शहडोल जिले के थाना जयसिंहनगर क्षेत्र में मानवता की एक अनूठी मिसाल सामने आई है, जहां शनिवार देर रात लगभग 10 बजे सड़क हादसे में गंभीर रूप से घायल दो युवकों के लिए डायल-112 के पायलट चैन सिंह देवदूत साबित हुए। उन्होंने बिना किसी झिझक के और अपनी वर्दी की परवाह किए बिना लहूलुहान घायलों को सहारा देकर पुलिस वाहन में बैठाया और अस्पताल पहुंचाकर उनकी जान बचाने में अहम भूमिका निभाई। यह हादसा ग्राम कुबरा और चंदेल के बीच हुआ, जहां एक तेज रफ्तार अज्ञात वाहन ने मोटरसाइकिल सवार दो युवकों को जोरदार टक्कर मार दी थी। टक्कर इतनी भीषण थी कि दोनों युवक लहूलुहान होकर सड़क पर तड़प रहे थे और रात के सन्नाटे में उनकी जान पर खतरा मंडरा रहा था। राहगीरों की सूचना पर डायल-112 (FRV-10) के पायलट चैन सिंह और स्टाफ प्रहलाद सिंह मार्को बिना एक भी पल गंवाए तुरंत मौके पर पहुंचे। अस्पताल पहुंचने के बाद भी दोनों पुलिसकर्मियों ने घायलों का साथ नहीं छोड़ा और उन्हें खुद संभालते हुए डॉक्टरों तक पहुंचाया, जिससे उनका समय पर इलाज शुरू हो सका। इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसे देखकर लोग पायलट चैन सिंह और उनकी टीम की कर्तव्यनिष्ठा और संवेदनशीलता को सलाम कर रहे हैं।
शहडोल जिले के थाना जयसिंहनगर क्षेत्र में मानवता की एक अनूठी मिसाल सामने आई है, जहां शनिवार देर रात लगभग 10 बजे सड़क हादसे में गंभीर रूप से घायल दो युवकों के लिए डायल-112 के पायलट चैन सिंह देवदूत साबित हुए। उन्होंने बिना किसी झिझक के और अपनी वर्दी की परवाह किए बिना लहूलुहान घायलों को सहारा देकर पुलिस वाहन में बैठाया और अस्पताल पहुंचाकर उनकी जान बचाने में अहम भूमिका निभाई। यह हादसा ग्राम कुबरा और चंदेल के बीच हुआ, जहां एक तेज रफ्तार अज्ञात वाहन ने मोटरसाइकिल सवार दो युवकों को जोरदार टक्कर मार दी थी। टक्कर इतनी भीषण थी कि दोनों युवक लहूलुहान होकर सड़क पर तड़प रहे थे और रात के सन्नाटे में उनकी जान पर खतरा मंडरा रहा था। राहगीरों की सूचना पर डायल-112 (FRV-10) के पायलट चैन सिंह और स्टाफ प्रहलाद सिंह मार्को बिना एक भी पल गंवाए तुरंत मौके पर पहुंचे। अस्पताल पहुंचने के बाद भी दोनों पुलिसकर्मियों ने घायलों का साथ नहीं छोड़ा और उन्हें खुद संभालते हुए डॉक्टरों तक पहुंचाया, जिससे उनका समय पर इलाज शुरू हो सका। इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसे देखकर लोग पायलट चैन सिंह और उनकी टीम की कर्तव्यनिष्ठा और संवेदनशीलता को सलाम कर रहे हैं।
- अनूपपुर में आगामी नगर पालिका चुनावों को देखते हुए भारतीय गण वार्ता (भगवा) पार्टी ने सांगठनिक विस्तार अभियान के तहत देवेंद्र कोल को वार्ड क्रमांक-06 का वार्ड अध्यक्ष नियुक्त किया है। पार्टी के जिला प्रवक्ता धर्मेंद्रकांत तिवारी द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, प्रदेश और राष्ट्रीय नेतृत्व की अनुशंसा पर जिलाध्यक्ष कन्हैयालाल मिश्रा ने देवेंद्र कोल को यह जिम्मेदारी सौंपी है, जिसका नियुक्ति पत्र 12 जुलाई 2026 को जारी किया गया। इस नियुक्ति का मुख्य उद्देश्य आगामी नगर निकाय चुनावों के मद्देनजर बूथ स्तर तक संगठन को सशक्त बनाना और आमजन की समस्याओं को प्राथमिकता से उठाना है। जिलाध्यक्ष कन्हैयालाल मिश्रा ने इस मौके पर कहा कि सनातन संस्कृति, भारतीय