सखियों की बाड़ी परियोजना के तहत चार दिवसीय दक्षा प्रशिक्षण का सफल समापन *सखियों की बाड़ी परियोजना के तहत चार दिवसीय दक्षा प्रशिक्षण का सफल समापन* IIFL Foundation एवं शक्तिशाली महिला संगठन समिति (SMSS) के संयुक्त तत्वावधान में संचालित सखियों की बाड़ी परियोजना के अंतर्गत शिव एवं रामसर ब्लॉक की दक्षाओं का चार दिवसीय प्रशिक्षण सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। प्रशिक्षण का उद्देश्य दक्षाओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षण, प्रभावी केंद्र संचालन तथा बालिकाओं के समग्र विकास के लिए आवश्यक ज्ञान, कौशल एवं व्यवहारिक अनुभव प्रदान करना था। प्रशिक्षण के दौरान प्रवीण सर ने सखियों की बाड़ी परियोजना की कार्यप्रणाली, उद्देश्यों तथा अंग्रेज़ी, हिंदी और बुनियादी गणित के प्रभावी शिक्षण पर विस्तृत जानकारी दी। भास्कर सर ने खेल-आधारित शिक्षण पद्धति के माध्यम से विभिन्न रोचक गतिविधियाँ कराईं, जिससे दक्षाओं ने आनंददायक एवं सहभागितापूर्ण शिक्षण के नए तरीके सीखे। गोविन्द सर ने पर्यावरण संरक्षण एवं स्वच्छता के महत्व पर जानकारी साझा की। रवि सर ने दक्षाओं का उत्साहवर्धन करते हुए उन्हें पूरी निष्ठा, जिम्मेदारी और समर्पण के साथ कार्य करने के लिए प्रेरित किया। वहीं श्रद्धा मैडम ने केंद्र संचालन, रिकॉर्ड संधारण, दैनिक गतिविधियों, बच्चों के साथ प्रभावी संवाद तथा केंद्र प्रबंधन के सभी महत्वपूर्ण पहलुओं पर विस्तार से प्रशिक्षण दिया। चार दिवसीय प्रशिक्षण के दौरान दक्षाओं ने शिक्षण कौशल, गतिविधि आधारित शिक्षा, बाल सहभागिता, केंद्र प्रबंधन तथा सामुदायिक जुड़ाव से संबंधित अनेक व्यवहारिक पहलुओं का प्रशिक्षण प्राप्त किया। समापन अवसर पर सभी दक्षाओं ने अपने-अपने केंद्रों पर प्रशिक्षण के दौरान सीखी गई शिक्षण विधियों एवं गतिविधियों को प्रभावी रूप से लागू करने का संकल्प लिया, ताकि ग्रामीण एवं सीमावर्ती क्षेत्रों की बालिकाओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और बेहतर सीखने का वातावरण उपलब्ध कराया जा सके। इस अवसर पर शक्तिशाली महिला संगठन समिति (SMSS) की ओर से रोशन अली, प्रकाश सिंह, भागीरथ, शेर खान एवं पिंकी सहित सभी दक्षाएँ उपस्थित रहीं। सभी ने प्रशिक्षण के सफल आयोजन में महत्वपूर्ण सहयोग प्रदान किया तथा प्रतिभागियों का उत्साहवर्धन किया। IIFL Foundation के सहयोग से आयोजित यह प्रशिक्षण शिव एवं रामसर ब्लॉक के ग्रामीण एवं सीमावर्ती क्षेत्रों में बालिका शिक्षा को सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित होगा। सखियों की बाड़ी परियोजना के माध्यम से प्रशिक्षित दक्षाएँ अब अपने-अपने केंद्रों पर बालिकाओं को गुणवत्तापूर्ण, आनंददायक एवं गतिविधि आधारित शिक्षा प्रदान कर उनके उज्ज्वल भविष्य के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएँगी।
