पंचायत चुनावों में देरी और प्रशासकों की नियुक्ति के विरोध में उतरा 'अखिल भारतीय प्रधान संगठन' मेजा, प्रयागराज। स्थानीय ग्राम पंचायतों के विकास और लोकतांत्रिक अधिकारों को लेकर 'अखिल भारतीय प्रधान संगठन' ने बिगुल फूंक दिया है। संगठन ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री को संबोधित एक ज्ञापन भेजकर पंचायत चुनावों को समयबद्ध तरीके से संपन्न कराने और पंचायतों में प्रशासकों की नियुक्ति पर तत्काल रोक लगाने की मांग की है। लोकतंत्र की नींव को कमजोर करने का आरोप संगठन के ब्लॉक अध्यक्ष राजेश द्विवेदी (प्रधान संघ उरुवा) के नेतृत्व में सौंपे गए इस ज्ञापन में कहा गया है कि पंचायती राज व्यवस्था भारत के लोकतंत्र की आधारशिला है। ग्राम पंचायतें ग्रामीण विकास की प्रथम इकाई हैं, जिनका संचालन जनता द्वारा चुने गए प्रतिनिधियों के माध्यम से ही होना चाहिए। पत्र में खेद जताया गया है कि विगत वर्षों में पंचायत चुनावों में अनावश्यक विलंब किया जाता रहा है और इस अवधि में प्रशासकों की नियुक्ति कर दी जाती है, जो न केवल अलोकतांत्रिक है बल्कि ग्राम स्तर पर विकास कार्यों में भी बाधा डालती है। संगठन की प्रमुख मांगें: समय पर चुनाव: संविधान के अनुरूप निर्धारित समय सीमा के भीतर ही अनिवार्य रूप से पंचायत चुनाव संपन्न कराए जाएं। प्रशासक नियुक्ति पर रोक: किसी भी परिस्थिति में पंचायतों में प्रशासक नियुक्त न किए जाएं। अन्य राज्यों की तर्ज पर वित्तीय एवं प्रशासनिक अधिकार ग्राम पंचायतों के पास ही रहने की स्पष्ट नीति बनाई जाए। पंचायत चुनावों में देरी और प्रशासकों की नियुक्ति के विरोध में उतरा 'अखिल भारतीय प्रधान संगठन' मेजा, प्रयागराज। स्थानीय ग्राम पंचायतों के विकास और लोकतांत्रिक अधिकारों को लेकर 'अखिल भारतीय प्रधान संगठन' ने बिगुल फूंक दिया है। संगठन ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री को संबोधित एक ज्ञापन भेजकर पंचायत चुनावों को समयबद्ध तरीके से संपन्न कराने और पंचायतों में प्रशासकों की नियुक्ति पर तत्काल रोक लगाने की मांग की है। लोकतंत्र की नींव को कमजोर करने का आरोप संगठन के ब्लॉक अध्यक्ष राजेश द्विवेदी (प्रधान संघ उरुवा) के नेतृत्व में सौंपे गए इस ज्ञापन में कहा गया है कि पंचायती राज व्यवस्था भारत के लोकतंत्र की आधारशिला है। ग्राम पंचायतें ग्रामीण विकास की प्रथम इकाई हैं, जिनका संचालन जनता द्वारा चुने गए प्रतिनिधियों के माध्यम से ही होना चाहिए। पत्र में खेद जताया गया है कि विगत वर्षों में पंचायत चुनावों में अनावश्यक विलंब किया जाता रहा है और इस अवधि में प्रशासकों की नियुक्ति कर दी जाती है, जो न केवल अलोकतांत्रिक है बल्कि ग्राम स्तर पर विकास कार्यों में भी बाधा डालती है। संगठन की प्रमुख मांगें: समय पर चुनाव: संविधान के अनुरूप निर्धारित समय सीमा के भीतर ही अनिवार्य रूप से पंचायत चुनाव संपन्न कराए जाएं। प्रशासक नियुक्ति पर रोक: किसी भी