भगवान परशुराम जयंती पर भव्य आयोजन, एकता और धर्म के मार्ग पर चलने का संकल्प मेजा प्रयागराज।क्षेत्र के बिसहिजन कलां अधिकारी नगर स्थित सुंदरम गेस्ट हाउस में रविवार को भगवान परशुराम जयंती के अवसर पर भव्य कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में ब्राह्मण समाज के गणमान्य एवं प्रबुद्ध जनों की बड़ी संख्या में सहभागिता रही। पूरा परिसर श्रद्धा, उत्साह और एकता के संदेश से गूंजता रहा। कार्यक्रम का शुभारंभ पूर्व ब्लॉक प्रमुख मेजा मुन्नन शुक्ला द्वारा दीप प्रज्वलित कर किया गया। इसके पश्चात भगवान परशुराम के चित्र पर माल्यार्पण कर श्रद्धापूर्वक नमन किया गया। अपने संबोधन में मुन्नन शुक्ला ने कहा कि भगवान परशुराम के आदर्श हमें धर्म और सत्य के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देते हैं। उन्होंने समाज में एकता और भाईचारे को मजबूत करने की आवश्यकता पर विशेष बल दिया। कार्यक्रम में विभिन्न वक्ताओं ने भगवान परशुराम के जीवन, उनके शौर्य, तप एवं धर्म रक्षा के आदर्शों पर प्रकाश डालते हुए लोगों से उनके बताए मार्ग का अनुसरण करने का आह्वान किया। इस दौरान उपस्थित जनों ने उनके आदर्शों को आत्मसात करने और समाज में एकता बनाए रखने का सामूहिक संकल्प लिया। पूर्व विधायक करछना आनंद कुमार उर्फ कलेक्टर पांडे ने कहा कि भगवान परशुराम का जीवन अन्याय के विरुद्ध संघर्ष का प्रतीक है। उनके आदर्श आज भी समाज को सत्य के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देते हैं। भाजपा नेता सुशील मिश्रा ने अपने संबोधन में कहा कि भगवान परशुराम ज्ञान, तप और शौर्य के अद्वितीय संगम हैं और उनका जीवन युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत है। वहीं उन्होंने यह भी कहा कि जिस प्रकार भीमराव अंबेडकर की जयंती पर सार्वजनिक अवकाश घोषित है, उसी प्रकार भगवान परशुराम जयंती पर भी सार्वजनिक अवकाश घोषित किए जाने की मांग को वह सरकार तक पहुंचाएंगे और इसके लिए अपनी बात प्रभावी ढंग से रखेंगे। राजू शुक्ला ने परशुराम जयंती को संकल्प का पर्व बताते हुए धर्म और सत्य के मार्ग पर अडिग रहने का आह्वान किया। वहीं रिंकू ओझा और अभिषेक तिवारी ने समाज में एकजुटता, सहयोग और परंपराओं को सहेजने पर जोर दिया। भगवान परशुराम जयंती पर भव्य आयोजन, एकता और धर्म के मार्ग पर चलने का संकल्प मेजा प्रयागराज।क्षेत्र के बिसहिजन कलां अधिकारी नगर स्थित सुंदरम गेस्ट हाउस में रविवार को भगवान परशुराम जयंती के अवसर पर भव्य कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में ब्राह्मण समाज के गणमान्य एवं प्रबुद्ध जनों की बड़ी संख्या में सहभागिता रही। पूरा परिसर श्रद्धा, उत्साह और एकता के संदेश से गूंजता रहा। कार्यक्रम का शुभारंभ पूर्व ब्लॉक प्रमुख मेजा मुन्नन शुक्ला द्वारा दीप प्रज्वलित कर किया गया। इसके पश्चात भगवान परशुराम के चित्र पर माल्यार्पण कर श्रद्धापूर्वक नमन किया गया। अपने संबोधन में मुन्नन शुक्ला ने कहा कि भगवान परशुराम के आदर्श हमें धर्म और सत्य के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देते हैं। उन्होंने समाज में एकता और भाईचारे को मजबूत करने की आवश्यकता पर विशेष बल दिया। कार्यक्रम में विभिन्न वक्ताओं ने भगवान परशुराम के जीवन, उनके शौर्य, तप एवं धर्म रक्षा के आदर्शों पर प्रकाश डालते हुए लोगों से उनके बताए