संस्कृति, राष्ट्रहित और जनकल्याण के मूल्यों को लेकर पार्टी लगातार जनता के बीच कार्य करेगी और नगर पालिका चुनाव में एक मजबूत विकल्प के रूप में उभरेगी। नवनियुक्त वार्ड अध्यक्ष देवेंद्र कोल ने पार्टी नेतृत्व का आभार जताते हुए पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ वार्ड की समस्याओं के समाधान और सनातन धर्म व राष्ट्रहित के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प लिया। इस नियुक्ति पर राष्ट्रीय महासचिव मुरारी लाल पाण्डेय, प्रदेश सचिव विवेक सरावगी, सुजीत मिश्रा सहित पार्टी के कई वरिष्ठ पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने देवेंद्र कोल को शुभकामनाएं देते हुए उनके नेतृत्व में संगठन के मजबूत होने का विश्वास जताया है।1
- शहडोल रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म क्रमांक-1 पर संचालित स्टॉल क्रमांक-2 और 4 में खाद्य सामग्री की गुणवत्ता, स्वच्छता और नियमों के पालन को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। मेसर्स एस.एल. कछवाहा एंड संस द्वारा संचालित इन स्टॉलों में भारतीय रेलवे, आईआरसीटीसी और भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) के नियमों की खुलेआम अनदेखी की जा रही है। प्लेटफॉर्म और उसके बाहर हो रही ये सभी गतिविधियां सर्वोच्च सत्ता के कैमरे में भी कैद हैं। मामले की सत्यता जानने के लिए जब पत्रकारों की टीम ने मौके का दौरा किया, तो वहाँ का नजारा बेहद भयावह था। यात्रियों को रेल आहार के नाम पर परोसा जाने वाला भोजन किसी स्वच्छ रसोई के बजाय अत्यंत अस्वच्छ और गुणवत्ता विहीन स्थानों पर तैयार किया जा रहा है। जिस जगह पर चाय बनाई जाती है, उसके आसपास गंदगी का अंबार लगा हुआ है। साथ ही, एक गुमटीनुमा किचन में समोसा और आलू बंडा जैसी खाद्य सामग्रियां तैयार करने के दौरान साफ-सफाई के बुनियादी मानकों की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। यह स्थिति न केवल रेलवे और आईआरसीटीसी की कैटरिंग नीति का उल्लंघन है, बल्कि फ़ूड सेफ्टी एंड स्टैण्डर्ड्स एक्ट, 2006 तथा FSSAI के खाद्य सुरक्षा एवं स्वच्छता मानकों की भी गंभीर अवहेलना है। स्टेशन पर यात्रियों की सेहत के साथ खिलवाड़ करते हुए स्वच्छता और खाद्य गुणवत्ता के नियमों को पूरी तरह तिलांजलि दे दी गई है।1
- चंदिया में हिंदू बहनों के साथ हुए लव जिहाद के विरोध में विश्व हिंदू परिषद् और बजरंग दल उमरिया जिला द्वारा कलेक्टर परिसर में जोरदार विरोध प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शनकारियों ने इस मामले के आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए एक ज्ञापन भी सौंपा है। इस प्रदर्शन के दौरान संगठन के कार्यकर्ताओं ने जिहादी मानसिकता के अपराधी मोहम्मद हारुन खान एवं इश्तियाक मौलाना के घरों को जमींदोज करने की मांग की। इसके साथ ही मामले की गंभीरता को देखते हुए इसे फास्ट ट्रैक कोर्ट में चलाने और अपराधियों को जल्द से जल्द फांसी की सजा देने की जोरदार मांग उठाई गई। इस विरोध प्रदर्शन में विश्व हिंदू परिषद् उमरिया जिला अध्यक्ष सुरेश द्विवेदी जी, चंदिया प्रखंड अध्यक्ष खुल्लू शर्मा जी, चंदिया प्रखंड संयोजक गौरव वर्मा जी, मातृशक्ति प्रांत सहसंयोजिका श्रीमती निधि श्रीवास्तव दीदी, श्रीमती सपना दहिया