जालौन और बिजनौर जनपदों से जुड़े एक मामले में गैंगस्टर अतीक अहमद की लगभग 1,68,13,32,600 रुपये की अचल संपत्ति कुर्क कर ली गई है। जालौन के जिलाधिकारी के आदेश पर अतीक अहमद की यह संपत्ति जब्त की गई है, जिसे उसने अपराध से अर्जित धन से खरीदा था। इस कार्रवाई का आधार 21 दिसंबर 2023 को जालौन के थाना एट क्षेत्र में सामने आया एक मामला है। वहां एट टोल प्लाजा के पास वाहन चेकिंग के दौरान पुलिस को एक ट्रक कंटेनर से 21,000 किलोग्राम संदिग्ध मांस बरामद हुआ था। कागजातों की जांच में सामने आया कि ड्राइवर ने फर्जी और कूट रचित दस्तावेज प्रस्तुत किए थे, जिसमें कंटेनर में फिश फूड लदा होने का दावा किया गया था, जबकि यह अवैध तरीके से परिवहन किया जा रहा था। पुलिस ने वाहन को कब्जे में लेकर थाना स्थानीय पर अभियोग पंजीकृत किया और संदिग्ध मांस को पशु चिकित्साधिकारी द्वारा सैंपलिंग कराकर परीक्षण के लिए भेजा। परीक्षण रिपोर्ट में इसकी पुष्टि गोमांस के रूप में हुई, जिसके बाद माननीय न्यायालय की अनुमति से इसे नियमानुसार जमीन में दफन कर दिया गया। विवेचना के दौरान अतीक अहमद पुत्र मो. उमर, जो निजामुद्दीन, नई दिल्ली का निवासी है और मूल रूप से बिजनौर जनपद के कस्बा सहसपुर का रहने वाला है, तथा उसके पांच अन्य साथियों का नाम प्रकाश में आया। इसके बाद थाना एट में अतीक अहमद और उसके साथियों के खिलाफ गिरोह बंद समाज विरोधी क्रियाकलाप निवारण अधिनियम 1986 की धारा 2/3 के तहत मु.अ.सं. 16/2024 पंजीकृत किया गया, जिसकी विवेचना प्रभारी निरीक्षक कोंच द्वारा की जा रही है। बिजनौर जनपद के धामपुर में स्थित अतीक अहमद की अचल संपत्तियों, जिनमें उमर इंटरनेशनल स्लाटर हाउस (गाटा संख्या 46, 102, 40, 52, 54, 45, 44/1), गाटा संख्या 47 पर स्थित तालाब, और गाटा संख्या 101 व 122 मि. में स्थित कृषि योग्य भूमि शामिल है, को संपत्ति जब्तीकरण की धारा 14(1) के तहत कुर्क किया गया। यह कार्रवाई राजस्व टीम, संबंधित क्षेत्रीय लेखपाल, नियुक्त प्रशासक एसडीएम धामपुर (बिजनौर) और स्थानीय गवाहों की उपस्थिति में की गई, जिसमें दृश्यमान जगह पर नोटिस लगाए गए और मुनादी भी करवाई गई। स्पष्ट किया गया है कि अभियुक्त का कोई रजिस्टर्ड व्यवसाय नहीं है और उसकी ज्ञात आय के स्रोत इतने नहीं हैं कि वह यह संपत्ति खरीद सके, अतः यह संपत्ति अपराध से अर्जित धन से क्रय की गई थी।
जालौन और बिजनौर जनपदों से जुड़े एक मामले में गैंगस्टर अतीक अहमद की लगभग 1,68,13,32,600 रुपये की अचल संपत्ति कुर्क कर ली गई है। जालौन के जिलाधिकारी के आदेश पर अतीक अहमद की यह संपत्ति जब्त की गई है, जिसे उसने अपराध से अर्जित धन से खरीदा था। इस कार्रवाई का आधार 21 दिसंबर 2023 को जालौन के थाना एट क्षेत्र में सामने आया एक मामला है। वहां एट टोल प्लाजा के पास वाहन चेकिंग के दौरान पुलिस को एक ट्रक कंटेनर से 21,000 किलोग्राम संदिग्ध मांस बरामद हुआ था। कागजातों की जांच में सामने आया कि ड्राइवर ने फर्जी और कूट रचित दस्तावेज प्रस्तुत किए थे, जिसमें कंटेनर में फिश फूड लदा होने का दावा किया गया था, जबकि यह अवैध तरीके से परिवहन किया जा रहा था। पुलिस ने वाहन को कब्जे में लेकर थाना स्थानीय पर अभियोग पंजीकृत किया और संदिग्ध मांस को पशु चिकित्साधिकारी द्वारा सैंपलिंग कराकर परीक्षण के लिए भेजा। परीक्षण रिपोर्ट में इसकी पुष्टि गोमांस के रूप में हुई, जिसके बाद माननीय न्यायालय की अनुमति से इसे नियमानुसार जमीन में दफन कर दिया गया। विवेचना के दौरान अतीक अहमद पुत्र मो. उमर, जो निजामुद्दीन, नई दिल्ली का निवासी है और मूल रूप से बिजनौर जनपद के कस्बा सहसपुर का रहने वाला है, तथा उसके पांच अन्य साथियों का नाम प्रकाश में आया। इसके बाद थाना एट में अतीक अहमद और उसके साथियों के खिलाफ गिरोह बंद समाज विरोधी क्रियाकलाप निवारण अधिनियम 1986 की धारा 2/3 के तहत मु.