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आशा कार्यकर्ताओं की हड़ताल समाप्त होने के बाद गुरुवार को गोगरी अनुमंडलीय अस्पताल परिसर में दोपहर करीब 12 बजे एक बैठक आयोजित की गई। इस बैठक की अध्यक्षता आशा संघ की प्रदेश अध्यक्ष एवं एमएलसी शशि यादव ने की, जिसमें बड़ी संख्या में आशा कार्यकर्ताओं ने भाग लिया। बैठक को संबोधित करते हुए शशि यादव ने केंद्र एवं राज्य सरकार पर तीखा निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार आशा कार्यकर्ताओं का मानदेय बढ़ाने के बजाय विभिन्न मदों में मिलने वाली राशि में कटौती कर रही है, जिसे उन्होंने दुर्भाग्यपूर्ण बताया। शशि यादव ने इस बात पर जोर दिया कि आशा कार्यकर्ता स्वास्थ्य व्यवस्था की रीढ़ हैं और उनके अधिकारों एवं सम्मान के लिए संगठन का संघर्ष आगे भी जारी रहेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि फिलहाल आशा कार्यकर्ताओं की हड़ताल समाप्त कर दी गई है, लेकिन उनकी लंबित मांगों को लेकर आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने सरकार से आशा कार्यकर्ताओं की समस्याओं का शीघ्र समाधान करने और उनके मानदेय में वृद्धि करने की मांग की। वहीं, आशा कार्यकर्ताओं की हड़ताल समाप्त होने से अनुमंडल क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं के सामान्य होने की उम्मीद जगी है। विशेष रूप से गर्भवती महिलाओं, नवजात शिशुओं एवं ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े लोगों ने राहत की सांस ली है।

1 hr ago
user_Md Javed दैनिक भास्कर पत्रकार।
Md Javed दैनिक भास्कर पत्रकार।
गोगरी, खगड़िया, बिहार•
1 hr ago

आशा कार्यकर्ताओं की हड़ताल समाप्त होने के बाद गुरुवार को गोगरी अनुमंडलीय अस्पताल परिसर में दोपहर करीब 12 बजे एक बैठक आयोजित की गई। इस बैठक की अध्यक्षता आशा संघ की प्रदेश अध्यक्ष एवं एमएलसी शशि यादव ने की, जिसमें बड़ी संख्या में आशा कार्यकर्ताओं ने भाग लिया। बैठक को संबोधित करते हुए शशि यादव ने केंद्र एवं राज्य सरकार पर तीखा निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार आशा कार्यकर्ताओं का मानदेय बढ़ाने के बजाय विभिन्न मदों में मिलने वाली राशि में कटौती कर रही है, जिसे उन्होंने दुर्भाग्यपूर्ण बताया। शशि यादव ने इस बात पर जोर दिया कि आशा कार्यकर्ता स्वास्थ्य व्यवस्था की रीढ़ हैं और उनके अधिकारों एवं सम्मान के लिए संगठन का संघर्ष आगे भी जारी रहेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि फिलहाल आशा कार्यकर्ताओं की हड़ताल समाप्त कर दी गई है, लेकिन उनकी लंबित मांगों को लेकर आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने सरकार से आशा कार्यकर्ताओं की समस्याओं का शीघ्र समाधान करने और उनके मानदेय में वृद्धि करने की मांग की। वहीं, आशा कार्यकर्ताओं की हड़ताल समाप्त होने से अनुमंडल क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं के सामान्य होने की उम्मीद जगी है। विशेष रूप से गर्भवती महिलाओं, नवजात शिशुओं एवं ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े लोगों ने राहत की सांस ली है।

More news from बिहार and nearby areas
  • गोगरी एसडीओ संजय कुमार ने गुरुवार को दोपहर करीब एक बजे गोगरी एवं बेलदौर प्रखंड स्थित एसएफसी गोदामों का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने गोदाम में खाद्यान्न के भंडारण, रखरखाव, उठाव और वितरण व्यवस्था का गहनता से जायजा लिया। निरीक्षण के पश्चात, एसडीओ ने संबंधित अधिकारियों एवं कर्मियों को खाद्यान्न के सुरक्षित भंडारण, समय पर उठाव और जन वितरण प्रणाली के तहत निर्धारित मानकों के अनुरूप वितरण सुनिश्चित करने का कड़ा निर्देश दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनियमितता कतई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। एसडीओ ने गोगरी एवं बेलदौर प्रखंड से जुड़े अधिकारियों को भी आवश्यक दिशा-निर्देश जारी करते हुए व्यवस्था को पूरी तरह पारदर्शी और सुचारु बनाए रखने पर विशेष जोर दिया। साथ ही, उन्होंने अभिलेखों के नियमित संधारण और खाद्यान्न वितरण से संबंधित सभी प्रक्रियाओं का ईमानदारी से पालन सुनिश्चित करने का भी निर्देश दिया।
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    गोगरी एसडीओ संजय कुमार ने गुरुवार को दोपहर करीब एक बजे गोगरी एवं बेलदौर प्रखंड स्थित एसएफसी गोदामों का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने गोदाम में खाद्यान्न के भंडारण, रखरखाव, उठाव और वितरण व्यवस्था का गहनता से जायजा लिया।

