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किशनगंज तहसील के घटी परानिया गांव में 1 जून को शाम 5:00 बजे से खतरनाक आंधी-तूफान और बारिश का माहौल बना हुआ है। इस खतरनाक मौसम को देखते हुए सभी नागरिकों से निवेदन किया गया है कि वे अपने घरों से बाहर न निकलें। इसके साथ ही, लोगों को ऐसे मौसम में मोटरसाइकिल या किसी भी वाहन को न चलाने की सलाह दी गई है और अपने बच्चों को भी घर से बाहर न जाने देने को कहा गया है। सभी को सतर्क और सावधान रहने की अपील की गई है।
Sonu Yogi
किशनगंज तहसील के घटी परानिया गांव में 1 जून को शाम 5:00 बजे से खतरनाक आंधी-तूफान और बारिश का माहौल बना हुआ है। इस खतरनाक मौसम को देखते हुए सभी नागरिकों से निवेदन किया गया है कि वे अपने घरों से बाहर न निकलें। इसके साथ ही, लोगों को ऐसे मौसम में मोटरसाइकिल या किसी भी वाहन को न चलाने की सलाह दी गई है और अपने बच्चों को भी घर से बाहर न जाने देने को कहा गया है। सभी को सतर्क और सावधान रहने की अपील की गई है।
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- किशनगंज तहसील के घटी परानिया गांव में 1 जून को शाम 5:00 बजे से खतरनाक आंधी-तूफान और बारिश का माहौल बना हुआ है। इस खतरनाक मौसम को देखते हुए सभी नागरिकों से निवेदन किया गया है कि वे अपने घरों से बाहर न निकलें। इसके साथ ही, लोगों को ऐसे मौसम में मोटरसाइकिल या किसी भी वाहन को न चलाने की सलाह दी गई है और अपने बच्चों को भी घर से बाहर न जाने देने को कहा गया है। सभी को सतर्क और सावधान रहने की अपील की गई है।2
- सोमवार सुबह शाहाबाद उपखंड के मूंडियर कस्बे में मौसम में अचानक बड़ा बदलाव देखने को मिला। अचानक आसमान में घनघोर घटा छा गई, तेज हवा चली और इसके साथ ही भारी बरसात व ओले गिरने लगे। मिली जानकारी के अनुसार, सुबह बादल घिरते ही चारों ओर अंधेरा छा गया और कुछ ही देर में चने के आकार के ओले गिरने लगे, जिसके बाद तेज बरसात शुरू हो गई। बरसात इतनी तेज़ थी कि दूर-दूर तक कुछ भी दिखाई नहीं दे रहा था। इसी बीच, समरानिया कस्बे से भी बरसात के साथ छोटे-छोटे ओले गिरने की खबर मिली है। यह तेज़ बरसात लगभग 15 से 20 मिनट तक जारी रही, जिससे राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 27 और गलियारों में पानी भर गया। इस बरसात और ओलावृष्टि से इलाके का मौसम सुहाना हो गया है।2
- सोमवार सुबह पनवाड़ और दहीखेड़ा क्षेत्र में मौसम का मिजाज अचानक बदल गया। सुबह करीब 7 बजे आसमान में घने बादल छा गए, जिसके तुरंत बाद मूसलाधार बारिश शुरू हो गई। इस तेज बारिश के साथ ही, क्षेत्र में लगभग 5 मिनट तक चने के आकार के ओले भी गिरे। करीब आधे घंटे तक हुई इस बारिश के कारण सड़कों पर पानी बह निकला, जिससे कुछ देर के लिए आवागमन भी थम सा गया। इस अप्रत्याशित बारिश ने पिछले कई दिनों से पड़ रही भीषण गर्मी और उमस से परेशान लोगों को बड़ी राहत दी है। मौसम में आई इस तब्दीली से तापमान में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई है, जिससे चारों ओर ठंडक घुल गई है और मौसम खुशनुमा हो गया है।1
- Post by बंटी कुमार सहरिया1
- मत्स्यासन, जिसे 'फिश पोज़' के नाम से भी जाना जाता है, शरीर में पूर्ण लचीलता प्रदान करता है।1
