उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले की सदर तहसील से एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। बताया जा रहा है कि सोमवार को आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस की बैठक में कुछ अधिकारी और कर्मचारी मोबाइल चलाते, ऊंघते और आराम करते नजर आए। वायरल वीडियो में, कथित तौर पर एक पुलिस अधिकारी अपनी टोपी की आड़ में मोबाइल पर रील देखते हुए दिखाई दे रहे हैं, जिसने प्रशासनिक कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर प्रशासनिक कार्यशैली को लेकर तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। कई लोगों ने यह सवाल उठाया है कि जब जनता अपनी समस्याओं के समाधान की उम्मीद लेकर पहुंचती है, तब जिम्मेदार अधिकारियों का ऐसा रवैया कितना उचित है। हालांकि, इस वायरल वीडियो की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। प्रशासन की ओर से इस मामले में कोई आधिकारिक बयान या कार्रवाई सामने आने पर ही स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी।
उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले की सदर तहसील से एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। बताया जा रहा है कि सोमवार को आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस की बैठक में कुछ अधिकारी और कर्मचारी मोबाइल चलाते, ऊंघते और आराम करते नजर आए। वायरल वीडियो में, कथित तौर पर एक पुलिस अधिकारी अपनी टोपी की आड़ में मोबाइल पर रील देखते हुए दिखाई दे रहे हैं, जिसने प्रशासनिक कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर प्रशासनिक कार्यशैली को लेकर तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। कई लोगों ने यह सवाल उठाया है कि जब जनता अपनी समस्याओं के समाधान की उम्मीद लेकर पहुंचती है, तब जिम्मेदार अधिकारियों का ऐसा रवैया कितना उचित है। हालांकि, इस वायरल वीडियो की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। प्रशासन की ओर से इस मामले में कोई आधिकारिक बयान या कार्रवाई सामने आने पर ही स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी।
- भारतीय किसान यूनियन भानू ने प्राइमरी शिक्षक प्रवेंद्र यादव के ख़िलाफ़ ज़ोरदार विरोध प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन शिक्षक द्वारा फेसबुक पर प्रधानमंत्री मोदी और योगी के विरुद्ध की गई अमर्यादित टिप्पणी के विरोध में किया गया था। शिक्षक प्रवेंद्र यादव कंपोजिट विद्यालय नगला पाल ब्लॉक घिरोर में तैनात हैं। किसान नेताओं ने कचहरी पहुँच कर अपना विरोध दर्ज कराया और कार्रवाई की मांग की। इस मामले में जिलाधिकारी ने पूरे प्रकरण की जाँच पड़ताल कर उचित कार्रवाई करने का भरोसा दिया है। इस विरोध प्रदर्शन के दौरान, जिला अध्यक्ष कन्हैया कुलश्रेष्ठ और किसान नेता प्रशांत दीक्षित सहित कई अन्य किसान नेता भी उपस्थित थे।1
- मैनपुरी की भोगांव पुलिस और सर्विलांस टीम ने एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए पिछले पाँच वर्षों से फरार चल रहे ₹50,000 के एक इनामी बदमाश को दिल्ली से गिरफ्तार किया है। पुलिस टीम ने आरोपी को दिल्ली के उत्तम नगर इलाके से धर दबोचा। यह मामला साल 2019 में मैनपुरी के भोगांव थाना क्षेत्र में हुए एक सनसनीखेज डबल मर्डर (दोहरा हत्याकांड) से जुड़ा है। इस घटना को लेकर पुलिस ने अपराध संख्या 169/2019 के तहत मुकदमा दर्ज किया था। इस हत्याकांड का मुख्य आरोपी बुध सागर, जिसे शैतान सिंह के नाम से भी जाना जाता है, वारदात के बाद से ही लगातार फरार चल रहा था। शुरुआत में आरोपी पर ₹25,000 का इनाम घोषित किया गया था, लेकिन पुलिस की गिरफ्त से लगातार दूर रहने और कोई सुराग न मिलने के कारण पुलिस उपमहानिरीक्षक (DIG) ने इनामी राशि बढ़ाकर ₹50,000 कर दी थी। शैतान सिंह ने अपनी फरारी के दौरान अपने परिवार या किसी भी सगे-संबंधी से कोई संपर्क नहीं रखा था, जिससे उसे ढूंढना बेहद मुश्किल साबित हो रहा था।3
- उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले की सदर तहसील से एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। बताया जा रहा है कि सोमवार को आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस की बैठक में कुछ अधिकारी और कर्मचारी मोबाइल चलाते, ऊंघते और आराम करते नजर आए। वायरल वीडियो में, कथित तौर पर एक पुलिस अधिकारी अपनी टोपी की आड़ में मोबाइल पर रील देखते हुए दिखाई दे रहे हैं, जिसने प्रशासनिक कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर प्रशासनिक कार्यशैली को लेकर तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। कई लोगों ने यह सवाल उठाया है कि जब जनता अपनी समस्याओं के समाधान की उम्मीद लेकर पहुंचती है, तब जिम्मेदार अधिकारियों का ऐसा रवैया कितना उचित है। हालांकि, इस वायरल वीडियो की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। प्रशासन की ओर से इस मामले में कोई आधिकारिक बयान या कार्रवाई सामने आने पर ही स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी।1
- मैनपुरी जिले के औडेन मंडल स्थित नगला तारा गांव में ग्रामीणों को गंदगी की गंभीर समस्या का सामना करना पड़ रहा है। गांव की नालियां कभी साफ नहीं होतीं और न ही कोई अधिकारी इनकी जांच करने आता है। स्थिति इतनी खराब है कि नालियां ऊपर से बह रही हैं, जिससे स्वच्छता का अभाव बना हुआ है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि गांव का सफाईकर्मी कभी भी सफाई के लिए नहीं आता है, जिसके कारण नालियां लगातार जाम रहती हैं और साफ नहीं हो पाती हैं।1
- उत्तर प्रदेश में पंचायत चुनाव 2026 को लेकर एक बड़ी खबर सामने आई है, जिसने पूरे प्रदेश में चर्चाओं का दौर तेज़ कर दिया है। योगी सरकार के एक महत्वपूर्ण फैसले के बाद यह सवाल उठ खड़ा हुआ है कि क्या समय पर चुनाव न होने की स्थिति में मौजूदा ग्राम प्रधानों का कार्यकाल बढ़ाया जाएगा या उन्हें अपना पद छोड़ना होगा? जानकारी के अनुसार, सरकार ने यह नया फैसला लिया है कि यदि ग्राम प्रधानों का कार्यकाल समाप्त हो जाता है और चुनाव नहीं हो पाते, तो गांवों की ज़िम्मेदारी सरकारी प्रशासकों को सौंपी जा सकती है। इस स्थिति में पंचायत चुनाव की ताज़ा अपडेट, आरक्षण और परिसीमन की मौजूदा स्थिति, हाईकोर्ट में चल रही सुनवाई और चुनाव में देरी की संभावनाओं पर भी गहन विचार-विमर्श जारी है। यह घटनाक्रम उत्तर प्रदेश की ग्रामीण राजनीति और ग्राम प्रधान चुनावों से जुड़ी हर बड़ी खबर जानने वालों के लिए महत्वपूर्ण है।1
- केतन अग्रवाल हत्याकांड की जांच में एक बड़ा खुलासा सामने आया है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, केतन की मंगेतर सिया गोयल ने कथित तौर पर चार महीने पहले ही अपने बॉयफ्रेंड चेतन चौधरी से गुप्त रूप से शादी कर ली थी। इस समय सिया गोयल और चेतन चौधरी केतन की हत्या के आरोप में जेल में बंद हैं, और पुलिस मामले की हर कड़ी को मजबूत करने में जुटी है। पुलिस सिया के दो कॉलेज दोस्तों से भी पूछताछ कर रही है, जिन्होंने कथित तौर पर विवाह पंजीकरण में गवाह के रूप में हस्ताक्षर किए थे। सूत्रों के