निरीक्षण के पश्चात, एसडीओ ने संबंधित अधिकारियों एवं कर्मियों को खाद्यान्न के सुरक्षित भंडारण, समय पर उठाव और जन वितरण प्रणाली के तहत निर्धारित मानकों के अनुरूप वितरण सुनिश्चित करने का कड़ा निर्देश दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनियमितता कतई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। एसडीओ ने गोगरी एवं बेलदौर प्रखंड से जुड़े अधिकारियों को भी आवश्यक दिशा-निर्देश जारी करते हुए व्यवस्था को पूरी तरह पारदर्शी और सुचारु बनाए रखने पर विशेष जोर दिया। साथ ही, उन्होंने अभिलेखों के नियमित संधारण और खाद्यान्न वितरण से संबंधित सभी प्रक्रियाओं का ईमानदारी से पालन सुनिश्चित करने का भी निर्देश दिया।
    user_Md Javed दैनिक भास्कर पत्रकार।
    Md Javed दैनिक भास्कर पत्रकार।
    गोगरी, खगड़िया, बिहार•
    36 min ago
  • सिवान में पदस्थापित उत्पाद विभाग के इंस्पेक्टर राजेश गौड़ के तीन ठिकानों पर छापेमारी की गई है। राजेश गौड़ मुंगेर के रहने वाले हैं। इन छापों के अतिरिक्त, पटना में भी उनके ठिकानों पर छापेमारी जारी है। हालांकि, अभी तक यह जानकारी सामने नहीं आई है कि इन छापों के दौरान कितना कुछ बरामद किया गया है।
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    सिवान में पदस्थापित उत्पाद विभाग के इंस्पेक्टर राजेश गौड़ के तीन ठिकानों पर छापेमारी की गई है। राजेश गौड़ मुंगेर के रहने वाले हैं। इन छापों के अतिरिक्त, पटना में भी उनके ठिकानों पर छापेमारी जारी है। हालांकि, अभी तक यह जानकारी सामने नहीं आई है कि इन छापों के दौरान कितना कुछ बरामद किया गया है।
    user_Durgesh Puri
    Durgesh Puri
    Internet cafe Munger, Bihar•
    2 hrs ago
  • युवा छात्रों ने जंतर मंतर पर छात्रों की विभिन्न समस्याओं को लेकर सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। उन्होंने अपनी मांगों को लेकर सरकार को सीधी चुनौती देते हुए भूख हड़ताल शुरू कर दी है।
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    युवा छात्रों ने जंतर मंतर पर छात्रों की विभिन्न समस्याओं को लेकर सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। उन्होंने अपनी मांगों को लेकर सरकार को सीधी चुनौती देते हुए भूख हड़ताल शुरू कर दी है।
    user_Pawan Kumar Choudhary
    Pawan Kumar Choudhary
    Journalist मुंगेर, मुंगेर, बिहार•
    3 hrs ago
  • खगड़िया जिले के परबत्ता प्रखंड स्थित भरतखंड गांव का ऐतिहासिक मुगलकालीन महल "52 कोठरी, 53 द्वार" एक बार फिर सुर्खियों में है। यह बेशकीमती धरोहर, जो वर्षों से उपेक्षा का शिकार रही है, अब पर्यटन के नक्शे पर जगह बनाने की उम्मीद जगा रही है। इसी क्रम में, कला एवं संस्कृति विभाग की एक टीम ने महल का निरीक्षण कर इसके संरक्षण और पर्यटन विकास की संभावनाओं का आकलन किया है। 17वीं शताब्दी में निर्मित इस अद्भुत महल में 52 कोठरियां, 53 द्वार, एक गुप्त सुरंग, रानी स्नान तालाब और अलग-अलग ध्वनि उत्पन्न करने वाले खंभे आज भी लोगों के आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं। विभागीय अधिकारियों ने इस निरीक्षण की रिपोर्ट सरकार को भेजने की बात कही है। वहीं, ग्रामीणों ने पुरज़ोर ढंग से मांग दोहराई है कि इस ऐतिहासिक धरोहर को संरक्षित कर एक प्रमुख पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया जाए।
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    खगड़िया जिले के परबत्ता प्रखंड स्थित भरतखंड गांव का ऐतिहासिक मुगलकालीन महल "52 कोठरी, 53 द्वार" एक बार फिर सुर्खियों में है। यह बेशकीमती धरोहर, जो वर्षों से उपेक्षा का शिकार रही है, अब पर्यटन के नक्शे पर जगह बनाने की उम्मीद जगा रही है। इसी क्रम में, कला एवं संस्कृति विभाग की एक टीम ने महल का निरीक्षण कर इसके संरक्षण और पर्यटन विकास की संभावनाओं का आकलन किया है।