मार्ग का अनुसरण करने का आह्वान किया। इस दौरान उपस्थित जनों ने उनके आदर्शों को आत्मसात करने और समाज में एकता बनाए रखने का सामूहिक संकल्प लिया। पूर्व विधायक करछना आनंद कुमार उर्फ कलेक्टर पांडे ने कहा कि भगवान परशुराम का जीवन अन्याय के विरुद्ध संघर्ष का प्रतीक है। उनके आदर्श आज भी समाज को सत्य के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देते हैं। भाजपा नेता सुशील मिश्रा ने अपने संबोधन में कहा कि भगवान परशुराम ज्ञान, तप और शौर्य के अद्वितीय संगम हैं और उनका जीवन युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत है। वहीं उन्होंने यह भी कहा कि जिस प्रकार भीमराव अंबेडकर की जयंती पर सार्वजनिक अवकाश घोषित है, उसी प्रकार भगवान परशुराम जयंती पर भी सार्वजनिक अवकाश घोषित किए जाने की मांग को वह सरकार तक पहुंचाएंगे और इसके लिए अपनी बात प्रभावी ढंग से रखेंगे। राजू शुक्ला ने परशुराम जयंती को संकल्प का पर्व बताते हुए धर्म और सत्य के मार्ग पर अडिग रहने का आह्वान किया। वहीं रिंकू ओझा और अभिषेक तिवारी ने समाज में एकजुटता, सहयोग और परंपराओं को सहेजने पर जोर दिया।
भगवान परशुराम जयंती पर भव्य आयोजन, एकता और धर्म के मार्ग पर चलने का संकल्प मेजा प्रयागराज।क्षेत्र के बिसहिजन कलां अधिकारी नगर स्थित सुंदरम गेस्ट हाउस में रविवार को भगवान परशुराम जयंती के अवसर पर भव्य कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में ब्राह्मण समाज के गणमान्य एवं प्रबुद्ध जनों की बड़ी संख्या में सहभागिता रही। पूरा परिसर श्रद्धा, उत्साह और एकता के संदेश से गूंजता रहा। कार्यक्रम का शुभारंभ पूर्व ब्लॉक प्रमुख मेजा मुन्नन शुक्ला द्वारा दीप प्रज्वलित कर किया गया। इसके पश्चात भगवान परशुराम के चित्र पर माल्यार्पण कर श्रद्धापूर्वक नमन किया गया। अपने संबोधन में मुन्नन शुक्ला ने कहा कि भगवान परशुराम के आदर्श हमें धर्म और सत्य के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देते हैं। उन्होंने समाज में एकता और भाईचारे को मजबूत करने की आवश्यकता पर विशेष बल दिया। कार्यक्रम में विभिन्न वक्ताओं ने भगवान परशुराम के जीवन, उनके शौर्य, तप एवं धर्म रक्षा के आदर्शों पर प्रकाश डालते हुए लोगों से उनके बताए मार्ग का अनुसरण करने का आह्वान किया। इस दौरान उपस्थित जनों ने उनके आदर्शों को आत्मसात करने और समाज में एकता बनाए रखने का सामूहिक संकल्प लिया। पूर्व विधायक करछना आनंद कुमार उर्फ कलेक्टर पांडे ने कहा कि भगवान परशुराम का जीवन अन्याय के विरुद्ध संघर्ष का प्रतीक है। उनके आदर्श आज भी समाज को सत्य के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देते हैं। भाजपा नेता सुशील मिश्रा ने अपने संबोधन में कहा कि भगवान परशुराम ज्ञान, तप और शौर्य के अद्वितीय संगम हैं और उनका जीवन युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत है। वहीं उन्होंने यह भी कहा कि जिस प्रकार भीमराव अंबेडकर की जयंती पर सार्वजनिक अवकाश घोषित है, उसी प्रकार भगवान परशुराम जयंती पर भी सार्वजनिक अवकाश घोषित किए जाने की मांग को वह सरकार तक पहुंचाएंगे और इसके लिए अपनी बात प्रभावी ढंग से रखेंगे। राजू शुक्ला ने परशुराम जयंती को संकल्प का पर्व बताते हुए धर्म और सत्य के मार्ग पर अडिग रहने का आह्वान किया। वहीं रिंकू ओझा और अभिषेक तिवारी ने समाज में एकजुटता, सहयोग और परंपराओं को सहेजने पर जोर दिया। भगवान परशुराम जयंती पर भव्य आयोजन, एकता और धर्म के मार्ग पर चलने का संकल्प मेजा प्रयागराज।