अनुसार, पुणे के कारोबारी केतन अग्रवाल से सगाई होने के बावजूद सिया ने अपने प्रेमी से शादी कर ली थी। केतन और सिया की शादी नवंबर में तय थी, लेकिन 18 जून को केतन की लोहागढ़ किले से गिरने के बाद मौत हो गई। पुलिस का आरोप है कि यह एक सुनियोजित साजिश थी, क्योंकि सिया यह शादी नहीं करना चाहती थी। इस मामले की जांच पुणे ग्रामीण पुलिस की लोनावाला थाना पुलिस कर रही है, जिसकी निगरानी स्वयं एसपी ग्रामीण कर रहे हैं। वहीं, केतन के पिता के अनुरोध पर सरकार ने वरिष्ठ अधिवक्ता उज्ज्वल निकम को इस मामले में सरकारी वकील नियुक्त किया है। यह जानकारी पुलिस सूत्रों और जांच एजेंसियों के दावों पर आधारित है, और मामले की जांच जारी है, जिसका अंतिम निर्णय अदालत द्वारा किया जाएगा।1
- मैनपुरी के थाना एलाऊ क्षेत्र के नगला अनी गांव में बिजली की केबल डालने के विवाद को लेकर हुए खूनी संघर्ष में गंभीर रूप से घायल हुए विकास कुमार (28) की सैफई में उपचार के दौरान मौत हो गई है। रविवार शाम करीब 7:30 बजे हुई इस मौत के बाद आक्रोशित परिजनों और भीम आर्मी ने सोमवार दोपहर किशनी-मैनपुरी मार्ग पर शव रखकर चक्काजाम कर दिया, जिसमें मौके पर करीब 500 लोगों की भीड़ जुट गई। परिजनों के अनुसार, दो दिन पूर्व खंभे पर बिजली की केबल डालने को लेकर दो पक्षों में हुए इस विवाद में विकास को लाठी-डंडों से चोटें आई थीं। सोमवार दोपहर करीब 2:30 बजे से हंगामा शुरू हो गया था, और शाम 4:30 बजे तक महिलाओं ने सड़क पर लकड़ी और झाड़-झंखाड़ रखकर पूरी तरह जाम लगा दिया। शाम 5:40 बजे जब विकास का शव मौके पर पहुंचा, तो परिजनों और भीम आर्मी के कार्यकर्ताओं ने अपनी मांगें और तेज़ कर दीं, जिसमें थानाध्यक्ष को तत्काल निलंबित करने और आरोपियों पर कड़ी धाराएं लगाकर उनकी गिरफ्तारी की बात प्रमुख थी। इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तीखी नोक-झोंक भी हुई। पीड़ित पक्ष का आरोप है कि पुलिस ने उनकी शिकायत के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं की थी, जिसके बाद उन्होंने एसपी से भी न्याय की गुहार लगाई थी। इस घटना की जानकारी मिलते ही भाजपा नेता व जिला पंचायत सदस्य शुभम जाटव, बसपा नेता दीपक पेंटर, राज्य महिला आयोग की सदस्य सुमन दिवाकर और भीम आर्मी के नेता विजय कुमार आजाद सहित कई राजनीतिक और सामाजिक संगठनों के नेता मौके पर पहुंचकर पीड़ित परिवार को सांत्वना दी और न्याय की मांग का समर्थन किया। मृतक विकास, जो राजमिस्त्री का काम करके अपने परिवार का पेट पालता था, अपने पीछे पत्नी करिश्मा और चार साल के मासूम बेटे को रोता-बिलखता छोड़ गया है। तनाव बढ़ता देख एसडीएम और सीओ सिटी सहित कई थानों का पुलिस बल मौके पर पहुंचा। शाम करीब 6:35 बजे प्रशासनिक अधिकारियों के काफी समझाने और ठोस आश्वासन के बाद परिजनों ने करीब 2 घंटे से लगा जाम खोला। सीओ सिटी ने आश्वासन दिया है कि थानाध्यक्ष को हटाया जाएगा और सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। मृतक के भाई अमित कुमार ने बताया कि प्रशासन ने उन्हें यह भी आश्वासन दिया है कि तीन आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है और मामले की जांच उच्चाधिकारी करेंगे। यदि थानाध्यक्ष की लापरवाही पाई गई, तो उन्हें भी हटाया जाएगा और सरकार की तरफ से पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता भी दिलाई जाएगी। आश्वासन के बाद शव को गांव ले जाया गया और मंगलवार सुबह अंतिम संस्कार किया जाएगा। रात 7:21 बजे तक एसडीएम और सीओ सिटी भारी पुलिस बल के साथ पीड़ित परिवार के घर पर मुस्तैद रहे।2