सड़क निर्माण में लापरवाही, डंपर से टूटा विद्युत पोल, ट्रांसफार्मर गिरकर हुआ क्षत गुरसरांय (झांसी)। थाना क्षेत्र के ग्राम गढ़वई निवासी दीपक कुमार पुत्र अजय कुमार ने गुरसरांय पुलिस को दिए गए लिखित शिकायती पत्र में सड़क निर्माण कार्य कर रही कंपनी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने बताया कि उनका खेत गढ़वई-परसुवा रोड पर स्थित है, जहां निजी नलकूप के लिए विद्युत ट्रांसफार्मर रखा हुआ है। दीपक कुमार के अनुसार, उक्त मार्ग पर इन दिनों सड़क निर्माण कार्य चल रहा है। इसी दौरान निर्माण कार्य में लगे डंपर वाहन क्रमांक UP 93 CT 3313ने खेत में रखे विद्युत ट्रांसफार्मर के तारों को तोड़ दिया। तार टूटने के कारण विद्युत पोल पर रखा ट्रांसफार्मर असंतुलित होकर नीचे गिर गया, जिससे वह बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। इतना ही नहीं, इस घटना के चलते ग्राम परसुवा को जाने वाली मुख्य 11 हजार वोल्ट की विद्युत लाइन भी टूट गई, जिसके कारण पूरे गांव की बिजली आपूर्ति बाधित हो गई और गांव में अंधेरा छा गया। ग्रामीणों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। पीड़ित दीपक कुमार ने पुलिस को प्रार्थना पत्र देकर सड़क निर्माण कर रही कंपनी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। साथ ही क्षतिग्रस्त विद्युत पोल व ट्रांसफार्मर को शीघ्र ठीक कराए जाने की मांग भी की है, ताकि गांव में जल्द से जल्द विद्युत आपूर्ति बहाल हो सके। गुरसरांय से सोम मिश्रा की रिपोर्ट
सड़क निर्माण में लापरवाही, डंपर से टूटा विद्युत पोल, ट्रांसफार्मर गिरकर हुआ क्षत गुरसरांय (झांसी)। थाना क्षेत्र के ग्राम गढ़वई निवासी दीपक कुमार पुत्र अजय कुमार ने गुरसरांय पुलिस को दिए गए लिखित शिकायती पत्र में सड़क निर्माण कार्य कर रही कंपनी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने बताया कि उनका खेत गढ़वई-परसुवा रोड पर स्थित है, जहां निजी नलकूप के लिए विद्युत ट्रांसफार्मर रखा हुआ है। दीपक कुमार के अनुसार, उक्त मार्ग पर इन दिनों सड़क निर्माण कार्य चल रहा है। इसी दौरान निर्माण कार्य में लगे डंपर वाहन क्रमांक UP 93 CT 3313ने खेत में रखे विद्युत ट्रांसफार्मर के तारों को तोड़ दिया। तार टूटने के कारण विद्युत पोल पर रखा ट्रांसफार्मर असंतुलित होकर नीचे गिर गया, जिससे वह बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। इतना ही नहीं, इस घटना के चलते ग्राम परसुवा को जाने वाली मुख्य 11 हजार वोल्ट की विद्युत लाइन भी टूट गई, जिसके कारण पूरे गांव की बिजली आपूर्ति बाधित हो गई और गांव में अंधेरा छा गया। ग्रामीणों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। पीड़ित दीपक कुमार ने पुलिस को प्रार्थना पत्र देकर सड़क निर्माण कर रही कंपनी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। साथ ही क्षतिग्रस्त विद्युत पोल व ट्रांसफार्मर को शीघ्र ठीक कराए जाने की मांग भी की है, ताकि गांव में जल्द से जल्द विद्युत आपूर्ति बहाल हो सके। गुरसरांय से सोम मिश्रा की रिपोर्ट
- बंगाल चुनाव से पहले अमित शाह का सोशल मीडिया पर वायरल हुआ ये वीडियो #AmitShah #BengalElections2026 #KailashKher #ViralVideo #WestBengal #MamataBanerjee1
