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शिमला में इस बार समर फेस्टिवल के दौरान रिज मैदान पर बाहरी लोगों को खाने के स्टॉल लगाने की अनुमति नहीं दी जाएगी। जिला प्रशासन ने स्थानीय व्यापारियों के बार-बार आग्रह पर यह फैसला लिया है, क्योंकि पहले बाहरी स्टॉलों को अनुमति दिए जाने से स्थानीय कारोबार को नुकसान होता था। प्रदेश व्यापार मंडल के उपाध्यक्ष इंद्रजीत सिंह ने सभी व्यापारियों की ओर से जिला प्रशासन और शिमला उपायुक्त का इस निर्णय के लिए आभार व्यक्त किया है। उन्होंने सभी होटल और रेस्टोरेंट संचालकों से अपील की है कि वे अपने प्रतिष्ठानों में हिमाचली पकवान अवश्य परोसें।
Roshan Sharma
शिमला में इस बार समर फेस्टिवल के दौरान रिज मैदान पर बाहरी लोगों को खाने के स्टॉल लगाने की अनुमति नहीं दी जाएगी। जिला प्रशासन ने स्थानीय व्यापारियों के बार-बार आग्रह पर यह फैसला लिया है, क्योंकि पहले बाहरी स्टॉलों को अनुमति दिए जाने से स्थानीय कारोबार को नुकसान होता था। प्रदेश व्यापार मंडल के उपाध्यक्ष इंद्रजीत सिंह ने सभी व्यापारियों की ओर से जिला प्रशासन और शिमला उपायुक्त का इस निर्णय के लिए आभार व्यक्त किया है। उन्होंने सभी होटल और रेस्टोरेंट संचालकों से अपील की है कि वे अपने प्रतिष्ठानों में हिमाचली पकवान अवश्य परोसें।
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- हिमाचल भाजपा अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल द्वारा पंचायत चुनावों के पहले चरण में 75 प्रतिशत जीत के दावे पर लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने तीखा पलटवार किया है। उन्होंने भाजपा के इन दावों को “ख्याली पुलाव” और “बेबुनियाद बयानबाजी” करार देते हुए कहा कि पंचायत चुनावों की प्रकृति को समझे बिना ही राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश की जा रही है। विक्रमादित्य सिंह ने सवाल उठाया कि क्या पंचायत चुनाव जीतने वाले उम्मीदवारों पर भाजपा या राजीव बिंदल का कोई ठप्पा लगा है, क्योंकि ये चुनाव व्यक्तिगत क्षमता, स्थानीय जनसमर्थन और उम्मीदवार की मेहनत के आधार पर लड़े और जीते जाते हैं। उनके अनुसार, जो उम्मीदवार जीतकर आए हैं, उन्होंने अपनी कार्यशैली, मेहनत और जनता के विश्वास के दम पर ही जीत दर्ज की है। विक्रमादित्य सिंह ने आरोप लगाया कि भाजपा बिना किसी आधार के बड़े-बड़े दावे कर राजनीतिक लोकप्रियता हासिल करने का प्रयास कर रही है। मंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि पंचायत चुनावों के अभी दो चरण बाकी हैं और वास्तविक स्थिति पूरी तस्वीर सामने आने के बाद ही स्पष्ट होगी। उन्होंने पंचायत चुनावों को विधानसभा या लोकसभा चुनावों की तरह “सेमीफाइनल” बताने को पूरी तरह गलत बताया। विक्रमादित्य सिंह के मुताबिक, हर चुनाव की अपनी गरिमा और अलग प्रकृति होती है, क्योंकि पंचायत चुनाव स्थानीय मुद्दों, स्थानीय नेतृत्व और क्षेत्रीय समीकरणों पर आधारित होते हैं, जबकि विधानसभा और लोकसभा चुनावों में एक अलग तरह का राजनीतिक नेरेटिव चलता है। इसके साथ ही, विक्रमादित्य सिंह ने नगर निकाय चुनावों में कांग्रेस के अच्छे प्रदर्शन का जिक्र करते हुए दावा किया कि आगामी नगर निगम चुनावों में भी पार्टी बेहतर नतीजे हासिल करेगी। उन्होंने यह भी कहा कि पंचायत चुनावों में जो भी प्रतिनिधि जीतकर आएगा, राज्य सरकार उसके साथ मिलकर विकास कार्यों को आगे बढ़ाएगी। मंत्री ने अंत में बताया कि कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष पंचायत और निकाय चुनावों को लेकर पार्टी का विस्तृत पक्ष अलग से रखेंगे।4
