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*सरीला में ओलावृष्टि से किसानों की परेशानी बढ़ी, फसलों का भारी नुकसान* हमीरपुर के सरीला क्षेत्र में ओलावृष्टि से किसानों की परेशानियां बढ़ी। फसलों को काफी नुकसान पहुंचा , जिससे किसानों को भारी आर्थिक संकट का सामना करना पड़ रहा है। गेहूं, जौ, और सरसों की फसलें सबसे ज्यादा प्रभावित हुई हैं। ग्रामीणों ने बताया कि ओलावृष्टि से उनकी फसलों मैं काफी नुकसान हुआ है। किसानों का कहना है कि उन्हें अपनी फसलों के नुकसान का उचित मुआवजा मिलना चाहिए, ताकि वे अपने परिवार का पालन-पोषण कर सकें। सरकार से मांग की जा रही है कि वह जल्द से जल्द किसानों को मुआवजा दे और उनकी मदद करे। रिर्पोट निर्दोष राजपूत
निर्दोष राजपूत रिपोर्टर वन्दे भारत लाईव टीवी न्यूज़
*सरीला में ओलावृष्टि से किसानों की परेशानी बढ़ी, फसलों का भारी नुकसान* हमीरपुर के सरीला क्षेत्र में ओलावृष्टि से किसानों की परेशानियां बढ़ी। फसलों को काफी नुकसान पहुंचा , जिससे किसानों को भारी आर्थिक संकट का सामना करना पड़ रहा है। गेहूं, जौ, और सरसों की फसलें सबसे ज्यादा प्रभावित हुई हैं। ग्रामीणों ने बताया कि ओलावृष्टि से उनकी फसलों मैं काफी नुकसान हुआ है। किसानों का कहना है कि उन्हें अपनी फसलों के नुकसान का उचित मुआवजा मिलना चाहिए, ताकि वे अपने परिवार का पालन-पोषण कर सकें। सरकार से मांग की जा रही है कि वह जल्द से जल्द किसानों को मुआवजा दे और उनकी मदद करे। रिर्पोट निर्दोष राजपूत
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- सीतापुर में कुदरत का कहर: आकाशीय बिजली से पूरा गांव जलकर खाक, दो महिलाओं की दर्दनाक मौ*त #spanishfootball #smallbusiness #personalgrowth #lifelessons #housing #entrepreneurship #HomeMaintenance #BudgetFriendly #celebritynews #TruckForSale1
- हवा पानी से किसान को मुस्कान हुआ है रात में पूरे गिरे हवा चली गेहूं उड़ गए बीत गए तुर्का लहचूरा जिला झांसी तहसील टहरौली ब्लॉक गुरसराय थाना फतेहपुर रिंकू लक्ष्कार लहचूर2
- जालौन। माधौगढ़ क्षेत्र के मिहोनी ब्लॉक में किसानों का गुस्सा फूट पड़ा। ओलावृष्टि और तूफान से फसलों के भारी नुकसान के बाद दर्जनों की संख्या में किसान धरने पर बैठ गए और प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शन कर रहे किसानों के हाथों में तख्तियां थीं और “हमारी मांगे पूरी करो” तथा “किसान यूनियन जिंदाबाद” जैसे नारों से माहौल गूंज उठा। कई ग्राम पंचायतों के किसान एकजुट होकर सड़क पर उतर आए और जाम लगाकर विरोध दर्ज कराया। अकबरपुरा निवासी किसान कमलेश ने बताया कि उनके घर में शादी है, लेकिन ओला-बारिश और तूफान ने कई बीघा फसल बर्बाद कर दी। उन्होंने कहा कि “दो हजार प्रति एकड़ मुआवजा कुछ भी नहीं है। घर में न अनाज बचा है, न पैसे—ऐसे में घर कैसे चलेगा और बहन-बेटियों की शादी कैसे होगी?” खबर लिखे जाने तक मौके पर कोई भी प्रशासनिक अधिकारी नहीं पहुंचा था, जिससे किसानों में और आक्रोश बढ़ गया। किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही उचित मुआवजा और राहत नहीं मिली तो आंदोलन और तेज किया जाएगा। क्षेत्र में स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है और प्रशासन पर जल्द कार्रवाई का दबाव बढ़ता जा रहा है।1
- मऊरानीपुर मे केंद्रीय विद्यालय का शुभारंभ सांसद अनुराग शर्मा ने किया1
- उरई, जालौन। अखिल भारतीय बसोर समाज विकास समिति की ओर से रविवार को शहर के एक रेस्टोरेंट में गोष्ठी आयोजित की गई, जिसमें समाज से जुड़े लोगों ने अपनी विभिन्न समस्याओं को लेकर नाराजगी जताई। करन बरार व रामबाबू बरार ने बताया कि ग्राम्य विकास विभाग को भेजे गए पत्र में बसोंड, वंशफार व धरकार जातियों को मुख्यमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) में प्राथमिकता दिए जाने की मांग की गई थी। आरोप है कि जनपद जालौन में विकास खंड अधिकारियों व परियोजना निदेशक द्वारा शासन को भेजी गई रिपोर्ट (पत्र संख्या 645) में इन समाजों की संख्या शून्य दर्शा दी गई, जिससे ये वर्ग योजनाओं के लाभ से वंचित हो गए, जबकि जिले में इनकी संख्या लगभग एक लाख बताई जा रही है। समिति पदाधिकारियों ने कहा कि 28 मार्च 2026 को सैकड़ों लोगों की मौजूदगी में जिलाधिकारी को ज्ञापन देकर जांच की मांग की गई थी, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है, जिससे समाज में रोष व्याप्त है। उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश