अधिक ग्रामीणों ने पूर्व कैबिनेट मंत्री प्रेमसिंह पटेल से मुलाकात की। ग्रामीणों का आरोप है कि सेल्समैन चम्पालाल मोरे केवल पर्चियां दे रहा है, लेकिन राशन उपलब्ध नहीं करा रहा है। उनका यह भी आरोप है कि सेल्समैन राशन को गाड़ी में भरकर व्यापारियों को बेच देता है। पूर्व कैबिनेट मंत्री प्रेमसिंह पटेल ने ग्रामीणों की समस्या सुनने के बाद तत्काल कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारी भूरमल बामनिया को मौके पर बुलाया। अधिकारी ने ग्रामीणों से बात की, जिन्होंने उन्हें पूरी स्थिति से अवगत कराया। कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारी ने तुरंत सेल्समैन चम्पालाल मोरे को फोन पर फटकार लगाई और उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की बात कही। ग्रामीण रामसिंह ने बताया कि वे पिछले तीन महीने से राशन दुकान के चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन उन्हें सिर्फ राशन उपलब्ध होने की पर्चियां दी जा रही हैं और सेल्समैन अंगूठा लगवा लेता है, पर राशन नहीं देता। उन्होंने बताया कि इस संबंध में स्थानीय सरपंच और सचिव को भी कई बार बताया गया था, लेकिन कोई समाधान नहीं निकला। गोलू, कोल, सतीश, पंकज, अमर सहित अन्य ग्रामीण भी राशन न मिलने से परेशान होकर पूर्व मंत्री से गुहार लगाने पहुंचे थे। कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारी भूरमल बामनिया ने पुष्टि की कि उन्हें तीन महीने से राशन नहीं मिलने की शिकायत मिली है और वह एक टीम के साथ ग्राम चारणखेड़ा जा रहे हैं। उन्होंने साफ किया कि यदि सेल्समैन चम्पालाल मोरे द्वारा ग्रामीणों के राशन की हेराफेरी पाई जाती है, तो उसके खिलाफ तत्काल एफआईआर दर्ज की जाएगी।1
- मध्य प्रदेश शासन द्वारा अनाज पर मंडी टैक्स बढ़ाए जाने के विरोध में पानसेमल के व्यापारियों ने एक दिन के लिए खरीदी बंद रखकर सांकेतिक विरोध प्रदर्शन करने का निर्णय लिया है। मंडी टैक्स में वृद्धि का व्यापारियों ने कड़ा विरोध किया है। अपनी मांग को लेकर, व्यापारियों ने मंडी टैक्स को कम करने हेतु मंडी सचिव को मुख्यमंत्री के नाम एक ज्ञापन भी सौंपा है।1
- पूर्व राज्यमंत्री राजेश अग्रवाल के घर हुई चोरी के मामले में पुलिस ने एक बड़ा 'खुलासा' किया है। पुलिस की कार्रवाई में ₹40 लाख का चोरी का माल जब्त किया गया है और इस प्रकरण में पाँच आरोपियों को गिरफ्तार भी कर लिया गया है।1
- सेंधवा के शहीद भीमा नायक कॉलोनी गोई निवासी प्रवीण मोरे का भारतीय सेना में अग्निवीर के तौर पर चयन हुआ है, जिससे परिवार, मित्रों और पूरे क्षेत्र में हर्ष का माहौल है। ट्रक चालक बद्री मोरे के पुत्र प्रवीण ने चार वर्षों की अथक मेहनत और पांच प्रयासों के बाद यह सफलता हासिल की है। प्रवीण सेंधवा शहर के दूसरे ऐसे युवा हैं जिनका चयन अग्निवीर में हुआ है। पुराना एबी रोड स्थित शहीद भीमा नायक कॉलोनी गोई के रहने वाले प्रवीण के पिता बद्री मोरे ट्रक चलाकर परिवार का पालन-पोषण करते हैं। आर्थिक चुनौतियों के बावजूद प्रवीण ने भारतीय सेना में भर्ती होने का अपना लक्ष्य नहीं छोड़ा और लगातार तैयारी जारी रखी। उन्होंने बताया कि वह बचपन से ही फौजियों को