क्षेत्र के बिसहिजन कलां अधिकारी नगर स्थित सुंदरम गेस्ट हाउस में रविवार को भगवान परशुराम जयंती के अवसर पर भव्य कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में ब्राह्मण समाज के गणमान्य एवं प्रबुद्ध जनों की बड़ी संख्या में सहभागिता रही। पूरा परिसर श्रद्धा, उत्साह और एकता के संदेश से गूंजता रहा। कार्यक्रम का शुभारंभ पूर्व ब्लॉक प्रमुख मेजा मुन्नन शुक्ला द्वारा दीप प्रज्वलित कर किया गया। इसके पश्चात भगवान परशुराम के चित्र पर माल्यार्पण कर श्रद्धापूर्वक नमन किया गया। अपने संबोधन में मुन्नन शुक्ला ने कहा कि भगवान परशुराम के आदर्श हमें धर्म और सत्य के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देते हैं। उन्होंने समाज में एकता और भाईचारे को मजबूत करने की आवश्यकता पर विशेष बल दिया। कार्यक्रम में विभिन्न वक्ताओं ने भगवान परशुराम के जीवन, उनके शौर्य, तप एवं धर्म रक्षा के आदर्शों पर प्रकाश डालते हुए लोगों से उनके बताए मार्ग का अनुसरण करने का आह्वान किया। इस दौरान उपस्थित जनों ने उनके आदर्शों को आत्मसात करने और समाज में एकता बनाए रखने का सामूहिक संकल्प लिया। पूर्व विधायक करछना आनंद कुमार उर्फ कलेक्टर पांडे ने कहा कि भगवान परशुराम का जीवन अन्याय के विरुद्ध संघर्ष का प्रतीक है। उनके आदर्श आज भी समाज को सत्य के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देते हैं। भाजपा नेता सुशील मिश्रा ने अपने संबोधन में कहा कि भगवान परशुराम ज्ञान, तप और शौर्य के अद्वितीय संगम हैं और उनका जीवन युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत है। वहीं उन्होंने यह भी कहा कि जिस प्रकार भीमराव अंबेडकर की जयंती पर सार्वजनिक अवकाश घोषित है, उसी प्रकार भगवान परशुराम जयंती पर भी सार्वजनिक अवकाश घोषित किए जाने की मांग को वह सरकार तक पहुंचाएंगे और इसके लिए अपनी बात प्रभावी ढंग से रखेंगे। राजू शुक्ला ने परशुराम जयंती को संकल्प का पर्व बताते हुए धर्म और सत्य के मार्ग पर अडिग रहने का आह्वान किया। वहीं रिंकू ओझा और अभिषेक तिवारी ने समाज में एकजुटता, सहयोग और परंपराओं को सहेजने पर जोर दिया।
- Post by चंद्र दीप सिंह1
- Post by Ptrkar deepak Shukla meja1
- पंचायत चुनावों में देरी और प्रशासकों की नियुक्ति के विरोध में उतरा 'अखिल भारतीय प्रधान संगठन' मेजा, प्रयागराज। स्थानीय ग्राम पंचायतों के विकास और लोकतांत्रिक अधिकारों को लेकर 'अखिल भारतीय प्रधान संगठन' ने बिगुल फूंक दिया है। संगठन ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री को संबोधित एक ज्ञापन भेजकर पंचायत चुनावों को समयबद्ध तरीके से संपन्न कराने और पंचायतों में प्रशासकों की नियुक्ति पर तत्काल रोक लगाने की मांग की है। लोकतंत्र की नींव को कमजोर करने का आरोप संगठन के ब्लॉक अध्यक्ष राजेश द्विवेदी (प्रधान संघ उरुवा) के नेतृत्व में सौंपे गए इस ज्ञापन में कहा गया है कि पंचायती राज व्यवस्था भारत के लोकतंत्र की आधारशिला है। ग्राम पंचायतें ग्रामीण विकास की प्रथम इकाई हैं, जिनका संचालन जनता द्वारा चुने गए प्रतिनिधियों के माध्यम से ही होना चाहिए। पत्र में खेद जताया गया है कि विगत वर्षों में पंचायत