सतगुरु रामपाल जी महाराज के अनुयायी उनके द्वारा चलाई जा रही विभिन्न मुहिमों और चमत्कारी कार्यों का बखान कर रहे हैं, दावा है कि ये पहलें 'कलयुग में सतयुग की शुरुआत' का संकेत हैं। उनके नेतृत्व में 'अन्नपूर्णा मुहिम', 'दहेज मुक्त रमैनी विवाह' और 'किसान बचाओ अभियान' जैसी योजनाएं चलाई जा रही हैं। पोस्ट में कई ऐसे प्रश्न उठाए गए हैं जिनके उत्तर 'Factful Debates' यूट्यूब चैनल पर प्रसारित 'कलयुग में सतयुग की शुरुआत भाग 7' में देखने के लिए प्रेरित किया गया है। इन प्रश्नों में असम के पहाड़ी गाँव का उल्लेख है, जहाँ हाइड्रोलिक सर्वे के बावजूद पानी का कोई स्रोत नहीं बताया गया था, लेकिन वहाँ से 4 लेयर पानी कैसे निकला। इसी तरह, मेहरड़ा गाँव में संत रामपाल जी महाराज द्वारा 30 साल पुराने जल संकट को मात्र 3 दिनों में कैसे खत्म किया गया, जबकि सरकारी प्रयासों के तहत 800 फीट बोरिंग के बावजूद पानी नहीं निकला था। इस पोस्ट के माध्यम से यह भी जानने के लिए उत्सुकता जगाई जा रही है कि भारत पुनः 'सोने की चिड़िया' कैसे बनेगा और संत रामपाल जी महाराज का इसके लिए क्या रोडमैप है। लोगों के मन में यह भी सवाल है कि हरियाणा से लेकर असम तक के लोग संत रामपाल जी महाराज को भगवान क्यों कह रहे हैं। दावा है कि भविष्य मालिका, कबीर सागर और बाइबल जिस महापुरुष का संकेत दे रहे हैं, वह धरती पर आ चुका है, जो इंसानों के साथ-साथ बेजुबानों की भी सुध ले रहा है।
सतगुरु रामपाल जी महाराज के अनुयायी उनके द्वारा चलाई जा रही विभिन्न मुहिमों और चमत्कारी कार्यों का बखान कर रहे हैं, दावा है कि ये पहलें 'कलयुग में सतयुग की शुरुआत' का संकेत हैं। उनके नेतृत्व में 'अन्नपूर्णा मुहिम', 'दहेज मुक्त रमैनी विवाह' और 'किसान बचाओ अभियान' जैसी योजनाएं चलाई जा रही हैं। पोस्ट में कई ऐसे प्रश्न उठाए गए हैं जिनके उत्तर 'Factful Debates' यूट्यूब चैनल पर प्रसारित 'कलयुग में सतयुग की शुरुआत भाग 7' में देखने के लिए प्रेरित किया गया है। इन प्रश्नों में असम के पहाड़ी गाँव का उल्लेख है, जहाँ हाइड्रोलिक सर्वे के बावजूद पानी का कोई स्रोत नहीं बताया गया था, लेकिन वहाँ से 4 लेयर पानी कैसे निकला। इसी तरह, मेहरड़ा गाँव में संत रामपाल जी महाराज द्वारा 30 साल पुराने जल संकट को मात्र 3 दिनों में कैसे खत्म किया गया, जबकि सरकारी प्रयासों के तहत 800 फीट बोरिंग के बावजूद पानी नहीं निकला था। इस पोस्ट के माध्यम से यह भी जानने के लिए उत्सुकता जगाई जा रही है कि भारत पुनः 'सोने की चिड़िया' कैसे बनेगा और संत रामपाल जी महाराज का इसके लिए क्या रोडमैप है। लोगों के मन में यह भी सवाल है कि हरियाणा से लेकर असम तक के लोग संत रामपाल जी महाराज को भगवान क्यों कह रहे हैं। दावा है कि भविष्य मालिका, कबीर सागर और बाइबल जिस महापुरुष का संकेत दे रहे हैं, वह धरती पर आ चुका है, जो इंसानों के साथ-साथ बेजुबानों की भी सुध ले रहा है।
- सतगुरु रामपाल जी महाराज के अनुयायी उनके द्वारा चलाई जा रही विभिन्न मुहिमों और चमत्कारी कार्यों का बखान कर रहे हैं, दावा है कि ये पहलें 'कलयुग में सतयुग की शुरुआत' का संकेत हैं। उनके नेतृत्व में 'अन्नपूर्णा मुहिम', 'दहेज मुक्त रमैनी विवाह' और 'किसान बचाओ अभियान' जैसी योजनाएं चलाई जा रही हैं। पोस्ट में कई ऐसे प्रश्न उठाए गए हैं जिनके उत्तर 'Factful Debates' यूट्यूब चैनल पर प्रसारित 'कलयुग में सतयुग की शुरुआत भाग 7' में देखने के लिए प्रेरित किया गया है। इन प्रश्नों में असम के पहाड़ी गाँव का उल्लेख है, जहाँ हाइड्रोलिक सर्वे के बावजूद पानी का कोई स्रोत नहीं बताया गया था, लेकिन