दीदी, जिला मंत्री श्रीमती सुषमा गुप्ता दीदी और मातृशक्ति जिला संयोजिका कामना साहू दीदी उपस्थित रहीं। इसके अलावा पवन तिवारी जी, प्रदीप सेन जी, चंदिया प्रखंड उपाध्यक्ष चिराग लोकचंदानी, चंदिया प्रखंड सहसंयोजक गुड्डू कुशवाहा जी, शिवांश अग्रवाल जी, संदीप बाधवा जी, पवन त्रिपाठी जी, उपेंद्र सिंह जी, सोनू विश्वकर्मा जी, शिवम् तिवारी जी, गोविंद द्विवेदी जी, डॉ अखिलेश तिवारी जी, श्री राकेश शर्मा जी, श्री विभूति गौतम जी, निक्की रजक जी, जया श्रीवास्तव जी सहित सैकड़ों अन्य कार्यकर्ता भी इसमें शामिल हुए।1
- शहडोल के जयसिंहनगर क्षेत्र में स्थित ग्राम बराटोला के नजदीकी जंगल में एक बाघ को घूमते हुए देखा गया है। बाघ की मौजूदगी की सूचना मिलने के बाद स्थानीय स्तर पर सुरक्षा को लेकर चेतावनी जारी की गई है और लोगों को फिलहाल जंगल की ओर न जाने के लिए कहा गया है। बराटोला के अलावा ग्राम अंतौली, ठेगरहा, अटरिया और बैरिया से लगे जंगलों के पास रहने वाले ग्रामीणों से विशेष निवेदन किया गया है कि वे पूटू पिहिरी निकालने के लिए जंगल के भीतर न जाएं। इसके साथ ही बच्चों को भी जंगल की तरफ भेजने से पूरी तरह बचने तथा हर समय सावधान, सतर्क और सुरक्षित रहने की अपील की गई है।1
- डिंडोरी जिले के करंजिया ब्लॉक अंतर्गत ग्राम पंचायत परसेल मॉल के ग्राम परसेल रैयत टिकरा देवरी में एक नए गोंडवाना कृषि फार्म हाउस का शुभारंभ हुआ है। इस नव-प्रारंभ फार्म हाउस में मुख्य रूप से टमाटर, मिर्ची और भांटा की खेती की जाएगी।1
- बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में 1 जुलाई से लापता कॉलर लगी मादा बाघिन को आखिरकार 12 जुलाई 2026 को सफलतापूर्वक खोज लिया गया है। फील्ड डायरेक्टर डॉ. अनुपम सहाय ने बताया कि इस बाघिन की जीपीएस/वीएचएफ लोकेशन 1 जुलाई 2026 की दोपहर लगभग 2:00 बजे के बाद से प्राप्त नहीं हो रही थी। लोकेशन बंद होने के तत्काल बाद से ही वन परिक्षेत्र अधिकारी के नेतृत्व में सुरक्षा श्रमिकों और बीट गार्डों द्वारा सघन गश्त और खोज अभियान शुरू किया गया था। खोज अभियान को व्यापक बनाने के लिए पहले पांच-पांच सदस्यों की तीन टीमें बनाई गईं, लेकिन लगातार भारी बारिश के चलते लोकेशन नहीं मिल पाई। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं मुख्य वन्यजीव अभिरक्षक मध्य प्रदेश के मार्गदर्शन में क्षेत्र संचालक द्वारा एक विशेष खोज दल का गठन किया गया। इस दल में वन्यप्राणी स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. राजेश तोमर और वाइल्डलाइफ कंजर्वेशन ट्रस्ट (WCT) के डॉ. प्रशांत देशमुख को शामिल किया गया। अभियान में दो प्रशिक्षित हाथियों, महावतों और वीएचएफ सर्च के लिए चार रिसीवर एंटीना का उपयोग किया गया। इसके साथ ही ट्रैप कैमरों और काफी जोखिमपूर्ण पदचिन्हों को ढूंढने का सहारा भी लिया गया। लगभग 100 वर्ग किलोमीटर के वन क्षेत्र में लगातार हुई बारिश के बावजूद आज डॉग स्क्वाड और ग्रामीणों से मिली सूचनाओं के विश्लेषण के बाद खोजी दल ने सबसे पहले बाघिन के पदचिन्ह खोज निकाले। इसके बाद हाथियों के दल की मदद से बाघिन को उसके होम रेंज में ही सफलतापूर्वक ढूंढ लिया गया। बाघिन पूरी तरह स्वस्थ और सुरक्षित है, लेकिन उसका रेडियो कॉलर पूरी तरह काम करना बंद कर चुका है। अब इस बाघिन की भविष्य में मॉनिटरिंग के लिए भोपाल मुख्यालय से मार्गदर्शन प्राप्त करने की कार्यवाही की जा रही है।4