- नालागढ़ से मिली जानकारी के अनुसार, करसोली पंचायत में एक परिवार को मूलभूत सुविधाओं से वंचित रखा गया है, जहाँ उनके आने-जाने के लिए कोई रास्ता तक नहीं है। परिवार एक तरफ खेत और दूसरी तरफ नाले से घिरा हुआ है। डीके न्यूज़ नालागढ़ ने सवाल उठाया है कि आखिर इस परिवार का क्या कसूर है और करसोली पंचायत ने आज तक इन्हें क्यों अनदेखा किया, जबकि चुनाव के समय ही इस परिवार को याद किया जाता है।1
- मतदान प्रक्रिया के दौरान सरकारी संपत्ति पर चुनाव प्रचार का एक मामला सामने आया है। इस मामले के उजागर होने के बाद, उपायुक्त राहुल कुमार ने संबंधित अधिकारियों को इस संबंध में सख्त निर्देश जारी किए हैं।1
- पंचकूला के मोरनी क्षेत्र में हुए एक रात्रि ठहराव कार्यक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। यह कार्यक्रम जनसुनवाई के माध्यम से ग्रामीण समस्याओं को संबोधित करने और ग्रामीण विकास को बढ़ावा देने के उद्देश्य से आयोजित किया गया था, जिसमें उपायुक्त सतपाल शर्मा भी शामिल थे।1
- जगतखाना के चाटी गांव में पंचायती चुनाव के दूसरे चरण के मतदान में जनता के बीच खासा उत्साह देखा गया। इस दौरान लोगों ने अपनी भागीदारी दिखाते हुए सक्रिय रूप से मतदान किया।1
- हाल ही में संपन्न हुए चुनावों के बाद घनडालवी की नवनिर्वाचित प्रधान ने अपनी जीत के उपरांत एक बयान जारी किया है।1
- राजधानी शिमला में इस बार क्रिकेट को केवल एक खेल नहीं, बल्कि युवाओं को नशे से बचाने और उन्हें सकारात्मक दिशा देने का एक बड़ा अभियान बनाया जा रहा है। "चिट्टा छोड़ो, खेलो खेल" की थीम पर आयोजित होने वाला "शिमला क्रिकेट कार्निवाल 2026" युवाओं में खेल भावना जगाने के साथ-साथ समाज को नशे के खिलाफ एक मजबूत संदेश देगा। यह कार्निवाल वर्ष 2023 की समरहिल त्रासदी में अपनी जान गंवाने वाले चार युवा क्रिकेटरों—संजीव ठाकुर, अविनाश नेगी, अमित ठाकुर और नीरज ठाकुर—की स्मृति को समर्पित किया गया है। यह महत्वपूर्ण आयोजन हिमालयन स्पोर्ट्स एंड कल्चर यूथ क्लब शिमला और नगर निगम शिमला के संयुक्त तत्वावधान में 1 जून से 13 जून तक पुलिस ग्राउंड भराड़ी में किया जाएगा। महापौर सुरेंद्र चौहान ने इस अवसर पर कहा कि खेल युवाओं को अनुशासन और सकारात्मक ऊर्जा प्रदान करते हैं, और आज के समय में नशे के खिलाफ खेल तथा रचनात्मक गतिविधियाँ ही सबसे प्रभावी हथियार हैं। उन्होंने बताया कि प्रतियोगिता का फाइनल मुकाबला 13 जून को होगा, जिसमें मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह मुख्यातिथि के रूप में शामिल होंगे। इस कार्निवाल की एक खास बात यह है कि शिमला में पहली बार क्रिकेट मुकाबले फ्लडलाइट्स के नीचे डे-नाइट फॉर्मेट में खेले जाएंगे। प्रतियोगिता में नगर निगम के 34 वार्डों से लगभग 50 टीमें हिस्सा लेंगी, जबकि 18 विभागीय टीमें इंस्टीट्यूशनल लीग में प्रतिस्पर्धा करेंगी। महिला क्रिकेट को बढ़ावा देने के उद्देश्य से चार महिला