परिस्थिति में पंचायतों में प्रशासक नियुक्त न किए जाएं। अन्य राज्यों की तर्ज पर वित्तीय एवं प्रशासनिक अधिकार ग्राम पंचायतों के पास ही रहने की स्पष्ट नीति बनाई जाए। पंचायत चुनावों में देरी और प्रशासकों की नियुक्ति के विरोध में उतरा 'अखिल भारतीय प्रधान संगठन' मेजा, प्रयागराज। स्थानीय ग्राम पंचायतों के विकास और लोकतांत्रिक अधिकारों को लेकर 'अखिल भारतीय प्रधान संगठन' ने बिगुल फूंक दिया है। संगठन ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री को संबोधित एक ज्ञापन भेजकर पंचायत चुनावों को समयबद्ध तरीके से संपन्न कराने और पंचायतों में प्रशासकों की नियुक्ति पर तत्काल रोक लगाने की मांग की है। लोकतंत्र की नींव को कमजोर करने का आरोप संगठन के ब्लॉक अध्यक्ष राजेश द्विवेदी (प्रधान संघ उरुवा) के नेतृत्व में सौंपे गए इस ज्ञापन में कहा गया है कि पंचायती राज व्यवस्था भारत के लोकतंत्र की आधारशिला है। ग्राम पंचायतें ग्रामीण विकास की प्रथम इकाई हैं, जिनका संचालन जनता द्वारा चुने गए प्रतिनिधियों के माध्यम से ही होना चाहिए। पत्र में खेद जताया गया है कि विगत वर्षों में पंचायत चुनावों में अनावश्यक विलंब किया जाता रहा है और इस अवधि में प्रशासकों की नियुक्ति कर दी जाती है, जो न केवल अलोकतांत्रिक है बल्कि ग्राम स्तर पर विकास कार्यों में भी बाधा डालती है। संगठन की प्रमुख मांगें: समय पर चुनाव: संविधान के अनुरूप निर्धारित समय सीमा के भीतर ही अनिवार्य रूप से पंचायत चुनाव संपन्न कराए जाएं। प्रशासक नियुक्ति पर रोक: किसी भी परिस्थिति में पंचायतों में प्रशासक नियुक्त न किए जाएं। अन्य राज्यों की तर्ज पर वित्तीय एवं प्रशासनिक अधिकार ग्राम पंचायतों के पास ही रहने की स्पष्ट नीति बनाई जाए। पंचायत चुनावों में देरी और प्रशासकों की नियुक्ति के विरोध में उतरा 'अखिल भारतीय प्रधान संगठन' मेजा, प्रयागराज। स्थानीय ग्राम पंचायतों के विकास और लोकतांत्रिक अधिकारों को लेकर 'अखिल भारतीय प्रधान संगठन' ने बिगुल फूंक दिया है। संगठन ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री को संबोधित एक ज्ञापन भेजकर पंचायत चुनावों को समयबद्ध तरीके से संपन्न कराने और पंचायतों में प्रशासकों की नियुक्ति पर तत्काल रोक लगाने की मांग की है। लोकतंत्र की नींव को कमजोर करने का आरोप संगठन के ब्लॉक अध्यक्ष राजेश द्विवेदी (प्रधान संघ उरुवा) के नेतृत्व में सौंपे गए इस ज्ञापन में कहा गया है कि पंचायती राज व्यवस्था भारत के लोकतंत्र की आधारशिला है। ग्राम पंचायतें ग्रामीण विकास की प्रथम इकाई हैं, जिनका संचालन जनता द्वारा चुने गए प्रतिनिधियों के माध्यम से ही होना चाहिए। पत्र में खेद जताया गया है कि विगत वर्षों में पंचायत चुनावों में अनावश्यक विलंब किया जाता रहा है और इस अवधि में प्रशासकों की नियुक्ति कर दी जाती है, जो न केवल अलोकतांत्रिक है बल्कि ग्राम स्तर पर विकास कार्यों में भी बाधा डालती है। संगठन की प्रमुख मांगें: समय पर चुनाव: संविधान के अनुरूप निर्धारित समय सीमा के भीतर ही अनिवार्य रूप से पंचायत चुनाव संपन्न कराए जाएं। प्रशासक नियुक्ति पर रोक: किसी भी परिस्थिति में पंचायतों में प्रशासक नियुक्त न किए जाएं। अन्य राज्यों की तर्ज पर वित्तीय एवं प्रशासनिक अधिकार ग्राम पंचायतों के पास ही रहने की स्पष्ट नीति बनाई जाए।