देखकर सेना में शामिल होने की इच्छा रखते थे, जिसके लिए प्रतिदिन सुबह-शाम शहर के पीजी कॉलेज ग्राउंड में नियमित अभ्यास करते थे। यह सफलता उनकी इसी वर्षों की मेहनत का परिणाम है। प्रवीण ने महू स्थित आर्मी सेंटर में अपनी दस्तावेजी प्रक्रिया पूरी कर ली है और अब वह 28 जून से तेलंगाना के सिकंदराबाद में शुरू होने वाले सैन्य प्रशिक्षण के लिए जल्द ही रवाना होंगे। बेटे के इस चयन पर पिता बद्री मोरे ने असीम खुशी व्यक्त करते हुए कहा कि उनके लिए इससे बड़ी खुशी कोई नहीं कि उनका बेटा अब देश की सेवा करेगा। प्रवीण को शारीरिक प्रशिक्षण देने वाले आकाश पवार ने उनकी लगन और अनुशासन की सराहना करते हुए बताया कि यह उपलब्धि उनके नियमित अभ्यास और समर्पण का ही फल है। आकाश पवार अपनी अकादमी के माध्यम से युवाओं को निःशुल्क प्रशिक्षण देते हैं, और प्रवीण उनकी अकादमी से अग्निवीर में चयनित होने वाले दूसरे युवा हैं।1
- रीवा जिले के संजय गांधी अस्पताल में स्वास्थ्य व्यवस्थाओं पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। जिला योजना समिति के सदस्य महेंद्र शुक्ला को सर्पदंश का शिकार होने के बाद गंभीर हालत में अस्पताल पहुंचने के बावजूद घंटों तक बेड नहीं मिल सका, जिससे उन्हें भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। यह घटना तब हुई जब पीड़ित दोपहर लगभग 2:30 बजे अपने प्रतिष्ठान “हिनौता नाथ कृषि एवं हार्डवेयर सेवा केंद्र” में थे और दुकान खोलने के दौरान अचानक एक चूहा और उसके पीछे आए सांप ने उनके दाहिने पैर में काट लिया, जिससे खून बहने लगा। घटना के बाद पीड़ित को तत्काल चुरहट ले जाया गया, जहाँ डॉ. गौरव पांडे ने प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें रीवा के संजय गांधी अस्पताल रेफर कर दिया। पीड़ित शाम करीब 4:30 बजे रीवा अस्पताल पहुंचे और इमरजेंसी में भर्ती हुए। प्रारंभिक उपचार के बाद उन्हें आईसीयू भेजा गया, लेकिन बेड उपलब्ध न होने के कारण रात 9 बजे तक, यानी लगभग पाँच घंटे तक, उन्हें स्ट्रेचर पर ही लेटे रहना पड़ा। पीड़ित ने बताया कि बार-बार अनुरोध करने के बावजूद उन्हें समय पर बेड नहीं मिल सका। स्थिति बिगड़ने पर पीड़ित ने भाजपा संगठन से जुड़े विजय दुबे से भी संपर्क कर मदद मांगी, लेकिन तत्काल कोई राहत नहीं मिल पाई। अंततः रात करीब 10 बजे उन्हें जनरल वार्ड में बेड उपलब्ध कराया गया, जिसके बाद ही उनका उपचार शुरू हो सका। पीड़ित ने अस्पताल की अव्यवस्थाओं पर गंभीर आरोप लगाए हैं, जिनमें समय पर बेड न मिलना, शौचालयों की खराब स्थिति, बेड पर चादर की कमी और मरीजों के प्रति प्रशासन की लापरवाही शामिल है। पीड़ित ने प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री राजेंद्र शुक्ला से अपील करते हुए रीवा जैसे प्रमुख मेडिकल केंद्र की व्यवस्था को तत्काल सुधारने की मांग की है, ताकि दूर-दराज से आने वाले मरीजों को समय पर और बेहतर उपचार मिल सके। गौरतलब है कि रीवा का संजय गांधी अस्पताल विंध्य क्षेत्र (रीवा, सतना, सीधी, शहडोल, सिंगरौली आदि) के लाखों लोगों के लिए एक प्रमुख चिकित्सा केंद्र है, और ऐसे में यहाँ की व्यवस्थाओं में सुधार अत्यंत आवश्यक माना जा रहा है।1