उत्तर प्रदेश के आगरा रेलवे स्टेशन पर एक महिला यात्री को लेकर हुए विवाद और डिप्टी एसएस के साथ कथित अभद्रता के मामले में रेलवे सुरक्षा बल (RPF) के चार पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया है। निलंबित किए गए RPF कर्मियों में मेघराज, बालकिशन मीणा, बदन सिंह और जितेंद्र शामिल हैं। इस पूरे मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है। दरअसल, स्टेशन पर रुकी एक ट्रेन से एक महिला यात्री सामान खरीदने के लिए प्लेटफॉर्म पर उतरी थी और इसी दौरान ट्रेन चलने लगी। स्थिति को देखते हुए डिप्टी स्टेशन अधीक्षक (डिप्टी एसएस) नरेंद्र चाहर ने वॉकी-टॉकी के जरिए ट्रेन को रुकवाने के निर्देश दिए ताकि महिला सुरक्षित ट्रेन में सवार हो सके। इसके बाद RPF कर्मियों ने महिला पर चेन पुलिंग का आरोप लगाकर उसे रोक लिया, जिसका विरोध करने पर उन्होंने डिप्टी एसएस नरेंद्र चाहर के साथ कथित तौर पर धक्का-मुक्की की और उन्हें घसीटा।
उत्तर प्रदेश के आगरा रेलवे स्टेशन पर एक महिला यात्री को लेकर हुए विवाद और डिप्टी एसएस के साथ कथित अभद्रता के मामले में रेलवे सुरक्षा बल (RPF) के चार पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया है। निलंबित किए गए RPF कर्मियों में मेघराज, बालकिशन मीणा, बदन सिंह और जितेंद्र शामिल हैं। इस पूरे मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है। दरअसल, स्टेशन पर रुकी एक ट्रेन से एक महिला यात्री सामान खरीदने के लिए प्लेटफॉर्म पर उतरी थी और इसी दौरान ट्रेन चलने लगी। स्थिति को देखते हुए डिप्टी स्टेशन अधीक्षक (डिप्टी एसएस) नरेंद्र चाहर ने वॉकी-टॉकी के जरिए ट्रेन को रुकवाने के निर्देश दिए ताकि महिला सुरक्षित ट्रेन में सवार हो सके। इसके बाद RPF कर्मियों ने महिला पर चेन पुलिंग का आरोप लगाकर उसे रोक लिया, जिसका विरोध करने पर उन्होंने डिप्टी एसएस नरेंद्र चाहर के साथ कथित तौर पर धक्का-मुक्की की और उन्हें घसीटा।
- सीतापुर के सिधौली स्थित जयपालपुर कृषि फार्म में पर्यावरण संरक्षण और धरती को हरा-भरा बनाने के संकल्प के साथ एक भव्य वृक्षारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में कृषि विभाग के आला अधिकारियों और कर्मचारियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। सभी ने न केवल विभिन्न प्रजातियों के पौधे रोपे, बल्कि उनकी सुरक्षा और नियमित देखभाल करने की भी शपथ ली। कार्यक्रम की शुरुआत मुख्य अतिथि ज्वाइंट डायरेक्टर अनिल कुमार और उप निदेशक (डीडी) सरवन कुमार ने दीप प्रज्वलित कर की। अधिकारियों ने पर्यावरण के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि वृक्ष मानव जीवन के लिए ऑक्सीजन, स्वच्छ हवा और पानी जैसे बहुमूल्य प्राकृतिक संसाधनों का मुख्य आधार हैं। उन्होंने कहा कि आज के समय में हर नागरिक का यह कर्तव्य है कि वह कम से कम एक पौधा जरूर लगाए और उसे पेड़ बनने तक संभाले। इस मौके पर रामाधार यादव, गोविंद वर्मा, संतोष जायसवाल, प्रभात कुमार, प्रदीप कुमार यादव और लवकुश पांडे सहित कृषि विभाग की टीम ने एकजुट होकर परिसर में छायादार और फलदार पौधे लगाए। कार्यक्रम के समापन पर सभी उपस्थित लोगों को पर्यावरण को स्वच्छ और सुरक्षित रखने की शपथ दिलाई गई। अधिकारियों ने इस बात पर विशेष जोर दिया कि यदि हमें अपनी आने वाली पीढ़ियों को एक स्वस्थ कल देना है, तो वृक्षारोपण को सरकारी कार्यक्रम तक सीमित न रखकर एक जन आंदोलन बनाना होगा, ताकि समाज का हर व्यक्ति इस मुहिम से जुड़ सके।3
