राजस्थान के डीग जिले की नगर विधानसभा (बृजनगर) में सरकारी कीमत पर यूरिया खाद न मिलने और खाद विक्रेताओं द्वारा की जा रही कालाबाजारी के विरोध में किसानों और कांग्रेसी कार्यकर्ताओं ने जगह-जगह जोरदार प्रदर्शन किया। यह विरोध प्रदर्शन एडवोकेट अशोक कुमार शर्मा (प्रदेश महासचिव, भारतीय राष्ट्रीय मजदूर कांग्रेस (महासंघ) इंटक प्रदेश सचिव, राजीव गांधी पंचायत राज विभाग एवं असंगठित कामगार एवं कर्मचारी कांग्रेस राजस्थान) के नेतृत्व में किया गया। किसानों का कहना है कि पूरे डीग जिले में यूरिया खाद की भारी किल्लत है, जिसके कारण कृषक वर्ग को भारी परेशानी और असंतोष का सामना करना पड़ रहा है। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि खाद विक्रेता अधिक मुनाफा कमाने के लालच में सरकार द्वारा निर्धारित ₹270 की कीमत पर 45 किलोग्राम का कट्टा देने के बजाय इसे चोरी-छिपे ऊंचे दामों में बेच रहे हैं। इसके अलावा, कुछ यूरिया खाद विक्रेता ₹270 में कट्टा तो दे रहे हैं, लेकिन उसके साथ महंगे कीटनाशक खरीदना अनिवार्य कर रहे हैं। यदि कोई किसान कीटनाशक नहीं खरीदता, तो उसे यूरिया खाद नहीं दी जाती है। इस मजबूरी के कारण किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है जिससे उनमें भारी रोष है। एडवोकेट अशोक कुमार शर्मा ने बताया कि पहले ₹270 में 50 किलोग्राम का कट्टा आता था जिसे घटाकर 45 किलोग्राम कर दिया गया, और अब चर्चा है कि सरकार इसे और घटाकर 40 किलोग्राम करने का विचार कर रही है। इस विरोध प्रदर्शन के जरिए किसानों और कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने सरकार से मांग की है कि नगर विधानसभा सहित पूरे डीग जिले में यूरिया की कालाबाजारी को तुरंत रोका जाए, सरकारी कीमत पर ही खाद उपलब्ध कराई जाए, और किसानों के हित में खाद के कट्टे का वजन अब और न घटाया जाए। इस प्रदर्शन के अवसर पर प्रताप सिंह नौगावा, रामफल सैनी, शुभम बंसल, सुभान खान और सुनील सैनी सहित कई अन्य लोग भी उपस्थित रहे।
राजस्थान के डीग जिले की नगर विधानसभा (बृजनगर) में सरकारी कीमत पर यूरिया खाद न मिलने और खाद विक्रेताओं द्वारा की जा रही कालाबाजारी के विरोध में किसानों और कांग्रेसी कार्यकर्ताओं ने जगह-जगह जोरदार प्रदर्शन किया। यह विरोध प्रदर्शन एडवोकेट अशोक कुमार शर्मा (प्रदेश महासचिव, भारतीय राष्ट्रीय मजदूर कांग्रेस (महासंघ) इंटक प्रदेश सचिव, राजीव गांधी पंचायत राज विभाग एवं असंगठित कामगार एवं कर्मचारी कांग्रेस राजस्थान) के नेतृत्व में किया गया। किसानों का कहना है कि पूरे डीग जिले में यूरिया खाद की भारी किल्लत है, जिसके कारण कृषक वर्ग को भारी परेशानी और असंतोष का सामना करना पड़ रहा है। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि खाद विक्रेता अधिक मुनाफा कमाने के लालच में सरकार द्वारा निर्धारित ₹270 की कीमत पर 45 किलोग्राम का कट्टा देने के बजाय इसे चोरी-छिपे ऊंचे दामों में बेच रहे हैं। इसके अलावा, कुछ यूरिया खाद विक्रेता ₹270 में कट्टा तो दे रहे हैं, लेकिन उसके साथ महंगे कीटनाशक खरीदना अनिवार्य कर रहे हैं। यदि कोई किसान कीटनाशक नहीं खरीदता, तो उसे यूरिया खाद नहीं दी जाती है। इस मजबूरी के कारण किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है जिससे उनमें भारी रोष है। एडवोकेट अशोक कुमार शर्मा ने बताया कि पहले ₹270 में 50 किलोग्राम का कट्टा आता था जिसे घटाकर 45 किलोग्राम कर दिया गया, और अब चर्चा है कि सरकार इसे और घटाकर 40 किलोग्राम करने का विचार कर रही है। इस विरोध प्रदर्शन के जरिए किसानों और कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने सरकार से मांग की है कि नगर विधानसभा सहित पूरे डीग जिले में यूरिया की कालाबाजारी को तुरंत रोका जाए, सरकारी कीमत पर ही खाद उपलब्ध कराई जाए, और किसानों के हित में खाद के कट्टे का वजन अब और न घटाया जाए। इस प्रदर्शन के अवसर पर प्रताप सिंह नौगावा, रामफल सैनी, शुभम बंसल, सुभान खान और सुनील सैनी सहित कई अन्य लोग भी उपस्थित रहे।