अ.सं. 16/2024 पंजीकृत किया गया, जिसकी विवेचना प्रभारी निरीक्षक कोंच द्वारा की जा रही है। बिजनौर जनपद के धामपुर में स्थित अतीक अहमद की अचल संपत्तियों, जिनमें उमर इंटरनेशनल स्लाटर हाउस (गाटा संख्या 46, 102, 40, 52, 54, 45, 44/1), गाटा संख्या 47 पर स्थित तालाब, और गाटा संख्या 101 व 122 मि. में स्थित कृषि योग्य भूमि शामिल है, को संपत्ति जब्तीकरण की धारा 14(1) के तहत कुर्क किया गया। यह कार्रवाई राजस्व टीम, संबंधित क्षेत्रीय लेखपाल, नियुक्त प्रशासक एसडीएम धामपुर (बिजनौर) और स्थानीय गवाहों की उपस्थिति में की गई, जिसमें दृश्यमान जगह पर नोटिस लगाए गए और मुनादी भी करवाई गई। स्पष्ट किया गया है कि अभियुक्त का कोई रजिस्टर्ड व्यवसाय नहीं है और उसकी ज्ञात आय के स्रोत इतने नहीं हैं कि वह यह संपत्ति खरीद सके, अतः यह संपत्ति अपराध से अर्जित धन से क्रय की गई थी।
- उत्तर प्रदेश में योगी सरकार ने विकास, निवेश और जनकल्याण के नए आयाम स्थापित करते हुए कई महत्वपूर्ण फैसलों को मंजूरी दी है। इसी क्रम में, प्रदेश में निवेश और रोजगार के नए अवसर बढ़ाने के उद्देश्य से सेमीकंडक्टर नीति-2024 में संशोधनों को स्वीकृति प्रदान की गई है। सार्वजनिक परिवहन और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए प्रदेश के 18 शहरों में कुल 982 नई इलेक्ट्रिक बसें संचालित करने की योजना बनाई गई है। इसके साथ ही, आवागमन और व्यापारिक गतिविधियों को और सुगम बनाने के लक्ष्य के साथ उत्तर प्रदेश के 21 स्टेट हाईवे को फोरलेन बनाने की योजना को भी गति मिली है। स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूती प्रदान करने की दिशा में भी कदम उठाए गए हैं, जिसके तहत मेडिकल कॉलेजों में सीनियर रेजिडेंट डॉक्टरों की भर्ती प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इन सभी पहलों के माध्यम से उत्तर प्रदेश में निवेश और विकास को नई रफ्तार मिली है।1
- झांसी में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री बी.बी.जी.टी.एस. मूर्ति ने थाना नवाबाद क्षेत्र के अंतर्गत जेल चौराहा पर पुलिस बल के साथ एक सघन वाहन चेकिंग अभियान का संचालन करते हुए यातायात व्यवस्था का निरीक्षण किया। उन्होंने स्वयं वाहनों की जांच की और यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई के निर्देश दिए। इस अभियान के दौरान, पुलिस टीम ने दोपहिया और चारपहिया वाहनों की गहन जांच की। जिन वाहन चालकों के पास नंबर प्लेट नहीं थी, जो हेलमेट के बिना वाहन चला रहे थे, या जो तीन सवारी बैठाकर चल रहे थे, उनके साथ-साथ अन्य यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध मोटर वाहन अधिनियम के तहत नियमानुसार वैधानिक कार्रवाई की गई। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने वाहन चालकों को यातायात नियमों का पालन करने, हेलमेट और सीट बेल्ट का अनिवार्य रूप से उपयोग करने तथा सुरक्षित वाहन चलाने के प्रति जागरूक भी किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि सड़क सुरक्षा और आमजन की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है, और यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ लगातार अभियान चलाकर कार्रवाई जारी रहेगी। इस चेकिंग अभियान में पुलिस अधीक्षक नगर श्रीमती प्रीति सिंह, सहायक पुलिस अधीक्षक साइबर क्राइम/लाइन श्रीमती अरीबा नोमान, और थाना नवाबाद के प्रभारी निरीक्षक सहित पुलिस बल उपस्थित रहा।1