सखियों की बाड़ी परियोजना के तहत चार दिवसीय दक्षा प्रशिक्षण का सफल समापन *सखियों की बाड़ी परियोजना के तहत चार दिवसीय दक्षा प्रशिक्षण का सफल समापन* IIFL Foundation एवं शक्तिशाली महिला संगठन समिति (SMSS) के संयुक्त तत्वावधान में संचालित सखियों की बाड़ी परियोजना के अंतर्गत शिव एवं रामसर ब्लॉक की दक्षाओं का चार दिवसीय प्रशिक्षण सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। प्रशिक्षण का उद्देश्य दक्षाओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षण, प्रभावी केंद्र संचालन तथा बालिकाओं के समग्र विकास के लिए आवश्यक ज्ञान, कौशल एवं व्यवहारिक अनुभव प्रदान करना था। प्रशिक्षण के दौरान प्रवीण सर ने सखियों की बाड़ी परियोजना की कार्यप्रणाली, उद्देश्यों तथा अंग्रेज़ी, हिंदी और बुनियादी गणित के प्रभावी शिक्षण पर विस्तृत जानकारी दी। भास्कर सर ने खेल-आधारित शिक्षण पद्धति के माध्यम से विभिन्न रोचक गतिविधियाँ कराईं, जिससे दक्षाओं ने आनंददायक एवं सहभागितापूर्ण शिक्षण के नए तरीके सीखे। गोविन्द सर ने पर्यावरण संरक्षण एवं स्वच्छता के महत्व पर जानकारी साझा की। रवि सर ने दक्षाओं का उत्साहवर्धन करते हुए उन्हें पूरी निष्ठा, जिम्मेदारी और समर्पण के साथ कार्य करने के लिए प्रेरित किया। वहीं श्रद्धा मैडम ने केंद्र संचालन, रिकॉर्ड संधारण, दैनिक गतिविधियों, बच्चों के साथ प्रभावी संवाद तथा केंद्र प्रबंधन के सभी महत्वपूर्ण पहलुओं पर विस्तार से प्रशिक्षण दिया। चार दिवसीय प्रशिक्षण के दौरान दक्षाओं ने शिक्षण कौशल, गतिविधि आधारित शिक्षा, बाल सहभागिता, केंद्र प्रबंधन तथा सामुदायिक जुड़ाव से संबंधित अनेक व्यवहारिक पहलुओं का प्रशिक्षण प्राप्त किया। समापन अवसर पर सभी दक्षाओं ने अपने-अपने केंद्रों पर प्रशिक्षण के दौरान सीखी गई शिक्षण विधियों एवं गतिविधियों को प्रभावी रूप से लागू करने का संकल्प लिया, ताकि ग्रामीण एवं सीमावर्ती क्षेत्रों की बालिकाओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और बेहतर सीखने का वातावरण उपलब्ध कराया जा सके। इस अवसर पर शक्तिशाली महिला संगठन समिति (SMSS) की ओर से रोशन अली, प्रकाश सिंह, भागीरथ, शेर खान एवं पिंकी सहित सभी दक्षाएँ उपस्थित रहीं। सभी ने प्रशिक्षण के सफल आयोजन में महत्वपूर्ण सहयोग प्रदान किया तथा प्रतिभागियों का उत्साहवर्धन किया। IIFL Foundation के सहयोग से आयोजित यह प्रशिक्षण शिव एवं रामसर ब्लॉक के ग्रामीण एवं सीमावर्ती क्षेत्रों में बालिका शिक्षा को सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित होगा। सखियों की बाड़ी परियोजना के माध्यम से प्रशिक्षित दक्षाएँ अब अपने-अपने केंद्रों पर बालिकाओं को गुणवत्तापूर्ण, आनंददायक एवं गतिविधि आधारित शिक्षा प्रदान कर उनके उज्ज्वल भविष्य के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएँगी।
- उदासर फांटा बना हादसों का हॉटस्पॉट स्थानीय लोगों ने स्पीड रोकने के लिए बैरिकेड लगाने की उठाई मांग बीकानेर। जयपुर रोड स्थित उदासर फांटा लगातार सड़क हादसों का केंद्र बनता जा रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस चौराहे पर तेज रफ्तार वाहनों के कारण आए दिन दुर्घटनाएं होती रहती हैं, जिससे राहगीरों और ग्रामीणों की जान जोखिम में बनी रहती है।