पंचायत चुनावों में देरी और प्रशासकों की नियुक्ति के विरोध में उतरा 'अखिल भारतीय प्रधान संगठन' मेजा, प्रयागराज। स्थानीय ग्राम पंचायतों के विकास और लोकतांत्रिक अधिकारों को लेकर 'अखिल भारतीय प्रधान संगठन' ने बिगुल फूंक दिया है। संगठन ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री को संबोधित एक ज्ञापन भेजकर पंचायत चुनावों को समयबद्ध तरीके से संपन्न कराने और पंचायतों में प्रशासकों की नियुक्ति पर तत्काल रोक लगाने की मांग की है। लोकतंत्र की नींव को कमजोर करने का आरोप संगठन के ब्लॉक अध्यक्ष राजेश द्विवेदी (प्रधान संघ उरुवा) के नेतृत्व में सौंपे गए इस ज्ञापन में कहा गया है कि पंचायती राज व्यवस्था भारत के लोकतंत्र की आधारशिला है। ग्राम पंचायतें ग्रामीण विकास की प्रथम इकाई हैं, जिनका संचालन जनता द्वारा चुने गए प्रतिनिधियों के माध्यम से ही होना चाहिए। पत्र में खेद जताया गया है कि विगत वर्षों में पंचायत चुनावों में अनावश्यक विलंब किया जाता रहा है और इस अवधि में प्रशासकों की नियुक्ति कर दी जाती है, जो न केवल अलोकतांत्रिक है बल्कि ग्राम स्तर पर विकास कार्यों में भी बाधा डालती है। संगठन की प्रमुख मांगें: समय पर चुनाव: संविधान के अनुरूप निर्धारित समय सीमा के भीतर ही अनिवार्य रूप से पंचायत चुनाव संपन्न कराए जाएं। प्रशासक नियुक्ति पर रोक: किसी भी परिस्थिति में पंचायतों में प्रशासक नियुक्त न किए जाएं। अन्य राज्यों की तर्ज पर वित्तीय एवं प्रशासनिक अधिकार ग्राम पंचायतों के पास ही रहने की स्पष्ट नीति बनाई जाए। पंचायत चुनावों में देरी और प्रशासकों की नियुक्ति के विरोध में उतरा 'अखिल भारतीय प्रधान संगठन' मेजा, प्रयागराज। स्थानीय ग्राम पंचायतों के विकास और लोकतांत्रिक अधिकारों को लेकर 'अखिल भारतीय प्रधान संगठन' ने बिगुल फूंक दिया है। संगठन ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री को संबोधित एक ज्ञापन भेजकर पंचायत चुनावों को समयबद्ध तरीके से संपन्न कराने और पंचायतों में प्रशासकों की नियुक्ति पर तत्काल रोक लगाने की मांग की है। लोकतंत्र की नींव को कमजोर करने का आरोप संगठन के ब्लॉक अध्यक्ष राजेश द्विवेदी (प्रधान संघ उरुवा) के नेतृत्व में सौंपे गए इस ज्ञापन में कहा गया है कि पंचायती राज व्यवस्था भारत के लोकतंत्र की आधारशिला है। ग्राम पंचायतें ग्रामीण विकास की प्रथम इकाई हैं, जिनका संचालन जनता द्वारा चुने गए प्रतिनिधियों के माध्यम से ही होना चाहिए। पत्र में खेद जताया गया है कि विगत वर्षों में पंचायत चुनावों में अनावश्यक