- राजस्थान के डीग जिले की नगर विधानसभा (बृजनगर) में सरकारी कीमत पर यूरिया खाद न मिलने और खाद विक्रेताओं द्वारा की जा रही कालाबाजारी के विरोध में किसानों और कांग्रेसी कार्यकर्ताओं ने जगह-जगह जोरदार प्रदर्शन किया। यह विरोध प्रदर्शन एडवोकेट अशोक कुमार शर्मा (प्रदेश महासचिव, भारतीय राष्ट्रीय मजदूर कांग्रेस (महासंघ) इंटक प्रदेश सचिव, राजीव गांधी पंचायत राज विभाग एवं असंगठित कामगार एवं कर्मचारी कांग्रेस राजस्थान) के नेतृत्व में किया गया। किसानों का कहना है कि पूरे डीग जिले में यूरिया खाद की भारी किल्लत है, जिसके कारण कृषक वर्ग को भारी परेशानी और असंतोष का सामना करना पड़ रहा है। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि खाद विक्रेता अधिक मुनाफा कमाने के लालच में सरकार द्वारा निर्धारित ₹270 की कीमत पर 45 किलोग्राम का कट्टा देने के बजाय इसे चोरी-छिपे ऊंचे दामों में बेच रहे हैं। इसके अलावा, कुछ यूरिया खाद विक्रेता ₹270 में कट्टा तो दे रहे हैं, लेकिन उसके साथ महंगे कीटनाशक खरीदना अनिवार्य कर रहे हैं। यदि कोई किसान कीटनाशक नहीं खरीदता, तो उसे यूरिया खाद नहीं दी जाती है। इस मजबूरी के कारण किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है जिससे उनमें भारी रोष है। एडवोकेट अशोक कुमार शर्मा ने बताया कि पहले ₹270 में 50 किलोग्राम का कट्टा आता था जिसे घटाकर 45 किलोग्राम कर दिया गया, और अब चर्चा है कि सरकार इसे और घटाकर 40 किलोग्राम करने का विचार कर रही है। इस विरोध प्रदर्शन के जरिए किसानों और कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने सरकार से मांग की है कि नगर विधानसभा सहित पूरे डीग जिले में यूरिया की कालाबाजारी को तुरंत रोका जाए, सरकारी कीमत पर ही खाद उपलब्ध कराई जाए, और किसानों के हित में खाद के कट्टे का वजन अब और न घटाया जाए। इस प्रदर्शन के अवसर पर प्रताप सिंह नौगावा, रामफल सैनी, शुभम बंसल, सुभान खान और सुनील सैनी सहित कई अन्य लोग भी उपस्थित रहे।1
- मथुरा के भूतेश्वर अखाड़े पर हुए विवाद के बाद अब मामला एक नया मोड़ लेता दिखाई दे रहा है, जहां चर्चित पहलवान देवा पहलवान के समर्थन में शहर के कई लोग सामने आए हैं। समर्थकों का दावा है कि घटना के दौरान देवा पहलवान ने केवल बीच-बचाव कर विवाद शांत कराने का प्रयास किया था, लेकिन बाद में उन्हें भी इस मामले में घसीटने की कोशिश की जा रही है। समर्थकों का आरोप है कि कुछ लोग अपने राजनीतिक हित साधने के लिए एक सम्मानित पहलवान की छवि धूमिल करने का प्रयास कर रहे हैं। खेल और समाज में वर्षों से सक्रिय रहे देवा पहलवान की साफ-सुथरी छवि को नुकसान पहुंचाने के उद्देश्य से उन पर झूठे आरोप लगाए गए हैं। इसी के चलते शहर के कई नागरिकों और खेल प्रेमियों ने पुलिस प्रशासन से मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष, पारदर्शी और साक्ष्यों के आधार पर जांच की जाए, ताकि किसी भी निर्दोष व्यक्ति के साथ अन्याय न हो। इस पूरे मामले पर पुलिस का कहना है कि जांच अभी जारी है और जो भी साक्ष्य एवं तथ्य उपलब्ध होंगे, उनके आधार पर ही आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।2