रविवार को क्षेत्र के एक निवासी ने वीडियो जारी कर यातायात पुलिस और जिला पुलिस प्रशासन से इस चौराहे पर तत्काल सुरक्षा इंतजाम करने की मांग की। उनका कहना है कि जयपुर रोड पर वाहन काफी तेज गति से गुजरते हैं, जबकि उदासर गांव की ओर आने-जाने वाले लोगों को इसी स्थान से सड़क पार करनी पड़ती है। ऐसे में हर समय दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। स्थानीय लोगों ने बताया कि करीब एक-दो महीने पहले इसी स्थान पर एक फॉर्च्यूनर वाहन दुर्घटनाग्रस्त हुआ था, जिसमें दो लोगों की मौत हो गई थी। इसके बावजूद अब तक यहां गति नियंत्रित करने के लिए कोई स्थायी व्यवस्था नहीं की गई है। ग्रामीणों ने ओर चौराहे पर लगी दुकानदार व निवासी शमशेर अली कोहरी सहित पुलिस अधीक्षक और यातायात पुलिस से मांग की है कि चौराहे पर बैरिकेड, रंबल स्ट्रिप, चेतावनी संकेतक और अन्य आवश्यक यातायात सुरक्षा उपाय लगाए जाएं, ताकि वाहनों की रफ्तार नियंत्रित हो सके और भविष्य में होने वाले बड़े हादसों को रोका जा सके। उन्होंने प्रशासन से इस संवेदनशील चौराहे पर जल्द कार्रवाई करने की अपील की है।1
- ऑपरेशन शॉक वेव: सरहद पार नार्को-आर्म्स सिंडिकेट पर पुलिस का बड़ा प्रहार, IG ओमप्रकाश पहुंचे खाजूवाला1
- बीकानेर में पहली बार सबसे बड़ा रक्तदान जो महादान लगे बीकानेर में इतिहास में पहली बार बीकानेर से बाहर की टीम में डॉक्टरों की बुलानी पड़ गई ब्लड इकट्ठा करने के लिए बीकानेर से बाहर से चार टीम आई है डॉक्टर की 1000 से ऊपर ब्लड डोनेशन हो चुका है 1:00 बजे तक हरिकिशन नला रोड बीकानेर आज दिनांक 2/8/2026 खिदमतगार खादिम सोसायटी और असहाय सावे संस्थान ब्लड बैंक में अपना सहयोग देते हुए राज कुमार जुनैद खान हाजी मलंग बाबा अयूब चाचा इमरान भाई सोहेब भाई के अंदर बाहर सिटी में बुलाने गई पुरानी पड़ गई जो ब्लड को इकट्ठा करती है डॉक्टरों की 1000 से ऊपर ब्लड डोनेशन हो चुका है अभी करीबन 1:00 बजे बीकानेर में पहली बार सबसे बड़ा रक्तदान जो महादान लगे बीकानेर में इतिहास में पहली बार बीकानेर से बाहर की टीम में डॉक्टरों की बुलानी पड़ गई ब्लड इकट्ठा करने के लिए बीकानेर से बाहर से चार टीम आई है डॉक्टर की 1000 से ऊपर ब्लड डोनेशन हो चुका है 1:00 बजे तक हरिकिशन नला रोड बीकानेर आज दिनांक 2/8/2026 खिदमतगार खादिम सोसायटी और असहाय सावे संस्थान ब्लड बैंक में अपना सहयोग देते हुए राज कुमार जुनैद खान हाजी मलंग बाबा अयूब चाचा इमरान भाई सोहेब भाई के अंदर बाहर सिटी में बुलाने गई पुरानी पड़ गई जो ब्लड को इकट्ठा करती है डॉक्टरों की 1000 से ऊपर ब्लड डोनेशन हो चुका है अभी करीबन 1:00 बजे1
- siwar overflow hai kafi din se siwar ka pani bahr Nikal raha hai isse bimariya falne ka khtara hai vataran bhi dushit hota hai kripya thik krwa de1
- सखियों की बाड़ी परियोजना के तहत चार दिवसीय दक्षा प्रशिक्षण का सफल समापन *सखियों की बाड़ी परियोजना के तहत चार दिवसीय दक्षा प्रशिक्षण का सफल समापन* IIFL Foundation एवं शक्तिशाली महिला संगठन समिति (SMSS) के संयुक्त तत्वावधान में संचालित सखियों की बाड़ी परियोजना के अंतर्गत शिव एवं रामसर ब्लॉक की दक्षाओं का चार दिवसीय प्रशिक्षण सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। प्रशिक्षण का उद्देश्य दक्षाओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षण, प्रभावी केंद्र संचालन तथा बालिकाओं के समग्र विकास के लिए आवश्यक ज्ञान, कौशल एवं व्यवहारिक अनुभव प्रदान करना था। प्रशिक्षण के दौरान प्रवीण सर ने सखियों की बाड़ी परियोजना की कार्यप्रणाली, उद्देश्यों तथा अंग्रेज़ी, हिंदी