विलंब किया जाता रहा है और इस अवधि में प्रशासकों की नियुक्ति कर दी जाती है, जो न केवल अलोकतांत्रिक है बल्कि ग्राम स्तर पर विकास कार्यों में भी बाधा डालती है। संगठन की प्रमुख मांगें: समय पर चुनाव: संविधान के अनुरूप निर्धारित समय सीमा के भीतर ही अनिवार्य रूप से पंचायत चुनाव संपन्न कराए जाएं। प्रशासक नियुक्ति पर रोक: किसी भी परिस्थिति में पंचायतों में प्रशासक नियुक्त न किए जाएं। अन्य राज्यों की तर्ज पर वित्तीय एवं प्रशासनिक अधिकार ग्राम पंचायतों के पास ही रहने की स्पष्ट नीति बनाई जाए। पंचायत चुनावों में देरी और प्रशासकों की नियुक्ति के विरोध में उतरा 'अखिल भारतीय प्रधान संगठन' मेजा, प्रयागराज। स्थानीय ग्राम पंचायतों के विकास और लोकतांत्रिक अधिकारों को लेकर 'अखिल भारतीय प्रधान संगठन' ने बिगुल फूंक दिया है। संगठन ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री को संबोधित एक ज्ञापन भेजकर पंचायत चुनावों को समयबद्ध तरीके से संपन्न कराने और पंचायतों में प्रशासकों की नियुक्ति पर तत्काल रोक लगाने की मांग की है। लोकतंत्र की नींव को कमजोर करने का आरोप संगठन के ब्लॉक अध्यक्ष राजेश द्विवेदी (प्रधान संघ उरुवा) के नेतृत्व में सौंपे गए इस ज्ञापन में कहा गया है कि पंचायती राज व्यवस्था भारत के लोकतंत्र की आधारशिला है। ग्राम पंचायतें ग्रामीण विकास की प्रथम इकाई हैं, जिनका संचालन जनता द्वारा चुने गए प्रतिनिधियों के माध्यम से ही होना चाहिए। पत्र में खेद जताया गया है कि विगत वर्षों में पंचायत चुनावों में अनावश्यक विलंब किया जाता रहा है और इस अवधि में प्रशासकों की नियुक्ति कर दी जाती है, जो न केवल अलोकतांत्रिक है बल्कि ग्राम स्तर पर विकास कार्यों में भी बाधा डालती है। संगठन की प्रमुख मांगें: समय पर चुनाव: संविधान के अनुरूप निर्धारित समय सीमा के भीतर ही अनिवार्य रूप से पंचायत चुनाव संपन्न कराए जाएं। प्रशासक नियुक्ति पर रोक: किसी भी परिस्थिति में पंचायतों में प्रशासक नियुक्त न किए जाएं। अन्य राज्यों की तर्ज पर वित्तीय एवं प्रशासनिक अधिकार ग्राम पंचायतों के पास ही रहने की स्पष्ट नीति बनाई जाए। पंचायत चुनावों में देरी और प्रशासकों की नियुक्ति के विरोध में उतरा 'अखिल भारतीय प्रधान संगठन' मेजा, प्रयागराज। स्थानीय ग्राम पंचायतों के विकास और लोकतांत्रिक अधिकारों को लेकर 'अखिल भारतीय प्रधान संगठन' ने बिगुल फूंक दिया है। संगठन ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री को संबोधित एक ज्ञापन भेजकर पंचायत चुनावों को समयबद्ध तरीके से संपन्न कराने और पंचायतों में प्रशासकों की नियुक्ति पर तत्काल रोक लगाने की मांग की है। लोकतंत्र की नींव को कमजोर करने का आरोप संगठन के ब्लॉक अध्यक्ष राजेश द्विवेदी (प्रधान संघ उरुवा) के नेतृत्व में सौंपे गए इस ज्ञापन में कहा गया है कि पंचायती राज व्यवस्था भारत के लोकतंत्र की आधारशिला है। ग्राम पंचायतें ग्रामीण विकास की