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मोनालिसा ने अपनी हिंदू रीत रिवाज से शादी केरल में एक मंदिर में की है
Mamta chaurasiya
मोनालिसा ने अपनी हिंदू रीत रिवाज से शादी केरल में एक मंदिर में की है
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- #Apkiawajdigital लखनऊ | मंगलवार, 14 अप्रैल 2026 लखनऊ: संविधान निर्माता बाबा साहब डॉ. भीमराव अम्बेडकर की जयंती के पावन अवसर पर उत्तर प्रदेश की राजनीति में उस समय उबाल आ गया, जब समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सत्ताधारी दल पर सीधा हमला बोला। लखनऊ में आयोजित श्रद्धाजंलि सभा के दौरान अखिलेश यादव ने कहा कि बीजेपी के शासनकाल में न केवल संविधान को कमजोर किया गया, बल्कि बाबा साहब की प्रतिमाओं के साथ भी सबसे अधिक अनादर हुआ है। "10 साल अपमान किया, अब दिखावे का बजट" अखिलेश यादव ने सरकार द्वारा मूर्तियों के सौंदर्यीकरण के लिए घोषित किए गए बजट पर तंज कसते हुए कहा, "पिछले 10 सालों में प्रदेश और देश के विभिन्न हिस्सों में बाबा साहब की सबसे ज्यादा प्रतिमाएं तोड़ी या खंडित की गईं। अब जब चुनाव सामने हैं, तो सरकार बजट का लालच देकर दलित समाज के जख्मों पर मरहम लगाने का दिखावा कर रही है।" उन्होंने आगे कहा कि जनता यह भूली नहीं है कि कैसे अराजक तत्वों ने समय-समय पर दलितों के आराध्य का अपमान किया और प्रशासन मौन बना रहा। खबर के मुख्य बिंदु: संविधान बनाम तानाशाही: अखिलेश ने कहा कि बाबा साहब ने हमें जो 'वोट की ताकत' दी है, वही इस तानाशाही का अंत करेगी। PDA की एकजुटता: उन्होंने दलितों, पिछड़ों और अल्पसंख्यकों से अपील की कि वे अपने महापुरुषों के सम्मान के लिए एकजुट हों। सामाजिक न्याय का संकल्प: उन्होंने जातीय जनगणना की मांग दोहराते हुए कहा कि असली सम्मान बजट से नहीं, बल्कि हक और अधिकार देने से मिलता है। [विशेष जागरूकता] अराजक तत्वों की साजिश से सावधान! अम्बेडकर जयंती जैसे संवेदनशील अवसरों पर समाज में वैमनस्य फैलाने के लिए कुछ अराजक तत्व सक्रिय हो जाते हैं। पाठकों व दर्शकों को जागरूक करने के लिए निम्नलिखित तथ्यों पर ध्यान देना आवश्यक है: पुरानी खबरों का मायाजाल: सोशल मीडिया पर अक्सर 3-4 साल पुरानी 'मूर्ति खंडित' होने की घटनाओं के वीडियो को आज की ताजा घटना बताकर वायरल किया जाता है। इसका उद्देश्य शांति भंग करना होता है। सत्यता की जांच: अखिलेश यादव का बयान एक राजनीतिक आरोप है जो पिछले वर्षों की घटनाओं पर आधारित है। किसी भी वायरल वीडियो को देखकर उत्तेजित होने से पहले उसकी तारीख (Date) और स्थान (Location) की पुष्टि विश्वसनीय न्यूज चैनल्स से जरूर करें। भ्रामक दावों से बचें: सरकार द्वारा जारी बजट और विपक्ष द्वारा लगाए गए आरोपों के बीच के तथ्यों को समझें। बिना पुष्टि के किसी भी 'फॉरवर्डेड' मैसेज को साझा न करें। "बाबा साहब की प्रतिमाओं का सम्मान हम सबके दिल में है। किसी भी पुरानी या भ्रामक खबर के आधार पर कानून-व्यवस्था को हाथ में न लें। जागरूक बनें और केवल प्रमाणित खबरों पर ही विश्वास करें।"1
- पीएम ई-बस सेवा योजना के तहत शहरों में इलेक्ट्रिक बसों को बढ़ावा दिया जा रहा है। इस योजना का उद्देश्य प्रदूषण कम करना और आधुनिक पब्लिक ट्रांसपोर्ट सुविधा प्रदान करना है।1
- Post by ISLAM1
- Post by Babli Varma1
- #महोबा:- जनपद के थाना पनवाड़ी क्षेत्र अंतर्गत हैवतपुरा गांव में उस समय सनसनी फैल गई जब एक युवक का शव नाले में पड़ा मिला। घटना की सूचना मिलते ही इलाके में हड़कंप मच गया और ग्रामीणों की भीड़ मौके पर जुट गई। मृतक के परिजनों ने आरोप लगाया है कि अज्ञात बदमाशों ने युवक से एक लाख रुपए और मोबाइल फोन लूटने के बाद उसकी हत्या कर शव नाले में फेंक दिया। परिजनों ने घटना को सुनियोजित अपराध बताते हुए सख्त कार्रवाई की मांग की है। सूचना पर पहुंची पुलिस ने मौके का निरीक्षण कर शव का पंचनामा भरते हुए उसे पोस्टमार्टम के लिए जिला चिकित्सालय भेज दिया। पुलिस का कहना है कि परिजनों की तहरीर के आधार पर मामले की प्रारंभिक जांच शुरू कर दी गई है और सभी पहलुओं पर जांच की जा रही है। फिलहाल घटना को लेकर क्षेत्र में दहशत का माहौल है, जबकि पुलिस जल्द खुलासे का दावा कर रही है।1
- स्टेट गेस्ट हाउस पर सियासत गरम, योगी का सपा-कांग्रेस पर हमला1
