मिहोनी ब्लॉक में बेकाबू हुए किसान, सड़क जाम कर किया जोरदार प्रदर्शन जालौन। माधौगढ़ क्षेत्र के मिहोनी ब्लॉक में किसानों का गुस्सा फूट पड़ा। ओलावृष्टि और तूफान से फसलों के भारी नुकसान के बाद दर्जनों की संख्या में किसान धरने पर बैठ गए और प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शन कर रहे किसानों के हाथों में तख्तियां थीं और “हमारी मांगे पूरी करो” तथा “किसान यूनियन जिंदाबाद” जैसे नारों से माहौल गूंज उठा। कई ग्राम पंचायतों के किसान एकजुट होकर सड़क पर उतर आए और जाम लगाकर विरोध दर्ज कराया। अकबरपुरा निवासी किसान कमलेश ने बताया कि उनके घर में शादी है, लेकिन ओला-बारिश और तूफान ने कई बीघा फसल बर्बाद कर दी। उन्होंने कहा कि “दो हजार प्रति एकड़ मुआवजा कुछ भी नहीं है। घर में न अनाज बचा है, न पैसे—ऐसे में घर कैसे चलेगा और बहन-बेटियों की शादी कैसे होगी?” खबर लिखे जाने तक मौके पर कोई भी प्रशासनिक अधिकारी नहीं पहुंचा था, जिससे किसानों में और आक्रोश बढ़ गया। किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही उचित मुआवजा और राहत नहीं मिली तो आंदोलन और तेज किया जाएगा। क्षेत्र में स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है और प्रशासन पर जल्द कार्रवाई का दबाव बढ़ता जा रहा है।
मिहोनी ब्लॉक में बेकाबू हुए किसान, सड़क जाम कर किया जोरदार प्रदर्शन जालौन। माधौगढ़ क्षेत्र के मिहोनी ब्लॉक में किसानों का गुस्सा फूट पड़ा। ओलावृष्टि और तूफान से फसलों के भारी नुकसान के बाद दर्जनों की संख्या में किसान धरने पर बैठ गए और प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शन कर रहे किसानों के हाथों में तख्तियां थीं और “हमारी मांगे पूरी करो” तथा “किसान यूनियन जिंदाबाद” जैसे नारों से माहौल गूंज उठा। कई ग्राम पंचायतों के किसान एकजुट होकर सड़क पर उतर आए और जाम लगाकर विरोध दर्ज कराया। अकबरपुरा निवासी किसान कमलेश ने बताया कि उनके घर में शादी है, लेकिन ओला-बारिश और तूफान ने कई बीघा फसल बर्बाद कर दी। उन्होंने कहा कि “दो हजार प्रति एकड़ मुआवजा कुछ भी नहीं है। घर में न अनाज बचा है, न पैसे—ऐसे में घर कैसे चलेगा और बहन-बेटियों की शादी कैसे होगी?” खबर लिखे जाने तक मौके पर कोई भी प्रशासनिक अधिकारी नहीं पहुंचा था, जिससे किसानों में और आक्रोश बढ़ गया। किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही उचित मुआवजा और राहत नहीं मिली तो आंदोलन और तेज किया जाएगा। क्षेत्र में स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है और प्रशासन पर जल्द कार्रवाई का दबाव बढ़ता जा रहा है।
- जालौन। थाना कालपी क्षेत्रांतर्गत ग्राम लोहार में उस समय हड़कंप मच गया, जब दो अज्ञात शव मिलने की सूचना सामने आई। सूचना मिलते ही पुलिस महकमा सक्रिय हो गया और मौके पर पहुंचकर जांच शुरू की गई। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस अधीक्षक जालौन सहित थाना कालपी पुलिस टीम मौके पर पहुंची और घटनास्थल का गहन निरीक्षण किया। फील्ड यूनिट टीम को भी मौके पर बुलाया गया, जिसने साक्ष्य संकलन की कार्यवाही की। पुलिस ने दोनों शवों का पंचायतनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। प्रारंभिक जांच में मृतकों की पहचान नहीं हो सकी है, जिससे मामले की गंभीरता और बढ़ गई है। पुलिस अधीक्षक जालौन ने बताया कि मामले की हर एंगल से जांच की जा रही है और जल्द ही घटना का खुलासा किया जाएगा। फिलहाल पुलिस आसपास के लोगों से पूछताछ कर रही है और शवों की पहचान कराने के प्रयास जारी हैं। इस घटना से क्षेत्र में दहशत का माहौल बना हुआ है और लोग तरह-तरह की आशंकाएं जता रहे हैं।1