- छीपाबड़ौद में भारत विकास परिषद, शाखा द्वारा स्थानीय राधाकृष्ण इंग्लिश एकेडमी स्कूल में तीन दिवसीय 'बाल संस्कार शिविर' का भव्य शुभारंभ हुआ। इस शिविर का मुख्य उद्देश्य बच्चों में भारतीय संस्कृति, नैतिक मूल्यों और अनुशासन का संचार करना है, जिसमें बच्चों ने पूरे उत्साह के साथ भागीदारी निभाई है। कार्यक्रम का विधिवत उद्घाटन प्रांतीय संयोजक महेंद्र नागर, शाखा अध्यक्ष दीपक जैन और कोषाध्यक्ष कौशल किशोर गोयल ने भारत माता व स्वामी विवेकानंद जी के चित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इस अवसर पर वक्ताओं ने बच्चों को महापुरुषों के जीवन से प्रेरणा लेने का आह्वान किया। शाखा संस्कार संयोजक दिनेश अग्रवाल ने बताया कि शिविर के पहले दिन 45 बच्चों ने उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया। शिविर का पहला सत्र शारीरिक स्वास्थ्य पर केंद्रित रहा, जहाँ श्याम बहादुर ने बच्चों को योगाभ्यास कराया और उन्हें अनुशासित जीवन जीने के गुर सिखाए। साथ ही, बच्चों के लिए रोचक खेल प्रतियोगिताओं का भी आयोजन किया गया, जिनमें उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले बच्चों को पुरस्कृत करने की घोषणा की गई। दूसरे सत्र में शिव योगी ने बच्चों का मार्गदर्शन करते हुए उन्हें भारतीय संस्कारों, पारिवारिक मूल्यों और महान व्यक्तित्वों की गौरवगाथाओं से अवगत कराया। उन्होंने बच्चों को समाज और परिवार के प्रति अपने कर्तव्यों के प्रति सजग रहने के लिए भी प्रेरित किया। इस कार्यक्रम को सफल बनाने में सेवा संयोजक आशीष बिंदल, मनीष मित्तल, धनराज सुमन सहित परिषद के अन्य सदस्यों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। शिविर के समापन पर सभी बच्चों को अल्पाहार वितरित किया गया। यह शिविर बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए एक सराहनीय कदम साबित हो रहा है।4
- सोमवार दोपहर 12 बजे शाहाबाद क्षेत्र में मौसम का मिजाज अचानक बदल गया, जिसके बाद तेज हवाओं के साथ बारिश हुई और हल्के ओले भी गिरे। इस मौसमी बदलाव से जहाँ एक ओर लोगों को गर्मी से राहत मिली, वहीं दूसरी ओर किसानों की चिंताएँ बढ़ गईं। कई गाँवों में कुछ समय तक ओले गिरने के कारण खेतों में खड़ी फसलों और पशुओं के चारे को नुकसान पहुँचने की आशंका जताई जा रही है। किसानों का कहना है कि यदि यह मौसम इसी तरह बना रहा तो चारे की गुणवत्ता पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। इस मौसम परिवर्तन का जनजीवन पर भी असर दिखा, और लोग सुरक्षित स्थानों की ओर भागते नज़र आए।1
- शाहाबाद में 'वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान' और खरीफ पूर्व तैयारियों के तहत एक कृषक गोष्ठी का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य किसानों को उन्नत कृषि तकनीकों, प्राकृतिक खेती, जल संरक्षण और पशुपालन संबंधी महत्वपूर्ण जानकारियाँ प्रदान करना था। गोष्ठी में मुख्य अतिथि उपखंड अधिकारी सुनील कुमार ने किसानों से कृषि एवं जल संरक्षण गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी का आह्वान किया। उपनिदेशक पशुपालन डॉ. सतीश चंद ने पशुपालन को कृषि के साथ जोड़कर आय बढ़ाने के विभिन्न उपाय सुझाए, जबकि कृषि अधिकारी श्री सी.पी. गुर्जर ने खरीफ फसलों की उन्नत खेती और संबंधित विभागीय योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी। राजीविका से सुनील शर्मा, सिकोइडिकॉन से बद्री जाट, और सहायक कृषि अधिकारी शाहाबाद नीरज कुमार शर्मा ने प्राकृतिक खेती, जल संरक्षण, और किसानों के लिए संचालित विभिन्न सरकारी योजनाओं पर अपने विचार व्यक्त किए। इस दौरान, उपस्थित प्रगतिशील किसानों ने भी अपने अनुभव साझा किए और आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाने पर जोर दिया। कार्यक्रम में कृषि पर्यवेक्षक प्रदीप मेहता, पूजा चौधरी, पुरुषोत्तम, रामभजन माली, अल्का पंकज सहित बड़ी संख्या में किसानों की उपस्थिति रही। कार्यक्रम के दौरान किसानों की समस्याओं का समाधान किया गया और कृषि एवं संबद्ध विभागों की योजनाओं की विस्तृत जानकारी प्रदान की गई। अंत में, सभी किसानों से जल संरक्षण, प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण और उन्नत कृषि तकनीकों को अपनाकर कृषि उत्पादन बढ़ाने का आह्वान किया गया।3