17वीं शताब्दी में निर्मित इस अद्भुत महल में 52 कोठरियां, 53 द्वार, एक गुप्त सुरंग, रानी स्नान तालाब और अलग-अलग ध्वनि उत्पन्न करने वाले खंभे आज भी लोगों के आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं।

विभागीय अधिकारियों ने इस निरीक्षण की रिपोर्ट सरकार को भेजने की बात कही है। वहीं, ग्रामीणों ने पुरज़ोर ढंग से मांग दोहराई है कि इस ऐतिहासिक धरोहर को संरक्षित कर एक प्रमुख पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया जाए।
    user_GAUTAM KUMAR
    GAUTAM KUMAR
    Parbatta, Khagaria•
    8 hrs ago
  • एक पिता ने अपने बेटे के संबंध में गहरा बयान दिया है, जिसमें उन्होंने साफ तौर पर कहा है कि उनका बेटा आतंकी नहीं है। पिता के मुताबिक, उनके बेटे को एक सुनियोजित साजिश के तहत फंसाया गया है। उन्होंने आगे जोड़ा कि उनका बेटा मानसिक रूप से बीमार है।
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    एक पिता ने अपने बेटे के संबंध में गहरा बयान दिया है, जिसमें उन्होंने साफ तौर पर कहा है कि उनका बेटा आतंकी नहीं है। पिता के मुताबिक, उनके बेटे को एक सुनियोजित साजिश के तहत फंसाया गया है। उन्होंने आगे जोड़ा कि उनका बेटा मानसिक रूप से बीमार है।
    user_Kumar Mithun
    Kumar Mithun
    मुंगेर, मुंगेर, बिहार•
    1 day ago
  • शादी की शुभकामनाएं हेलो गाइस हम लोग गुजारिश है लाल दुपट्टा उड़ गया हवा के झोंके से दूसरे घर में कैसे लड़ाई करें 😃😃😃😃
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    शादी की शुभकामनाएं हेलो गाइस हम लोग गुजारिश है लाल दुपट्टा उड़ गया हवा के झोंके से
दूसरे घर में कैसे लड़ाई करें 😃😃😃😃
    user_Prem Kumar Kumar
    Prem Kumar Kumar
    Fitness Trainer खगड़िया, खगड़िया, बिहार•
    7 hrs ago
  • लखीसराय के चानन प्रखंड के कछुआ में मंगलवार को आदिवासी किसान परिवारों की आय बढ़ाने और जैविक खेती को बढ़ावा देने के लिए एक विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम के तहत उच्च मूल्य वाले उद्यानिक पौधों का वितरण किया गया और किसानों ने जैविक खेती की शपथ ली। यह आयोजन जिला प्रशासन लखीसराय के मार्गदर्शन में बिहार कृषि विश्वविद्यालय, कृषि विज्ञान केंद्र लखीसराय, जिला कृषि कार्यालय और जिला उद्यान कार्यालय के संयुक्त तत्वावधान में संपन्न हुआ। इस अवसर पर जिला पदाधिकारी शैलेंद्र कुमार, डीडीसी सुमित कुमार, प्रखंड विकास पदाधिकारी प्रिया कुमारी सहित कृषि विभाग और जीविका के कई अधिकारी एवं बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे। किसानों के बीच राजेंद्र कृषि विश्वविद्यालय, भागलपुर द्वारा उपलब्ध कराए गए नींबू के उच्च मूल्य वाले उद्यानिक पौधों का वितरण किया गया। जिला पदाधिकारी शैलेंद्र कुमार ने किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि स्वच्छ वातावरण और जलवायु स्वास्थ्य के लिए लाभदायक है और उन्होंने प्राकृतिक एवं जैविक खेती अपनाकर पर्यावरण व मानव स्वास्थ्य की रक्षा करने की अपील की। उन्होंने स्थानीय किसान ऋषुदेव बिंद का उदाहरण भी दिया, जो स्ट्रॉबेरी की खेती से प्रतिवर्ष लगभग दो लाख रुपये की आय अर्जित कर रहे हैं। अधिकारियों ने हरित क्रांति के बाद रासायनिक उर्वरकों और कीटनाशकों के बढ़ते उपयोग से मिट्टी, केंचुओं और पर्यावरण को हुए नुकसान पर प्रकाश डालते हुए जैविक खेती की ओर लौटने का आह्वान किया, ताकि भूमि, जल और आने वाली पीढ़ियों को सुरक्षित रखा जा सके। कार्यक्रम में यह भी बताया गया कि जैविक प्रमाणन से जुड़ी संस्था किसानों की मिट्टी की जांच करेगी और उसके गुणवत्ता का आकलन करेगी। इसके अतिरिक्त, किसानों के बीज और जैविक उत्पादों के विपणन के लिए एक संगठन का गठन किया जाएगा, जिससे उन्हें बेहतर बाजार और उचित मूल्य मिल सके। कार्यक्रम के अंत में किसानों ने सामूहिक रूप से शपथ ली कि वे रासायनिक उर्वरकों और कीटनाशकों का उपयोग नहीं करेंगे, मिट्टी, जल, पर्यावरण और जैव विविधता का संरक्षण करेंगे तथा अन्य किसानों को भी जैविक खेती अपनाने के लिए प्रेरित करेंगे। इस पूरे कार्यक्रम का उद्देश्य आदिवासी किसान परिवारों को आत्मनिर्भर बनाते हुए उनकी आय में स्थायी वृद्धि सुनिश्चित करना रहा।
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    लखीसराय के चानन प्रखंड के कछुआ में मंगलवार को आदिवासी किसान परिवारों की आय बढ़ाने और जैविक खेती को बढ़ावा देने के लिए एक विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम के तहत उच्च मूल्य वाले उद्यानिक पौधों का वितरण किया गया और किसानों ने जैविक खेती की शपथ ली। यह आयोजन जिला प्रशासन लखीसराय के मार्गदर्शन में बिहार कृषि विश्वविद्यालय, कृषि विज्ञान केंद्र लखीसराय, जिला कृषि कार्यालय और जिला उद्यान कार्यालय के संयुक्त तत्वावधान में संपन्न हुआ।