- उरई, जालौन। अखिल भारतीय बसोर समाज विकास समिति की ओर से रविवार को शहर के एक रेस्टोरेंट में गोष्ठी आयोजित की गई, जिसमें समाज से जुड़े लोगों ने अपनी विभिन्न समस्याओं को लेकर नाराजगी जताई। करन बरार व रामबाबू बरार ने बताया कि ग्राम्य विकास विभाग को भेजे गए पत्र में बसोंड, वंशफार व धरकार जातियों को मुख्यमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) में प्राथमिकता दिए जाने की मांग की गई थी। आरोप है कि जनपद जालौन में विकास खंड अधिकारियों व परियोजना निदेशक द्वारा शासन को भेजी गई रिपोर्ट (पत्र संख्या 645) में इन समाजों की संख्या शून्य दर्शा दी गई, जिससे ये वर्ग योजनाओं के लाभ से वंचित हो गए, जबकि जिले में इनकी संख्या लगभग एक लाख बताई जा रही है। समिति पदाधिकारियों ने कहा कि 28 मार्च 2026 को सैकड़ों लोगों की मौजूदगी में जिलाधिकारी को ज्ञापन देकर जांच की मांग की गई थी, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है, जिससे समाज में रोष व्याप्त है। उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश की अनुसूचित जाति सूची में बसोंड, धरकार व वंशफ़ौर जातियां दर्ज हैं और इन्हें वंचित श्रेणी में रखा गया है, बावजूद इसके योजनाओं का लाभ संख्या के अनुपात में नहीं मिल पा रहा है। गोष्ठी में यह भी आरोप लगाया गया कि कुछ क्षेत्रों में बसोंड समाज के लोगों का जबरन जाति परिवर्तन कर धानुक के रूप में दर्ज कराया जा रहा है, जिससे समाज की वास्तविक संख्या प्रभावित हो रही है और लाभ लेने में बाधा उत्पन्न हो रही है। इस पर रोक लगाने व जांच कराने की मांग की गई। वक्ताओं ने कहा कि प्रदेश स्तर पर भी समाज के उत्थान के लिए प्रस्ताव रखे गए हैं और जनप्रतिनिधियों द्वारा इस मुद्दे को सदन में उठाया गया है, लेकिन जालौन में स्थिति जस की तस बनी हुई है। समिति ने सरकार व जनप्रतिनिधियों से मांग की कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराकर दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए तथा वंचित समाज को योजनाओं का लाभ दिलाया जाए। साथ ही समाज को उसकी आबादी के अनुपात में राजनीतिक भागीदारी दिए जाने की भी मांग उठाई गई।इस मौके पर अरविंद, रविंद्र, हल्के, जितेंद्र, पवन कुमार मनोज कुमार, जतन सिंह, तेजराम अवनीश, मान कुंवर,अशोक, मुन्ना लाल, रामसखी,पूजा कुमारी,रिंकी, किशना देवी,गंगा देवी,मौजूद रही।1
- थाना कालपी क्षेत्रांतर्गत ग्राम लोहार में दो अज्ञात शव मिलने की सूचना पर पुलिस अधीक्षक जालौन व थाना कालपी पुलिस द्वारा घटनास्थल का निरीक्षण किया गया । फील्ड यूनिट टीम द्वारा साक्ष्य संकलन की कार्यवाही की गयी है । दोनों शवों के पंचायतनामा की कार्यवाही पूर्ण कर पोस्टमार्टम हेतु भिजवाया गया है । अग्रिम वैधानिक कार्यवाही प्रचलित है । इस सम्बन्ध में पुलिस अधीक्षक जालौन द्वारा दी गयी बाइट ।1
- Post by मुजीब आलम पत्रकार1