प्रथम इकाई हैं, जिनका संचालन जनता द्वारा चुने गए प्रतिनिधियों के माध्यम से ही होना चाहिए। पत्र में खेद जताया गया है कि विगत वर्षों में पंचायत चुनावों में अनावश्यक विलंब किया जाता रहा है और इस अवधि में प्रशासकों की नियुक्ति कर दी जाती है, जो न केवल अलोकतांत्रिक है बल्कि ग्राम स्तर पर विकास कार्यों में भी बाधा डालती है। संगठन की प्रमुख मांगें: समय पर चुनाव: संविधान के अनुरूप निर्धारित समय सीमा के भीतर ही अनिवार्य रूप से पंचायत चुनाव संपन्न कराए जाएं। प्रशासक नियुक्ति पर रोक: किसी भी परिस्थिति में पंचायतों में प्रशासक नियुक्त न किए जाएं। अन्य राज्यों की तर्ज पर वित्तीय एवं प्रशासनिक अधिकार ग्राम पंचायतों के पास ही रहने की स्पष्ट नीति बनाई जाए।
- Post by Ptrkar deepak Shukla meja1
- पंचायत चुनावों में देरी और प्रशासकों की नियुक्ति के विरोध में उतरा 'अखिल भारतीय प्रधान संगठन' मेजा, प्रयागराज। स्थानीय ग्राम पंचायतों के विकास और लोकतांत्रिक अधिकारों को लेकर 'अखिल भारतीय प्रधान संगठन' ने बिगुल फूंक दिया है। संगठन ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री को संबोधित एक ज्ञापन भेजकर पंचायत चुनावों को समयबद्ध तरीके से संपन्न कराने और पंचायतों में प्रशासकों की नियुक्ति पर तत्काल रोक लगाने की मांग की है। लोकतंत्र की नींव को कमजोर करने का आरोप संगठन के ब्लॉक अध्यक्ष राजेश द्विवेदी (प्रधान संघ उरुवा) के नेतृत्व में सौंपे गए इस ज्ञापन में कहा गया है कि पंचायती राज व्यवस्था भारत के लोकतंत्र की आधारशिला है। ग्राम पंचायतें ग्रामीण विकास की प्रथम इकाई हैं, जिनका संचालन जनता द्वारा चुने गए प्रतिनिधियों के माध्यम से ही होना चाहिए। पत्र में खेद जताया गया है कि विगत वर्षों में पंचायत चुनावों में अनावश्यक विलंब किया जाता रहा है और इस अवधि में प्रशासकों की नियुक्ति कर दी जाती है, जो न केवल अलोकतांत्रिक है बल्कि ग्राम स्तर पर विकास कार्यों में भी बाधा डालती है। संगठन की प्रमुख मांगें: समय पर चुनाव: संविधान के अनुरूप निर्धारित समय सीमा के भीतर ही अनिवार्य रूप से पंचायत चुनाव संपन्न कराए जाएं। प्रशासक नियुक्ति पर रोक: किसी भी परिस्थिति में पंचायतों में प्रशासक नियुक्त न किए जाएं। अन्य राज्यों की तर्ज पर वित्तीय एवं प्रशासनिक अधिकार ग्राम पंचायतों के पास ही रहने की स्पष्ट नीति बनाई जाए। पंचायत चुनावों में देरी और प्रशासकों की नियुक्ति के विरोध में उतरा 'अखिल भारतीय प्रधान संगठन' मेजा, प्रयागराज। स्थानीय ग्राम पंचायतों के विकास और लोकतांत्रिक अधिकारों को लेकर 'अखिल भारतीय प्रधान संगठन' ने बिगुल फूंक दिया है। संगठन ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री को संबोधित एक ज्ञापन भेजकर पंचायत चुनावों को समयबद्ध तरीके से संपन्न कराने और पंचायतों में प्रशासकों की नियुक्ति पर तत्काल रोक लगाने की मांग की है। लोकतंत्र की नींव को कमजोर करने का