- गुरसरांय (झांसी)। थाना क्षेत्र के ग्राम अस्ता के पास सड़क पर बन रही पुलिया के नजदीक एक कार अनियंत्रित होकर सड़क किनारे खाई में जा गिरी। हादसे में कार चालक बाल-बाल बच गया, जिससे एक बड़ी दुर्घटना टल गई। प्राप्त जानकारी के अनुसार, कोटरा से चिरगांव की ओर जा रही कार (वाहन क्रमांक UP 93 BD 4097) अचानक असंतुलित हो गई और सड़क किनारे खाई में उतर गई। कार चालक इमरान पुत्र सान मुहम्मद, उम्र लगभग 20 वर्ष, निवासी कोटरा, इस हादसे में सुरक्षित बच गए। घटना के बाद आसपास मौजूद लोगों ने मौके पर पहुंचकर चालक को बाहर निकाला। गनीमत रही कि दुर्घटना में किसी प्रकार की गंभीर चोट नहीं आई। बताया जा रहा है कि पुलिया निर्माण कार्य के चलते सड़क पर अव्यवस्था और संकरे मार्ग के कारण वाहन का संतुलन बिगड़ गया। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि निर्माण कार्य के दौरान सुरक्षा के उचित इंतजाम किए जाएं, ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं से बचा जा सके। गुरसरांय से सोम मिश्रा की रिपोर्ट1
- तुर्का लहचूरा जिला झांसी तहसील टहरौली ब्लॉक गुरसराय थाना फतेहपुर हमारे दौरे पर जुआ खेलते हैं रोजाना रोकते हैं गाली गलौज देते हैं और घर आ जाते हैं लड़ने के लिए मना करते हैं तो2
- 14 अप्रैल को अम्बेडकर जयंती से पहले आ गया अम्बेडकर सांग,, युबाओ के भा रहा मन को,,1
- हमीरपुर के सरीला क्षेत्र में ओलावृष्टि से किसानों की परेशानियां बढ़ी। फसलों को काफी नुकसान पहुंचा , जिससे किसानों को भारी आर्थिक संकट का सामना करना पड़ रहा है। गेहूं, जौ, और सरसों की फसलें सबसे ज्यादा प्रभावित हुई हैं। ग्रामीणों ने बताया कि ओलावृष्टि से उनकी फसलों मैं काफी नुकसान हुआ है। किसानों का कहना है कि उन्हें अपनी फसलों के नुकसान का उचित मुआवजा मिलना चाहिए, ताकि वे अपने परिवार का पालन-पोषण कर सकें। सरकार से मांग की जा रही है कि वह जल्द से जल्द किसानों को मुआवजा दे और उनकी मदद करे। रिर्पोट निर्दोष राजपूत1
- जालौन। थाना कालपी क्षेत्रांतर्गत ग्राम लोहार में उस समय हड़कंप मच गया, जब दो अज्ञात शव मिलने की सूचना सामने आई। सूचना मिलते ही पुलिस महकमा सक्रिय हो गया और मौके पर पहुंचकर जांच शुरू की गई। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस अधीक्षक जालौन सहित थाना कालपी पुलिस टीम मौके पर पहुंची और घटनास्थल का गहन निरीक्षण किया। फील्ड यूनिट टीम को भी मौके पर बुलाया गया, जिसने साक्ष्य संकलन की कार्यवाही की। पुलिस ने दोनों शवों का पंचायतनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। प्रारंभिक जांच में मृतकों की पहचान नहीं हो सकी है, जिससे मामले की गंभीरता और बढ़ गई है। पुलिस अधीक्षक जालौन ने बताया कि मामले की हर एंगल से जांच की जा रही है और जल्द ही घटना का खुलासा किया जाएगा। फिलहाल पुलिस आसपास के लोगों से पूछताछ कर रही है और शवों की पहचान कराने के प्रयास जारी हैं। इस घटना से क्षेत्र में दहशत का माहौल बना हुआ है और लोग तरह-तरह की आशंकाएं जता रहे हैं।1
- उरई, जालौन। अखिल भारतीय बसोर समाज विकास समिति की ओर से रविवार को शहर के एक रेस्टोरेंट में गोष्ठी आयोजित की गई, जिसमें समाज से जुड़े लोगों ने अपनी विभिन्न समस्याओं को लेकर नाराजगी जताई। करन बरार व रामबाबू बरार ने बताया कि ग्राम्य विकास विभाग को भेजे गए पत्र में बसोंड, वंशफार व धरकार जातियों को मुख्यमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) में प्राथमिकता दिए जाने की मांग की गई थी। आरोप है कि जनपद जालौन में विकास खंड अधिकारियों व परियोजना निदेशक द्वारा शासन को भेजी गई रिपोर्ट (पत्र संख्या 645) में इन समाजों की संख्या शून्य दर्शा दी गई, जिससे ये वर्ग योजनाओं के लाभ से वंचित हो गए, जबकि जिले में इनकी संख्या लगभग एक लाख बताई जा रही है। समिति पदाधिकारियों ने कहा कि 28 मार्च 2026 को सैकड़ों लोगों की मौजूदगी में जिलाधिकारी को ज्ञापन देकर जांच की मांग की गई थी, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है, जिससे समाज में रोष व्याप्त है। उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश की अनुसूचित जाति