- उत्तर प्रदेश सरकार के वृक्षारोपण महाअभियान के तहत उन्नाव के नवाबगंज में रविवार को 'एक पेड़ मां के नाम' थीम पर एक वृहद पौधरोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। नवाबगंज विकासखंड के जैतीपुर रोड स्थित एक पेयजल फैक्ट्री में आयोजित इस कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे प्रदेश के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के प्रमुख सचिव पंधारी यादव ने पौधरोपण कर किया। इस दौरान वहां पहुंचे अतिथियों का स्वागत भी उन्हें पौधे भेंट कर किया गया। कार्यक्रम के दौरान फैक्ट्री परिसर में अमरूद, जामुन, कंजी और अर्जुन सहित विभिन्न प्रजातियों के फलदार एवं छायादार पौधों का रोपण किया गया। इस महाअभियान के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण और हरियाली बढ़ाने का संदेश दिया गया, जिसमें अधिकारियों और कर्मचारियों समेत अन्य लोगों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। इस दौरान लगाए गए पौधों की सुरक्षा और उनकी नियमित देखभाल पर भी विशेष जोर दिया गया, ताकि ये पौधे विकसित होकर पर्यावरण संतुलन में अपनी भूमिका निभा सकें। कार्यक्रम में शामिल लोगों ने अधिक से अधिक पौधे लगाने और उनके संरक्षण का संकल्प लिया। इस मौके पर कंपनी के वाइस प्रेसिडेंट मनीष जैन, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी शशी बिंदकर, कमलेश कुमार, नायब तहसीलदार दीपक गौतम समेत राजस्व विभाग के अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे।4
- उत्तर प्रदेश के उन्नाव जिले के सफीपुर से पानी न मिलने की समस्या सामने आई है। यहाँ के स्थानीय लोगों का कहना है कि उन्हें पानी नहीं मिल रहा है, जिसके कारण उन्हें भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।1
- राजधानी लखनऊ के पारा थाना क्षेत्र में एक महिला ने अपने पति और ससुर पर लाखों रुपये के जेवर चोरी कर बेच देने, मारपीट करने और उत्पीड़न का गंभीर आरोप लगाया है। पीड़िता का कहना है कि जब वह घर पहुंची तो अलमारी में रखे उसके लाखों रुपये के सोने-चांदी के जेवर गायब मिले। पूछताछ करने पर महिला को जानकारी हुई कि उसके पति और ससुर ने कथित रूप से इन जेवरों को बेच दिया है। जब उसने इस बात का विरोध किया तो दोनों आरोपियों ने उसके साथ मारपीट की और उसे धमकाया। पीड़िता का यह भी आरोप है कि पारा थाने में शिकायत देने के बावजूद स्थानीय पुलिस आरोपियों से मिली हुई है, जिसके कारण उसकी शिकायत पर कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की जा रही है। पीड़िता ने अब वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों से मामले की निष्पक्ष जांच कराते हुए आरोपियों के विरुद्ध विधिक कार्रवाई करने और उसे न्याय दिलाने की मांग की है। फिलहाल इस मामले में पुलिस और आरोपित पक्ष का कोई आधिकारिक पक्ष सामने नहीं आ पाया है।1
- उत्तर प्रदेश के आगरा रेलवे स्टेशन पर एक महिला यात्री को लेकर हुए विवाद और डिप्टी एसएस के साथ कथित अभद्रता के मामले में रेलवे सुरक्षा बल (RPF) के चार पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया है। निलंबित किए गए RPF कर्मियों में मेघराज, बालकिशन मीणा, बदन सिंह और जितेंद्र शामिल हैं। इस पूरे मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है। दरअसल, स्टेशन पर रुकी एक ट्रेन से एक महिला यात्री सामान खरीदने के लिए प्लेटफॉर्म पर उतरी थी और इसी दौरान ट्रेन चलने लगी। स्थिति को देखते हुए डिप्टी स्टेशन अधीक्षक (डिप्टी एसएस) नरेंद्र चाहर ने वॉकी-टॉकी के जरिए ट्रेन को रुकवाने के निर्देश दिए ताकि महिला सुरक्षित ट्रेन में सवार हो सके। इसके बाद RPF कर्मियों ने महिला पर चेन पुलिंग का आरोप लगाकर उसे रोक लिया, जिसका विरोध करने पर उन्होंने डिप्टी एसएस नरेंद्र चाहर के साथ कथित तौर पर धक्का-मुक्की की और उन्हें घसीटा।1