- चंदिया की हिंदू बहनों के साथ हुए लव जिहाद के विरोध में विश्व हिंदू परिषद् और बजरंग दल उमरिया जिला द्वारा कलेक्टर परिसर में जोरदार विरोध प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शनकारियों ने इस गंभीर मामले के खिलाफ प्रशासन को ज्ञापन सौंपा है। उनकी मांग है कि जिहादी मानसिकता के अपराधी मोहम्मद हारुन खान और इश्तियाक मौलाना के घरों को तत्काल जमींदोज किया जाए। इसके साथ ही पीड़ित पक्षों को न्याय दिलाने के लिए इस मामले की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में चलाने और दोषियों को जल्द से जल्द फांसी की सजा देने की पुरजोर मांग की गई है। इस आक्रोशपूर्ण प्रदर्शन में विश्व हिंदू परिषद् उमरिया के जिला अध्यक्ष सुरेश द्विवेदी जी, चंदिया प्रखंड अध्यक्ष खुल्लू शर्मा जी, चंदिया प्रखंड संयोजक गौरव वर्मा जी, मातृशक्ति प्रांत सहसंयोजिका श्रीमती निधि श्रीवास्तव दीदी, श्रीमती सपना दहिया दीदी, जिला मंत्री श्रीमती सुषमा गुप्ता दीदी और मातृशक्ति जिला संयोजिका कामना साहू दीदी मुख्य रूप से शामिल हुईं। इनके अलावा प्रदर्शन में पवन तिवारी जी, प्रदीप सेन जी, चंदिया प्रखंड उपाध्यक्ष चिराग लोकचंदानी, सहसंयोजक गुड्डू कुशवाहा जी, शिवांश अग्रवाल जी, संदीप बाधवा जी, पवन त्रिपाठी जी, उपेंद्र सिंह जी, सोनू विश्वकर्मा जी, शिवम तिवारी जी, गोविंद द्विवेदी जी, डॉ अखिलेश तिवारी जी, श्री राकेश शर्मा जी, श्री विभूति गौतम जी, निक्की रजक जी, जया श्रीवास्तव जी सहित सैकड़ों अन्य कार्यकर्ता भी पूरी ताकत के साथ मौजूद रहे।1
- मध्य प्रदेश के उमरिया जिले में नेशनल हाईवे-43 स्थित देवगांव रेलवे क्रॉसिंग के डायवर्सन मार्ग पर रविवार को एक बड़ा सड़क हादसा टल गया। सतना से शहडोल जा रही गहरवार ट्रेवल्स की एक यात्री बस अचानक सड़क किनारे बने गहरे गड्ढे में उतर गई। राहत की बात यह रही कि बस में सवार सभी 25 यात्री पूरी तरह सुरक्षित हैं और किसी को भी चोट नहीं आई है। बस चालक फैज ने बताया कि देवगांव डायवर्सन से गुजरते समय अचानक सामने से एक कार आ गई थी। आमने-सामने की टक्कर से बचाने के लिए उन्होंने सूझबूझ दिखाते हुए बस को सड़क के किनारे मोड़ा, जिससे बस का पहिया डायवर्सन मार्ग पर बने गहरे गड्ढे में उतर गया और बस वहां असंतुलित होकर फंस गई। बस के अचानक गड्ढे में उतरते ही यात्रियों के बीच कुछ देर के लिए अफरा-तफरी मच गई और लोग घबराकर बाहर निकलने की कोशिश करने लगे। हालांकि, चालक और अन्य लोगों की मदद से सभी यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। इस घटना के बाद बदहाल देवगांव रेलवे क्रॉसिंग डायवर्सन मार्ग की स्थिति पर भी गंभीर सवाल उठने लगे हैं। यात्रियों का कहना है कि यह मार्ग लंबे समय से खराब हालत में है और सड़क के बीच व किनारों पर बने गहरे गड्ढे लगातार हादसों को न्योता दे रहे हैं। घटना के बाद बस को गड्ढे से बाहर निकालने के प्रयास शुरू किए गए, जिससे कुछ समय के लिए यातायात भी प्रभावित रहा। स्थानीय लोगों ने संबंधित विभाग से इस डायवर्सन मार्ग की तत्काल मरम्मत कराने और सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम करने की मांग की है ताकि भविष्य में किसी बड़े हादसे को रोका जा सके।2