आरोप संगठन के ब्लॉक अध्यक्ष राजेश द्विवेदी (प्रधान संघ उरुवा) के नेतृत्व में सौंपे गए इस ज्ञापन में कहा गया है कि पंचायती राज व्यवस्था भारत के लोकतंत्र की आधारशिला है। ग्राम पंचायतें ग्रामीण विकास की प्रथम इकाई हैं, जिनका संचालन जनता द्वारा चुने गए प्रतिनिधियों के माध्यम से ही होना चाहिए। पत्र में खेद जताया गया है कि विगत वर्षों में पंचायत चुनावों में अनावश्यक विलंब किया जाता रहा है और इस अवधि में प्रशासकों की नियुक्ति कर दी जाती है, जो न केवल अलोकतांत्रिक है बल्कि ग्राम स्तर पर विकास कार्यों में भी बाधा डालती है। संगठन की प्रमुख मांगें: समय पर चुनाव: संविधान के अनुरूप निर्धारित समय सीमा के भीतर ही अनिवार्य रूप से पंचायत चुनाव संपन्न कराए जाएं। प्रशासक नियुक्ति पर रोक: किसी भी परिस्थिति में पंचायतों में प्रशासक नियुक्त न किए जाएं। अन्य राज्यों की तर्ज पर वित्तीय एवं प्रशासनिक अधिकार ग्राम पंचायतों के पास ही रहने की स्पष्ट नीति बनाई जाए।1
- Post by दैनिक राष्ट्रीय जगत न्यूज संपा1
- Post by Vaibhav Yadav India Tv1
- मेजा विधानसभा क्षेत्र के उरुवा ब्लॉक अंतर्गत परवा ग्राम में आग लगने की अत्यंत दुःखद घटना में राज बहादुर सोनकर सहित पाँच अन्य परिवारों के घर एवं समस्त संसाधन नष्ट हो गए। इस विषम परिस्थिति में हरी कृष्णा शुक्ला द्वारा पीड़ित परिवारों को आर्थिक सहायता प्रदान की गई। साथ ही, सोनकर समाज के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व सांसद विद्याशंकर सोनकर तथा जिलाधिकारी प्रयागराज से वार्ता कर पीड़ित परिवारों को शीघ्र आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने का आग्रह किया गया, ताकि उन्हें इस संकट से उबरने में सहयोग मिल सके।1
- प्रयागराज के करछना थाना क्षेत्र में विंध्यवासिनी मंदिर के समीप नहर पुलिया निर्माण कार्य के दौरान एक बड़ा हादसा हो गया। निर्माण स्थल पर लगे सरिया के जाल में एक बाइक फंस गई, जिससे उस पर सवार युवक घायल हो गए। घटना में घायल बाइक सवारों की पहचान मानसिंह राहुल (पुत्र मानसिंह) और प्रभात (पुत्र भैयालाल) निवासी बघला, थाना लालापुर (बारा) के रूप में हुई है। दोनों को स्थानीय लोगों की मदद से मौके से हटाया गया। स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि ठेकेदार की लापरवाही के कारण यह हादसा हुआ है। उनका कहना है कि निर्माण स्थल के चारों ओर न तो पर्याप्त बैरिकेडिंग की गई थी और न ही रेडियम लाइट या चेतावनी संकेत लगाए गए थे। यदि सुरक्षा के उचित इंतजाम होते, तो इस दुर्घटना से बचा जा सकता था। घटना के बाद क्षेत्र में आक्रोश का माहौल है। लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि निर्माण कार्यों में सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन कराया जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।3
- Post by द कहर न्यूज़ एजेंसी1
- Post by Vaibhav Yadav India Tv1