- जालौन के कालपी कोतवाली क्षेत्र के तरीबुल्दा मोहल्ले में मजदूरी पर गए एक मजदूर के सूने घर में लाखों रुपये की चोरी की वारदात को अंजाम दिया गया। चोरों ने मकान का ताला तोड़कर घर में सेंध लगाई, जिससे मजदूर की मेहनत की कमाई और मूल्यवान सामान गायब हो गया। चोरों ने घर से 15 हजार रुपये नकद, सोने-चांदी के आभूषण, सोलर बैटरी, सोलर प्लेट और इनवर्टर समेत कई कीमती सामान चुरा लिया। स्थानीय लोगों ने मकान का ताला टूटा देखा तो इसकी सूचना तत्काल मजदूर को दी। जानकारी मिलने पर जब मजदूर अपने घर पहुंचा तो उसे मकान का ताला टूटा हुआ और सारा सामान गायब मिला। इस घटना की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और चोरों की तलाश में जुट गई है।1
- आगरा के फतेहपुर सीकरी में एक पुलिसकर्मी ने समय रहते डूब रही एक महिला की जान बचाकर अपनी तत्परता और बहादुरी का परिचय दिया है। इस साहसिक बचाव कार्य का वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें पुलिसकर्मी के इस जांबाज कारनामे की खूब सराहना की जा रही है।1
- ऐतिहासिक गांव भदेख दिवारा अपनी गौरवशाली विरासत और ऐतिहासिक धरोहरों के कारण एक बार फिर चर्चा में है। गांव में स्थित राजा परीक्षित की प्राचीन गढ़ी के समीप खड़ा एक विशालकाय बरगद का वृक्ष, जो गुलामी से आजादी तक के अनेक दौरों का जीवंत साक्षी है, इस विरासत का केंद्र है। ग्रामीणों के अनुसार, यह बरगद सैकड़ों वर्षों से अडिग खड़ा है और अपने भीतर अतीत की अनगिनत स्मृतियों को संजोए हुए है। बुजुर्गों की मानें तो यह वही बरगद है जिसके नीचे कभी राजा परीक्षित की सेना विश्राम करती थी और राजा का हाथी भी इसी विशाल वृक्ष से बांधा जाता था, जहाँ सैनिक घनी छांव में रणनीतियाँ बनाते थे। क्षेत्र का एक बड़ा और प्रमुख गांव होने के नाते, भदेख दिवारा के लोगों के लिए यह बरगद केवल एक वृक्ष नहीं, बल्कि उनकी सांस्कृतिक और ऐतिहासिक पहचान का प्रतीक है। गांव के बुजुर्गों से लेकर युवा पीढ़ी तक, सभी इस वृक्ष के प्रति विशेष सम्मान रखते हैं। आज भी ग्रामीण इसकी विशाल छांव में बैठकर विश्राम करते हैं, आपसी चर्चा करते हैं और अपने पूर्वजों की वीरता व गौरव की कहानियाँ सुनते हैं। सदियों पुराना यह बरगद आज भी भदेख दिवारा की धरती पर इतिहास का प्रहरी बनकर खड़ा है, जिसकी फैली हुई शाखाएं बीते युग की वीरगाथाओं को दोहराती हुई और आने वाली पीढ़ियों को अपनी विरासत को संजोकर रखने का संदेश देती हैं। यह बरगद, जो अपने आप में कई इतिहास संजोए हुए है, विश्व पर्यावरण दिवस पर विशेष रूप से उल्लेखनीय है।1
- जालौन पुलिस ने एक सनसनीखेज अपहरण की वारदात का पर्दाफाश करते हुए ताबड़तोड़ कार्रवाई की है। थाना आटा पुलिस, स्वाट/सर्विलांस टीम और दिल्ली पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में अपहृत रोहित, पुत्र महेन्द्रपाल (उम्र करीब 24 वर्ष, निवासी ग्राम बारा, थाना आटा, जालौन) को सकुशल बरामद कर लिया गया है। इस मामले में कुल 05 अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने घटना में प्रयुक्त डिजायर कार (UP14ST1864) और अपहृत