जालौन में ओलावृष्टि का कहर, खेतों से सड़कों तक बिछी सफेद तबाही जालौन। जनपद में मौसम ने अचानक करवट लेते हुए कोंच तहसील क्षेत्र में रविवार को कहर बरपा दिया। तेज बारिश के साथ हुई ओलावृष्टि ने पूरे इलाके को सफेद चादर से ढक दिया, जिससे जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया। रविवार को तेज हवाओं के साथ शुरू हुई बारिश के बीच जमकर ओले गिरे। कुछ ही देर में सड़कें, खेत और घरों की छतें सफेद ओलों से ढक गईं, जिससे ऐसा दृश्य बन गया मानो बर्फबारी हो रही हो। इस अचानक मौसम परिवर्तन से आम लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। सबसे अधिक प्रभाव किसानों पर पड़ा है। गेहूं, सरसों सहित अन्य फसलों को भारी नुकसान होने की आशंका जताई जा रही है। खेतों में खड़ी फसलें ओलों की मार से झुक गईं, जिससे किसानों की चिंता बढ़ गई है। लगातार मौसम की मार झेल रहे किसानों के लिए यह ओलावृष्टि एक और बड़ा झटका साबित हो रही है। क्षेत्र में नुकसान का आंकलन अभी जारी है और किसान प्रशासन से मुआवजे की मांग कर रहे हैं।
जालौन में ओलावृष्टि का कहर, खेतों से सड़कों तक बिछी सफेद तबाही जालौन। जनपद में मौसम ने अचानक करवट लेते हुए कोंच तहसील क्षेत्र में रविवार को कहर बरपा दिया। तेज बारिश के साथ हुई ओलावृष्टि ने पूरे इलाके को सफेद चादर से ढक दिया, जिससे जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया। रविवार को तेज हवाओं के साथ शुरू हुई बारिश के बीच जमकर ओले गिरे। कुछ ही देर में सड़कें, खेत और घरों की छतें सफेद ओलों से ढक गईं, जिससे ऐसा दृश्य बन गया मानो बर्फबारी हो रही हो। इस अचानक मौसम परिवर्तन से आम लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। सबसे अधिक प्रभाव किसानों पर पड़ा है। गेहूं, सरसों सहित अन्य फसलों को भारी नुकसान होने की आशंका जताई जा रही है। खेतों में खड़ी फसलें ओलों की मार से झुक गईं, जिससे किसानों की चिंता बढ़ गई है। लगातार मौसम की मार झेल रहे किसानों के लिए यह ओलावृष्टि एक और बड़ा झटका साबित हो रही है। क्षेत्र में नुकसान का आंकलन अभी जारी है और किसान प्रशासन से मुआवजे की मांग कर रहे हैं।
- ओलावृष्टि पर प्रशासन की त्वरित कार्रवाई, खेतों तक पहुंचा तंत्र—किसानों को राहत का भरोसा डीएम ने खुद संभाली कमान, शाम से ही शुरू हुआ सर्वे—हर नुकसान का हो रहा पारदर्शी आकलन शनिवार शाम अचानक बदले मौसम ने जनपद में तेज आंधी, मूसलाधार बारिश और ओलावृष्टि के साथ कहर बरपाया, जिससे जालौन, माधौगढ़, कुठौंद, कोंच और नदीगांव क्षेत्र के करीब 30 गांवों में खड़ी एवं कटी फसलें प्रभावित हो गईं। गेहूं और चना की तैयार फसलें सबसे अधिक नुकसान की चपेट में आईं, जहां कई खेतों में फसलें जमीन पर बिछ गईं तो कहीं कटी फसल भीगकर खराब हो गई। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए मा0 मुख्यमंत्री जी के निर्देशों के क्रम में जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय ने तत्काल प्रशासनिक मशीनरी को सक्रिय कर दिया। अपर जिलाधिकारी संजय कुमार, एसडीएम हेमंत पटेल और एसडीएम वीरेंद्र प्रसाद गुप्ता के साथ स्वयं प्रभावित क्षेत्रों में पहुंचकर स्थलीय निरीक्षण किया गया। अधिकारियों ने किसानों से सीधा संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं और मौके पर ही समाधानात्मक निर्देश दिए।