इस अवसर पर जिला पदाधिकारी शैलेंद्र कुमार, डीडीसी सुमित कुमार, प्रखंड विकास पदाधिकारी प्रिया कुमारी सहित कृषि विभाग और जीविका के कई अधिकारी एवं बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे। किसानों के बीच राजेंद्र कृषि विश्वविद्यालय, भागलपुर द्वारा उपलब्ध कराए गए नींबू के उच्च मूल्य वाले उद्यानिक पौधों का वितरण किया गया। जिला पदाधिकारी शैलेंद्र कुमार ने किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि स्वच्छ वातावरण और जलवायु स्वास्थ्य के लिए लाभदायक है और उन्होंने प्राकृतिक एवं जैविक खेती अपनाकर पर्यावरण व मानव स्वास्थ्य की रक्षा करने की अपील की। उन्होंने स्थानीय किसान ऋषुदेव बिंद का उदाहरण भी दिया, जो स्ट्रॉबेरी की खेती से प्रतिवर्ष लगभग दो लाख रुपये की आय अर्जित कर रहे हैं। अधिकारियों ने हरित क्रांति के बाद रासायनिक उर्वरकों और कीटनाशकों के बढ़ते उपयोग से मिट्टी, केंचुओं और पर्यावरण को हुए नुकसान पर प्रकाश डालते हुए जैविक खेती की ओर लौटने का आह्वान किया, ताकि भूमि, जल और आने वाली पीढ़ियों को सुरक्षित रखा जा सके।