वहाँ से 4 लेयर पानी कैसे निकला। इसी तरह, मेहरड़ा गाँव में संत रामपाल जी महाराज द्वारा 30 साल पुराने जल संकट को मात्र 3 दिनों में कैसे खत्म किया गया, जबकि सरकारी प्रयासों के तहत 800 फीट बोरिंग के बावजूद पानी नहीं निकला था। इस पोस्ट के माध्यम से यह भी जानने के लिए उत्सुकता जगाई जा रही है कि भारत पुनः 'सोने की चिड़िया' कैसे बनेगा और संत रामपाल जी महाराज का इसके लिए क्या रोडमैप है। लोगों के मन में यह भी सवाल है कि हरियाणा से लेकर असम तक के लोग संत रामपाल जी महाराज को भगवान क्यों कह रहे हैं। दावा है कि भविष्य मालिका, कबीर सागर और बाइबल जिस महापुरुष का संकेत दे रहे हैं, वह धरती पर आ चुका है, जो इंसानों के साथ-साथ बेजुबानों की भी सुध ले रहा है।1
- बड़ोद (आगर) में जैन सोशल ग्रुप बड़ोद और मुरलीधर कृपा हॉस्पिटल, मक्सी के संयुक्त तत्वावधान में रविवार को महावीर जैन विद्या मंदिर में एक नि:शुल्क नेत्र परीक्षण एवं परामर्श शिविर आयोजित किया गया। इस शिविर में 150 मरीजों का नेत्र परीक्षण किया गया, जबकि मोतियाबिंद से पीड़ित 30 मरीजों को नि:शुल्क ऑपरेशन के लिए मक्सी भेजा गया। शिविर में डॉ. विजय पटेल के नेतृत्व में प्रदीप भावसार, हरपाल सिंह और दीपक मालवीय सहित एक चिकित्सा दल ने अपनी सेवाएं प्रदान कीं, जहाँ मरीजों को नेत्र संबंधी रोगों की जांच के साथ आवश्यक परामर्श भी दिया गया। इस अवसर पर जैन सोशल ग्रुप के राष्ट्रीय अध्यक्ष कमलेश कोठारी के आह्वान पर वृक्षारोपण सप्ताह के प्रथम दिवस महावीर जैन विद्या मंदिर परिसर में वृक्षारोपण भी किया गया। कार्यक्रम में ग्रुप अध्यक्ष पंकज पिछोलिया, राजेन्द्र लाडवा राठौर, कमलेश नवलखा, हेमंत तरवैचा, मनोज चंद्र गोत्रीय सहित ग्रुप के कई सदस्य उपस्थित रहे। ग्रुप पदाधिकारियों ने जानकारी दी कि जैन सोशल ग्रुप बड़ोद द्वारा पिछले कई वर्षों से प्रत्येक माह के प्रथम रविवार को नियमित रूप से नि:शुल्क नेत्र शिविर का आयोजन किया जा रहा है, जिससे क्षेत्र के सैकड़ों जरूरतमंद मरीज लाभान्वित हो रहे हैं।4
- झालावाड़ जिले के गंगधार क्षेत्र में रविवार शाम को तेज हवाओं के साथ अच्छी बारिश हुई, जिससे भीषण गर्मी के कई दिनों बाद लोगों को बड़ी राहत मिली और मौसम सुहावना हो गया। इस बारिश का आनंद लेते हुए बच्चे और युवा साफ तौर पर देखे गए। बारिश से खेतों में भी पर्याप्त नमी आई है, जिससे किसान खुश हैं। इसके साथ ही, मौसम विभाग ने जिले में आगे भी बारिश की संभावना जताई है।4
- मेला ग्राउंड में एक सांसद ने ढाई करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से बनने वाली एक पुलिया का भूमिपूजन किया।1
- माकड़ौन नगर के बस स्टैंड, जिसे अंबेडकर बस स्टैंड भी कहा गया है, पर यात्रियों को बैठने के लिए यात्री प्रतीक्षालय और पीने के पानी की व्यवस्था न होने से उन्हें भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। प्रतीक्षालय के अभाव के कारण यात्रीगणों को धूप में बैठकर बसों का इंतजार करना पड़ता है, जिससे उनकी परेशानी और बढ़ जाती है। यात्रियों की इस समस्या को देखते हुए नगर निकाय से इस ओर शीघ्र ध्यान देने की अपील की गई है ताकि इन मूलभूत सुविधाओं को उपलब्ध कराया जा सके।1
- Post by कालू Khan1
- अगर मालवा जिले के मेला ग्राउंड में सांसद ने ढाई करोड़ रुपये की लागत से बनने वाली एक पुलिया का भूमिपूजन किया।1
- सुसनेर में एक हृदय विदारक घटना सामने आई है, जहाँ सिंचाई विभाग कार्यालय के ठीक सामने एक गर्भवती गाय को ट्रक ने टक्कर मार दी। इस गंभीर हादसे के बाद, स्थानीय पुलिस ने संबंधित ट्रक को अपनी हिरासत में ले लिया है।1