चुनावों में अनावश्यक विलंब किया जाता रहा है और इस अवधि में प्रशासकों की नियुक्ति कर दी जाती है, जो न केवल अलोकतांत्रिक है बल्कि ग्राम स्तर पर विकास कार्यों में भी बाधा डालती है। संगठन की प्रमुख मांगें: समय पर चुनाव: संविधान के अनुरूप निर्धारित समय सीमा के भीतर ही अनिवार्य रूप से पंचायत चुनाव संपन्न कराए जाएं। प्रशासक नियुक्ति पर रोक: किसी भी परिस्थिति में पंचायतों में प्रशासक नियुक्त न किए जाएं। अन्य राज्यों की तर्ज पर वित्तीय एवं प्रशासनिक अधिकार ग्राम पंचायतों के पास ही रहने की स्पष्ट नीति बनाई जाए। पंचायत चुनावों में देरी और प्रशासकों की नियुक्ति के विरोध में उतरा 'अखिल भारतीय प्रधान संगठन' मेजा, प्रयागराज। स्थानीय ग्राम पंचायतों के विकास और लोकतांत्रिक अधिकारों को लेकर 'अखिल भारतीय प्रधान संगठन' ने बिगुल फूंक दिया है। संगठन ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री को संबोधित एक ज्ञापन भेजकर पंचायत चुनावों को समयबद्ध तरीके से संपन्न कराने और पंचायतों में प्रशासकों की नियुक्ति पर तत्काल रोक लगाने की मांग की है। लोकतंत्र की नींव को कमजोर करने का आरोप संगठन के ब्लॉक अध्यक्ष राजेश द्विवेदी (प्रधान संघ उरुवा) के नेतृत्व में सौंपे गए इस ज्ञापन में कहा गया है कि पंचायती राज व्यवस्था भारत के लोकतंत्र की आधारशिला है। ग्राम पंचायतें ग्रामीण विकास की प्रथम इकाई हैं, जिनका संचालन जनता द्वारा चुने गए प्रतिनिधियों के माध्यम से ही होना चाहिए। पत्र में खेद जताया गया है कि विगत वर्षों में पंचायत चुनावों में अनावश्यक विलंब किया जाता रहा है और इस अवधि में प्रशासकों की नियुक्ति कर दी जाती है, जो न केवल अलोकतांत्रिक है बल्कि ग्राम स्तर पर विकास कार्यों में भी बाधा डालती है। संगठन की प्रमुख मांगें: समय पर चुनाव: संविधान के अनुरूप निर्धारित समय सीमा के भीतर ही अनिवार्य रूप से पंचायत चुनाव संपन्न कराए जाएं। प्रशासक नियुक्ति पर रोक: किसी भी परिस्थिति में पंचायतों में प्रशासक नियुक्त न किए जाएं। अन्य राज्यों की तर्ज पर वित्तीय एवं प्रशासनिक अधिकार ग्राम पंचायतों के पास ही रहने की स्पष्ट नीति बनाई जाए।1
- Post by दैनिक राष्ट्रीय जगत न्यूज संपा1
- Post by Vaibhav Yadav India Tv1
- मेजा विधानसभा क्षेत्र के उरुवा ब्लॉक अंतर्गत परवा ग्राम में आग लगने की अत्यंत दुःखद घटना में राज बहादुर सोनकर सहित पाँच अन्य परिवारों के घर एवं समस्त संसाधन नष्ट हो गए। इस विषम परिस्थिति में हरी कृष्णा शुक्ला द्वारा पीड़ित परिवारों को आर्थिक सहायता प्रदान की गई। साथ ही, सोनकर समाज के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व सांसद विद्याशंकर सोनकर तथा जिलाधिकारी प्रयागराज से वार्ता कर पीड़ित परिवारों को शीघ्र आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने का आग्रह किया गया, ताकि उन्हें इस संकट से उबरने में सहयोग मिल सके।1
- मेजा क्षेत्र में एक गरीब महिला की जमीन पर दबंगों द्वारा जबरन कब्जा करने का मामला सामने आया है। आज सोमवार दोपहर पीड़िता ने आरोप लगाया है कि विरोध करने पर उसे लगातार जान से मारने की धमकी दी जा रही है। भयभीत महिला ने प्रशासन से न्याय और सुरक्षा की गुहार लगाई है। वहीं, स्थानीय लोगों में भी इस घटना को लेकर आक्रोश देखने को मिल रहा है।1
- Post by Vaibhav Yadav India Tv1