जिलाधिकारी ने मौके पर ही राजस्व निरीक्षक, लेखपालों और कृषि विभाग की टीमों को निर्देशित करते हुए कहा कि फसल क्षति का सर्वे शनिवार शाम 6 बजे से ही प्रारंभ कर दिया गया है और इसे पूर्ण पारदर्शिता के साथ समयबद्ध ढंग से पूरा किया जाए। उन्होंने फसल बीमा कंपनियों को भी निर्देशित किया कि वे त्वरित रूप से नुकसान का आकलन कर किसानों को लाभ दिलाने की प्रक्रिया सुनिश्चित करें।कुठौंद और माधौगढ़ क्षेत्र में सबसे अधिक नुकसान सामने आया है, जबकि जालौन और कोंच तहसीलों में आंशिक क्षति दर्ज की गई है। मदनेपुर, गोरा राठौर, सलैया, चटसारी, दावर और ऊंचा गांव सहित कई गांव प्रभावित हुए हैं। जिलाधिकारी ने कहा कि किसी भी किसान को नुकसान के आकलन में उपेक्षित नहीं किया जाएगा। उन्होंने विशेष रूप से बटाई व बलकट पर खेती करने वाले किसानों के हितों को ध्यान में रखते हुए निर्देश दिए कि लेखपाल खेत मालिकों से सहमति पत्र प्राप्त कर ऐसे किसानों को भी मुआवजा दिलाने की कार्यवाही सुनिश्चित करें। उन्होंने भरोसा दिलाया कि प्रत्येक प्रभावित किसान की फसल का शत-प्रतिशत आकलन कर शासन स्तर से शीघ्र राहत राशि उपलब्ध कराई जाएगी। साथ ही यह भी निर्देश दिए कि यदि किसी भी प्रकार की जनहानि या पशु हानि की सूचना मिलती है तो 24 घंटे के भीतर सहायता राशि प्रदान की जाए। जिला प्रशासन की त्वरित सक्रियता और मौके पर पहुंचकर किए जा रहे सर्वे कार्य से किसानों में राहत की उम्मीद जगी है, वहीं प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि इस आपदा में किसी भी प्रभावित किसान को अकेला नहीं छोड़ा जाएगा।1
- Post by Bheem rajawat 96288004583
- जालौन जिले में अचानक बदले मौसम ने जनपद में तेज आंधी, मूसलाधार बारिश और ओलावृष्टि के साथ कहर बरपाया, जिससे जालौन, माधौगढ़, कुठौंद, कोंच और नदीगांव क्षेत्र के करीब 30 गांवों में खड़ी एवं कटी फसलें प्रभावित हो गईं। गेहूं और चना की तैयार फसलें सबसे अधिक नुकसान की चपेट में आईं, जहां कई खेतों में फसलें जमीन पर बिछ गईं तो कहीं कटी फसल भीगकर खराब हो गई। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए मा0 मुख्यमंत्री जी के निर्देशों के क्रम में जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय ने तत्काल प्रशासनिक मशीनरी को सक्रिय कर दिया। अपर जिलाधिकारी संजय कुमार, एसडीएम हेमंत पटेल और एसडीएम वीरेंद्र प्रसाद गुप्ता के साथ स्वयं प्रभावित क्षेत्रों में पहुंचकर स्थलीय निरीक्षण किया गया। अधिकारियों ने किसानों से सीधा संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं और मौके पर ही समाधानात्मक निर्देश दिए।जिलाधिकारी ने मौके पर ही राजस्व निरीक्षक, लेखपालों और कृषि विभाग की टीमों को निर्देशित करते हुए कहा कि फसल क्षति का सर्वे शनिवार शाम 6 बजे से ही प्रारंभ कर दिया गया है और इसे पूर्ण पारदर्शिता के साथ समयबद्ध ढंग से पूरा किया जाए। उन्होंने फसल बीमा कंपनियों को भी निर्देशित किया कि वे त्वरित रूप से नुकसान का आकलन कर किसानों को लाभ दिलाने की प्रक्रिया सुनिश्चित करें।कुठौंद और माधौगढ़ क्षेत्र में सबसे अधिक नुकसान सामने आया है, जबकि जालौन और कोंच तहसीलों में आंशिक क्षति दर्ज की गई है। मदनेपुर, गोरा राठौर, सलैया, चटसारी, दावर और ऊंचा गांव सहित कई गांव प्रभावित हुए हैं। जिलाधिकारी ने कहा कि किसी भी किसान को नुकसान के आकलन में उपेक्षित नहीं किया जाएगा। उन्होंने विशेष रूप से बटाई व बलकट पर खेती करने वाले किसानों के हितों को ध्यान में रखते हुए निर्देश दिए कि लेखपाल खेत मालिकों से सहमति पत्र प्राप्त कर ऐसे किसानों को भी मुआवजा दिलाने की कार्यवाही सुनिश्चित करें। उन्होंने भरोसा दिलाया कि प्रत्येक प्रभावित किसान की फसल का शत-प्रतिशत आकलन कर शासन स्तर से शीघ्र राहत राशि उपलब्ध कराई जाएगी। साथ ही यह भी निर्देश दिए कि यदि किसी भी प्रकार की जनहानि या पशु हानि की सूचना मिलती है तो 24 घंटे के भीतर सहायता राशि प्रदान की जाए। जिला प्रशासन की त्वरित सक्रियता और मौके पर पहुंचकर किए जा रहे सर्वे कार्य से किसानों में राहत की उम्मीद जगी है, वहीं प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि इस आपदा में किसी भी प्रभावित किसान को अकेला नहीं छोड़ा जाएगा।4