और बुनियादी गणित के प्रभावी शिक्षण पर विस्तृत जानकारी दी। भास्कर सर ने खेल-आधारित शिक्षण पद्धति के माध्यम से विभिन्न रोचक गतिविधियाँ कराईं, जिससे दक्षाओं ने आनंददायक एवं सहभागितापूर्ण शिक्षण के नए तरीके सीखे। गोविन्द सर ने पर्यावरण संरक्षण एवं स्वच्छता के महत्व पर जानकारी साझा की। रवि सर ने दक्षाओं का उत्साहवर्धन करते हुए उन्हें पूरी निष्ठा, जिम्मेदारी और समर्पण के साथ कार्य करने के लिए प्रेरित किया। वहीं श्रद्धा मैडम ने केंद्र संचालन, रिकॉर्ड संधारण, दैनिक गतिविधियों, बच्चों के साथ प्रभावी संवाद तथा केंद्र प्रबंधन के सभी महत्वपूर्ण पहलुओं पर विस्तार से प्रशिक्षण दिया। चार दिवसीय प्रशिक्षण के दौरान दक्षाओं ने शिक्षण कौशल, गतिविधि आधारित शिक्षा, बाल सहभागिता, केंद्र प्रबंधन तथा सामुदायिक जुड़ाव से संबंधित अनेक व्यवहारिक पहलुओं का प्रशिक्षण प्राप्त किया। समापन अवसर पर सभी दक्षाओं ने अपने-अपने केंद्रों पर प्रशिक्षण के दौरान सीखी गई शिक्षण विधियों एवं गतिविधियों को प्रभावी रूप से लागू करने का संकल्प लिया, ताकि ग्रामीण एवं सीमावर्ती क्षेत्रों की बालिकाओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और बेहतर सीखने का वातावरण उपलब्ध कराया जा सके। इस अवसर पर शक्तिशाली महिला संगठन समिति (SMSS) की ओर से रोशन अली, प्रकाश सिंह, भागीरथ, शेर खान एवं पिंकी सहित सभी दक्षाएँ उपस्थित रहीं। सभी ने प्रशिक्षण के सफल आयोजन में महत्वपूर्ण सहयोग प्रदान किया तथा प्रतिभागियों का उत्साहवर्धन किया। IIFL Foundation के सहयोग से आयोजित यह प्रशिक्षण शिव एवं रामसर ब्लॉक के ग्रामीण एवं सीमावर्ती क्षेत्रों में बालिका शिक्षा को सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित होगा। सखियों की बाड़ी परियोजना के माध्यम से प्रशिक्षित दक्षाएँ अब अपने-अपने केंद्रों पर बालिकाओं को गुणवत्तापूर्ण, आनंददायक एवं गतिविधि आधारित शिक्षा प्रदान कर उनके उज्ज्वल भविष्य के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएँगी।1
- **शीर्षक: सादुल स्कूल ग्राउंड में नेमीचंद जी की 'कवि चौपाल' के खुले आयोजन में संत शिरोमणि स्वामी विमर्शा नंद जी महाराज के सानिध्य में हुआ पुस्तक 'गुरु थे हिन्द की चादर' का भव्य विमोचन** **बीकानेर, राजस्थान:** बीकानेर के सादुल स्कूल के ग्राउंड के अंदर खुले आयोजन में आयोजित नेमीचंद जी की प्रसिद्ध 'कवि चौपाल' के पावन मंच पर एक अत्यंत गरिमाममय और साहित्यिक समारोह संपन्न हुआ। इस कवि चौपाल को हमेशा की तरह **साहित्य साधक जी** द्वारा संभाला और आयोजित किया जा रहा है। इसी बीच विशेष रूप से **संत शिरोमणि स्वामी विमर्शा नंद जी महाराज** को इस कार्यक्रम में आमंत्रित किया गया था, जिनके पावन सानिध्य और कर-कमलों द्वारा बाल कुण्डलियां काव्य संग्रह **'गुरु थे हिन्द की चादर'** का आधिकारिक विमोचन किया गया। विमोचन के इस पल में महाराज जी स्वयं पुस्तक की प्रतियां पकड़े हुए बीच में उपस्थित रहे। इस दौरान कार्यक्रम में बैठे तमाम गणमान्य लोगों और श्रोताओं ने तालियों की गड़गड़ाहट के साथ महाराज का भव्य स्वागत किया तथा इस नई पुस्तक का भी हार्दिक अभिनंदन और स्वागत किया। यह पुस्तक सिख इतिहास के महान शहीद, गुरु तेग बहादुर जी