टीमें भी इस मैदान में उतरेंगी। संस्था के अध्यक्ष वीरेंद्र बांश्टु ने जानकारी दी कि प्रतियोगिता दो चरणों में होगी; पहले चरण में गली क्रिकेट प्रतियोगिता आयोजित की जाएगी, जिसके बाद दूसरे चरण में चयनित टीमों के बीच प्रोफेशनल नॉकआउट मुकाबले खेले जाएंगे। आयोजकों का कहना है कि यह आयोजन केवल ट्रॉफी जीतने तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि युवाओं को नशे से दूर कर खेल संस्कृति से जोड़ने का एक बड़ा सामाजिक अभियान बनेगा। प्रतियोगिता के दौरान 12 से अधिक खिलाड़ियों को किट भी वितरित की जाएंगी, ताकि उन्हें आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहन मिल सके। विजेता टीमों के लिए आकर्षक नकद पुरस्कार भी रखे गए हैं: वार्ड और डिपार्टमेंटल नॉकआउट वर्ग की विजेता टीम को ₹1.11 लाख और उपविजेता को ₹55 हजार मिलेंगे, वहीं गली क्रिकेट फॉर्मेट में विजेता टीम को ₹44 हजार और रनरअप टीम को ₹22 हजार की राशि प्रदान की जाएगी।2
- हिमाचल प्रदेश के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल कसौली के जंगलों में लगी भीषण आग पर 40 घंटे बाद भी पूरी तरह काबू नहीं पाया जा सका है। यह आग लगभग 15 किलोमीटर के क्षेत्र को अपनी चपेट में ले चुकी है। मॉल रोड एरिया के आसपास तो फायर को नियंत्रित कर लिया गया है, लेकिन नाहरी के जंगल में आग अभी भी भड़की हुई है। सेना का हेलीकॉप्टर मंगलवार शाम से ही आग बुझाने के काम में जुटा हुआ है, जिसने अब तक सुखना लेक से 50 से अधिक बार पानी लेकर आग पर डाला है। सेना के जवान और कई दमकल वाहन भी आग पर नियंत्रण पाने के लिए लगातार प्रयास कर रहे हैं। मनोण गांव के जंगल से मंगलवार दोपहर बाद भड़की इस आग ने सैकड़ों बीघा क्षेत्र में फैले जंगल को अपनी चपेट में ले लिया है, जिससे करोड़ों रुपए की वन संपदा जलकर खाक हो गई है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए सेना और वायुसेना ने मोर्चा संभाला। देर रात बुधवार को भी सेना के जवान, कैंटोनमेंट बोर्ड के फायरमैन और प्रशासन की टीमें राहत एवं बचाव अभियान में जुटी रहीं। जवानों ने पूरी रात दुर्गम पहाड़ियों और जंगलों में अभियान चलाकर आग को रिहायशी क्षेत्रों तक फैलने से रोकने का महत्वपूर्ण प्रयास किया। आग कसौली क्लब और सीआरआई क्षेत्र के काफी नजदीक तक पहुंच गई थी, जहाँ सेना के जवानों ने बड़े नुकसान को टाल दिया। स्थानीय लोगों ने स्टेशन कमांडर ब्रिगेडियर संदीप मदान सहित सेना के जवानों और वायुसेना की टीम का आभार व्यक्त किया है। उनका कहना है कि यदि समय रहते सेना ने कार्रवाई नहीं की होती, तो कसौली में भारी तबाही मच सकती थी। जंगलों में लगी आग के कारण पूरे क्षेत्र में धुएं का घना गुबार छाया हुआ है, जिससे स्थानीय लोगों और पर्यटकों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। प्रशासन ने लोगों से जंगलों में आग संबंधी किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरतने की अपील की है। हालाँकि, आग मनोण के जंगल से फैली, पर इसकी शुरुआत कैसे हुई, यह अब तक पता नहीं चल पाया है। चीड़ के जंगल आग की दृष्टि से अति संवेदनशील माने जाते हैं, जिसके कारण क्षेत्र में अक्सर ऐसी घटनाएं होती रहती हैं और थोड़ी सी भी मानवीय चूक से भारी नुकसान झेलना पड़ता है।2