- गजनेर थाना क्षेत्र में अलग अलग जगहों पर लड़ाई झगड़ा हो गया था। वहीं दोनों पक्षों द्वारा एक दूसरे पर आरोप लगाकर शिकायती पत्र दिया गया।वहीं पुलिस ने जांच पड़ताल कर माहौल बिगाड़ने के आरोप में दो लोगों पर शांतिभंग की कार्यवाही की।थाना प्रभारी सूर्य प्रताप सिंह ने बताया कि दो लोगों पर शांतिभंग की कार्यवाही की गई ।1
- Post by KD पत्रकारMEDIA1
- कोच रोड पर बवाल, दो बाइकों की आमने-सामने टक्कर में दो युवक घायल जालौन देवरी गांव के पास सड़क पर अफरा-तफरी, दो बाइकों की जबरदस्त भिड़ंत में शिवनाथ (18) और आशिक घायल। शिवनाथ के चेहरे पर गहरी चोट और टूटा दांत, वहीं बाइक बुरी तरह क्षतिग्रस्त! घायलों का आरोप: सामने वाले बाइक चालक ने अचानक बीच सड़क मोड़ लिया। दूसरी ओर: सामने वाले का कहना — वे सामान्य गति से मोड़ रहे थे, तेज रफ्तार बाइक ने टक्कर मारी। सावधान! सड़क पर थोड़ी सी लापरवाही, बड़े हादसे की वजह बन सकती है।1
- जालौन। जनपद में मौसम ने अचानक करवट लेते हुए कोंच तहसील क्षेत्र में रविवार को कहर बरपा दिया। तेज बारिश के साथ हुई ओलावृष्टि ने पूरे इलाके को सफेद चादर से ढक दिया, जिससे जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया। रविवार को तेज हवाओं के साथ शुरू हुई बारिश के बीच जमकर ओले गिरे। कुछ ही देर में सड़कें, खेत और घरों की छतें सफेद ओलों से ढक गईं, जिससे ऐसा दृश्य बन गया मानो बर्फबारी हो रही हो। इस अचानक मौसम परिवर्तन से आम लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। सबसे अधिक प्रभाव किसानों पर पड़ा है। गेहूं, सरसों सहित अन्य फसलों को भारी नुकसान होने की आशंका जताई जा रही है। खेतों में खड़ी फसलें ओलों की मार से झुक गईं, जिससे किसानों की चिंता बढ़ गई है। लगातार मौसम की मार झेल रहे किसानों के लिए यह ओलावृष्टि एक और बड़ा झटका साबित हो रही है। क्षेत्र में नुकसान का आंकलन अभी जारी है और किसान प्रशासन से मुआवजे की मांग कर रहे हैं।1
- Post by Bheem rajawat 96288004581
- जालौन जनपद के कालपी नगर में आज National Highways Authority of India (NHAI) द्वारा अतिक्रमण के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की गई। सर्विस रोड किनारे बने नाले से लगभग 5 मीटर तक किए गए अवैध कब्जों को बुलडोजर चलाकर हटाया गया। इस दौरान प्रशासनिक अमला और पुलिस बल भी मौके पर मौजूद रहा, जिससे कार्रवाई शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो सकी। बताया गया कि लंबे समय से सर्विस रोड और नाले के आसपास लोगों द्वारा अवैध निर्माण कर लिया गया था, जिससे न केवल यातायात बाधित हो रहा था बल्कि जल निकासी व्यवस्था भी प्रभावित हो रही थी। कई बार नोटिस दिए जाने के बावजूद अतिक्रमण नहीं हटाया गया, जिसके बाद NHAI ने सख्त रुख अपनाते हुए बुलडोजर कार्रवाई की। कार्रवाई के दौरान कई दुकानों, टीनशेड और अस्थायी निर्माणों को हटाया गया। अधिकारियों का कहना है कि यह अभियान आगे भी जारी रहेगा और हाईवे व सर्विस रोड को पूरी तरह अतिक्रमण मुक्त कराया जाएगा।1