- रिपोर्टर अखिलेश सोनी पत्रकार जालौन जालौन जनपद के थाना कालपी क्षेत्र अंतर्गत ग्राम लोहार में उस समय हड़कंप मच गया, जब दो अज्ञात शव मिलने की सूचना सामने आई। सूचना मिलते ही पुलिस अधीक्षक जालौन सहित थाना कालपी पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची और घटनास्थल का गहन निरीक्षण किया। फील्ड यूनिट टीम द्वारा मौके पर पहुंचकर साक्ष्य संकलन की कार्रवाई की गई। पुलिस ने दोनों शवों का पंचायतनामा भरकर उन्हें पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है, ताकि मृत्यु के कारणों का स्पष्ट पता लगाया जा सके। पुलिस अधीक्षक जालौन ने बताया कि मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है और सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए अग्रिम वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। फिलहाल शवों की पहचान नहीं हो सकी है, जिससे घटना को लेकर क्षेत्र में तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं। पुलिस का कहना है कि जल्द ही मामले का खुलासा किया जाएगा और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।1
- Post by Bheem rajawat 96288004581
- थाना सिरसा कलार क्षेत्र के ग्राम हथना बुजुर्ग में उस समय अफरा-तफरी मच गई जब अचानक खेत के ऊपर से गुजर रही बिजली की तार से चिंगारी गिरने के कारण आग लग गई। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया और लगभग 10 बीघा खड़ी गेहूं की फसल जलकर राख हो गई। बताया जा रहा है कि रविवार दोपहर खेतों के ऊपर से गुजर रही बिजली की लाइन में अचानक स्पार्किंग हुई, जिसके बाद सूखी खड़ी गेहूं की फसल ने तुरंत आग पकड़ ली। तेज हवा के कारण आग तेजी से फैलती चली गई। आग की लपटें उठती देख आसपास के किसानों में हड़कंप मच गया और ग्रामीण बाल्टी, पाइप व ट्रैक्टर की मदद से आग बुझाने में जुट गए। ग्रामीणों की कड़ी मशक्कत के बाद किसी तरह आग पर काबू पाया जा सका, लेकिन तब तक करीब 10 बीघा गेहूं की फसल जलकर पूरी तरह खाक हो चुकी थी। किसानों को लाखों रुपये के नुकसान का अनुमान लगाया जा रहा है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि क्षेत्र में बिजली के तार काफी जर्जर हैं और कई बार शिकायत के बावजूद विभाग द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की गई, जिसके चलते यह घटना हुई। ग्रामीणों ने प्रशासन से पीड़ित किसानों मनोज पाठक पुत्र बृजनंदन राजू पाठक पुत्र बृजनंदन दीपक पाठक पुत्र रामसेवक को मुआवजा देने और जर्जर बिजली तारों को जल्द बदलने की मांग की है। घटना की सूचना मिलने पर स्थानीय प्रशासन को भी अवगत कराया गया है। राजस्व विभाग की टीम द्वारा नुकसान का आकलन किए जाने की बात कही जा रही है2
- जालौन। माधौगढ़ क्षेत्र के मिहोनी ब्लॉक में किसानों का गुस्सा फूट पड़ा। ओलावृष्टि और तूफान से फसलों के भारी नुकसान के बाद दर्जनों की संख्या में किसान धरने पर बैठ गए और प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शन कर रहे किसानों के हाथों में तख्तियां थीं और “हमारी मांगे पूरी करो” तथा “किसान यूनियन जिंदाबाद” जैसे नारों से माहौल गूंज उठा। कई ग्राम पंचायतों के किसान एकजुट होकर सड़क पर उतर आए और जाम लगाकर विरोध दर्ज कराया। अकबरपुरा निवासी किसान कमलेश ने बताया कि उनके घर में शादी है, लेकिन ओला-बारिश और तूफान ने कई बीघा फसल बर्बाद कर दी। उन्होंने कहा कि “दो हजार प्रति एकड़ मुआवजा कुछ भी नहीं है। घर में न अनाज बचा है, न पैसे—ऐसे में घर कैसे चलेगा और बहन-बेटियों की शादी कैसे होगी?” खबर लिखे जाने तक मौके पर कोई भी प्रशासनिक अधिकारी नहीं पहुंचा था, जिससे किसानों में और आक्रोश बढ़ गया। किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही उचित मुआवजा और राहत नहीं मिली तो आंदोलन और तेज किया जाएगा। क्षेत्र में स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है और प्रशासन पर जल्द कार्रवाई का दबाव बढ़ता जा रहा है।1