सूची में बसोंड, धरकार व वंशफ़ौर जातियां दर्ज हैं और इन्हें वंचित श्रेणी में रखा गया है, बावजूद इसके योजनाओं का लाभ संख्या के अनुपात में नहीं मिल पा रहा है। गोष्ठी में यह भी आरोप लगाया गया कि कुछ क्षेत्रों में बसोंड समाज के लोगों का जबरन जाति परिवर्तन कर धानुक के रूप में दर्ज कराया जा रहा है, जिससे समाज की वास्तविक संख्या प्रभावित हो रही है और लाभ लेने में बाधा उत्पन्न हो रही है। इस पर रोक लगाने व जांच कराने की मांग की गई। वक्ताओं ने कहा कि प्रदेश स्तर पर भी समाज के उत्थान के लिए प्रस्ताव रखे गए हैं और जनप्रतिनिधियों द्वारा इस मुद्दे को सदन में उठाया गया है, लेकिन जालौन में स्थिति जस की तस बनी हुई है। समिति ने सरकार व जनप्रतिनिधियों से मांग की कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराकर दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए तथा वंचित समाज को योजनाओं का लाभ दिलाया जाए। साथ ही समाज को उसकी आबादी के अनुपात में राजनीतिक भागीदारी दिए जाने की भी मांग उठाई गई।इस मौके पर अरविंद, रविंद्र, हल्के, जितेंद्र, पवन कुमार मनोज कुमार, जतन सिंह, तेजराम अवनीश, मान कुंवर,अशोक, मुन्ना लाल, रामसखी,पूजा कुमारी,रिंकी, किशना देवी,गंगा देवी,मौजूद रही।1
- गुरसराय (झांसी)। थाना क्षेत्र के ग्राम अस्ता मोजे में जमीन विवाद का मामला एक बार फिर तूल पकड़ता नजर आ रहा है। यहां दबंगों द्वारा एक पीड़ित को उसकी ही जमीन पर खड़ी फसल काटने से रोक दिया गया, जिससे पीड़ित परिवार में भय और आक्रोश का माहौल है। पीड़ित ने मामले की शिकायत मुख्यमंत्री हेल्पलाइन पर दर्ज कराते हुए प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग की है। पीड़ित नजीम खा पुत्र इद्दू खा ने बताया कि गाटा संख्या 356, जिसका रकबा लगभग 5 एकड़ 52 डिसमिल है, को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था। इस मामले में पीड़ित एडीएम (राजस्व) न्यायालय एवं कमिश्नरी स्तर से मुकदमा जीत चुका है और न्यायालय ने उसके पक्ष में आदेश भी पारित किया है। इसके बावजूद उसे अब तक जमीन पर वास्तविक कब्जा नहीं मिल सका है। पीड़ित का आरोप है कि ग्राम अस्ता निवासी भान प्रताप सिंह पुत्र दर्शन सिंह तथा उनके चार अन्य भाई पिछले कई वर्षों से उक्त जमीन पर अवैध रूप से कब्जा कर खेती कर रहे हैं। जब पीड़ित ने न्यायालय के आदेश के आधार पर अपनी जमीन पर खड़ी फसल काटने का प्रयास किया, तो आरोपियों ने उसे रोक दिया और अभद्र व्यवहार करते हुए प्रताड़ित किया। नजीम खा का कहना है कि वह कई बार तहसील और प्रशासनिक अधिकारियों के चक्कर काट चुका है, लेकिन अब तक उसे न्याय नहीं मिल पाया है। उसने मांग की है कि न्यायालय के आदेश का पालन कराते हुए उसकी जमीन का नामांतरण अभिलेखों में दर्ज कराया जाए और उसे उसकी भूमि पर पूर्ण रूप से कब्जा दिलाया जाए। इस पूरे मामले में गांव के अन्य लोगों—बालकिसुन, धर्मेश और बलराम सिंह—ने भी भान प्रताप सिंह और उनके परिजनों पर जबरन जमीन जोतने, फसल काटने और ग्रामीणों को धमकाने के गंभीर आरोप लगाए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि दबंगों के डर से कोई भी खुलकर विरोध नहीं कर पा रहा है। घटना के बाद गांव में तनाव का माहौल बना हुआ है। पीड़ित ने मुख्यमंत्री हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराते हुए प्रशासन से सुरक्षा की भी मांग की है, ताकि वह बिना किसी भय के अपनी जमीन पर खेती कर सके। अब सवाल यह उठता है कि जब पीड़ित न्यायालय से मुकदमा जीत चुका है, तो उसे उसकी ही जमीन पर अधिकार क्यों नहीं मिल पा रहा है। ऐसे में प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। गुरसरांय से सोम मिश्रा की रिपोर्ट1