- मथुरा में हूटर को लेकर छिड़ा विवाद अब अखाड़े तक पहुंच गया है। इस विवाद के बाद अब वहां के हिंदूवादी संगठनों के बीच आपसी टकराहट और खींचतान लगातार बढ़ती हुई दिखाई दे रही है।1
- मथुरा जनपद के थाना राया में 'थाना समाधान दिवस' के अवसर पर पुलिस अधीक्षक ग्रामीण ने उपस्थित होकर आम जनता की समस्याओं को बेहद गंभीरता से सुना। आज दिनांक 11.07.2026 को आयोजित इस कार्यक्रम में कुल 08 शिकायती प्रार्थना पत्र प्राप्त हुए। जनहित को सर्वोपरि रखते हुए उन्होंने त्वरित कार्रवाई की और मौके पर ही 03 शिकायतों का सफलतापूर्वक निस्तारण कर दिया। शेष 05 लंबित शिकायतों के संवेदनशीलता और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के लिए उन्होंने संबंधित अधिकारियों को मौके पर निष्पक्ष जांच कर तय समय सीमा के भीतर कार्रवाई करने के सख्त दिशा-निर्देश जारी किए।1
- उत्तर प्रदेश के मथुरा में मुड़िया पूर्णिमा मेले की तैयारियों पर मंथन किया जा रहा है। इस मेले के आयोजन को लेकर की जा रही तैयारियों के बीच बिजली व्यवस्था को सुचारू रखना प्रशासन के लिए एक बहुत बड़ी चुनौती बना हुआ है।1
- मथुरा में फलाहारी बाबा ने एक बार फिर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने लोगों का ध्यान खींचते हुए मुख्यमंत्री जी की बातों पर विशेष ध्यान देने की बात कही है।1
- मथुरा की थाना कोतवाली पुलिस ने साइबर अपराध के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए एक अंतरराज्यीय गिरोह के दो शातिर आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह गिरोह देश के विभिन्न राज्यों में लोगों को अपनी ठगी का शिकार बना रहा था। गिरफ्तार किए गए दोनों आरोपी इस पूरे नेटवर्क में 'कैश विथड्रॉवल' का काम करते थे। पुलिस ने इनके पास से ₹7,000 नकद, 2 मोबाइल फोन और 1 एटीएम कार्ड बरामद किया है। पुलिस जांच और अधिकारी से मिली जानकारी के अनुसार, इस गिरोह का मुख्य मास्टरमाइंड साइबर फ्रॉड के जरिए ठगी गई रकम को इन दोनों आरोपियों के बैंक ऑफ बड़ौदा और पंजाब नेशनल बैंक के खातों में मंगवाता था। इसके बाद ये दोनों आरोपी एटीएम का इस्तेमाल कर नकद राशि निकालते थे और उसे मुख्य अपराधी को सौंप देते थे। इस काम के बदले में इन आरोपियों का कमीशन का हिस्सा पहले से ही निर्धारित होता था। जांच में यह बात सामने आई है कि इन आरोपियों के खातों के खिलाफ देश के विभिन्न हिस्सों से शिकायतें मिल चुकी हैं। अब तक कुल तीन शिकायतों की पुष्टि हुई है, जिनमें से दो शिकायतें आंध्र प्रदेश में और एक शिकायत पंजाब में NCRB पोर्टल के माध्यम से पंजीकृत है। इनमें से एक शिकायत में करीब ₹70,000 की ठगी का मामला सामने आया है, जबकि अन्य शिकायतों में ठगी गई कुल रकम का आकलन पुलिस कर रही है। फिलहाल इस पूरे साइबर फ्रॉड सिंडिकेट का मुख्य अपराधी फरार है, जिसकी तलाश में पुलिस की कई टीमें जुटी हुई हैं और कोतवाली पुलिस आगे की कानूनी कार्रवाई कर रही है।4
- अजमेर के किशनगढ़ में चलती कार में एडिशनल एसपी की तबीयत बिगड़ने से एक अनियंत्रित कार ने बाइक सवार को टक्कर मार दी। किशनगढ़ आरपीटीसी (RPTC) में कमांडेंट के पद पर तैनात एडिशनल एसपी संदीप सिंह जब अपनी कार चला रहे थे, तब अचानक उनका शुगर लेवल काफी बढ़ गया। इसके चलते वह गाड़ी पर से अपना नियंत्रण खो बैठे और उनकी अनियंत्रित कार ने सामने से आ रहे एक बाइक सवार को टक्कर मार दी। इस दुर्घटना में गनीमत यह रही कि सामने से आ रहा बाइक सवार बाल-बाल बच गया। हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस की टीम तुरंत मौके पर पहुंची और उन्होंने अस्वस्थ एएसपी को तत्काल अस्पताल पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने उनका इलाज किया।1