की बिना नंबर की मोटरसाइकिल भी बरामद की है। रोहित का अपहरण 02.06.2026 को कुसमरा रोड से दिनदहाड़े किया गया था। उनकी पत्नी की तहरीर पर थाना आटा में मुकदमा दर्ज होने के बाद पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में 3 टीमें गठित की गईं। इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस, लोकेशन ट्रैकिंग और जमीनी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस टीम दिल्ली और गाजियाबाद पहुंची, जहां दबिश देकर रोहित को छुड़ाया गया और मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तार किए गए अभियुक्तों में अजय पुत्र जयप्रकाश (उम्र 26 वर्ष, निवासी ग्राम अटकुआँ थाना चरखारी, महोबा / हाल निवासी लक्ष्मीनगर, दिल्ली), शंकर कुमार पुत्र महेश (उम्र 25 वर्ष, निवासी वैशाली, थाना कौशाम्बी, गाजियाबाद), सुनील पुत्र छोटेलाल (उम्र 30 वर्ष, निवासी स्वासी खुर्द, थाना ललपुरा, हमीरपुर), रिजवान पुत्र सलीम कुरैशी (उम्र 19 वर्ष, निवासी सदनपुर, थाना कोतवाली उरई, जालौन) और दीपक पुत्र राजेश (उम्र 23 वर्ष, निवासी ग्राम बारा, थाना आटा, जालौन) शामिल हैं। अपहृत रोहित के मुताबिक, पैसों के लेन-देन के विवाद में अजय, शंकर और रविन्द्र ने मिलकर उसे 02 जून को करीब 3:30 बजे जबरन गाड़ी में डालकर अपहरण किया था। पूछताछ में यह भी खुलासा हुआ कि घटना में अन्य आरोपी भी मोटरसाइकिल से साथ थे और सभी पहले से एक-दूसरे को जानते थे। इस घटना के बाद कई बड़े सवाल खड़े हो रहे हैं, जैसे क्या पैसों का विवाद अब सीधे अपहरण में बदल रहा है और क्या अपराधियों के हौसले इतने बुलंद हो गए हैं कि दिनदहाड़े ऐसी वारदातें हो रही हैं। यह भी सवाल उठ रहा है कि क्या इस गैंग के और भी सदस्य अभी फरार हैं और अगर समय पर कार्रवाई न होती तो क्या कोई बड़ा हादसा हो सकता था। जालौन पुलिस की यह बड़ी कामयाबी सराहनीय है, लेकिन इस घटना ने इलाके में सुरक्षा व्यवस्था पर एक बार फिर सवाल खड़े कर दिए हैं।1
- राजधानी लखनऊ में फायर सेफ्टी को लेकर एक बड़ा निरीक्षण अभियान शुरू किया गया है। दिल्ली के मालवीय नगर में हुए हादसे के बाद लखनऊ प्रशासन पूरी तरह से अलर्ट हो गया है, जिसके चलते यह सघन जांच अभियान चलाया जा रहा है। इसका उद्देश्य भविष्य में आगजनी की घटनाओं की पुनरावृत्ति को रोकना है। इस अभियान के तहत सीएफओ लखनऊ की टीम शहर के विभिन्न होटलों में सुरक्षा मानकों की जांच कर रही है। इसमें फायर सेफ्टी और इमरजेंसी एग्जिट सहित सभी महत्वपूर्ण व्यवस्थाओं का बारीकी से निरीक्षण किया जा रहा है। जिन होटलों में सुरक्षा संबंधी खामियां पाई जा रही हैं, उन्हें नोटिस जारी करने के साथ-साथ कड़ी कार्रवाई की चेतावनी भी दी जा रही है।1
- जालौन के कालपी में यमुना नदी पर बना रेलवे ओवरब्रिज युवाओं के लिए एक नया 'रील स्पॉट' बन गया है। यहां युवक चांद जैसे लाइक और व्यूज पाने की चाह में अपनी जान जोखिम में डालकर खतरनाक तरीके से रील्स बना रहे हैं। यह स्थिति खास तौर पर यमुना ओवरब्रिज पर बने रेलवे ट्रैक पर देखी जा रही है, जहाँ युवक रील की शूटिंग करवाते नजर आ रहे हैं। कालपी कोतवाली क्षेत्र के इसी यमुना ओवरब्रिज पर रेलवे ट्रैक पर रील्स बनाते हुए युवाओं के कई वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो चुके हैं। चौंकाने वाली बात यह है कि पूर्व में की गई कार्रवाई के बावजूद भी युवा इस खतरनाक रीलबाजी से बाज नहीं आ रहे हैं और लगातार अपनी जान को खतरे में डाल रहे हैं।2