की अनुसूचित जाति सूची में बसोंड, धरकार व वंशफ़ौर जातियां दर्ज हैं और इन्हें वंचित श्रेणी में रखा गया है, बावजूद इसके योजनाओं का लाभ संख्या के अनुपात में नहीं मिल पा रहा है। गोष्ठी में यह भी आरोप लगाया गया कि कुछ क्षेत्रों में बसोंड समाज के लोगों का जबरन जाति परिवर्तन कर धानुक के रूप में दर्ज कराया जा रहा है, जिससे समाज की वास्तविक संख्या प्रभावित हो रही है और लाभ लेने में बाधा उत्पन्न हो रही है। इस पर रोक लगाने व जांच कराने की मांग की गई। वक्ताओं ने कहा कि प्रदेश स्तर पर भी समाज के उत्थान के लिए प्रस्ताव रखे गए हैं और जनप्रतिनिधियों द्वारा इस मुद्दे को सदन में उठाया गया है, लेकिन जालौन में स्थिति जस की तस बनी हुई है। समिति ने सरकार व जनप्रतिनिधियों से मांग की कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराकर दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए तथा वंचित समाज को योजनाओं का लाभ दिलाया जाए। साथ ही समाज को उसकी आबादी के अनुपात में राजनीतिक भागीदारी दिए जाने की भी मांग उठाई गई।इस मौके पर अरविंद, रविंद्र, हल्के, जितेंद्र, पवन कुमार मनोज कुमार, जतन सिंह, तेजराम अवनीश, मान कुंवर,अशोक, मुन्ना लाल, रामसखी,पूजा कुमारी,रिंकी, किशना देवी,गंगा देवी,मौजूद रही।1
- थाना कालपी क्षेत्रांतर्गत ग्राम लोहार में दो अज्ञात शव मिलने की सूचना पर पुलिस अधीक्षक जालौन व थाना कालपी पुलिस द्वारा घटनास्थल का निरीक्षण किया गया । फील्ड यूनिट टीम द्वारा साक्ष्य संकलन की कार्यवाही की गयी है । दोनों शवों के पंचायतनामा की कार्यवाही पूर्ण कर पोस्टमार्टम हेतु भिजवाया गया है । अग्रिम वैधानिक कार्यवाही प्रचलित है । इस सम्बन्ध में पुलिस अधीक्षक जालौन द्वारा दी गयी बाइट ।1
- गुरसरांय (झांसी)। थाना क्षेत्र के ग्राम गढ़वई निवासी दीपक कुमार पुत्र अजय कुमार ने गुरसरांय पुलिस को दिए गए लिखित शिकायती पत्र में सड़क निर्माण कार्य कर रही कंपनी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने बताया कि उनका खेत गढ़वई-परसुवा रोड पर स्थित है, जहां निजी नलकूप के लिए विद्युत ट्रांसफार्मर रखा हुआ है। दीपक कुमार के अनुसार, उक्त मार्ग पर इन दिनों सड़क निर्माण कार्य चल रहा है। इसी दौरान निर्माण कार्य में लगे डंपर वाहन क्रमांक UP 93 CT 3313ने खेत में रखे विद्युत ट्रांसफार्मर के तारों को तोड़ दिया। तार टूटने के कारण विद्युत पोल पर रखा ट्रांसफार्मर असंतुलित होकर नीचे गिर गया, जिससे वह बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। इतना ही नहीं, इस घटना के चलते ग्राम परसुवा को जाने वाली मुख्य 11 हजार वोल्ट की विद्युत लाइन भी टूट गई, जिसके कारण पूरे गांव की बिजली आपूर्ति बाधित हो गई और गांव में अंधेरा छा गया। ग्रामीणों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। पीड़ित दीपक कुमार ने पुलिस को प्रार्थना पत्र देकर सड़क निर्माण कर रही कंपनी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। साथ ही क्षतिग्रस्त विद्युत पोल व ट्रांसफार्मर को शीघ्र ठीक कराए जाने की मांग भी की है, ताकि गांव में जल्द से जल्द विद्युत आपूर्ति बहाल हो सके। गुरसरांय से सोम मिश्रा की रिपोर्ट1
- बुलडोजर उनके ऊपर चलता है जो गलत काम करते हैं #UPKaShadab #MuslimOpinion #Bulldozer #YogiAdityanath #PDA #AkhileshYadav #ViralVideo #UPElection2027 #UPVidhansabhaChunav #YogiVsAkhilesh1
- जालौन। जनपद में मौसम ने अचानक करवट लेते हुए कोंच तहसील क्षेत्र में रविवार को कहर बरपा दिया। तेज बारिश के साथ हुई ओलावृष्टि ने पूरे इलाके को सफेद चादर से ढक दिया, जिससे जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया। रविवार को तेज हवाओं के साथ शुरू हुई बारिश के बीच जमकर ओले गिरे। कुछ ही देर में सड़कें, खेत और घरों की छतें सफेद ओलों से ढक गईं, जिससे ऐसा दृश्य बन गया मानो बर्फबारी हो रही हो। इस अचानक मौसम परिवर्तन से आम लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। सबसे अधिक प्रभाव किसानों पर पड़ा है। गेहूं, सरसों सहित अन्य फसलों को भारी नुकसान होने की आशंका जताई जा रही है। खेतों में खड़ी फसलें ओलों की मार से झुक गईं, जिससे किसानों की चिंता बढ़ गई है। लगातार मौसम की मार झेल रहे किसानों के लिए यह ओलावृष्टि एक और बड़ा झटका साबित हो रही है। क्षेत्र में नुकसान का आंकलन अभी जारी है और किसान प्रशासन से मुआवजे की मांग कर रहे हैं।1