- पैलानी तहसील क्षेत्र के गुरगवां से है,जहां बालू खदान में नियमों को दरकिनार कर अवैध खनन का लगा आरोप।1
- #Apkiawajdigital विशेष रिपोर्ट | मंगलवार, 14 अप्रैल 2026 नई दिल्ली: इन दिनों सोशल मीडिया पर कांग्रेस नेता राहुल गांधी का एक बयान तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें वह उद्योगपति गौतम अडानी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखा हमला कर रहे हैं। इस खबर को लेकर जनता के बीच भ्रम की स्थिति न बने, इसलिए इसके कानूनी और राजनीतिक पहलुओं को गहराई से समझना आवश्यक है। क्या है वायरल खबर का आधार ? वायरल हो रहे बयान में राहुल गांधी कह रहे हैं कि, "अडानी के पास पैसा तो बहुत है, लेकिन वह भारत से बाहर नहीं जा सकते क्योंकि बाहर जाते ही अमेरिका उन्हें पकड़ लेगा।" तथ्यों की जांच: यह बयान राहुल गांधी द्वारा अमेरिका की एक कोर्ट में अडानी समूह पर लगे आरोपों के संदर्भ में दिया गया है। नवंबर 2024 में अमेरिका में 'रिश्वतखोरी और धोखाधड़ी' के आरोपों के बाद राहुल गांधी लगातार इस मुद्दे को उठा रहे हैं। लेकिन, इसे 'अंतिम सच' मानने से पहले कुछ बातों का ध्यान रखना जरूरी है। जागरूक पाठक इन 3 बिंदुओं पर ध्यान दें: राजनीतिक आरोप बनाम कानूनी आदेश: राहुल गांधी का यह कहना कि 'अडानी बाहर नहीं जा सकते', एक राजनीतिक दृष्टिकोण और आरोप है। वर्तमान में भारत सरकार या किसी अंतरराष्ट्रीय एजेंसी ने उनके विदेश जाने पर कोई आधिकारिक कानूनी रोक (LOC) नहीं लगाई है। पुरानी खबरों का पुन: वायरल होना: अक्सर कुछ अराजक तत्व 2024 के अंत में दिए गए बयानों को काट-छाँट कर आज की 'ताजा खबर' बनाकर पेश कर रहे हैं। बिना तारीख और पूरे संदर्भ के ऐसी वीडियो क्लिप्स समाज में भ्रम पैदा करती हैं। प्रमाणिकता की कमी: राहुल गांधी द्वारा "मोदी के नाम का गुब्बारा फट जाएगा" जैसे जुमले पूरी तरह राजनीतिक भाषणबाजी का हिस्सा हैं। इन्हें किसी जांच एजेंसी की रिपोर्ट की तरह नहीं देखा जाना चाहिए। अराजक तत्वों के 'भ्रमजाल' से कैसे बचें? आजकल सोशल मीडिया पर कुछ ऐसे गिरोह सक्रिय हैं जो पुरानी हेडलाइन्स को नए फॉन्ट और आज की तारीख के साथ एडिट कर वायरल कर देते हैं। इससे बचने के लिए: तारीख की पुष्टि करें: वायरल हो रही खबर किस साल और किस महीने की है, इसकी जांच गूगल पर जरूर करें। आधिकारिक स्रोत देखें: क्या यह खबर किसी प्रतिष्ठित न्यूज एजेंसी (जैसे ANI, PTI) या प्रमुख समाचार पत्रों में प्रकाशित हुई है? सनसनीखेज भाषा से बचें: यदि शीर्षक में बहुत अधिक 'भड़काऊ' या 'अतिश्योक्तिपूर्ण' शब्दों का प्रयोग है, तो सावधान हो जाएं। विशेषज्ञों की राय: "लोकतंत्र में नेताओं के बयान विमर्श का हिस्सा होते हैं, लेकिन जनता को उन बयानों के पीछे के कानूनी तथ्यों और राजनीतिक मंशा के बीच के अंतर को पहचानना चाहिए। किसी भी वीडियो को सच मानकर प्रतिक्रिया देने से पहले उसकी 'टाइमलाइन' चेक करना सबसे जरूरी है।" निष्कर्ष: सजग नागरिक वही है जो सूचनाओं को साझा करने से पहले उनकी सत्यता की कसौटी पर परखता है। भ्रामक खबरों को रोकना हम सबकी नैतिक जिम्मेदारी है।1
- मौदहा नगर में में एक युवक के गहरे नाले में गिरने का मामला सामने आया है, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। घटना गांधी विद्यालय रोड तिराहे के पास की बताई जा रही है, जहां रविवार दोपहर अचानक एक युवक नाले में गिरकर उसमें जमा मलबे में फंस गया। युवक के गिरते ही मौके पर अफरा-तफरी मच गई और आसपास के लोगों की भीड़ जुट गई। स्थानीय लोगों ने तत्परता दिखाते हुए बिना देर किए रेस्क्यू शुरू किया और काफी मशक्कत के बाद युवक को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। इस दौरान किसी ने पूरे घटनाक्रम का वीडियो बना लिया, जो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, जब युवक को बाहर निकाला गया तो वह बोलने की स्थिति में नहीं था और काफी कमजोर नजर आ रहा था। युवक की पहचान अभी तक नहीं हो सकी है। यह भी आशंका जताई जा रही है कि युवक नशे की हालत में था, जिसके चलते वह नाले में गिर गया और अपने बारे में कोई जानकारी नहीं दे सका। फिलहाल युवक की स्थिति को लेकर स्पष्ट जानकारी नहीं मिल पाई है, लेकिन घटना ने स्थानीय लोगों में चिंता जरूर बढ़ा दी है।1