के जीवन और बलिदान को बाल-सुलभ शैली (बाल कुण्डलियां) में प्रस्तुत करती है, ताकि नई पीढ़ी उनके गौरवशाली इतिहास और आदर्शों से प्रेरणा ले सके। इस कवि चौपाल और पुस्तक विमोचन समारोह में शहर के कई प्रबुद्ध साहित्यकार, शिक्षाविद, कवि और बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे। इस कार्यक्रम की वीडियो और फोटो कवरेज **शिव प्रकाश दाधीच द** द्वारा की गई है। **शीर्षक: सादुल स्कूल ग्राउंड में नेमीचंद जी की 'कवि चौपाल' के खुले आयोजन में संत शिरोमणि स्वामी विमर्शा नंद जी महाराज के सानिध्य में हुआ पुस्तक 'गुरु थे हिन्द की चादर' का भव्य विमोचन** **बीकानेर, राजस्थान:** बीकानेर के सादुल स्कूल के ग्राउंड के अंदर खुले आयोजन में आयोजित नेमीचंद जी की प्रसिद्ध 'कवि चौपाल' के पावन मंच पर एक अत्यंत गरिमाममय और साहित्यिक समारोह संपन्न हुआ। इस कवि चौपाल को हमेशा की तरह **साहित्य साधक जी** द्वारा संभाला और आयोजित किया जा रहा है। इसी बीच विशेष रूप से **संत शिरोमणि स्वामी विमर्शा नंद जी महाराज** को इस कार्यक्रम में आमंत्रित किया गया था, जिनके पावन सानिध्य और कर-कमलों द्वारा बाल कुण्डलियां काव्य संग्रह **'गुरु थे हिन्द की चादर'** का आधिकारिक विमोचन किया गया। विमोचन के इस पल में महाराज जी स्वयं पुस्तक की प्रतियां पकड़े हुए बीच में उपस्थित रहे। इस दौरान कार्यक्रम में बैठे तमाम गणमान्य लोगों और श्रोताओं ने तालियों की गड़गड़ाहट के साथ महाराज का भव्य स्वागत किया तथा इस नई पुस्तक का भी हार्दिक अभिनंदन और स्वागत किया। यह पुस्तक सिख इतिहास के महान शहीद, गुरु तेग बहादुर जी के जीवन और बलिदान को बाल-सुलभ शैली (बाल कुण्डलियां) में प्रस्तुत करती है, ताकि नई पीढ़ी उनके गौरवशाली इतिहास और आदर्शों से प्रेरणा ले सके। इस कवि चौपाल और पुस्तक विमोचन समारोह में शहर के कई प्रबुद्ध साहित्यकार, शिक्षाविद, कवि और बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे। इस कार्यक्रम की वीडियो और फोटो कवरेज **शिव प्रकाश दाधीच द** द्वारा की गई है।1
- असम एक हृदयविदारक बाढ़ संकट का सामना कर रहा है। परिवारों को अपने घरों को छोड़ने के लिए मजबूर होना पड़ा है, बच्चे भोजन की प्रतीक्षा कर रहे हैं, और बुजुर्ग लोग स्वच्छ पेयजल, दवाओं और बुनियादी आवश्यकताओं के बिना संघर्ष कर रहे हैं। कई बाढ़ प्रभावित परिवारों के लिए, हर गुजरते दिन नई चुनौतियाँ और अनिश्चितता लेकर आता है। गुरुकुल फाउंडेशन कमजोर समुदायों को भोजन के पैकेट, सुरक्षित पेयजल, स्वच्छता सामग्री, दवाएं, कपड़े और अन्य आवश्यक राहत सामग्री प्रदान कर रहा है। आपका योगदान, चाहे बड़ा हो या छोटा, एक परिवार को इस कठिन समय में गरिमा और आशा के साथ जीवित रहने में मदद कर सकता है। यह सिर्फ एक दान नहीं है। यह एक भूखे बच्चे के लिए भोजन है, एक परिवार के लिए स्वच्छ पानी है, और किसी ऐसे व्यक्ति के लिए आश्वासन है जिसने सब कुछ खो दिया है। आज ही असम के साथ खड़े हों। उदारतापूर्वक दान करें और गुरुकुल फाउंडेशन को जरूरतमंद लोगों तक तत्काल राहत पहुंचाने में मदद करें। सुत्रो से #असमबाढ़राहत #असमकीमदद #बाढ़राहत #गुरुकुलफाउंडेशन #असमकेलिएदान #मानवतापहले #आपातकालीनराहत #बाढ़पीड़ितोंकासमर्थन #असमकेलिएएकजुट #अबदानकरें1