कार्यक्रम में यह भी बताया गया कि जैविक प्रमाणन से जुड़ी संस्था किसानों की मिट्टी की जांच करेगी और उसके गुणवत्ता का आकलन करेगी। इसके अतिरिक्त, किसानों के बीज और जैविक उत्पादों के विपणन के लिए एक संगठन का गठन किया जाएगा, जिससे उन्हें बेहतर बाजार और उचित मूल्य मिल सके। कार्यक्रम के अंत में किसानों ने सामूहिक रूप से शपथ ली कि वे रासायनिक उर्वरकों और कीटनाशकों का उपयोग नहीं करेंगे, मिट्टी, जल, पर्यावरण और जैव विविधता का संरक्षण करेंगे तथा अन्य किसानों को भी जैविक खेती अपनाने के लिए प्रेरित करेंगे। इस पूरे कार्यक्रम का उद्देश्य आदिवासी किसान परिवारों को आत्मनिर्भर बनाते हुए उनकी आय में स्थायी वृद्धि सुनिश्चित करना रहा।
    user_SAHIL RAJ PRESS AAGAZ TIME REP
    SAHIL RAJ PRESS AAGAZ TIME REP
    Teacher सुल्तानगंज, भागलपुर, बिहार•
    9 hrs ago
  • आशा कार्यकर्ताओं की हड़ताल समाप्त होने के बाद गुरुवार को गोगरी अनुमंडलीय अस्पताल परिसर में दोपहर करीब 12 बजे एक बैठक आयोजित की गई। इस बैठक की अध्यक्षता आशा संघ की प्रदेश अध्यक्ष एवं एमएलसी शशि यादव ने की, जिसमें बड़ी संख्या में आशा कार्यकर्ताओं ने भाग लिया। बैठक को संबोधित करते हुए शशि यादव ने केंद्र एवं राज्य सरकार पर तीखा निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार आशा कार्यकर्ताओं का मानदेय बढ़ाने के बजाय विभिन्न मदों में मिलने वाली राशि में कटौती कर रही है, जिसे उन्होंने दुर्भाग्यपूर्ण बताया। शशि यादव ने इस बात पर जोर दिया कि आशा कार्यकर्ता स्वास्थ्य व्यवस्था की रीढ़ हैं और उनके अधिकारों एवं सम्मान के लिए संगठन का संघर्ष आगे भी जारी रहेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि फिलहाल आशा कार्यकर्ताओं की हड़ताल समाप्त कर दी गई है, लेकिन उनकी लंबित मांगों को लेकर आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने सरकार से आशा कार्यकर्ताओं की समस्याओं का शीघ्र समाधान करने और उनके मानदेय में वृद्धि करने की मांग की। वहीं, आशा कार्यकर्ताओं की हड़ताल समाप्त होने से अनुमंडल क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं के सामान्य होने की उम्मीद जगी है। विशेष रूप से गर्भवती महिलाओं, नवजात शिशुओं एवं ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े लोगों ने राहत की सांस ली है।
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    आशा कार्यकर्ताओं की हड़ताल समाप्त होने के बाद गुरुवार को गोगरी अनुमंडलीय अस्पताल परिसर में दोपहर करीब 12 बजे एक बैठक आयोजित की गई। इस बैठक की अध्यक्षता आशा संघ की प्रदेश अध्यक्ष एवं एमएलसी शशि यादव ने की, जिसमें बड़ी संख्या में आशा कार्यकर्ताओं ने भाग लिया।

बैठक को संबोधित करते हुए शशि यादव ने केंद्र एवं राज्य सरकार पर तीखा निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार आशा कार्यकर्ताओं का मानदेय बढ़ाने के बजाय विभिन्न मदों में मिलने वाली राशि में कटौती कर रही है, जिसे उन्होंने दुर्भाग्यपूर्ण बताया। शशि यादव ने इस बात पर जोर दिया कि आशा कार्यकर्ता स्वास्थ्य व्यवस्था की रीढ़ हैं और उनके अधिकारों एवं सम्मान के लिए संगठन का संघर्ष आगे भी जारी रहेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि फिलहाल आशा कार्यकर्ताओं की हड़ताल समाप्त कर दी गई है, लेकिन उनकी लंबित मांगों को लेकर आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने सरकार से आशा कार्यकर्ताओं की समस्याओं का शीघ्र समाधान करने और उनके मानदेय में वृद्धि करने की मांग की।

वहीं, आशा कार्यकर्ताओं की हड़ताल समाप्त होने से अनुमंडल क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं के सामान्य होने की उम्मीद जगी है। विशेष रूप से गर्भवती महिलाओं, नवजात शिशुओं एवं ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े लोगों ने राहत की सांस ली है।
    user_Md Javed दैनिक भास्कर पत्रकार।
    Md Javed दैनिक भास्कर पत्रकार।
    गोगरी, खगड़िया, बिहार•
    1 hr ago
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